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अरुणाचल प्रदेशऋण / लोनसक्रियअपडेट 26 सितंबर 2026

आत्मनिर्भर कृषि योजना (ANKY)

खेती के लिए क्रेडिट-लिंक्ड अनुदान — राज्य सरकार 45% देती है, बैंक 45% लोन देता है, किसान सिर्फ 10% लगाता है।

संचालक: कृषि विभाग, अरुणाचल प्रदेश सरकार

अनुदान
परियोजना लागत का 45%
किसान का हिस्सा
सिर्फ 10%
बिना गारंटी लोन
₹1.6 लाख तक
बजट
₹50 करोड़ आवंटित

परिचय

अरुणाचल प्रदेश ने 2021 में आत्मनिर्भर कृषि योजना (ANKY) शुरू की ताकि पहाड़ी ज़िलों में खेती को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इसमें राज्य सरकार परियोजना लागत का 45% अनुदान देती है, बैंक 45% लोन देता है, और किसान बस 10% अपनी जेब से लगाता है। मतलब ₹2 लाख की परियोजना में किसान सिर्फ ₹20,000 खर्च करता है।

ANKY में कई तरह के कृषि काम आते हैं — पहाड़ी ढलानों पर वैज्ञानिक सीढ़ीदार खेत बनाना, एक ही ज़मीन पर दोहरी-तिहरी फसल लेना, खेती का मशीनीकरण (पावर टिलर, पंप सेट, थ्रेशर), और मधुमक्खी पालन। अकेला किसान 0.50 से 25 हेक्टेयर तक की ज़मीन पर आवेदन कर सकता है; SHG 1 से 50 हेक्टेयर, और FPO 5 से 50 हेक्टेयर तक। ₹1,60,000 तक का लोन बिना किसी गारंटी या गिरवी के मिलता है — SHG के लिए यह सीमा ₹10,00,000 है।

तीन बैंक भागीदार हैं: भारतीय स्टेट बैंक, अरुणाचल प्रदेश रूरल बैंक, और अरुणाचल प्रदेश कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक। सरकार ने योजना के लिए ₹50 करोड़ का बजट रखा है। आवेदन कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन या ज़िला कृषि कार्यालय में ऑफलाइन किया जा सकता है। बागवानी फसलों के लिए अलग योजना — आत्मनिर्भर बागवानी योजना (ANBY) — है; ANKY सिर्फ खेती और संबद्ध कामों के लिए है।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • परियोजना लागत का 45% राज्य सरकार अनुदान के रूप में देती है — किसान को यह लौटाना नहीं होता।
  • बिना गारंटी बैंक लोन — व्यक्तिगत किसान को ₹1,60,000 तक; SHG को ₹10,00,000 तक।
  • सीढ़ीदार खेत बनाना, मशीनीकरण, दोहरी फसल, मधुमक्खी पालन — पहाड़ी खेती की उपज सीधे बढ़ाने वाले काम।
  • अकेले किसान, SHG, और FPO — सबके लिए खुला; सिर्फ ज़मीन मालिकों तक सीमित नहीं।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • अरुणाचल प्रदेश का स्थायी निवासी
  • व्यक्तिगत किसान — 0.50 से 25 हेक्टेयर खेती योग्य ज़मीन
  • स्वयं सहायता समूह (SHG) — 1 से 50 हेक्टेयर, या FPO — 5 से 50 हेक्टेयर
  • बैंक लोन में डिफॉल्टर न हो
  • सरकारी कर्मचारी न हो

शामिल नहीं

  • सरकारी कर्मचारी
  • बैंक डिफॉल्टर
  • 0.50 हेक्टेयर से कम (व्यक्तिगत) या 25 हेक्टेयर से ज़्यादा (व्यक्तिगत) ज़मीन
  • बागवानी परियोजनाएँ — वे आत्मनिर्भर बागवानी योजना (ANBY) में आती हैं, ANKY में नहीं

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाणपत्र या APST (अरुणाचल प्रदेश अनुसूचित जनजाति) प्रमाणपत्र
  • भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड या सामुदायिक भूमि-उपयोग प्रमाणपत्र
  • बैंक पासबुक (SBI, AP रूरल बैंक, या AP कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक)
  • प्रस्तावित कृषि कार्य की परियोजना रिपोर्ट

