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एलोवेरासभी सीज़नऑफ़सेट चूसक (जीन बैंक का नमूना)अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026

IC 112531

ICAR-NBPGR के जीन बैंक का नमूना (IC यानी इंडिजिनस कलेक्शन), जारी की गई किस्म नहीं। कुमारगंज में पत्ती-सड़न के लिए बहुत प्रतिरोधी बताए गए तीन नमूनों में से एक, पर गुजरात के बोरियावी में इसका जेल और पत्तियों का उत्पादन परीक्षण के औसत से कम रहा।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिबोरियावी परीक्षण में पौधे लगभग 18 महीने पर काटे गए; TNAU आम तौर पर एलोवेरा की पहली कटाई 6 से 7 महीने बाद बताता है
अपेक्षित उपजगुजरात के बोरियावी में परीक्षण के औसत से कम: 45.30 टन प्रति हेक्टेयर ताज़ा जेल, जबकि औसत 62.74 रहा, 60 × 45 सेंटीमीटर की दूरी के हिसाब से
उपयुक्त मिट्टीहल्की, अच्छी जल-निकासी वाली रेतीली/रेतीली-दोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
ऑफ़सेट चूसक (जीन बैंक का नमूना)
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
बोरियावी परीक्षण में पौधे लगभग 18 महीने पर काटे गए; TNAU आम तौर पर एलोवेरा की पहली कटाई 6 से 7 महीने बाद बताता है
अपेक्षित उपज
गुजरात के बोरियावी में परीक्षण के औसत से कम: 45.30 टन प्रति हेक्टेयर ताज़ा जेल, जबकि औसत 62.74 रहा, 60 × 45 सेंटीमीटर की दूरी के हिसाब से
उपयुक्त मिट्टी
हल्की, अच्छी जल-निकासी वाली रेतीली/रेतीली-दोमट
जारी
ICAR-NBPGR जीन बैंक का नमूना। जारी की हुई किस्म नहीं।

इस किस्म के बारे में

IC 112531 ICAR-NBPGR के जीन बैंक का एलोवेरा का नमूना है। IC का मतलब है इंडिजिनस कलेक्शन। यह जारी की गई किस्म नहीं है। पत्ती-सड़न एलोवेरा की पैदावार की मुख्य रुकावटों में से एक है, और कुमारगंज अध्ययन के लेखक कहते हैं कि यह पत्ती, जेल और जेल की गुणवत्ता घटाती है। फ़ैज़ाबाद के कुमारगंज में NDUAT की 2014 और 2015 की खरीफ में 26 किस्में पुराने कल्लों से 50 × 40 सेंटीमीटर पर लगाई गईं और फ़ंगस फ्यूज़ेरियम ऑक्सिस्पोरम के लिए 0 से 5 के पैमाने पर अंक दिए गए। कोई भी रोग से मुक्त नहीं थी। IC-112531, IC-111280 और IC-112513 बहुत प्रतिरोधी मानी गईं। यही नमूना 2019 से 2021 तक गुजरात के ICAR-DMAPR, बोरियावी में भी 26 नमूनों के बीच उगाया गया, जिन्हें लगभग 18 महीने पर काटा गया। वहाँ यह औसत से कम रहा: पत्ती 146.93 ग्राम, जबकि औसत 205.63 ग्राम; पत्तियों की उपज 55.64 टन प्रति हेक्टेयर, औसत 78.62; और ताज़ा जेल की उपज 45.30 टन प्रति हेक्टेयर, औसत 62.74। दोनों परीक्षण अलग-अलग जगह के हैं, इसलिए इन्हें परीक्षण-खंड की पौध चुनने के लिए इस्तेमाल कीजिए, कमाई का अनुमान लगाने के लिए नहीं।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

