मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
मेघालयअनुदानसक्रियअपडेट 8 अक्टूबर 2026

मेघालय जिंजर मिशन (अदरक मिशन)

मुफ़्त उन्नत अदरक बीज, प्रोसेसिंग यूनिट व बाज़ार सम्पर्क, क्लस्टर दर क्लस्टर, ताकि राज्य की अदरक उपज क़रीब दोगुनी हो।

संचालक: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग / उद्यान निदेशालय, मेघालय सरकार

शुरुआत
अप्रैल 2022, मुख्यमंत्री द्वारा
पैदावार लक्ष्य
~60,000 MT → 1.5 लाख MT/साल
2022 से निवेश
₹62 करोड़+ (अप्रैल 2026 तक)
किसान पहुँचे
19,000+ (अप्रैल 2026 तक)

त्वरित सारांश

इस पेज की मुख्य बातें लगभग दो मिनट में — पढ़ें या सुनें।

त्वरित सारांश

जिंजर मिशन मेघालय की फ्लैगशिप कोशिश है जो अदरक को कम-पैदावार वाली परंपरागत फसल से निकालकर एक व्यवस्थित, कमाई देने वाली फसल बनाना चाहती है। मेघालय में अदरक का बड़ा रकबा है — करीब 10,000 हेक्टेयर, लगभग 40,000 किसान — पर पैदावार गिर रही थी, इसलिए राज्य ने तीन मोर्चों पर एक साथ काम करने का फैसला किया: बेहतर बीज, प्रोसेसिंग, और बाज़ार। नकद देने के बजाय किसान को ज़्यादातर अच्छा बीज, सही खेती-तरीक़े का प्रशिक्षण, और बेचने का रास्ता मिलता है।

मुख्य मदद है मुफ़्त, उन्नत, ज़्यादा पैदावार वाला बीज — IISR महिमा, IISR वरदा और नदिया जैसी किस्में — जो क्लस्टर दर क्लस्टर, गाँव दर गाँव बाँटा जाता है, ताकि पूरा अदरक-उगाने वाला इलाक़ा एक साथ आगे बढ़े, न कि एक-एक किसान। बीज के साथ मिशन प्रोसेसिंग यूनिट लगाता है ताकि किसान वहीं साफ़-सुखाकर मूल्य जोड़ सके, और बाज़ार से जोड़ता है ताकि बढ़ी उपज सचमुच बिक जाए। राज्य की अपनी ऊँचे दाम वाली स्थानीय किस्म Ing Makhir को भी बचाया और बढ़ाया जा रहा है।

किसान के लिए व्यावहारिक शुरुआत स्थानीय कृषि / उद्यान कार्यालय या ब्लॉक अधिकारी हैं, जो अदरक क्लस्टर दर्ज करते हैं और मुफ़्त बीज बँटवारे का समय तय करते हैं। चूँकि योजना क्लस्टर से चलती है, एक ही गाँव के किसानों के समूह के रूप में आवेदन करना फ़ायदेमंद है। हर किसान को कितना बीज मिलेगा और कोई हिस्सेदारी राशि — यह मिशन की सालाना योजना में तय होता है, इसलिए रोपाई के मौसम से पहले अपने ज़िला कार्यालय से मौजूदा दौर पक्का कर लें।

परिचय

जिंजर मिशन को मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने अप्रैल 2022 में एक फ्लैगशिप कार्यक्रम के रूप में शुरू किया। इसका मुख्य लक्ष्य मेघालय की अदरक पैदावार को क़रीब 60,000 मीट्रिक टन सालाना से बढ़ाकर कुछ ही सालों में कम-से-कम 1.5 लाख मीट्रिक टन तक ले जाना है — अदरक उन गिनी-चुनी फसलों में है जहाँ राज्य के पास पहले से पैमाना है, क़रीब 40,000 किसान लगभग 10,000 हेक्टेयर पर खेती करते हैं, पर अच्छे बीज और संभाल की कमी से पैदावार फिसल रही थी।

मिशन तीन मोर्चों पर एक साथ चलता है। पहला, उन्नत ज़्यादा-पैदावार वाले बीज का मुफ़्त वितरण — IISR महिमा, IISR वरदा और नदिया समेत — जिसमें पहले साल क़रीब ₹18 करोड़ देकर लगभग 400 गाँवों के क़रीब 9,000 किसानों के लिए लगभग 2,200 मीट्रिक टन अच्छा बीज ख़रीदा गया। दूसरा, मूल्य-वर्धन: क़रीब ₹7.5 करोड़ अनुमानित लागत से लगभग 30 नई प्रोसेसिंग यूनिट, ताकि किसान कच्चा बेचने के बजाय खेत के पास ही अदरक साफ़-सुखाकर प्रोसेस कर सके। तीसरा, सही खेती-तरीक़े का प्रशिक्षण और बाज़ार सहायता ताकि बढ़ी उपज को ख़रीदार मिलें। ऊँचे दाम वाली स्थानीय किस्म Ing Makhir को भी साथ-साथ बचाया-बढ़ाया जा रहा है।