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

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    परियोजना रिपोर्ट तैयार करें

    कृषि कार्य तय करें — सीढ़ीदार खेत, मशीनीकरण, दोहरी फसल, मधुमक्खी पालन — और लागत अनुमान के साथ परियोजना रिपोर्ट बनाएँ। ज़िला कृषि अधिकारी प्रारूप में मदद कर सकते हैं।

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    ऑनलाइन या ज़िला कार्यालय में आवेदन करें

    कृषि विभाग पोर्टल (agri.arunachal.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन करें या ज़िला कृषि कार्यालय से ऑफलाइन फॉर्म लेकर जमा करें।

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    बैंक सत्यापन और लोन मंजूरी

    विभाग की मंजूरी के बाद बैंक (SBI, AP रूरल बैंक, या AP कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक) 45% लोन प्रक्रिया करता है। 45% अनुदान भी साथ में जारी होता है।

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    काम करें और निरीक्षण

    अपनी ज़मीन पर परियोजना लागू करें। अंतिम अनुदान जारी होने से पहले विभाग फील्ड निरीक्षण करता है।

अगर कुछ गड़बड़ हो

नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।

  • आवेदन में देरी, बैंक मंजूरी के बाद अनुदान न मिलना, या फील्ड निरीक्षण न होना — पहले ज़िला कृषि अधिकारी से बात करें। आवेदन रेफ़रेंस नंबर और बैंक मंजूरी पत्र संभालकर रखें।
  • विभाग से आगे, केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण पोर्टल (pgportal.gov.in) पर अरुणाचल प्रदेश और कृषि विभाग चुनकर शिकायत दर्ज करें। ट्रैक करने के लिए पंजीकरण नंबर सँभालें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ANKY और आत्मनिर्भर बागवानी योजना में क्या फ़र्क है?

ANKY खेती के कामों के लिए है — सीढ़ीदार खेत, मशीनीकरण, दोहरी फसल, मधुमक्खी पालन। ANBY बागवानी के लिए है — फलों के बाग, मसाले, फूल। अनुदान का ढाँचा (45%–45%–10%) दोनों में एक जैसा है, पर काम अलग-अलग हैं।

क्या बैंक लोन के लिए गारंटी चाहिए?

नहीं — व्यक्तिगत किसान को ₹1,60,000 तक और SHG को ₹10,00,000 तक बिना गारंटी लोन मिलता है। इससे ऊपर की रकम पर बैंक अपने नियमों के हिसाब से गारंटी माँग सकता है।

कौन से बैंक में आवेदन कर सकते हैं?

तीन बैंक भागीदार हैं: भारतीय स्टेट बैंक, अरुणाचल प्रदेश रूरल बैंक, और अरुणाचल प्रदेश कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक। इन तीनों की किसी भी शाखा में जा सकते हैं।

क्या बटाईदार या किरायेदार किसान आवेदन कर सकता है?

योजना में भूमि रिकॉर्ड माँगा जाता है। अगर ज़मीन आपकी नहीं है, तो ज़िला कृषि अधिकारी से पूछें कि सामुदायिक भूमि-उपयोग प्रमाणपत्र या लीज़ एग्रीमेंट चलेगा या नहीं।

ज़मीन की न्यूनतम सीमा क्या है?

व्यक्तिगत किसान को कम से कम 0.50 हेक्टेयर चाहिए। SHG को 1 हेक्टेयर और FPO को 5 हेक्टेयर।

क्या ANKY और ANBY दोनों में एक साथ आवेदन कर सकते हैं?

दोनों अलग-अलग कामों के लिए हैं — सिद्धांत रूप में एक किसान ANKY से मशीनीकरण और ANBY से बाग लगा सकता है। चालू साल में दोनों साथ मिलेंगे या नहीं, यह ज़िला कार्यालय से पुष्ट करें।

मंजूरी में कितना समय लगता है?

विभाग परियोजना रिपोर्ट और दस्तावेज़ जाँचता है, फिर बैंक को भेजता है। समय ज़िले और बैंक के वर्कलोड पर निर्भर करता है — आवेदन के 45 दिन बाद भी कोई जवाब न आए तो ज़िला कृषि अधिकारी से फ़ॉलो अप करें।

तथ्य 26 सितंबर 2026 को agri.arunachal.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.