IC 112531 तभी चुनिए जब आपकी ज़मीन पर पत्ती-सड़न पहले से समस्या हो और आप उसके बदले कम उपज मानने को तैयार हों। कुमारगंज में यह बहुत प्रतिरोधी मानी गई तीन किस्मों में से एक थी। पर बोरियावी में इसने 45.30 टन प्रति हेक्टेयर ताज़ा जेल दिया। वहीं परीक्षण का औसत 62.74 और IC 310618 का 93.55 था, यानी उसके आधे से भी कम। एक और बहुत प्रतिरोधी किस्म IC 111280 का जेल का नतीजा भी है (रानीचौरी में 15 किस्मों के औसत से 58.8% ज़्यादा), इसलिए दोनों को साथ-साथ आज़माइए। जहाँ आप खेती करते हैं वहाँ पत्ती-सड़न समस्या न हो तो IC 310618 या IC 310623 आज़माने के लिए बेहतर पौधे हैं। पहले पानी निकासी ठीक कीजिए। 20 कल्लों से शुरू कीजिए।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारऑफ़सेट चूसक (जीन बैंक का नमूना)
    अवधिबोरियावी परीक्षण में पौधे लगभग 18 महीने पर काटे गए; TNAU आम तौर पर एलोवेरा की पहली कटाई 6 से 7 महीने बाद बताता है
    उपज क्षमतागुजरात के बोरियावी में परीक्षण के औसत से कम: 45.30 टन प्रति हेक्टेयर ताज़ा जेल, जबकि औसत 62.74 रहा, 60 × 45 सेंटीमीटर की दूरी के हिसाब से
    रोग-प्रतिरोधकुमारगंज, फ़ैज़ाबाद में 26 किस्मों की खेत जाँच में पत्ती-सड़न (फ्यूज़ेरियम ऑक्सिस्पोरम) के लिए बहुत प्रतिरोधी दर्ज
    मिट्टीहल्की, अच्छी जल-निकासी वाली रेतीली/रेतीली-दोमट
    सीज़नसभी सीज़न

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयजून–जुलाई या सितंबर–अक्टूबर (TNAU)।
  • दूरीTNAU तैयार क्यारियों में 90 × 90 सेंटीमीटर, प्रति हेक्टेयर 10,000 कल्ले बताता है। बोरियावी परीक्षण में 60 × 45 सेंटीमीटर और कुमारगंज की जाँच में 50 × 40 सेंटीमीटर रखा गया था।
  • बुवाई विधिस्वस्थ पौधों से काटे गए कल्ले लगाइए। रोपाई से पहले उन्हें 0.1% कार्बेन्डाज़िम के घोल में 5 मिनट डुबोइए (TNAU)।
  • सिंचाईज़्यादातर बारानी। गर्मी के महीनों में 4 से 5 सिंचाई दीजिए (TNAU)।
  • कटाईTNAU: पहली कटाई रोपाई के 6 से 7 महीने बाद और पत्ती काटने के 6 घंटे के भीतर जेल निकालना। बोरियावी के पौधे लगभग 18 महीने पर काटे गए।

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
पानी निकासी वाली लैटेराइट से दोमट मिट्टी, pH 7.0 से 8.5। जलभराव से पौधा सड़ता है (TNAU)।

उपज और अवधि

पकने की अवधि

बोरियावी परीक्षण में पौधे लगभग 18 महीने पर काटे गए; TNAU आम तौर पर एलोवेरा की पहली कटाई 6 से 7 महीने बाद बताता है

अपेक्षित उपज

गुजरात के बोरियावी में परीक्षण के औसत से कम: 45.30 टन प्रति हेक्टेयर ताज़ा जेल, जबकि औसत 62.74 रहा, 60 × 45 सेंटीमीटर की दूरी के हिसाब से

