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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
पॉपलरसभी सीज़नETP / क्लोनल कलमअपडेट किया गया 22 सितंबर 2026

W-32 (WIMCO)

उत्तराखंड तराई व मध्य पंजाब में व्यापक रूप से उगाया WIMCO-चयनित Populus deltoides क्लोन, वर्ष 3–5 में सीधे तने व एक-समान मोटाई-वृद्धि के लिए क़ीमती — वही दौर जो कटाई पर पीलर-ग्रेड ग्रेडिंग तय करता।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधि5–7 साल रोटेशन
अपेक्षित उपजऊँची; वर्ष 3–5 में एक-समान मोटाई-वृद्धि
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
ETP / क्लोनल कलम
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
5–7 साल रोटेशन
अपेक्षित उपज
ऊँची; वर्ष 3–5 में एक-समान मोटाई-वृद्धि
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
"W" श्रृंखला का एक WIMCO-नंबर वाला Populus deltoides क्लोन

इस किस्म के बारे में

W-32 एक WIMCO Populus deltoides क्लोन है, W-22 वाली उसी "W" श्रृंखला से, मध्य-रोटेशन सालों में एक-समान मोटाई-वृद्धि के लिए चयनित। यह उत्तराखंड तराई बेल्ट व मध्य पंजाब में WIMCO व ट्राइडेंट बाय-बैक समझौतों के तहत पीलर लठ्ठों व पैकिंग लकड़ी के लिए व्यापक रूप से लगाया जाता। सर्दी की रोपाई के लिए जड़-नंगे एंटायर ट्रांसप्लांट (ETP) के रूप में आता, 5–7 साल के रोटेशन पर।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारETP / क्लोनल कलम
    अवधि5–7 साल रोटेशन
    उपज क्षमताऊँची; वर्ष 3–5 में एक-समान मोटाई-वृद्धि
    रोग-प्रतिरोधमध्यम
    मिट्टीदोमट
    सीज़नसभी सीज़न

बुवाई व खेती

  • दूरी5 × 4 मी (लगभग 200 पेड़/एकड़)

उपज व अवधि

पकने की अवधि

5–7 साल रोटेशन

अपेक्षित उपज

ऊँची; वर्ष 3–5 में एक-समान मोटाई-वृद्धि

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • मध्यम

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • एक-समान मध्य-रोटेशन मोटाई-वृद्धि — अच्छी पीलर-ग्रेड प्राप्ति
  • उत्तराखंड तराई व मध्य पंजाब दशाओं को ख़ूब सूट
  • WIMCO/ट्राइडेंट बाय-बैक मिलों पर स्वीकृत

ध्यान रखने योग्य बातें

  • पक्की नहर या ट्यूबवेल सिंचाई अनिवार्य — यह क्लोन बारानी ज़मीन के लिए नहीं
  • हर साल डिफ़ोलिएटर व पत्ती-रतुआ निगरानी ज़रूरी

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तराखंड
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • उत्तर प्रदेश

स्रोत: Forest Research Institute (FRI), Dehradun. संपादकीय नीति.