मुख्यमंत्री समग्र ग्राम्य उन्नयन योजना (CMSGUY)
गाँव स्तर पर ट्रैक्टर, ट्यूबवेल, मत्स्य तालाब और किसान प्रशिक्षण — असम में खेती की आय दोगुनी करने का मेगा-मिशन।
संचालक: मुख्यमंत्री समग्र ग्राम्य उन्नयन योजना सोसाइटी, असम सरकार
- ट्रैक्टर वितरित
- 9,135 (चरण 1)
- ट्रैक्टर सब्सिडी
- ~70% तक (अधिकतम ₹5.50 लाख)
- मत्स्य व्यय
- ₹121.55 करोड़ (GGPGGM)
- कब से
- वित्तीय वर्ष 2016–17
परिचय
CMSGUY 2016–17 में पाँच साल के मेगा-मिशन के रूप में शुरू हुई, जिसका लक्ष्य किसान आय दोगुना करने के राष्ट्रीय लक्ष्य से जुड़ा है। यह एक पंजीकृत सोसाइटी के ज़रिए चलती है जिसके तहत कई मिशन हैं — कृषि मशीनीकरण, सिंचाई, मत्स्यपालन और सम्बद्ध गतिविधियाँ — सब राजस्व गाँव स्तर पर सैचुरेशन मॉडल से।
ट्रैक्टर वितरण में सरकार ने पहले चरण में ₹454.53 करोड़ मूल्य के 9,135 ट्रैक्टर बाँटे — हर राजस्व गाँव में 8–10 वास्तविक किसानों के समूह को एक ट्रैक्टर सहायक उपकरणों सहित। सब्सिडी ट्रैक्टर लागत का करीब 70% — अधिकतम ₹5.50 लाख, न्यूनतम ₹3.84 लाख प्रति इकाई। संशोधित आवेदन फ़ॉर्म आधिकारिक CMSGUY पोर्टल पर उपलब्ध है।
मत्स्य शाखा "घरे घरे पुखुरी घरे घरे माछ" (हर घर में तालाब, हर घर में मछली) 2017–18 में ₹121.55 करोड़ के परियोजना व्यय से शुरू हुई। इसमें तालाब निर्माण, लगातार दो साल मछली बीज व चारा, और असम कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्रों व राहा मत्स्य महाविद्यालय से किसान प्रशिक्षण शामिल है। अन्य उप-योजनाओं में सोलर व इलेक्ट्रिक ट्यूबवेल वितरण और धान मिलिंग प्रोत्साहन शामिल हैं।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- ट्रैक्टर पर ~70% तक सब्सिडी — ₹3.84 से ₹5.50 लाख प्रति इकाई — 8–10 किसानों के समूह को प्रति राजस्व गाँव।
- बिना सिंचाई वाले गाँवों में सोलर और इलेक्ट्रिक ट्यूबवेल लगाए जाते हैं।
- "घरे घरे पुखुरी घरे घरे माछ" के तहत मत्स्य तालाब निर्माण, दो साल मछली बीज-चारा और प्रशिक्षण।
- धान मिलिंग प्रोत्साहन और चावल मिल स्थापना/उन्नयन सहायता।
- असम कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्रों और राहा मत्स्य महाविद्यालय से किसान प्रशिक्षण।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- वास्तविक किसान, असम का निवासी
- ट्रैक्टर के लिए: एक ही राजस्व गाँव के 8–10 वयस्क किसानों का समूह
- मत्स्यपालन के लिए: तालाब निर्माण योग्य ज़मीन वाला व्यक्तिगत किसान
- छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- आधार कार्ड
- भूमि दस्तावेज़ / मालिकाना प्रमाण
- बैंक पासबुक
- समूह गठन पत्र (ट्रैक्टर के लिए — 8–10 किसान समूह)
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
किसान समूह बनाएँ (ट्रैक्टर के लिए)