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

कीट और रोग संबंधी बातें

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • कुमारगंज में 26 किस्मों की खेत जाँच में पत्ती-सड़न के लिए बहुत प्रतिरोधी दर्ज, सिर्फ़ तीन में से एक।
  • बोरियावी में प्रति पौधा लगभग 7.63 कल्ले, जबकि परीक्षण का औसत 6.75 था, यानी अगली क्यारी के लिए रोपण सामग्री मिलती है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • बोरियावी में इसका जेल और पत्तियों का उत्पादन परीक्षण के औसत से साफ़ कम रहा। ताज़ा जेल का फ़र्क़ (17.44 टन प्रति हेक्टेयर) परीक्षण के 5% अंतर 10.26 टन प्रति हेक्टेयर से बड़ा है।
  • रोग-अंक और उपज दो अलग जगहों के दो अलग परीक्षणों से हैं, इसलिए किसी एक खेत ने दोनों साथ नहीं दिखाए।
  • प्रतिरोध का मतलब पूरी सुरक्षा नहीं है। कुमारगंज में कोई भी किस्म पत्ती-सड़न से मुक्त नहीं थी, और खड़ा पानी अब भी एलोवेरा को सड़ाता है।
  • ICAR-DMAPR एलोवेरा के कल्ले बेचता है, पर उसकी दाम-सूची में नमूने का नाम नहीं है। ख़रीदने से पहले पूछिए।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • गुजरात

प्रतिरोध या उपज: जो पौधा एक के बदले दूसरी छोड़ता है उसे कैसे तौलें

IC 112531 दिखाती है कि दो अच्छे गुण अलग-अलग पौधों में हो सकते हैं। कुमारगंज में यह 26 में से उन तीन में थी जिन्हें पत्ती-सड़न के लिए बहुत प्रतिरोधी माना गया। बोरियावी में इसने 45.30 टन प्रति हेक्टेयर ताज़ा जेल दिया, जो परीक्षण के औसत से 28% कम है और सबसे अच्छे नमूने के 93.55 टन प्रति हेक्टेयर के आधे से भी कम। हमें कोई ऐसा परीक्षण नहीं मिला जिसमें इन्हीं नमूनों को एक खेत में उगाकर उपज और रोग दोनों के अंक दिए गए हों।

इसलिए सोचिए कि पत्ती-सड़न से आपको कितना नुक़सान होता है। TNAU कहता है कि सड़न जलभराव में आती है और अच्छी पानी निकासी से दूर होती है। इसलिए पानी निकासी वाली क्यारियों में IC 310618 जैसी ज़्यादा उपज वाली किस्म का रोग से शायद सामना ही न हो। जिस ज़मीन में पानी रुकता है या जहाँ आप सड़न से पौधे खो चुके हैं, वहाँ प्रतिरोधी नमूना समझदारी का बचाव है। पर ऐसा बचाव जो अच्छे साल में कम उपज देता है।

आपकी ज़मीन पर एक ठीक परीक्षण: IC 112531 और IC 310618 के 20-20 कल्ले एक ही क्यारी में, एक जैसी पानी निकासी के साथ, 90 × 90 सेंटीमीटर पर लगाइए। हर बरसात में गिनिए कि दोनों में कितने पौधे सड़े, और पहली कटाई पर प्रति पौधा जेल तौलिए, जिसे TNAU की सलाह के अनुसार 6 घंटे के भीतर निकालिए। IC 310618 के पौधे खो जाएँ और IC 112531 के नहीं, तो आपके अपने खेत के लिए जवाब मिल गया।

क्या इसका बीज अपने पास रख सकते हैं?

यह बीज के पैकेट से नहीं, रोपण सामग्री से लगती है — सकर, कलम, ग्राफ़्ट या कंद। इसे पंजीकृत नर्सरी या सरकारी फ़ार्म से लीजिए, तभी पौधा सही किस्म का और रोग-मुक्त मिलेगा।

