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खरपतवारPortulaca oleraceaसमीक्षा 15 अक्टूबर 2026

कुल्फा / लुनिया (Portulaca)

रसीले लाल तनों वाला नीचा, गूदेदार, चटाई जैसा गर्मी का खरपतवार, जो सूखा और कुदाली झेल लेता है और बहुत बीज बनाता है।

प्रकार
चौड़ी-पत्ती वाला खरपतवार (एक साल का, गर्मी का, गूदेदार)
जीवन-चक्र
एक साल का; बहुत बीज; फिर जड़ पकड़ता और बीज पकाता है
फैलाव
बीज से; उखाड़े पौधे फिर जड़ पकड़ते और बीज पकाते हैं
मुख्य नुक़सान
सूखा सहने वाली चटाई जैसी होड़; कुदाली से मारना मुश्किल

परिचय

कुल्फा या लुनिया (Portulaca oleracea) नीचा, गूदेदार, चटाई की तरह फैलने वाला गर्मी का चौड़ी-पत्ती वाला खरपतवार है। यह सब्ज़ियों, मक्का, मूँगफली, प्याज़ और गर्मी की दूसरी फसलों में आम है। इसके तने चिकने, रसीले, लाल और ज़मीन पर फैलने वाले होते हैं। पत्तियाँ मोटी, गूदेदार, चप्पू या चम्मच जैसी होती हैं और तने के सिरों की ओर गुच्छों में लगती हैं। फूल छोटे और पीले होते हैं। हरनखुरी की तरह यह भी गूदेदार और ज़मीन पर फैलने वाला है, पर यह अलग पौधा है, जिसकी पत्तियाँ ज़्यादा गोल और मोटी होती हैं। कुछ इलाक़ों में इसे पत्तेदार सब्ज़ी के रूप में खाया भी जाता है, पर फसल में यह ज़िद्दी खरपतवार है।

इसका रसीलापन ही इसे पक्का बनाता है। यह पानी जमा करके रखता है, इसलिए सूखा और गर्म, शुष्क हालात अच्छी तरह झेल लेता है। ख़ास बात यह है कि उखाड़कर मिट्टी पर पड़ा पौधा फिर जड़ पकड़ सकता है, और जमा नमी से अपना बीज तक पका सकता है। इसलिए लापरवाही से की गई कुदाली इसे नहीं मार पाती। यह छोटी फसल से नमी, खाद और जगह के लिए होड़ करता है और बहुत बीज बनाता है। इसके प्रबंधन में तीन बातें साथ चलती हैं: जल्दी और साफ़ निकालना (पौधे खेत से बाहर ले जाएँ), मज़बूत फसल, और समय पर दवा।

कैसे पहचानें

  • नीचा, गूदेदार, चटाई की तरह फैलने वाला खरपतवार। तने चिकने, रसीले, लाल और ज़मीन पर फैलने वाले।
  • मोटी, गूदेदार, चप्पू या चम्मच जैसी पत्तियाँ, जो तने के सिरों की ओर गुच्छों में लगती हैं, और छोटे पीले फूल।
  • हरनखुरी से ज़्यादा गोल और मोटी पत्तियाँ, और चिकना (दाँतेदार नहीं) रूप।
  • सब्ज़ियों, मक्का, मूँगफली, प्याज़ और गर्मी की दूसरी फसलों में आम।

यह समस्या क्यों है

  • फैलती चटाई बनाकर छोटी फसलों से नमी, खाद, रोशनी और जगह की होड़ करता है।
  • इसका रसीलापन इसे सूखा और गर्म, शुष्क हालात अच्छी तरह झेलने देता है।
  • उखाड़ा हुआ पौधा फिर जड़ पकड़ सकता है, और जमा नमी से अपना बीज तक पका सकता है। इसलिए लापरवाही की कुदाली इसे नहीं मारती।
  • बहुत बीज बनाता है और मिट्टी में बीजों का भंडार बना लेता है, इसलिए हर गर्मी में लौट आता है।

बचाव और खेती के तरीक़े

  • इसे जल्दी और साफ़ निकालें। उखाड़े पौधों को खेत से बाहर ले जाएँ या पूरी तरह सूखने दें, क्योंकि वे मिट्टी पर फिर जड़ पकड़ते और बीज पकाते हैं।
  • मज़बूत, अच्छी तरह जमी फसल उगाएँ, और इसे दबाने के लिए सही दूरी रखें और मल्च लगाएँ।
  • बहुत ज़्यादा बीजों का भंडार घटाने के लिए बीज बनने से रोकें, उखाड़े गए पौधों पर भी।
  • खेत के किनारे और मेड़ें साफ़ रखें, और साफ़ बीज इस्तेमाल करें।

