बेसल रॉट / सफ़ेद गलन (प्याज और लहसुन)
आधार और जड़ों की मिट्टी से फैलने वाली सड़न। या तो भूरा, नरम आधार (बेसल रॉट), या सफ़ेद रुई-सी फफूँद और काले दाने (सफ़ेद गलन)। खेत और भंडार, दोनों में।
- रोगकारक
- फफूँद (Fusarium / Sclerotium cepivorum)
- फैलाव
- मिट्टी से; संक्रमित गाँठें और बीज; स्क्लेरोशिया
- किसमें बढ़ता है
- संक्रमित मिट्टी; ख़राब निकासी; लगातार प्याज
- मुख्य ख़तरा
- आधार और जड़ें सड़ती हैं; खेत और भंडार में गाँठें बिगड़ती हैं
परिचय
बेसल रॉट और सफ़ेद गलन मिट्टी से फैलने वाले रोग हैं। ये प्याज और लहसुन के आधार (गाँठ के नीचे का छोटा तना) और जड़ों पर हमला करते हैं, खेत में भी और भंडारण में भी। फ्यूज़ेरियम बेसल रॉट (Fusarium oxysporum) में पत्तियाँ सिरों से पीली पड़कर सूखती हैं और जड़ें सड़ती हैं। आधार भूरा और नरम हो जाता है, अक्सर हल्की गुलाबी-सफ़ेद फफूँद के साथ। गाँठ नीचे से ऊपर की ओर सड़ती है और टिकती नहीं। सफ़ेद गलन (Sclerotium cepivorum) और भी नुक़सानदेह है। यह आधार और जड़ें सड़ाती है, उन्हें सफ़ेद रुई-सी फफूँद से ढक देती है, और उन पर पोस्त या सरसों जैसे कई नन्हे काले दाने (स्क्लेरोशिया) जमा देती है।
दोनों में ऊपर का पौधा पीला पड़कर मुरझाता है। जड़ें सड़ चुकी होने से वह आसानी से उखड़ आता है, और भंडार में भी नुक़सान चलता रहता है। सफ़ेद गलन ख़ास तौर पर गंभीर है, क्योंकि उसके स्क्लेरोशिया मिट्टी में कई साल बचे रहते हैं। इसलिए एक बार संक्रमित खेत संक्रमित ही रहता है। सफ़ेद गलन को ठंडी, नम हालत और बेसल रॉट को गर्म मिट्टी बढ़ाती है। लगातार प्याज-लहसुन बोने से दोनों बढ़ते हैं। आधार सड़ जाने के बाद इलाज नहीं है। इसलिए प्रबंधन इन बातों पर टिका है: साफ़, रोगमुक्त बीज या गाँठें, लंबा फसल-चक्र, अच्छी निकासी, रोगी पौधे उखाड़ना, और सावधानी से सुखाना और भंडारण।
कैसे पहचानें
- पत्तियाँ सिरों से पीली पड़कर सूखती हैं। जड़ें सड़ने से पौधे मुरझाते और आसानी से उखड़ आते हैं।
- बेसल रॉट: भूरा, नरम आधार, हल्की गुलाबी-सफ़ेद फफूँद के साथ। गाँठ नीचे से ऊपर की ओर सड़ती है।
- सफ़ेद गलन: आधार और जड़ों पर सफ़ेद रुई-सी फफूँद, जिस पर पोस्त जैसे कई नन्हे काले दाने (स्क्लेरोशिया) होते हैं।
- भंडार में भी नुक़सान जारी रहता है। प्रभावित गाँठें सड़ती हैं और टिकती नहीं।
कारण और समय
- मिट्टी से फैलने वाली फफूँदें, Fusarium oxysporum (बेसल रॉट) और Sclerotium cepivorum (सफ़ेद गलन), जो आधार और जड़ों पर हमला करती हैं।
- सफ़ेद गलन के स्क्लेरोशिया मिट्टी में कई साल बचे रहते हैं, इसलिए संक्रमित खेत संक्रमित ही रहता है।
- संक्रमित मिट्टी से, और संक्रमित गाँठों, बीज और बल्बों से फैलता है।
- बेसल रॉट को गर्म मिट्टी और सफ़ेद गलन को ठंडी, नम मिट्टी बढ़ाती है। लगातार प्याज-लहसुन और ख़राब निकासी दोनों को बुरा करते हैं।
खेती और जैविक तरीक़े
- सिर्फ़ साफ़, रोगमुक्त गाँठें या सेट और उपचारित बीज लगाएँ। जहाँ मिले, सहनशील किस्में उगाएँ।
- प्याज-लहसुन से दूर लंबा फसल-चक्र अपनाएँ (ख़ासकर सफ़ेद गलन के ख़िलाफ़) और निकासी अच्छी रखें।