दूसरी किस्मों से तुलना

एलोवेरा की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
IC 111280उन किसानों के लिए जो छपे जेल-नतीजे और पत्ती-सड़न के लिए बहुत प्रतिरोधी दर्जे, दोनों वाला नमूना चाहते हैंरोपाई के लगभग 6 से 7 महीने बाद पहली पत्ती-कटाई (TNAU, आम तौर पर एलोवेरा के लिए)रानीचौरी, उत्तराखंड में 15 किस्मों के औसत से 58.8% ज़्यादा जेल; किलो प्रति हेक्टेयर में उपज का आँकड़ा नहीं मिलाउत्तराखंड, उत्तर प्रदेश
IC 112531यही पेजउन किसानों के लिए जिनकी ज़मीन या मौसम में पत्ती-सड़न की मार पड़ती है और जो उससे बचने वाले पौधे के लिए कुछ उपज छोड़ने को तैयार हैंबोरियावी परीक्षण में पौधे लगभग 18 महीने पर काटे गए; TNAU आम तौर पर एलोवेरा की पहली कटाई 6 से 7 महीने बाद बताता हैगुजरात के बोरियावी में परीक्षण के औसत से कम: 45.30 टन प्रति हेक्टेयर ताज़ा जेल, जबकि औसत 62.74 रहा, 60 × 45 सेंटीमीटर की दूरी के हिसाब सेउत्तर प्रदेश, गुजरात
IC 310618उन किसानों के लिए जिनका ख़रीदार पत्ती या जेल के वज़न के हिसाब से दाम देता है और जो स्रोत लिखित में बताने वाले साफ़ कल्ले पा सकते हैंबोरियावी परीक्षण में पौधे लगभग 18 महीने पर काटे गए; TNAU आम तौर पर एलोवेरा की पहली कटाई 6 से 7 महीने बाद बताता हैगुजरात के बोरियावी में 26 नमूनों में सबसे ज़्यादा: 93.55 टन प्रति हेक्टेयर ताज़ा जेल और 117.6 टन प्रति हेक्टेयर पत्तियाँ, 60 × 45 सेंटीमीटर की दूरी के हिसाब सेगुजरात, उत्तर प्रदेश
IC 310619उन किसानों के लिए जो जेल की पहले तीन में आने वाली उपज चाहते हैं और अगली क्यारी लगाने के लिए ढेर सारे कल्ले भीबोरियावी परीक्षण में पौधे लगभग 18 महीने पर काटे गए; TNAU आम तौर पर एलोवेरा की पहली कटाई 6 से 7 महीने बाद बताता हैगुजरात के बोरियावी में: 90.20 टन प्रति हेक्टेयर ताज़ा जेल, 26 नमूनों में तीसरे नंबर पर, और प्रति पौधा 8.09 कल्ले; 60 × 45 सेंटीमीटर की दूरी के हिसाब सेगुजरात
IC 310623उन किसानों के लिए जिनका ख़रीदार जेल के साथ सूखे पीले रस (एलोइन) के भी दाम देता हैबोरियावी परीक्षण में पौधे लगभग 18 महीने पर काटे गए; TNAU आम तौर पर एलोवेरा की पहली कटाई 6 से 7 महीने बाद बताता हैगुजरात के बोरियावी में: 91.07 टन प्रति हेक्टेयर ताज़ा जेल, 26 नमूनों में दूसरे नंबर पर, और सबसे ज़्यादा एलोइन उपज (74.80 किलो प्रति हेक्टेयर), 60 × 45 सेंटीमीटर की दूरी के हिसाब सेगुजरात
IC 471889उत्तराखंड के मध्य पहाड़ी इलाके के उन किसानों के लिए जो IC 111280 के साथ छपे जेल-नतीजे वाला दूसरा नमूना चाहते हैंरोपाई के लगभग 6 से 7 महीने बाद पहली पत्ती-कटाई (TNAU, आम तौर पर एलोवेरा के लिए)रानीचौरी, उत्तराखंड में 15 किस्मों के औसत से 57.9% ज़्यादा जेल; किलो प्रति हेक्टेयर में उपज का आँकड़ा नहीं मिलाउत्तराखंड

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और एलोवेरा का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

एलोवेरा के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

IC 112531 पत्ती-सड़न को कितना सहती है?

इसे बहुत प्रतिरोधी माना गया, 26 में से तीन में से एक। कुमारगंज, NDUAT में 2014 और 2015 की खरीफ में पौधे पुराने कल्लों से 50 × 40 सेंटीमीटर पर लगाए गए और फ़ंगस फ्यूज़ेरियम ऑक्सिस्पोरम के लिए 0 से 5 के पैमाने पर अंक दिए गए। 26 में से कोई भी रोग से मुक्त नहीं थी। बाक़ी दो बहुत प्रतिरोधी IC-111280 और IC-112513 थीं। यह अच्छी ख़बर है, गारंटी नहीं, इसलिए क्यारी में पानी निकासी बनाए रखिए।

IC 112531 कितना जेल देती है?