ट्रैक्टर के लिए एक ही राजस्व गाँव के 8–10 वास्तविक वयस्क किसान मिलकर समूह बनाते हैं और साथ आवेदन करते हैं। अकेले आवेदन स्वीकार नहीं होता।
- 2
ब्लॉक या CMSGUY पोर्टल से आवेदन
mmscmsguy.assam.gov.in से संशोधित आवेदन फ़ॉर्म डाउनलोड करें या ब्लॉक कृषि कार्यालय से लें। भूमि रिकॉर्ड, आधार और बैंक विवरण के साथ जमा करें।
- 3
सत्यापन और आवंटन
ब्लॉक अधिकारी समूह और भूमि रिकॉर्ड जाँचते हैं। चयनित समूहों को सब्सिडी वाली कीमत पर ट्रैक्टर सहायक उपकरणों सहित मिलता है। मत्स्यपालन में व्यक्तिगत लाभार्थी चुने जाते हैं और तालाब निर्माण शुरू होता है।
अगर कुछ गड़बड़ हो
नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।
- ट्रैक्टर आवंटन में देरी, मत्स्य इनपुट की समस्या, या सब्सिडी में अड़चन हो तो ज़िला कृषि अधिकारी या CMSGUY ज़िला सेल से संपर्क करें। CMSGUY सोसाइटी मुख्यालय तक पोर्टल mmscmsguy.assam.gov.in से पहुँचा जा सकता है।
- विभाग से आगे, असम सेवा सेतु sewasetu.assam.gov.in या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-345-3574 पर शिकायत दर्ज करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या एक किसान अकेले ट्रैक्टर के लिए आवेदन कर सकता है?
नहीं। ट्रैक्टर के लिए एक ही राजस्व गाँव के 8–10 वास्तविक वयस्क किसानों का समूह चाहिए। ट्रैक्टर समूह को मिलता है, व्यक्ति को नहीं।
किसान समूह को ट्रैक्टर के लिए कितना देना पड़ता है?
सब्सिडी ₹3.84 से ₹5.50 लाख (लागत का करीब 70%) कवर करती है। समूह बाकी 30% देता है — सभी सदस्यों में बँटता है।
"घरे घरे पुखुरी घरे घरे माछ" क्या है?
इसका मतलब है "हर घर में तालाब, हर घर में मछली" — CMSGUY के तहत मत्स्यपालन उप-योजना। इसमें तालाब निर्माण, दो साल मछली बीज-चारा, और किसान प्रशिक्षण मिलता है ताकि स्थानीय मछली उत्पादन और ग्रामीण रोज़गार बढ़े।
क्या योजना 2022 के बाद भी चल रही है?
CMSGUY मूल रूप से 2016–17 से 2021–22 के लिए थी। आधिकारिक पोर्टल और उप-योजनाएँ — ट्रैक्टर वितरण, मत्स्य सहायता — अभी भी चल रही हैं, संशोधित आवेदन फ़ॉर्म mmscmsguy.assam.gov.in पर उपलब्ध हैं।
किसान प्रशिक्षण कौन देता है?
प्रशिक्षण असम कृषि विश्वविद्यालय, जोरहाट के कृषि विज्ञान केंद्रों और राहा के मत्स्य महाविद्यालय से मिलता है — निजी एजेंसियों से नहीं।
क्या ट्रैक्टर और मत्स्य सहायता दोनों मिल सकती हैं?
ये अलग-अलग उप-योजनाएँ हैं, अलग आवेदन। पात्र किसान एक से ज़्यादा घटक का लाभ ले सकता है, लेकिन हर एक की अपनी चयन प्रक्रिया है।
क्या ट्यूबवेल भी मिलता है?
हाँ। CMSGUY में सोलर और इलेक्ट्रिक हाइब्रिड ट्यूबवेल का वितरण और स्थापना शामिल है — बिना सिंचाई वाले गाँवों के लिए।
तथ्य 26 सितंबर 2026 को mmscmsguy.assam.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