- रोगी पौधे उनके आसपास की मिट्टी और स्क्लेरोशिया समेत उखाड़कर हटाएँ। संक्रमित अवशेष नष्ट करें।
- भंडारण से पहले गाँठें अच्छी तरह सुखाएँ। जहाँ सिफ़ारिश हो, मिट्टी में जैव-एजेंट (जैसे Trichoderma) डालें।
रासायनिक नियंत्रण
- शुरुआती संक्रमण घटाने के लिए लगाने से पहले गाँठों या बीज को सिफ़ारिश की फफूँदनाशी से उपचारित करें।
- संक्रमित खेतों में जड़ वाले हिस्से में सिफ़ारिश की फफूँदनाशी या जैव-एजेंट डालने से मदद मिल सकती है, पर सड़ चुकी गाँठें ठीक नहीं होतीं।
- इसे फसल-चक्र, निकासी, सुखाई और सफ़ाई के साथ मिलाएँ। अकेले रसायन स्क्लेरोशिया से भरी मिट्टी साफ़ नहीं कर सकते।
- अपनी फसल के लिए ताज़ा बीज उपचार और मिट्टी के उपाय अपने KVK से पक्के कर लें।
दोबारा न हो, इसके लिए
- साफ़ गाँठें या बीज, लंबा फसल-चक्र और अच्छी निकासी को आदत बनाएँ, ख़ासकर सफ़ेद गलन वाले खेतों में।
- रोगी पौधे मिट्टी समेत उखाड़ें, अवशेष नष्ट करें, और गाँठें सुखाकर ठंडी, सूखी जगह रखें।
- संक्रमित मिट्टी, गाँठें या बीज साफ़ खेतों में न ले जाएँ, और मिट्टी में जैव-एजेंट बढ़ाएँ।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरे प्याज/लहसुन पीले पड़ रहे हैं, आसानी से उखड़ रहे हैं और आधार पर सफ़ेद फफूँद और नन्हे काले दाने हैं। यह क्या है?
जड़ें सड़ने से पौधा आसानी से उखड़ आए, आधार सड़ रहा हो, और उस पर सफ़ेद रुई-सी फफूँद के साथ नन्हे काले दाने हों, तो यह सफ़ेद गलन (Sclerotium cepivorum) है। भूरा, नरम आधार और गुलाबी-सी फफूँद हो, पर काले दाने न हों, तो यह फ्यूज़ेरियम बेसल रॉट है। दोनों गाँठ को नीचे से सड़ाते हैं और भंडार में भी नुक़सान करते हैं। सड़ जाने के बाद इलाज नहीं है। साफ़ बीज या गाँठें लें, लंबा फसल-चक्र अपनाएँ, निकासी अच्छी रखें, रोगी पौधे उखाड़ें और भंडारण से पहले गाँठें अच्छी तरह सुखाएँ।
सड़ते लहसुन/प्याज के आधार पर ये नन्हे काले दाने क्या हैं?
आधार और जड़ों की सफ़ेद फफूँद पर बने ये पोस्त या सरसों के आकार के नन्हे काले दाने सफ़ेद गलन फफूँद (Sclerotium cepivorum) के स्क्लेरोशिया हैं। इन्हीं से फफूँद मिट्टी में कई साल बची रहती है। इन्हें देखना सफ़ेद गलन की पुष्टि है, और चेतावनी भी कि अब खेत लंबे समय के लिए संक्रमित है। इसीलिए सिर्फ़ छिड़काव नहीं, बल्कि लंबा फसल-चक्र, साफ़ गाँठें और कड़ी सफ़ाई ज़रूरी है।
सफ़ेद गलन से खेत प्याज के लिए सालों तक बेकार क्यों हो जाता है?
क्योंकि सफ़ेद गलन की फफूँद नन्हे स्क्लेरोशिया बनाती है, जो बिना किसी पौधे के भी मिट्टी में कई साल ज़िंदा रहते हैं। इसलिए एक बार संक्रमित खेत प्याज और लहसुन के लिए लंबे समय तक ख़तरा बना रहता है, और हर नई फसल फफूँद को फिर जगा देती है। मिट्टी में इतना लंबा टिकना ही कारण है कि सफ़ेद गलन में प्याज से दूर लंबा फसल-चक्र ज़रूरी है। साथ में बिल्कुल साफ़ गाँठें और बीज लें, रोगी पौधे मिट्टी समेत उखाड़ें, और संक्रमित मिट्टी साफ़ खेतों में न जाने दें।
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