ज़्यादातर से कम। गुजरात के बोरियावी में इसने 45.30 टन प्रति हेक्टेयर ताज़ा जेल दिया, जबकि परीक्षण का औसत 62.74 और सबसे अच्छे नमूने का 93.55 टन प्रति हेक्टेयर था। इसकी पत्ती 146.93 ग्राम की रही, औसत 205.63 ग्राम था, और पत्तियों की उपज 55.64 टन प्रति हेक्टेयर रही, औसत 78.62 था। ये खंड के नतीजे हैं जिन्हें 60 × 45 सेंटीमीटर की दूरी के हिसाब से बढ़ाया गया है। इसलिए 90 × 90 सेंटीमीटर वाले खेत में प्रति हेक्टेयर कम मिलेगा। पर दूसरे नमूनों के मुक़ाबले क्रम काम की बात है।

पत्ती-सड़न के लिए IC 112531 लगाऊँ या IC 111280?

कुमारगंज की उसी जाँच में दोनों बहुत प्रतिरोधी मानी गईं, इसलिए रोग में दोनों बराबर हैं। IC 111280 का जेल का नतीजा भी है: उत्तराखंड के रानीचौरी में 15 किस्मों के औसत से 58.8% ज़्यादा जेल। IC 112531 का बोरियावी से उपज का नतीजा कमज़ोर है। यह IC 111280 के पक्ष में जाता है, पर उपज के दोनों परीक्षण अलग जगहों के हैं और सीधे तुलना नहीं हो सकती। दोनों के 20-20 कल्ले लगाइए और अपना जेल तौलिए।

पत्ती-सड़न को दूर रखने के लिए और क्या करूँ?

TNAU के अनुसार एलोवेरा में कोई कीट या रोग नहीं देखा जाता, सिवाय जलभराव में आने वाली सड़न के, जिसे अच्छी पानी निकासी दूर करती है। इसलिए क्यारियाँ उठी रखिए और पानी रुकने मत दीजिए। रोपाई से पहले कल्ले 0.1% कार्बेन्डाज़िम में 5 मिनट डुबोइए। कल्ले सिर्फ़ स्वस्थ पौधों से काटिए, जिस क्यारी में पत्ती-सड़न हुई हो उससे कभी नहीं, क्योंकि सड़न रोपण सामग्री के साथ फैल सकती है।

क्या IC 112531 से बढ़ाने लायक़ कल्ले मिलते हैं?

औसत से थोड़े ज़्यादा। बोरियावी में लगभग 18 महीने पर इस पर प्रति पौधा 7.63 कल्ले थे, जबकि परीक्षण का औसत 6.75 था। ICAR-DMAPR, बोरियावी, आणंद, गुजरात एलोवेरा के कल्ले 5 रुपये प्रति कल्ला बेचता है, और 500 से ऊपर 3 रुपये प्रति कल्ला (9 मई 2024 की दाम-सूची)। सूची में नमूने का नाम नहीं है। इसलिए 02692-271602 पर फ़ोन कीजिए, पूछिए कि IC 112531 मिलती है या नहीं। नमूना नंबर, जगह और साल, और स्वस्थ पौधों का वादा, सब लिखित में लीजिए। सिर्फ़ नाम देखकर मत ख़रीदिए।

स्रोत: Evaluation of Aloe vera genotypes against leaf rot disease under field condition — Indian Phytopathology 76(4) (NDUAT, Kumarganj), Estimation of genetic variability parameters in aloe (Aloe barbadensis Mill.) genotypes — Indian J. Arid Horticulture 6(2), 2024 (ICAR-DMAPR, Boriavi), Aloe barbadensis genotype evaluation for the mid hills of Uttarakhand — College of Forestry, Ranichauri, 2021 (KrishiKosh abstract), Pricelist of plant propagules, price as on 09/05/2024 — ICAR-DMAPR, Boriavi, Aloe — TNAU Agritech Portal, Horticulture: Medicinal crops. संपादकीय नीति.