मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना (MBBY)
बागवानी फसलों का बीमा — किसान बीमित राशि का सिर्फ 2.5% प्रीमियम देता है, बाकी राज्य देता है, और फसल नुकसान पर ₹30,000–₹40,000 प्रति एकड़ मुआवज़ा मिलता है।
संचालक: बागवानी विभाग, हरियाणा सरकार
- किसान प्रीमियम
- सिर्फ 2.5%
- सब्ज़ी/मसाला मुआवज़ा
- ₹30,000/एकड़
- फल मुआवज़ा
- ₹40,000/एकड़
- कवर फसलें
- 21 सब्ज़ी/मसाले + 20 फल
परिचय
हरियाणा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) गेहूँ-धान जैसी खेती की फसलों को कवर करती है, लेकिन सब्ज़ी, फल और मसाले उगाने वाले बागवानी किसानों के पास ऐसा कोई सुरक्षा कवच नहीं था। राज्य सरकार ने यह कमी मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना (MBBY) से पूरी की, जिसे 22 सितंबर 2021 को हरियाणा कैबिनेट ने मंजूर किया और बागवानी विभाग चलाता है।
MBBY में किसान बीमित राशि का सिर्फ 2.5% प्रीमियम देता है — बाकी राज्य सरकार वहन करती है। अगर अधिसूचित प्राकृतिक आपदा — बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, पाला, बाढ़, कीट या रोग का प्रकोप — बीमित फसल को नुकसान पहुँचाती है, तो किसान को सब्ज़ियों और मसालों के लिए ₹30,000 प्रति एकड़ और फलों के लिए ₹40,000 प्रति एकड़ मुआवज़ा मिलता है। योजना फ़िलहाल 21 सब्ज़ी/मसाला फसलों और 20 फल फसलों को कवर करती है।
नामांकन के लिए किसान को पहले मेरी फसल मेरा ब्यौरा (MFMB) पोर्टल पर अपनी फसल और ज़मीन का ब्यौरा दर्ज करना होता है। फिर हर फसल की अधिसूचित बुवाई खिड़की में MBBY पोर्टल (mbby.hortharyana.gov.in) पर नामांकन खुलता है। दावों का आकलन ज़िला प्रशासन द्वारा फसल नुकसान की रिपोर्ट के बाद एक समिति करती है। मुआवज़ा सीधे MFMB पर जुड़े किसान के बैंक खाते में जमा होता है।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- किसान सिर्फ 2.5% प्रीमियम देता है — बाकी राज्य सरकार देती है।
- अधिसूचित आपदा से फसल नुकसान पर सब्ज़ियों और मसालों के लिए ₹30,000 प्रति एकड़ मुआवज़ा।
- फल फसलों के लिए ₹40,000 प्रति एकड़ मुआवज़ा।
- 21 सब्ज़ी/मसाला फसलें और 20 फल फसलें कवर — टमाटर, प्याज़, आलू, गोभी, फूलगोभी, आम, अमरूद, मिर्च, हल्दी, धनिया समेत।
- मुआवज़ा सीधे मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर दर्ज बैंक खाते में जमा होता है।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- हरियाणा का किसान जो MBBY में शामिल बागवानी फसल उगा रहा हो
- मेरी फसल मेरा ब्यौरा (MFMB) पोर्टल पर फसल और ज़मीन का ब्यौरा दर्ज हो
- अधिसूचित बुवाई खिड़की में MBBY पोर्टल (mbby.hortharyana.gov.in) पर नामांकन हो
- जितनी ज़मीन पर फसल बोई है उतने एकड़ का बीमा करा सकता है
शामिल नहीं
- खेती की फसलें (गेहूँ, धान, सरसों आदि) — वे PMFBY में आती हैं, MBBY में नहीं
- मौजूदा सीज़न की MBBY अधिसूचित सूची में न शामिल फसलें
- अधिसूचित प्राकृतिक आपदा के अलावा अन्य कारणों से नुकसान (जैसे बाज़ार भाव गिरना, चोरी)
- मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकृत न हो
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- आधार कार्ड
- मेरी फसल मेरा ब्यौरा (MFMB) पंजीकरण आईडी
- भूमि रिकॉर्ड (खाता/खसरा या लीज़ एग्रीमेंट)
- बैंक खाता विवरण (MFMB पर जुड़ा हुआ)
- MFMB पर घोषित फसल बुवाई विवरण
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकरण करें
