VTLAH-1
CPCRI का बौना संकर (हिरेहल्ली बौना x सुमंगला), मज़बूत तने और कम फैली छतरी के साथ, कर्नाटक के सिंचित बाग़ों के लिए। उपज ऊँची किस्मों से कम है (सुमंगला के 3.28 किग्रा के मुक़ाबले 2.54 किग्रा) और आर्थिक उम्र 30 साल तक।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- सुपारी
- प्रकार
- बौना हाइब्रिड पौध
- सीज़न
- सभी सीज़न
- फल कब से
- रोपाई के 45 महीने बाद पहले फूल (CPCRI)
- बीज दर
- खेत में बीज नहीं, हर गड्ढे में नर्सरी का एक पौधा। बौनी किस्में और संकर 2.2 x 2.2 मी पर लग सकते हैं, यानी लगभग 2,070 पेड़ प्रति हेक्टेयर (DASD)। सिर्फ़ असली संकर पौधे ख़रीदिए।
- अपेक्षित उपज
- 2.54 किग्रा सूखी गिरी/पेड़/साल (3,100–3,400 किग्रा/हेक्टेयर); संभावित 3.20 किग्रा
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जलवायु
- सुपारी समुद्र तल से लगभग 1,000 मी की ऊँचाई तक उगाई जा सकती है (DASD)।
- रोग-प्रतिरोध
- CPCRI के परीक्षणों में कोई बड़ा रोग या कीट नहीं दिखा; जहाँ फल सड़न आम है वहाँ बचाव कीजिए
- जारी
- CPCRI की संस्थान अनुसंधान परिषद ने 2004 में और ब्रह्मावर की क्षेत्रीय अनुसंधान और प्रसार समूह बैठक ने 2007 में जारी करने की सिफ़ारिश की
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।
इस किस्म के बारे में
VTLAH-1 सुपारी का बौना संकर है, जिसे विट्टल के ICAR-केंद्रीय रोपण फसल अनुसंधान संस्थान (CPCRI), क्षेत्रीय केंद्र ने हिरेहल्ली बौना (VTL 56) को मादा जनक और सुमंगला को नर जनक बनाकर तैयार किया। CPCRI की संस्थान अनुसंधान परिषद ने 2004 में और ब्रह्मावर की क्षेत्रीय समूह बैठक ने 2007 में कर्नाटक के सुपारी इलाक़ों के लिए इसकी सिफ़ारिश की। पेड़ बौना है, तना मज़बूत, गाँठें पास-पास, छतरी आंशिक रूप से झुकी और कम फैली। सुपारी पीली, मध्यम आकार की और गोल से अंडाकार है, चाली की रिकवरी ज़्यादा और उपज जल्दी जमने वाली। फूल 45 महीने पर शुरू होते हैं। परीक्षण का औसत 2.54 किग्रा सूखी गिरी प्रति पेड़ प्रति साल (3,100 से 3,400 किग्रा प्रति हेक्टेयर) और संभावित 3.20 किग्रा है, जो ऊँची किस्मों से कम है। आर्थिक उपज 30 साल तक रह सकती है। CPCRI इसे सिंचित हालत के लिए सुझाता है।
क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?
