বাংলা কৃষি সেচ योজना (बंगला कृषि सेच योजना — BKSY)
पश्चिम बंगाल में छोटे-सीमांत किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर 100% तक सब्सिडी।
संचालक: कृषि विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार
- राज्य टॉप-अप
- PMKSY के 55% पर 45% और
- लाभान्वित किसान
- 2,42,757 (2018 से)
- कवर क्षेत्र
- 99,537 हेक्टेयर
- बजट
- ~₹25 करोड़ / वर्ष
परिचय
बंगला कृषि सेच योजना 2018 में केंद्र की PMKSY (Per Drop More Crop) योजना के ऊपर राज्य टॉप-अप के रूप में शुरू हुई। केंद्र माइक्रो-सिंचाई इकाई की लागत का 55% देता है; BKSY उसमें 45% राज्य सब्सिडी और जोड़ती है — यानी पात्र सीमांत किसानों को कुल 100% तक सहायता। पश्चिम बंगाल राज्य वाटरशेड विकास एजेंसी (WBSWDA) PMKSY और BKSY दोनों की नोडल एजेंसी है।
2026–27 के बजट तक योजना 99,537 हेक्टेयर क्षेत्र कवर कर चुकी है और शुरुआत से 2,42,757 किसानों तक पहुँची है — यह आँकड़ा आधिकारिक बजट भाषण में दिया गया। सालाना बजट करीब ₹25 करोड़ है। योजना दो तकनीकों पर टिकी है: ड्रिप सिंचाई (पाइप नेटवर्क से धीरे-धीरे पानी, लागत करीब ₹70,000 प्रति इकाई) और स्प्रिंकलर सिंचाई (बारिश जैसा छिड़काव, लागत करीब ₹20,000 प्रति इकाई)।
कम बारिश वाले इलाकों — जंगलमहल, पुरुलिया, बांकुड़ा और ऐसे ही ज़िलों — को प्राथमिकता मिलती है, जहाँ माइक्रो-सिंचाई की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। एक लाभार्थी 5 हेक्टेयर तक कवर कर सकता है।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- 2 हेक्टेयर तक ज़मीन वाले सीमांत किसानों को ड्रिप या स्प्रिंकलर पर 100% तक सब्सिडी।
- अन्य छोटे किसानों को 55% सब्सिडी, प्रति लाभार्थी 5 हेक्टेयर तक।
- ड्रिप सिस्टम (~₹70,000) या स्प्रिंकलर सिस्टम (~₹20,000) तकनीकी एजेंसी द्वारा लगाया जाता है।
- पुरुलिया, बांकुड़ा और जंगलमहल जैसे कम बारिश व सूखा-प्रवण ज़िलों को प्राथमिकता।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- पश्चिम बंगाल में खेती योग्य अपनी ज़मीन वाला किसान
- सीमांत किसान (2 हेक्टेयर तक) को पोर्टेबल स्प्रिंकलर पर 100% सब्सिडी
- अन्य छोटे किसानों को 55% सब्सिडी, 5 हेक्टेयर तक कवरेज
- ज़मीन ड्रिप या स्प्रिंकलर सिंचाई के लिए उपयुक्त हो
शामिल नहीं
- जिन किसानों ने उसी ज़मीन पर किसी अन्य राज्य योजना से पूरी माइक्रो-सिंचाई सब्सिडी पहले ले ली है
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- भू-अभिलेख / ज़मीन मालिकाना प्रमाण (RoR / पट्टा)
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक (IFSC सहित)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- कृषि विभाग में किसान पंजीकरण
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
कृषि विभाग में पंजीकरण कराएँ
अपने ब्लॉक के कृषि विकास अधिकारी या कृषि सहायक से संपर्क करें। बंगला सहायता केंद्र (BSK) और दुआरे सरकार कैंपों से भी पंजीकरण हो सकता है।
- 2
साइट सर्वे और मंजूरी
सरकार की एम्पैनल्ड एजेंसी ज़मीन का सर्वे करके ड्रिप या स्प्रिंकलर का डिज़ाइन बनाती है। ब्लॉक कार्यालय पात्रता और भूमि रिकॉर्ड जाँचता है।
- 3
इंस्टॉलेशन और सब्सिडी जारी
मंजूरी के बाद एजेंसी सिस्टम लगाती है। इंस्टॉलेशन जाँच के बाद सब्सिडी जारी होती है — 100% सब्सिडी वाले किसान को कुछ नहीं देना, 55% वाले को बाकी हिस्सा देना होता है।
अगर कुछ गड़बड़ हो
नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।
- इंस्टॉलेशन में देरी, सब्सिडी जारी न होना, या उपकरण की गुणवत्ता की समस्या हो तो ब्लॉक कृषि विकास अधिकारी और ज़िला कृषि अधिकारी के पास उठाएँ। WBSWDA नोडल एजेंसी है — ज़िले से हल न हो तो वहाँ बढ़ाएँ।
- विभाग से आगे, पश्चिम बंगाल CMO शिकायत पोर्टल (PGMS) cmo.wb.gov.in पर शिकायत करें। बंगला सहायता केंद्र (BSK) और दुआरे सरकार कैंप भी शिकायत दर्ज कराने में मदद करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या किसान को सच में कुछ नहीं देना होगा?
2 हेक्टेयर तक ज़मीन वाले सीमांत किसानों को पोर्टेबल स्प्रिंकलर पर 100% सब्सिडी मिलती है — उन्हें कुछ नहीं देना। अन्य किसानों को 55% सब्सिडी (PMKSY + BKSY मिलाकर) मिलती है, बाकी 45% ख़ुद देना होता है।
ड्रिप और स्प्रिंकलर में चुनाव कर सकते हैं?
हाँ, लेकिन फ़सल, ज़मीन और पानी के स्रोत पर निर्भर करता है। साइट सर्वे में एजेंसी बेहतर विकल्प बताती है। ड्रिप क़तार वाली फ़सलों के लिए अच्छा; स्प्रिंकलर खुली फ़सलों और सब्ज़ियों के लिए।
यह PMKSY से अलग है?
BKSY, PMKSY के Per Drop More Crop हिस्से पर राज्य का टॉप-अप है। PMKSY 55% देती है; BKSY 45% और जोड़ती है। आवेदन एक ही बार — दोनों सब्सिडी साथ प्रोसेस होती है।
एक किसान कितनी ज़मीन कवर कर सकता है?
प्रति लाभार्थी 5 हेक्टेयर तक। 100% सब्सिडी सिर्फ़ 2 हेक्टेयर या उससे कम ज़मीन वाले किसानों के लिए है।
किन ज़िलों को प्राथमिकता मिलती है?
कम बारिश वाले — जंगलमहल, पुरुलिया, बांकुड़ा और ऐसे ही सूखा-प्रवण ज़िले। लेकिन योजना पूरे राज्य में खुली है; प्राथमिकता सिर्फ़ आवेदन प्रोसेसिंग की गति पर असर डालती है।
उपकरण कौन लगाता है?
सरकार की एम्पैनल्ड एजेंसियाँ साइट सर्वे, डिज़ाइन, इंस्टॉलेशन और किसान प्रशिक्षण सब सँभालती हैं। किसान को अलग से उपकरण ख़रीदने की ज़रूरत नहीं।
तथ्य 26 सितंबर 2026 को matirkatha.net से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