दवा से नियंत्रण

  • फसल के लिए सिफ़ारिश की गई उगने से पहले वाली दवा (जैसे पेंडिमेथालिन) और शुरुआती उगने के बाद वाली दवा तब डालें, जब खरपतवार छोटा हो।
  • दवा सही अवस्था में और सही मात्रा में डालें, और दवाओं के समूह बदलते रहें।
  • उखाड़े पौधे बच जाते हैं, इसलिए दवा और साफ़ निकालना, दोनों साथ, अकेली कुदाली से बेहतर काम करते हैं।
  • अपनी फसल के लिए ताज़ा दवा, मात्रा और समय अपने KVK से पक्का कर लें।

मिलाजुला प्रबंधन

  • जल्दी साफ़ निकालना (खेत से बाहर), मज़बूत फसल, मल्च और समय पर दवा, इन सबको साथ अपनाएँ।
  • उखाड़ी हुई कुल्फा को नम मिट्टी पर कभी न छोड़ें। वह फिर जड़ पकड़ती और बीज पकाती है।
  • समय के साथ बीजों का भंडार घटाने के लिए हर मौसम में बीज बनने से रोकें।

सबसे ज़्यादा जोखिम वाली फसलें

हमारी फसल गाइडों में जहाँ यह समस्या बताई गई है — पूरी पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ के लिए कोई फसल खोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेरी सब्ज़ियों में मोटी चम्मच जैसी पत्तियों वाला रसीला, लाल तने का, चटाई की तरह फैलने वाला खरपतवार क्या है?

अगर खरपतवार नीचा, गूदेदार और चटाई की तरह फैलने वाला है, तो यह कुल्फा या लुनिया (Portulaca oleracea) हो सकता है। इसके तने चिकने, रसीले और लाल होते हैं। सिरों पर मोटी चम्मच या चप्पू जैसी पत्तियों के गुच्छे और छोटे पीले फूल आते हैं। यह सूखा अच्छी तरह झेलता है और छोटी फसल से होड़ करता है। इसे जल्दी और साफ़ निकालकर (खेत से बाहर ले जाएँ), मल्च के साथ मज़बूत फसल उगाकर, और सिफ़ारिश की उगने से पहले वाली दवा (जैसे पेंडिमेथालिन) डालकर रोकें। उखाड़े पौधे नम मिट्टी पर कभी न छोड़ें।

कुदाली कभी-कभी कुल्फा को मारने में क्यों फेल हो जाती है?

कुल्फा बहुत रसीला है और पानी जमा रखता है। इसलिए मिट्टी पर पड़ा उखाड़ा हुआ पौधा उसी जमा नमी से फिर जड़ पकड़ सकता है, और खींचे जाने के बाद भी अपना बीज पकाता रह सकता है। इसलिए इसे बस कुदालकर ज़मीन पर छोड़ देना, ख़ासकर नम मिट्टी पर, इसे नहीं मारता, उल्टे बीज बनने देता है। इसीलिए निराई के पौधे खेत से बाहर निकालें (या पूरी तरह सूखने दें), और कुदाली के साथ उगने से पहले वाली दवा और मज़बूत फसल भी अपनाएँ।

कुल्फा हरनखुरी से कैसे अलग है?

दोनों नीचे, गूदेदार, ज़मीन पर फैलने वाले गर्मी के खरपतवार हैं और आसानी से एक-दूसरे से मिल जाते हैं, पर ये अलग पौधे हैं। कुल्फा (Portulaca) की पत्तियाँ चिकनी, मोटी और गोल चम्मच या चप्पू जैसी होती हैं, और फूल पीले। हरनखुरी (Trianthema) की पत्तियाँ चपटी, गोल-सी और अलग-अलग आकार की जोड़ी में होती हैं, और फूल गुलाबी। दोनों को एक जैसे तरीक़ों से संभाला जाता है: जल्दी साफ़ निकालना, मज़बूत फसल, मल्च और समय पर उगने से पहले वाली दवा। दोनों गूदेदार टुकड़ों से फिर जड़ पकड़ सकते हैं, इसलिए निराई के पौधे खेत से बाहर निकालें।

लक्षण और नियंत्रण उपाय ICAR, KVK और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों की पैकेज-ऑफ-प्रैक्टिसेज़ पर आधारित हैं; नाम लिया गया हर रसायन पंजीकृत उपयोग है। हमेशा उत्पाद का लेबल पढ़ें और अपनी फसल और क्षेत्र के लिए मात्रा पक्की करें। संपादकीय नीति.