बौना पेड़ कम उपज की क़ीमत पर भी चाहिए, तभी VTLAH-1 चुनिए। CPCRI के परीक्षण का औसत 2.54 किग्रा सूखी गिरी प्रति पेड़ (3,100 से 3,400 किग्रा प्रति हेक्टेयर) है, जबकि इसकी एक जनक सुमंगला का 3.28 किग्रा (3,900 से 4,350 किग्रा) है। 2.2 x 2.2 मी की पास की रोपाई भी CPCRI के प्रति हेक्टेयर आँकड़ों में यह अंतर नहीं भरती। ऊँची किस्मों के बराबर या ज़्यादा उपज का पुराना दावा आँकड़ों से सिद्ध नहीं होता, इसलिए हमने उसे हटा दिया है। सिर्फ़ असली संकर पौधे ख़रीदिए, क्योंकि बीज हिरेहल्ली बौना और सुमंगला के क्रॉस से बनता है। CPCRI इसे कर्नाटक के सिंचित बाग़ों के लिए सुझाता है।
बुवाई और खेती
- बीज दरखेत में बीज नहीं, हर गड्ढे में नर्सरी का एक पौधा। बौनी किस्में और संकर 2.2 x 2.2 मी पर लग सकते हैं, यानी लगभग 2,070 पेड़ प्रति हेक्टेयर (DASD)। सिर्फ़ असली संकर पौधे ख़रीदिए।
- दूरीबौनी किस्मों और संकरों के लिए 2.2 x 2.2 मी (DASD)।
- सिंचाईसूखा मौसम: नली से हर 4 से 7 दिन में 175 लीटर प्रति पेड़, या टपक से 20 लीटर प्रति पेड़ प्रति दिन (DASD)।
- उर्वरकप्रति पेड़ प्रति साल 100 ग्राम N, 40 ग्राम P2O5 और 140 ग्राम K2O, 12 किग्रा हरी पत्ती, कम्पोस्ट या गोबर की खाद के साथ, अप्रैल से मई और सितंबर से अक्टूबर में 2 बराबर बार। पहले साल खुराक का 1/3, दूसरे साल 2/3 और तीसरे साल से पूरी दीजिए (DASD)।
- कटाईरोपाई के 45 महीने बाद फूल शुरू होते हैं; 30 साल तक आर्थिक उपज; CPCRI सिंचित हालत सुझाता है।
फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- बौना पेड़ जिसका तना मज़बूत और छतरी कम फैली है, जो CPCRI के अनुसार 2.2 x 2.2 मी की पास की रोपाई के लिए ठीक है।
- उपज जल्दी जम जाती है, और ताज़ी सुपारी से चाली की रिकवरी ज़्यादा है।
- रोपाई के 45 महीने बाद फूल आते हैं और CPCRI के परीक्षणों में कोई बड़ा रोग या कीट नहीं दिखा।
ध्यान रखने योग्य बातें
- परीक्षण का औसत (2.54 किग्रा सूखी गिरी प्रति पेड़) सुमंगला (3.28 किग्रा) से लगभग 23% कम है, और प्रति हेक्टेयर आँकड़ा भी कम है।
- यह नियंत्रित क्रॉस है, इसलिए सिर्फ़ असली संकर पौधे ख़रीदिए और पौधे का आकार जाँचिए (12 महीने पर लगभग 56 सेमी)।
- आर्थिक उम्र 30 साल तक है, काहीकुची के 45 साल के मुक़ाबले, और CPCRI इसे सिंचित हालत के लिए सुझाता है।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।
- कर्नाटक
- केरल
संकर बीज: क्रॉस ख़रीदिए और पौधे को जाँचिए
VTLAH-1 एक क्रॉस है: मादा जनक हिरेहल्ली बौना और नर जनक सुमंगला। CPCRI कहता है कि बड़े पैमाने के बीज के लिए दोनों जनकों के खंड चाहिए, और नर्सरी में असली संकर पौधे छाँटना ज़रूरी है। नर्सरी की पर्ची पर लिखा नाम क्रॉस का सबूत नहीं है।
CPCRI जाँचने का एक तरीक़ा देता है। 12 महीने के VTLAH-1 पौधे में 6 पत्ते, कॉलर की मोटाई लगभग 7.10 सेमी और ऊँचाई लगभग 56 सेमी होती है। उसी उम्र की ऊँची किस्में बहुत ऊँची हैं: मंगला 82 सेमी, सुमंगला 118 सेमी और मोहितनगर 122 सेमी। बौने संकर के नाम पर बिका 100 सेमी या ज़्यादा का पौधा वह नहीं है जिसका CPCRI ने वर्णन किया।
यह भी साफ़ रखिए कि आप ख़रीद क्या रहे हैं। इनाम है मज़बूत तने और कम फैली छतरी वाला बौना पेड़, जिसकी तुड़ाई आसान है और जो 2.2 x 2.2 मी पर लगता है। क़ीमत है सुमंगला के 3.28 किग्रा के मुक़ाबले 2.54 किग्रा प्रति पेड़, और 45 नहीं, 30 साल तक की आर्थिक उम्र।
रोपाई सामग्री कहाँ से आती है
