धान की सीधी बिजाई (DSR) पर प्रोत्साहन, पंजाब
जो किसान पौध रोपने की जगह धान सीधे खेत में बोते हैं, उन्हें पंजाब भूजल बचाने के लिए ₹1,500 प्रति एकड़ देता है।
संचालक: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंजाब सरकार
- प्रोत्साहन
- ₹1,500 प्रति एकड़
- बजट (खरीफ़ 2026)
- ₹40 करोड़
- लक्ष्य (खरीफ़ 2026)
- 5 लाख एकड़
- खरीफ़ 2025 में भुगतान
- ₹35.38 करोड़, 2.36 लाख एकड़
परिचय
पंजाब में भूजल नीचे जा रहा है, क्योंकि धान पानी भरे खेतों में उगाया जाता है। आम तरीक़े में नर्सरी में पौध तैयार होती है, खेत में पानी भरकर कीचड़ (पडलिंग) बनाई जाती है और हाथ से रोपाई होती है। धान की सीधी बिजाई (DSR, जिसे तर-वत्तर बिजाई भी कहते हैं) में बीज सीधे खेत में बोया जाता है। इससे कीचड़ बनाना और नर्सरी दोनों ख़त्म हो जाते हैं। कृषि मंत्री के मुताबिक़ इससे सिंचाई का पानी 15 से 20% कम लगता है और मज़दूरी का ख़र्च काफ़ी घटता है।
किसानों को DSR की ओर लाने के लिए राज्य ₹1,500 प्रति एकड़ देता है। यह फ़ैसला पंजाब मंत्रिमंडल ने मई 2022 में लिया था और बाद के मौसमों में, 2025 और 2026 समेत, इसे दोहराया गया है। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियाँ के मुताबिक़ खरीफ़ 2026 के लिए राज्य ने ₹40 करोड़ रखे हैं और लक्ष्य 5 लाख एकड़ का है।
मंत्री ने बताया कि खरीफ़ 2025 में 23,410 किसानों ने 2,35,899 एकड़ में DSR की और उनके बैंक खातों में ₹1,500 प्रति एकड़ की दर से ₹35.38 करोड़ से ज़्यादा भेजे गए। 2026 के लिए ऑनलाइन DSR पंजीकरण पोर्टल मई में खुला। फ़रीदकोट के मुख्य कृषि अधिकारी ने कहा कि आवेदन 15 जून तक लिए जाएँगे।
पंजीकरण और तारीख़ें हर मौसम बदलती हैं। पिछले मौसमों में किसान अपना आधार नंबर और ज़मीन का ब्योरा (ज़िला, तहसील, गाँव, खेवट व खसरा नंबर, और बोया रकबा) देते थे, और भुगतान से पहले खेत पर अधिकारी जाकर बिजाई की जाँच करते थे। इस मौसम की बिजाई की अवधि और शर्तों के लिए पोर्टल पर चालू नोटिस देखें।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- सीधी बिजाई वाले हर एकड़ पर ₹1,500, आपके बैंक खाते में।
- राज्य के मुताबिक़ सिंचाई का 15 से 20% पानी बचता है।
- न नर्सरी, न कीचड़ बनाना, न रोपाई — इसलिए मज़दूरी कम।
- भूजल का स्तर गिरने की रफ़्तार घटती है, जिस पर आपका अपना ट्यूबवेल टिका है।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- पंजाब का किसान, जो मौसम में धान की सीधी बिजाई करे।
- DSR पोर्टल पर पंजीकृत हो, और ज़मीन का ब्योरा राजस्व रिकॉर्ड से मेल खाता हो।
- रकबे की कृषि अधिकारी जाँच करते हैं। सिर्फ़ जाँचे गए रकबे का भुगतान होता है।
- हर मौसम की बिजाई की तारीख़ें और शर्तें विभाग के नोटिस में तय होती हैं।
शामिल नहीं
- जिस रकबे में रोपाई की गई, सीधी बिजाई नहीं।
- जो रकबा विभाग में पंजीकृत नहीं हुआ या जिसकी जाँच नहीं हुई।
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- आधार नंबर
- ज़मीन का ब्योरा: ज़िला, तहसील, गाँव, खेवट और खसरा नंबर
- सीधी बिजाई का रकबा (कनाल-मरला या बीघा-बिस्वा में)
- बैंक खाते का ब्योरा (भुगतान सीधे खाते में होता है)
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
बिजाई से पहले DSR पोर्टल पर पंजीकरण करें
agrisubsidy.agrimachinerypb.com पर जाकर DSR पंजीकरण खोलें। अपना आधार और ज़मीन का ब्योरा डालें। जल्दी पंजीकरण करें, क्योंकि हर मौसम की एक आख़िरी तारीख़ होती है।
- 2
सीधी बिजाई करें
बिजाई की अवधि और बीज उपचार के लिए कृषि विभाग की तकनीकी सलाह मानें। इस रकबे में रोपाई न करें।
- 3
खेत पर जाँच
कृषि अधिकारी आपके खेत पर आकर जाँचते हैं कि पंजीकृत रकबे में सीधी बिजाई हुई है।
- 4
पैसा पाएँ
जाँच के बाद जाँचे गए हर एकड़ पर ₹1,500 आपके बैंक खाते में भेजे जाते हैं।
अगर कुछ गड़बड़ हो
नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।
- पंजीकरण या भुगतान में दिक़्क़त हो तो अपने ज़िले के मुख्य कृषि अधिकारी या ब्लॉक कृषि अधिकारी से मिलें। पंजीकरण की रसीद और ज़मीन रिकॉर्ड साथ रखें।
- बात आगे बढ़ानी हो तो कनेक्ट पंजाब connect.punjab.gov.in, हेल्पलाइन 1100, या किसी सेवा केंद्र का उपयोग करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुझे कितना मिलता है?
धान की सीधी बिजाई वाले हर एकड़ पर ₹1,500, जैसा राज्य ने खरीफ़ 2026 के लिए दोहराया है।
क्या बिजाई से पहले पंजीकरण ज़रूरी है?
हाँ। भुगतान से पहले पोर्टल पर पंजीकरण होता है। 2026 की खिड़की 15 जून तक खुली थी, इसलिए मौसम की शुरुआत में ही पंजीकरण करें।
क्या मेरे बोए सारे एकड़ों का पैसा पक्का है?
नहीं। सिर्फ़ पंजीकृत और जाँचे गए रकबे का भुगतान होता है, और राज्य ने 2026 के लिए ₹40 करोड़ रखे हैं। पंजीकरण से ज़्यादा बोए रकबे का पैसा नहीं मिलेगा।
राज्य यह पैसा क्यों देता है?
भूजल बचाने के लिए। कृषि मंत्री के मुताबिक़ सीधी बिजाई से कीचड़ बनाना और नर्सरी का काम ख़त्म होता है और सिंचाई का पानी 15 से 20% कम लगता है।
पिछले साल के आँकड़े क्या थे?
खरीफ़ 2025 में 23,410 किसानों ने 2,35,899 एकड़ में DSR की और उन्हें ₹1,500 प्रति एकड़ की दर से ₹35.38 करोड़ से ज़्यादा मिले।
इस मौसम के सटीक नियम कहाँ मिलेंगे?
विभाग के DSR पोर्टल पर और ज़िले के मुख्य कृषि अधिकारी के नोटिस में। बिजाई की तारीख़ें, बीज की सलाह और आख़िरी तारीख़ हर मौसम में दी जाती है और बदल सकती है।
तथ्य 26 सितंबर 2026 को agrisubsidy.agrimachinerypb.com से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
