असम दूध प्रोत्साहन योजना — डेयरी किसानों को ₹5 प्रति लीटर अनुदान
डेयरी सहकारी समिति के ज़रिए दिए हर लीटर दूध पर ₹5, प्रति किसान रोज़ 30 लीटर या महीने में 900 लीटर तक।
संचालक: डेयरी विकास निदेशालय, असम सरकार
- प्रोत्साहन
- ₹5 प्रति लीटर
- प्रति किसान सीमा
- रोज़ 30 लीटर, महीने में 900 लीटर
- मासिक अधिकतम भुगतान
- ₹4,500
- शुरुआत
- 20 जुलाई 2025
परिचय
असम की दूध प्रोत्साहन योजना उन डेयरी किसानों को ₹5 प्रति लीटर देती है जो पंजीकृत डेयरी सहकारी समितियों (DCS) या पंजीकृत किसान संगठनों के ज़रिए राज्य की तय दूध प्रसंस्करण इकाइयों को दूध देते हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इसे 20 जुलाई 2025 को शुरू किया (नॉर्थईस्ट न्यूज़)।
विभाग के अपने योजना पेज पर कारण दिया गया है। असम अपने डेयरी क्षेत्र को संगठित करना और उत्पादन की ऊँची लागत की भरपाई करके स्थानीय उत्पादकों को दूसरे राज्यों से आने वाले सस्ते दूध का मुक़ाबला करने में मदद देना चाहता है। साथ ही किसानों को संगठित क्षेत्र में लाना, समितियों का कामकाज सुधारना, राज्य का दूध उत्पादन बढ़ाना और प्रसंस्करण मज़बूत करना भी लक्ष्य हैं।
प्रोत्साहन प्रति किसान रोज़ 30 लीटर या महीने में 900 लीटर तक सीमित है, इसलिए एक महीने की सबसे बड़ी रकम ₹4,500 होती है। पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से किसान को मिलता है (21 जुलाई 2025 की आकाशवाणी रिपोर्ट)। करीब 600 सहकारी समितियों से जुड़े लगभग 20,000 किसानों को लाभ की उम्मीद थी, और 2025-26 के लिए ₹10 करोड़ बताए गए। सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट में योजना को जून 2025 से लागू और चालू बताया गया।
प्रोत्साहन के साथ राज्य ने गुवाहाटी के पंजाबाड़ी में वेस्ट असम मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन के प्लांट के ₹104 करोड़ के विस्तार की भी घोषणा की, जो राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ बना है और प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाएगा।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- डेयरी सहकारी समिति या किसान संगठन के ज़रिए दिए दूध पर ₹5 प्रति लीटर।
- प्रति किसान रोज़ 30 लीटर या महीने में 900 लीटर तक — महीने में ₹4,500 तक।
- डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से किसान के बैंक खाते में भुगतान।
- स्थानीय दूध उत्पादकों को दूसरे राज्यों के सस्ते दूध का मुक़ाबला करने में मदद।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- असम सहकारी समिति अधिनियम, 2007 के तहत पंजीकृत चालू डेयरी सहकारी समिति — या पंजीकृत किसान संगठन — का दूध देने वाला सदस्य
- समिति या संगठन असम की तय दूध प्रसंस्करण इकाई को दूध देता हो
- चालू वैध बैंक खाता
- वैध, चालू मोबाइल नंबर
- वैध आधार कार्ड
शामिल नहीं
- पंजीकृत सहकारी समिति या किसान संगठन के बाहर, निजी तौर पर बेचे गए दूध पर प्रोत्साहन नहीं मिलता।
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- आधार कार्ड
- चालू बैंक खाते का विवरण
- चालू मोबाइल नंबर
- डेयरी सहकारी समिति या किसान संगठन की सदस्यता का प्रमाण
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
अपनी डेयरी सहकारी समिति जाँचें या उसमें जुड़ें
पक्का करें कि आप किसी चालू, पंजीकृत डेयरी सहकारी समिति (या पंजीकृत किसान संगठन) के सदस्य हैं, जो तय प्रसंस्करण इकाई को दूध देती है।
- 2
अपने विवरण तैयार रखें
आपका आधार, बैंक खाता और चालू मोबाइल नंबर समिति में दर्ज होना चाहिए।
- 3
समिति के ज़रिए दूध दें
अपना दूध समिति के ज़रिए दें। प्रोत्साहन वहाँ दर्ज लीटरों के आधार पर गिना जाता है।
- 4
खाते में प्रोत्साहन पाएँ
प्रोत्साहन DBT से जमा होता है। मासिक रकम को समिति में दर्ज लीटरों से मिलाकर देखें, 900 लीटर तक।
अगर कुछ गड़बड़ हो
नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।
- पहले अपनी डेयरी सहकारी समिति के सचिव से, फिर डेयरी विकास निदेशालय, असम सरकार (dairy.assam.gov.in) से संपर्क करें।
- आगे शिकायत के लिए सेवा सेतु: sewasetu.assam.gov.in या 1800-345-3574 पर कॉल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रति लीटर कितना मिलता है?
₹5 प्रति लीटर, रोज़ 30 लीटर या महीने में 900 लीटर तक।
एक महीने में अधिकतम कितना मिल सकता है?
महीने में ₹4,500 — 900 लीटर पर ₹5 प्रति लीटर।
अगर मैं दूध किसी व्यापारी को बेचूँ तो क्या मिलेगा?
नहीं। प्रोत्साहन पंजीकृत डेयरी सहकारी समिति या पंजीकृत किसान संगठन के ज़रिए असम की तय प्रसंस्करण इकाई को दिए दूध पर है।
क्या ऑनलाइन आवेदन होता है?
विभाग के पेज पर ऑनलाइन आवेदन का वर्णन नहीं है। किसान अपनी सहकारी समिति के ज़रिए जुड़ते हैं, इसलिए अपनी समिति के सचिव से शुरुआत करें।
पैसा कैसे मिलता है?
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से आपके बैंक खाते में। आपका आधार और मोबाइल नंबर चालू होना चाहिए।
क्या 2026 में योजना चालू है?
हाँ — सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट इसे जून 2025 से लागू और चालू बताती है। विभाग का पेज बजट या अंतिम तारीख नहीं बताता, इसलिए मौजूदा साल के लिए निदेशालय से पूछें।
इसे क्यों शुरू किया गया?
असम के डेयरी किसानों को राज्य के बाहर के सस्ते दूध का मुक़ाबला करने में मदद देने और ज़्यादा किसानों को संगठित सहकारी क्षेत्र में लाने के लिए।
तथ्य 4 अक्टूबर 2026 को dairy.assam.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