यह हाइब्रिड है, इसलिए अपनी फ़सल से रखा बीज अगली बार वैसा नहीं उगता। पौधों की ऊँचाई, पकने का समय और उपज — सब ऊपर-नीचे हो जाती है। हर सीज़न नया प्रमाणित बीज ख़रीदिए और बोरे का टैग कटाई तक सँभालकर रखिए।
दूसरी किस्मों से तुलना
सुपारी की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।
| किस्म | किसके लिए ठीक | फल कब से | उपज | राज्य |
|---|---|---|---|---|
| Kahikuchi | असम और मेघालय के उन किसानों के लिए जो वह किस्म चाहते हैं जिसे CPCRI और असम का पैकेज, दोनों सुझाते हैं | रोपाई के 50–52 महीने बाद पहले फूल; पाँचवें साल तक फलन (CPCRI, AAU) | 3.70 किग्रा सूखी गिरी/पेड़/साल (5,073 किग्रा/हेक्टेयर); संभावित 5.30 किग्रा | असम, मेघालय |
| Mangala | उन किसानों के लिए जो सबसे जल्दी फूल चाहते हैं और खुले बाग़ में सिंचाई दे सकते हैं | रोपाई के 36–40 महीने बाद पहले फूल (CPCRI) | 2.90 किग्रा सूखी गिरी/पेड़/साल (3,700–3,900 किग्रा/हेक्टेयर); संभावित 4.50 किग्रा | कर्नाटक, केरल |
| Mohitnagar | उत्तर बंगाल के किसानों के लिए, और उनके लिए जो एकसमान पेड़ चाहते हैं जो जल्दी स्थिर उपज देने लगें | रोपाई के 48 महीने बाद पहले फूल (CPCRI) | 3.67 किग्रा सूखी गिरी/पेड़/साल (5,030 किग्रा/हेक्टेयर); संभावित 5.50 किग्रा | पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, केरल |
| Sreemangala | उन किसानों के लिए जो सूखी चाली बेचते हैं और बड़ी, गोल सुपारी चाहते हैं | रोपाई के 44–48 महीने बाद पहले फूल (CPCRI) | 3.18 किग्रा सूखी गिरी/पेड़/साल (4,240–4,500 किग्रा/हेक्टेयर); संभावित 5.40 किग्रा | कर्नाटक, केरल |
| Sumangala | उन किसानों के लिए जो अच्छी तरह परखी हुई ऊँची किस्म चाहते हैं जो सूखे दौर को बेहतर सह ले | सिंचाई में रोपाई के 42–46 महीने बाद पहले फूल (CPCRI) | 3.28 किग्रा सूखी गिरी/पेड़/साल (3,900–4,350 किग्रा/हेक्टेयर); संभावित 5.60 किग्रा | कर्नाटक, केरल |
| Swarnamangala | उन किसानों के लिए जो सिंचाई दे सकते हैं और CPCRI की ऊँची किस्मों में सबसे अच्छी औसत उपज और रिकवरी चाहते हैं | सिंचाई में रोपाई के लगभग 46 महीने बाद पहले फूल (CPCRI) | 3.88 किग्रा सूखी गिरी/पेड़/साल (5,320 किग्रा/हेक्टेयर); संभावित 5.50 किग्रा | कर्नाटक, केरल |
| VTLAH-1यही पेज | उन किसानों के लिए जो छोटा, आसानी से तुड़ाई वाला पेड़ चाहते हैं, सिंचाई दे सकते हैं और प्रति पेड़ कम उपज मान सकते हैं | रोपाई के 45 महीने बाद पहले फूल (CPCRI) | 2.54 किग्रा सूखी गिरी/पेड़/साल (3,100–3,400 किग्रा/हेक्टेयर); संभावित 3.20 किग्रा | कर्नाटक, केरल |
इस फ़सल के कैलकुलेटर
आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और सुपारी का भाव क्या चल रहा है।
- बीज दर कैलकुलेटरआपके सुपारी के खेत के लिए कितना बीज चाहिए — आपके बोरे के अंकुरण के हिसाब से सुधारा हुआ।
- अंकुरण कैलकुलेटरबुवाई से पहले बोरे के 100 बीज जाँचिए और देखिए कि बीज बोने लायक है या नहीं।
- बीज किस्म खोजकइस साइट की हर सुपारी किस्म को राज्य, सीज़न, अवधि और मिट्टी से छानिए।
- खाद कैलकुलेटरसुपारी की एनपीके सिफ़ारिश को अपने खेत के हिसाब से यूरिया, डीएपी और एमओपी के बोरों में बदलिए।
- फ़सल कैलेंडरआपके राज्य में सुपारी की बुवाई, निराई, सिंचाई और कटाई के महीने।
- फ़सल लाभ कैलकुलेटरबीज, मज़दूरी और लागत को इस किस्म से मिलने वाली उपज के सामने रखकर देखिए।
- मंडी भाव जाँचकव्यापारी से भाव तय करने से पहले अपनी नज़दीकी मंडी में सुपारी का आज का रेट देखिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
VTLAH-1 ऊँचे पेड़ों से कितना कम देती है?