कार्यक्रम का बजट 2022–2025 के लिए क़रीब ₹121 करोड़ रहा। अप्रैल 2026 में तुरा में एक इनपुट-वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 2022 से ₹62 करोड़ से ज़्यादा लगाए हैं, 19,000 से अधिक किसानों तक पहुँची है, और इसे 15,000 से ज़्यादा और किसानों तक बढ़ाया जाएगा। यह कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तहत उद्यान निदेशालय से चलता है, और राज्य में चल रहे केंद्रीय MIDH व MOVCD-NER जैविक-क्लस्टर कार्यक्रमों के साथ-साथ चलता है।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • मुफ़्त उन्नत, ज़्यादा-पैदावार वाला अदरक बीज (IISR महिमा, IISR वरदा, नदिया)।
  • खेत के पास प्रोसेसिंग यूनिट ताकि अदरक वहीं साफ़-सुखाकर मूल्य-वर्धित हो।
  • गिरती पैदावार उठाने के लिए सही खेती-तरीक़े का प्रशिक्षण।
  • बढ़ी उपज बिकने के लिए बाज़ार सम्पर्क — साथ में स्थानीय Ing Makhir किस्म का संरक्षण।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • मेघालय का निवासी अदरक किसान
  • किसी लक्षित क्लस्टर / गाँव में अदरक उगा रहा हो, या उगाने को तैयार हो
  • स्थानीय कृषि / उद्यान कार्यालय में पंजीकृत
  • किसानों का समूह / क्लस्टर बेहतर, क्योंकि मिशन क्लस्टर-वार चलता है

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • आधार कार्ड
  • भूमि रिकॉर्ड / खेती का प्रमाण
  • बैंक पासबुक
  • कृषि / उद्यान विभाग पंजीकरण

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

  1. 1

    अपना अदरक क्लस्टर दर्ज कराएँ

    अपने ब्लॉक / ज़िला कृषि या उद्यान कार्यालय में जाकर अपने गाँव का अदरक क्लस्टर मिशन के तहत सूचीबद्ध कराएँ।

  2. 2

    मौसम में मुफ़्त बीज पाएँ

    उन्नत ज़्यादा-पैदावार वाला बीज रोपाई के मौसम से पहले क्लस्टर-वार बाँटा जाता है, साथ में खेती-तरीक़े का प्रशिक्षण।

  3. 3

    प्रोसेसिंग व बाज़ार सहायता लें

    कटी अदरक को साफ़-सुखाकर बेचने के लिए मिशन की प्रोसेसिंग यूनिट व बाज़ार चैनल से जुड़ें।

अगर कुछ गड़बड़ हो

नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।

  • अगर कोई क्लस्टर वितरण से छूट गया हो, बीज समय पर न मिला हो, या वादा की गई प्रोसेसिंग यूनिट न मिली हो — पहले अपने ब्लॉक / ज़िला कृषि या उद्यान अधिकारी के पास, फिर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, मेघालय के तहत उद्यान निदेशालय (megagriculture.gov.in) के पास बात रखें।
  • विभाग से आगे, मेघालय की जन-शिकायत प्रणाली MegPGRAMS (megpgrams.gov.in) का इस्तेमाल करें, जिसमें SMS से ट्रैकिंग होती है, या मुख्यमंत्री कार्यालय / "CM Connect" लाइन (CMO 0364-2224282)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जिंजर मिशन में किसान को असल में क्या मिलता है?

ज़्यादातर मुफ़्त उन्नत, ज़्यादा-पैदावार वाला बीज, साथ में प्रशिक्षण और प्रोसेसिंग व बाज़ार सहायता — नकद नहीं। मकसद है बेहतर बीज व संभाल, ताकि पैदावार और आमदनी बढ़े।

कौन-सी अदरक किस्में बाँटी जाती हैं?

उन्नत ज़्यादा-पैदावार वाली किस्में जैसे IISR महिमा, IISR वरदा और नदिया। मेघालय की ऊँचे दाम वाली स्थानीय किस्म Ing Makhir को भी बचाया और बढ़ाया जा रहा है।

यह एक-एक किसान के बजाय क्लस्टर-वार क्यों चलता है?

पूरा अदरक-उगाने वाला इलाक़ा एक साथ आगे बढ़ता है — बीज, प्रशिक्षण, प्रोसेसिंग और बाज़ार एक क्लस्टर के कई गाँवों तक एक साथ पहुँचते हैं, जो बिखरे हुए एक किसान की मदद से बेहतर काम करता है। इसलिए अपने गाँव के किसानों के समूह के रूप में आवेदन फ़ायदेमंद है।

मिशन कितना बड़ा है?

यह अप्रैल 2022 में क़रीब ₹121 करोड़ (2022–2025) बजट के साथ शुरू हुआ। अप्रैल 2026 तक सरकार ने कहा कि ₹62 करोड़ से ज़्यादा लगाए और 19,000 से अधिक किसानों तक पहुँची, 15,000 से ज़्यादा और को जोड़ने की योजना है।

यह केंद्रीय जैविक / बागवानी योजनाओं से कैसे अलग है?

जिंजर मिशन मेघालय का अपना राज्य कार्यक्रम है जो ख़ास अदरक पर केंद्रित है। यह राज्य में चल रही केंद्रीय MIDH व MOVCD-NER जैविक-क्लस्टर योजनाओं के साथ चलता है, जो ज़्यादा व्यापक हैं।

आवेदन कहाँ करूँ?

अपने ब्लॉक या ज़िला कृषि / उद्यान कार्यालय में, जो अदरक क्लस्टर दर्ज करता है और हर मौसम मुफ़्त बीज वितरण का समय तय करता है।

तथ्य 8 अक्टूबर 2026 को megagriculture.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.