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सेबसभी सीज़नमूलवृंत पर कलमी पौधअपडेट किया गया 27 सितंबर 2026

Red Delicious

गहरे-लाल, पाँच-उभारदार फल, हल्के मीठे गूदे सहित। इसकी स्पोर्ट्स (रॉयल डेलिशस, सुपर चीफ़, स्टार्किंग) बेहतर रंग देती पर बुनियादी आनुवंशिकी वही।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधि4–6 साल में पहला फलन (कलमी)
अपेक्षित उपजउच्च (व्यावसायिक मानक)
उपयुक्त मिट्टीगहरी, अच्छी जल-निकासी शीतोष्ण बाग़ दोमट; pH 5.5–6.5

ज़रूरी तथ्य

फसल
सेब
प्रकार
मूलवृंत पर कलमी पौध
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
4–6 साल में पहला फलन (कलमी)
अपेक्षित उपज
उच्च (व्यावसायिक मानक)
उपयुक्त मिट्टी
गहरी, अच्छी जल-निकासी शीतोष्ण बाग़ दोमट; pH 5.5–6.5
जारी
1900 के दशक की शुरुआत में USA से भारत में लाई गई; भारतीय रिलीज़ नहीं

इस किस्म के बारे में

रेड डेलिशस वह किस्म है जिसने भारत में व्यावसायिक सेब उत्पादन असल में शुरू किया। बीसवीं सदी की शुरुआत में कश्मीर घाटी व शिमला पहाड़ियों में लाई गई, इसने पुरानी अंबरी व स्थानीय बीज-पौध बाग़ानों को हटाया और अब भी भारत के लगभग 3,00,000 हेक्टेयर सेब क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा रखती। फल तुरंत पहचानने योग्य — गहरा लाल, लंबा-शंक्वाकार, तले पर पाँच अलग उभार, और हल्का मीठा, कम-अम्ल गूदा। यह पकाने का सेब नहीं और सख़्त-गूदा किस्मों जितना अच्छा भंडारण नहीं करता, पर यही वह आधार-रेखा बनी हुई है जिसके मुक़ाबले हर अन्य भारतीय सेब किस्म व्यावसायिक रूप से मापी जाती। इसकी स्पोर्ट उत्परिवर्तन (रॉयल डेलिशस, सुपर चीफ़, स्टार्किंग, रेड चीफ़) आनुवंशिक रूप से वही पेड़ हैं बस बेहतर रंग-विकास सहित, नई रोपाइयों में मूल रेड डेलिशस को काफ़ी हद तक बदल चुकी पर वही स्कैब-संवेदनशीलता व छिड़काव-निर्भरता लिए।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारमूलवृंत पर कलमी पौध
    अवधि4–6 साल में पहला फलन (कलमी)
    उपज क्षमताउच्च (व्यावसायिक मानक)
    रोग-प्रतिरोधकोई स्कैब-प्रतिरोध नहीं — पूरी तरह छिड़काव कार्यक्रम पर निर्भर
    मिट्टीगहरी, अच्छी जल-निकासी शीतोष्ण बाग़ दोमट; pH 5.5–6.5
    सीज़नसभी सीज़न

बुवाई व खेती

  • दूरी8 × 4 मी (परंपरागत, ~125 पेड़/एकड़); 3.5 × 1.5 मी (उच्च-घनत्व M9 ट्रेलिस, ~1,000 पेड़/एकड़)
  • उर्वरकप्रति फलदार पेड़ प्रति वर्ष 500–700 ग्राम N, 250–350 ग्राम P₂O₅, 500–700 ग्राम K₂O, फसल-गाइड अनुसूची अनुसार बाँटा

मिट्टी व जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
गहरी, अच्छी जल-निकासी दोमट; pH 5.5–6.5

उपज व अवधि

पकने की अवधि

4–6 साल में पहला फलन (कलमी)

अपेक्षित उपज

उच्च (व्यावसायिक मानक)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

मुख्य कीट

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • व्यावसायिक मानक — ख़रीदार, व्यापारी व कोल्ड-चेन संचालक इसे जानते व भरोसेमंद दाम लगाते।
  • भारतीय सेब-उगाने वाली ऊँचाइयों व मूलवृंतों की पूरी रेंज में सिद्ध प्रदर्शन।
  • इसकी स्पोर्ट्स शेष बाग़ प्रणाली में किस्म-बदलाव बिना उत्तरोत्तर बेहतर रंग देती।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • सेब स्कैब को पूरी तरह संवेदनशील — पूरे-सीज़न छिड़काव कार्यक्रम अनिवार्य।
  • फल-गुणवत्ता व भंडारण-अवधि गाला या फ़ूजी जैसी सख़्त-गूदा आधुनिक किस्मों से कम।
  • स्व-असंगत — संगत परागणकर्ता किस्म (गोल्डन डेलिशस आमतौर प्रयुक्त) व मधुमक्खी गतिविधि चाहिए।

उपयुक्त क्षेत्र

मूल अमेरिकी किस्म जो अब भी भारतीय सेब उत्पादन की रीढ़ है, कश्मीर (शोपियाँ, पुलवामा, बारामूला, कुपवाड़ा) व हिमाचल प्रदेश (शिमला, कुल्लू, किन्नौर) की पूरी ऊँचाई पट्टी भर उगाई जाती।

  • जम्मू और कश्मीर
  • हिमाचल प्रदेश

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या रेड डेलिशस और रॉयल डेलिशस एक ही हैं?

रॉयल डेलिशस रेड डेलिशस की स्पोर्ट (प्राकृतिक रंग-उत्परिवर्तन) है — आनुवंशिक रूप से वही पेड़ फल पर बेहतर लाल-रंग विकास सहित। दोनों में वही स्कैब-संवेदनशीलता, बढ़वार आदत व मूलवृंत-संगतता।

स्रोत: NHB Indian Horticulture Database — Apple statistics, SKUAST-Kashmir apple variety recommendations. संपादकीय नीति.