CPCRI के संकलन में परीक्षण का औसत 2.54 किग्रा सूखी गिरी प्रति पेड़ (3,100 से 3,400 किग्रा प्रति हेक्टेयर) और संभावित 3.20 किग्रा (4,200 से 4,400 किग्रा प्रति हेक्टेयर) है। CPCRI की एक पुरानी पुस्तिका में 2.55 किग्रा है। यह सुमंगला के 3.28 किग्रा से लगभग 23% कम है। बदले में आपको छोटा पेड़, कम फैली छतरी और मज़बूत तना मिलता है।
VTLAH-1 जैसे बौने संकर के लिए कितनी दूरी ठीक है?
अरेकानट एंड स्पाइसेस डेवलपमेंट निदेशालय कहता है कि बौनी किस्में और संकर 2.2 x 2.2 मी पर उगाए जा सकते हैं, जबकि आम पेड़ों के लिए 2.7 x 2.7 मी है। यह लगभग 2,070 पेड़ प्रति हेक्टेयर है, आम पेड़ों के लगभग 1,370 के मुक़ाबले। ज़्यादा पेड़ों को ज़्यादा पानी चाहिए: टपक से 20 लीटर प्रति पेड़ प्रति दिन के हिसाब से एक हेक्टेयर के लिए लगभग 41,000 लीटर प्रति दिन।
VTLAH-1 का पेड़ कितने साल फसल देता है?
CPCRI के अनुसार देखभाल के हिसाब से आर्थिक उपज 30 साल तक मिल सकती है। यह काहीकुची के लिए बताए 45 साल से कम है। फूल 45 महीने पर शुरू होते हैं और उपज जल्दी जम जाती है। ऊँची किस्म की तुलना में दोबारा लगाने की योजना जल्दी बनाइए।
क्या मैं अपने VTLAH-1 के पेड़ों से बीज-सुपारी लेकर लगा सकता हूँ?
हम ऐसा नहीं करेंगे। VTLAH-1 हिरेहल्ली बौना (मादा) और सुमंगला (नर) के क्रॉस से बनती है। CPCRI कहता है कि बड़े पैमाने के संकर बीज के लिए दोनों जनकों के खंड चाहिए, और नर्सरी में असली संकर पौधे छाँटने ज़रूरी हैं। संकर पेड़ की सुपारी वह नियंत्रित क्रॉस नहीं है, और उसके पौधों का कोई CPCRI आँकड़ा हमें नहीं मिला। जहाँ क्रॉस बनता है वहीं से ख़रीदिए।
VTLAH-2 के बारे में क्या?
VTLAH-2 CPCRI का दूसरा बौना संकर है, हिरेहल्ली बौना और मोहितनगर के क्रॉस से। CPCRI की पुस्तिका में इसका औसत 2.64 किग्रा चाली प्रति पेड़ है, जो VTLAH-1 के बताए 2.55 किग्रा के क़रीब है। इसके लिए हमारे पास अलग पन्ना नहीं है। कोई नर्सरी इसे दे तो जनक पूछिए, क्योंकि दोनों संकरों के साथ नाम वाला क्रॉस बताया जाना चाहिए।
स्रोत: Improved varieties of coconut, arecanut and cocoa — ICAR-CPCRI (variety records, yields, flowering), Arecanut varieties — ICAR-CPCRI Regional Station, Vittal, extension leaflet (1999), Calendar for arecanut — Directorate of Arecanut and Spices Development, Technical Bulletin 67 (spacing, fertiliser, irrigation). संपादकीय नीति.