fasal.haryana.gov.in पर जाएँ और अपनी बागवानी फसल, ज़मीन का ब्यौरा और बैंक खाता दर्ज करें। यह ज़रूरी है — MBBY आपका डेटा यहीं से लेती है।
- 2
MBBY पोर्टल पर नामांकन करें
अपनी फसल की अधिसूचित बुवाई खिड़की में mbby.hortharyana.gov.in पर जाकर नामांकन करें। 2.5% प्रीमियम ऑनलाइन भरें। नामांकन रसीद संभालें।
- 3
फसल नुकसान की सूचना दें
अगर अधिसूचित आपदा से फसल को नुकसान हो, तो दावा खिड़की में खंड बागवानी अधिकारी को या MBBY पोर्टल पर सूचित करें। ज़िला प्रशासन नुकसान की जाँच करता है।
- 4
आकलन और मुआवज़ा
एक समिति फसल नुकसान का आकलन करती है। मंजूरी मिलने पर ₹30,000/एकड़ (सब्ज़ी/मसाले) या ₹40,000/एकड़ (फल) सीधे MFMB पर जुड़े बैंक खाते में जमा होता है।
अगर कुछ गड़बड़ हो
नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।
- नामांकन में दिक्कत, प्रीमियम भुगतान न हो पाना, या फसल नुकसान की सूचना के बाद दावा प्रक्रिया न चलना — पहले खंड बागवानी अधिकारी से बात करें, फिर ज़िला बागवानी अधिकारी तक बढ़ाएँ। MBBY नामांकन नंबर और MFMB पंजीकरण आईडी संभालकर रखें।
- विभाग से आगे, हरियाणा CM विंडो पोर्टल (cmwindow.haryana.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें या CM विंडो हेल्पलाइन 1800-180-2128 (टोल-फ्री) पर कॉल करें। शिकायत रेफ़रेंस नंबर से ट्रैक करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
MBBY में कौन-कौन सी फसलें आती हैं?
फ़िलहाल 21 सब्ज़ी और मसाला फसलें (टमाटर, प्याज़, आलू, गोभी, फूलगोभी, मिर्च, हल्दी, धनिया समेत) और 20 फल फसलें (आम, अमरूद, नींबू-वर्गीय फल समेत)। हर सीज़न की सटीक सूची MBBY पोर्टल पर अधिसूचित होती है।
किसान को कितना प्रीमियम देना होता है?
बीमित राशि का 2.5%। बाकी प्रीमियम राज्य सरकार देती है। उदाहरण: सब्ज़ी फसल पर ₹30,000 प्रति एकड़ बीमित राशि पर किसान ₹750 प्रति एकड़ देता है।
क्या MBBY और PMFBY एक ही हैं?
नहीं। PMFBY केंद्र सरकार की योजना है जो गेहूँ, धान, सरसों जैसी खेती की फसलों को कवर करती है। MBBY हरियाणा राज्य की योजना है जो सिर्फ बागवानी — सब्ज़ी, फल, मसाले — के लिए है, जो PMFBY में शामिल नहीं हैं।
क्या मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पहले पंजीकरण ज़रूरी है?
हाँ। MBBY नामांकन के लिए MFMB पर आपकी फसल और ज़मीन का ब्यौरा दर्ज होना ज़रूरी है। पहले fasal.haryana.gov.in पर पंजीकरण करें, फिर MBBY पोर्टल पर जाएँ।
किस तरह का नुकसान कवर होता है?
अधिसूचित प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान — बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, पाला, बाढ़, कीट या रोग का प्रकोप। बाज़ार भाव गिरना, चोरी, या ग़ैर-अधिसूचित कारणों से नुकसान कवर नहीं है।
मुआवज़ा कैसे तय होता है?
सब्ज़ियों और मसालों के लिए ₹30,000 प्रति एकड़, फलों के लिए ₹40,000 प्रति एकड़ — ये तय दरें हैं। समिति देखती है कि नुकसान सीमा पूरी होती है या नहीं; अगर होती है तो बीमित रकबे पर पूरी दर लागू होती है।
नामांकन कब कर सकते हैं?
हर फसल की अधिसूचित बुवाई खिड़की में नामांकन खुलता है। mbby.hortharyana.gov.in पर मौजूदा सीज़न की तारीखें देखें — खिड़की बंद हो गई तो उस सीज़न में उस फसल का बीमा नहीं हो सकता।
तथ्य 26 सितंबर 2026 को mbby.hortharyana.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
