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साल (सखुआ)सभी सीज़नपौधा (अनुसंधान संस्थान)अपडेट किया गया 26 सितंबर 2026

FRI Dehradun Improved Seed Source

FRI देहरादून के प्रबंधित बीज-स्टैंड व क्लोनल बीज-उद्यानों से एकत्र बीज से उगाए पौधे — उप-हिमालयी पट्टी में बेहतर साल रोपण-सामग्री का प्रमुख केंद्रीय अनुसंधान स्रोत।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिपूरे-मूल्य की लकड़ी तक 30+ साल का रोटेशन
अपेक्षित उपजऊँचा लकड़ी-मूल्य; बेहतर बीज-स्टैंड चयन सीधे, ज़्यादा एक-समान तने देता है
उपयुक्त मिट्टीअच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट से दोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
पौधा (अनुसंधान संस्थान)
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
पूरे-मूल्य की लकड़ी तक 30+ साल का रोटेशन
अपेक्षित उपज
ऊँचा लकड़ी-मूल्य; बेहतर बीज-स्टैंड चयन सीधे, ज़्यादा एक-समान तने देता है
उपयुक्त मिट्टी
अच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट से दोमट
जारी
अनुसंधान संस्थान बीज-स्टैंड स्रोत, वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून

इस किस्म के बारे में

वन अनुसंधान संस्थान (FRI), देहरादून — भारत का सबसे पुराना व प्रमुख वानिकी अनुसंधान संस्थान, 1906 में स्थापित — अपने वन-संवर्धन व वन-आनुवंशिकी कार्यक्रमों के तहत शोरिया रोबस्टा (साल) के बीज-स्टैंड व अनुसंधान नर्सरी रखता है। इन प्रबंधित स्टैंडों से एकत्र बीज क्षरित वनों से जंगली-एकत्र बीज से आनुवंशिक रूप से बेहतर छाँटा होता, जो सीधे तने, ज़्यादा एक-समान बढ़वार व रोपाई के बाद बेहतर जीवित-रहने वाले पौधे देता है। FRI साल बीज-भंडारण व जीवन-क्षमता पर भी शोध करता — एक अहम अड़चन, क्योंकि साल के बीज रिकैल्सिट्रेंट होते हैं (अगर ठीक से नम हालत में न बोए या रखे जाएँ तो एकत्र करने के दिनों से हफ़्तों में जीवन-क्षमता खो देते, उन ऑर्थोडॉक्स बीजों के विपरीत जो सुखाकर महीनों रखे जा सकते)। FRI-जुड़ी नर्सरियों से रोपण-सामग्री मुख्यतः उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश व सटे राज्यों की उप-हिमालयी साल पट्टी में सरकारी वनीकरण व पुनर्वनीकरण कार्यक्रमों को दी जाती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारपौधा (अनुसंधान संस्थान)
    अवधिपूरे-मूल्य की लकड़ी तक 30+ साल का रोटेशन
    उपज क्षमताऊँचा लकड़ी-मूल्य; बेहतर बीज-स्टैंड चयन सीधे, ज़्यादा एक-समान तने देता है
    रोग-प्रतिरोधअलग से दस्तावेज़ीकृत नहीं; मानक साल बोरर व आग-क्षति निगरानी लागू
    मिट्टीअच्छी जल-निकासी वाली बलुई दोमट से दोमट
    सीज़नसभी सीज़न

बुवाई व खेती

  • दूरीशुरुआती रोपाई पर 2 × 2 मी से 3 × 3 मी, रोटेशन भर पतला

उपज व अवधि

पकने की अवधि

पूरे-मूल्य की लकड़ी तक 30+ साल का रोटेशन

अपेक्षित उपज

ऊँचा लकड़ी-मूल्य; बेहतर बीज-स्टैंड चयन सीधे, ज़्यादा एक-समान तने देता है

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

  • अलग से दस्तावेज़ीकृत नहीं; मानक साल बोरर व आग-क्षति निगरानी लागू

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • प्रबंधित स्टैंडों से आनुवंशिक रूप से छाँटा बीज जंगली-एकत्र बीज से सीधे, ज़्यादा एक-समान तने देता
  • FRI का रिकैल्सिट्रेंट बीज-भंडारण शोध नर्सरियों को जीवन-क्षमता बनाए रखने में मदद करता — साल के लिए एक अड़चन
  • एक सदी से ज़्यादा साल वन-संवर्धन अनुभव वाला भारत का सबसे पुराना वानिकी अनुसंधान संस्थान

ध्यान रखने योग्य बातें

  • उपलब्धता मुख्यतः सरकारी वनीकरण कार्यक्रमों के ज़रिए — किसान को सीधी आपूर्ति सीमित हो सकती; FRI देहरादून या राज्य वन विभाग नर्सरी से संपर्क करें
  • साल के बीज रिकैल्सिट्रेंट हैं व एकत्र करने के दिनों भीतर बोने होते — नर्सरी का समय ध्यान से तय करें

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • उत्तराखंड
  • उत्तर प्रदेश

स्रोत: Forest Research Institute (FRI), Dehradun, Indian Council of Forestry Research and Education (ICFRE). संपादकीय नीति.