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आंध्र प्रदेशआपदा राहतसक्रियअपडेट 4 अक्टूबर 2026

मत्स्यकारुला सेवलो (मछली-पकड़ बंदी में मछुआरा परिवारों को सहायता)

हर मछुआरा परिवार को ₹20,000 — समुद्र में मछली पकड़ना बंद रहने के दिनों में सीधे बैंक खाते में।

संचालक: मत्स्य विभाग, आंध्र प्रदेश सरकार

प्रति परिवार सहायता
₹20,000
मछली-पकड़ बंदी
15 अप्रैल – 14 जून (61 दिन)
2026 का भुगतान
₹262 करोड़, लगभग 1.30 लाख परिवार
भुगतान कैसे
सीधे बैंक खाते में

परिचय

आंध्र प्रदेश में हर साल मछलियों के प्रजनन के लिए 15 अप्रैल से 14 जून तक, यानी 61 दिन समुद्र में मछली पकड़ना बंद रहता है। नावें किनारे रहती हैं और मछुआरा परिवारों की कमाई रुक जाती है। मत्स्यकारुला सेवलो इसी कमी में राज्य की नकद मदद है। समाचारों में इसी सहायता को मत्स्यकारा भरोसा भी कहा जाता है।

सहायता ₹20,000 प्रति पात्र मछुआरा परिवार है। 19 मई 2026 को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने करीब 1.30 लाख परिवारों को ₹262 करोड़ जारी किए (डेक्कन क्रॉनिकल)। अकेले तिरुपति ज़िले में 3,099 मछुआरों को ₹6.19 करोड़ मिले (हंस इंडिया, 20 मई 2026)।

दो साल में रकम दोगुनी हुई है। मई 2024 में हर लाभार्थी को ₹10,000 मिले थे — 1,23,519 लोगों को ₹123.52 करोड़ (ICSF)। 2025 में राज्य ने लगभग 1.21 लाख परिवारों को करीब ₹243 करोड़ दिए (डेक्कन क्रॉनिकल), और 2026 में दर ₹20,000 रही।

बंदी मशीनी और मोटर वाली नावों पर लागू है। पारंपरिक बिना मोटर वाली नावों पर बंदी नहीं है, पर मंत्री ने कहा कि ऐसी नावों के मालिक और मज़दूर भी इस सहायता के दायरे में हैं (हंस इंडिया)।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • मछली-पकड़ बंदी के समय हर पात्र मछुआरा परिवार को ₹20,000।
  • पैसा सीधे बैंक खाते में आता है — 2026 में 19 मई को, बंदी के दौरान ही।
  • बिना मोटर वाली नावों के मालिक और मज़दूर भी शामिल हैं, भले ही उनकी नावों पर बंदी नहीं है।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • आंध्र प्रदेश का मछुआरा परिवार, जिसकी कमाई सालाना समुद्री मछली-पकड़ बंदी से प्रभावित होती है
  • नाम मत्स्य विभाग की तैयार पात्र परिवारों की सूची में होना चाहिए
  • बिना मोटर वाली नावों के मालिक और मज़दूर भी शामिल हैं

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक (आधार से जुड़ा और चालू खाता)
  • नाव का पंजीकरण और मछली पकड़ने का लाइसेंस (नाव मालिकों के लिए)
  • मछली पकड़ने वाली नाव पर काम करने का प्रमाण (मज़दूरों के लिए)

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

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    बंदी शुरू होने से पहले नाम जाँचें

    अपनी मछुआरा सोसाइटी या ज़िले के मत्स्य विभाग कार्यालय से पूछें कि आपका परिवार पात्र सूची में है या नहीं। यह मार्च–अप्रैल में, 15 अप्रैल की बंदी से पहले करें।

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    बैंक खाता तैयार रखें

    खाता चालू हो और आधार से जुड़ा हो। पैसा सीधे इसी खाते में भेजा जाता है।

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    मई में भुगतान का इंतज़ार करें

    पिछले सालों में सहायता मई के मध्य से अंत तक आई है (16 मई 2024, 19 मई 2026)। अपना बैंक बैलेंस या पासबुक जाँचें।

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    नाम छूट जाए तो शिकायत करें

    अगर आप मछली पर निर्भर हैं पर पैसा नहीं आया, तो दस्तावेज़ लेकर ज़िले के मत्स्य विभाग कार्यालय जाएँ और नाम जुड़वाने या दोबारा जाँच की माँग करें।

अगर कुछ गड़बड़ हो

नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।

  • पहले अपने ज़िले के सहायक निदेशक / संयुक्त निदेशक (मत्स्य) से नाव या मज़दूरी के प्रमाण के साथ मिलें।
  • आगे शिकायत के लिए राज्य की शिकायत प्रणाली स्पंदना: spandana.ap.gov.in या 1902 पर कॉल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एक परिवार को कितना पैसा मिलता है?

मछली-पकड़ बंदी के लिए हर पात्र मछुआरा परिवार को ₹20,000। मई 2024 में यह ₹10,000 था।

बंदी कब होती है और पैसा कब आता है?

समुद्र में बंदी 15 अप्रैल से 14 जून (61 दिन) तक रहती है। सहायता मई के मध्य से अंत में आई है — 2026 में 19 मई को।

क्या मत्स्यकारुला सेवलो और मत्स्यकारा भरोसा एक ही हैं?

समाचारों में बंदी की इसी सहायता के लिए दोनों नाम चलते हैं। 2026 की घोषणाओं में मत्स्यकारुला सेवलो नाम इस्तेमाल हुआ है।

मैं छोटी बिना मोटर वाली नाव पर काम करता हूँ। क्या मुझे मिलेगा?

हाँ। पारंपरिक बिना मोटर वाली नावों पर बंदी नहीं है, पर मंत्री के अनुसार उनके मालिकों और मज़दूरों को भी सहायता मिलती है।

क्या ऑनलाइन फॉर्म भरना पड़ता है?

घोषणाओं में कहा गया है कि पैसा पात्र परिवारों के खाते में सीधे जाता है; ऑनलाइन फॉर्म का ज़िक्र नहीं है। अपने ज़िले के मत्स्य कार्यालय से पूछ लें कि आपका परिवार सूची में है या नहीं।

क्या उम्र या आमदनी की कोई सीमा है?

2026 की जो घोषणाएँ हम जाँच पाए, उनमें ऐसी कोई सीमा नहीं बताई गई। निजी वेबसाइटों पर दिखने वाले पुराने नियमों की किसी सरकारी स्रोत से पुष्टि नहीं हुई, इसलिए मत्स्य कार्यालय से पूछें।

तथ्य 4 अक्टूबर 2026 को fisheries.ap.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.