हरियाणा बागवानी फसलों की खेती के लिए अनुदान प्रावधान
फलों के बाग, सब्ज़ी, फूल, मसाले और सुगंधित पौधों पर प्रति एकड़ ₹1.4 लाख तक अनुदान — फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए।
संचालक: बागवानी विभाग, हरियाणा सरकार
- अधिकतम दर
- प्रति एकड़ ₹1.4 लाख तक (बाग)
- सब्ज़ी (सामान्य / अनुसूचित जाति)
- ₹15,000 / ₹25,500 प्रति एकड़
- क्षेत्र सीमा
- 5 एकड़ तक (SC सब्ज़ी: 1 एकड़)
- आवेदन कहाँ
- मेरी फसल-मेरा ब्योरा और हॉर्टनेट
परिचय
हरियाणा ने 29 सितंबर 2026 को बागवानी फसलों की खेती के लिए नया अनुदान शुरू किया (द ट्रिब्यून), जिसका मकसद फसल विविधीकरण है। यह फल, सब्ज़ी, फूल, मसाले और सुगंधित पौधे उगाने पर प्रति एकड़ मिलता है, और इसे राज्य का बागवानी विभाग चलाता है।
दर फसल पर निर्भर है। फलों के बाग पर प्रति एकड़ ₹24,500 से ₹1.4 लाख, सामान्य श्रेणी के सब्ज़ी किसानों को ₹15,000 प्रति एकड़, और अनुसूचित जाति के सब्ज़ी किसानों को ₹25,500 प्रति एकड़ मिलता है। मसालों पर ₹15,000 से ₹30,000, फूलों पर ₹8,000 से ₹40,000 और सुगंधित पौधों पर ₹8,000 प्रति एकड़।
क्षेत्र की सीमाएँ हैं। फल के बाग, मसाले, फूल और सुगंधित पौधे 5 एकड़ तक, और सामान्य श्रेणी के सब्ज़ी किसान भी 5 एकड़ तक कवर होते हैं। पर अनुसूचित जाति के किसान सब्ज़ी में ऊँची दर ₹25,500 पर 1 एकड़ तक कवर होते हैं।
अनुदान बेहतर खेती के तरीक़ों से जुड़ा है। किसानों से मल्चिंग, ड्रिप सिंचाई, लो टनल या बाँस की स्टेकिंग जैसी एकीकृत खेती अपनाने की अपेक्षा है। आवेदन मेरी फसल-मेरा ब्योरा और हॉर्टनेट पोर्टल से होते हैं।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- फलों के बाग: फल की फसल के अनुसार प्रति एकड़ ₹24,500 से ₹1.4 लाख।
- सब्ज़ी: प्रति एकड़ ₹15,000 (सामान्य), ₹25,500 (अनुसूचित जाति के किसान)।
- मसाले: ₹15,000 से ₹30,000 प्रति एकड़। फूल: ₹8,000 से ₹40,000 प्रति एकड़। सुगंधित पौधे: ₹8,000 प्रति एकड़।
- उपज बढ़ाने वाले आधुनिक तरीक़ों — मल्चिंग, ड्रिप सिंचाई, लो टनल, बाँस की स्टेकिंग — को सहारा।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- हरियाणा का किसान जो फलों के बाग, सब्ज़ी, फूल, मसाले या सुगंधित पौधे उगाता हो
- मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत, मान्य परिवार पहचान पत्र (PPP) के साथ
- क्षेत्र सीमा के भीतर — हर फसल समूह में 5 एकड़ तक; अनुसूचित जाति के सब्ज़ी किसान 1 एकड़ तक
- मल्चिंग, ड्रिप सिंचाई, लो टनल या बाँस की स्टेकिंग जैसे एकीकृत तरीक़े अपनाने वाला
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- परिवार पहचान पत्र (PPP)
- बैंक खाते का विवरण
- अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र (SC सब्ज़ी की ऊँची दर के लिए)
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर पंजीकरण करें
परिवार पहचान पत्र से मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी ज़मीन और फसल का ब्योरा दर्ज करें।
- 2
हॉर्टनेट पर आवेदन करें
बागवानी विभाग के हॉर्टनेट पोर्टल पर फसल और क्षेत्र चुनकर अनुदान के लिए आवेदन करें।
- 3
दस्तावेज़ अपलोड करें
PPP, बैंक विवरण और लागू हो तो SC प्रमाण पत्र दें।
- 4
ज़रूरी तरीक़ों से बुवाई/रोपण करें
फसल की ज़रूरत के हिसाब से मल्चिंग, ड्रिप सिंचाई, लो टनल या बाँस की स्टेकिंग अपनाएँ। फोटो और बिल सँभालकर रखें।
- 5
सत्यापन के बाद अनुदान
अनुदान जारी होने से पहले विभाग आपके रोपण की जाँच करता है। किस्तों की जानकारी अपने बागवानी विकास अधिकारी से लें।
अगर कुछ गड़बड़ हो
नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।
- पहले अपने बागवानी विकास अधिकारी या ज़िले के उप-निदेशक (बागवानी) से मिलें।
- आगे शिकायत के लिए हरियाणा सीएम विंडो: cmharyanacell.nic.in का इस्तेमाल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कितना अनुदान मिल सकता है?
फसल के अनुसार: फलों के बाग पर ₹1.4 लाख प्रति एकड़ तक, सामान्य सब्ज़ी पर ₹15,000, SC सब्ज़ी किसानों को ₹25,500, मसालों पर ₹15,000–₹30,000, फूलों पर ₹8,000–₹40,000 और सुगंधित पौधों पर ₹8,000।
कितने एकड़ तक कवर होता है?
बाग, मसाले, फूल, सुगंधित पौधे और सामान्य सब्ज़ी किसानों के लिए 5 एकड़ तक। अनुसूचित जाति के सब्ज़ी किसान 1 एकड़ तक कवर होते हैं।
SC सब्ज़ी की दर ज़्यादा पर क्षेत्र कम क्यों है?
SC सब्ज़ी किसानों को ₹15,000 के मुक़ाबले ₹25,500 प्रति एकड़ मिलता है, पर सामान्य श्रेणी के 5 एकड़ के मुक़ाबले सिर्फ़ 1 एकड़ तक।
क्या ड्रिप सिंचाई अनिवार्य है?
योजना में मल्चिंग, ड्रिप सिंचाई, लो टनल या बाँस की स्टेकिंग जैसे एकीकृत तरीक़ों की अपेक्षा है। कौन-सा लागू होगा यह फसल पर निर्भर है, अपने बागवानी विकास अधिकारी से पूछें।
आवेदन कहाँ करें?
मेरी फसल-मेरा ब्योरा और हॉर्टनेट पोर्टल पर। परिवार पहचान पत्र और बैंक विवरण चाहिए।
₹1.4 लाख की दर किस फल पर मिलती है?
रिपोर्ट में फलों के बाग के लिए सिर्फ़ दायरा, ₹24,500 से ₹1.4 लाख प्रति एकड़, दिया गया है। फसलवार दर बागवानी विभाग प्रकाशित करता है — रोपण से पहले अपने फल की सटीक रकम जाँच लें।
तथ्य 4 अक्टूबर 2026 को hortharyana.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
