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कुल्थी (हॉर्स ग्राम)खरीफ़खुली-परागितअंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

VL Gahat-10

ICAR-VPKAS अल्मोड़ा की पहाड़ी गहत, उत्तराखंड की पहाड़ियों की समय पर बोई बारानी ज़मीन के लिए। 113 से 117 दिन, एन्थ्रेक्नोज़ की प्रतिरोधी, और VPKAS की उपज क्षमता 9.40 क्विंटल/हेक्टेयर।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि113 से 117 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका)
अपेक्षित उपज700 से 800 किग्रा/हेक्टेयर (DPD); औसत उपज क्षमता 9.40 क्विंटल/हेक्टेयर (ICAR-VPKAS की शीट)
उपयुक्त मिट्टीहल्की से भारी मिट्टी जिसमें क्षारीयता न हो; आम तौर पर ख़राब, अच्छी निकासी वाली ज़मीन

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
113 से 117 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका)
बीज दर
दाने की फ़सल के लिए क़तार में बुआई में 25 से 30 किलो/हेक्टेयर, दाना और चारा दोनों के लिए छिटकवाँ बोने पर लगभग 40 किलो/हेक्टेयर (DPD की सिफ़ारिश); VL Gahat-10 के लिए अलग दर नहीं छपी। बीज को पहले कार्बेन्डाज़िम 2 ग्राम प्रति किलो से, फिर राइज़ोबियम और PSB कल्चर 5 से 7 ग्राम प्रति किलो से उपचारित कीजिए।
अपेक्षित उपज
700 से 800 किग्रा/हेक्टेयर (DPD); औसत उपज क्षमता 9.40 क्विंटल/हेक्टेयर (ICAR-VPKAS की शीट)
उपयुक्त मिट्टी
हल्की से भारी मिट्टी जिसमें क्षारीयता न हो; आम तौर पर ख़राब, अच्छी निकासी वाली ज़मीन
जारी
2006 में राज्य किस्म विमोचन समिति (VPKAS) द्वारा जारी; अधिसूचना S.O. 122(E), 6 फ़रवरी 2007 · ICAR-VPKAS, अल्मोड़ा

इस किस्म के बारे में

VL Gahat-10 ICAR-VPKAS (विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान), अल्मोड़ा की गहत (कुल्थी) है। VPKAS इसे राज्य किस्म विमोचन समिति द्वारा 2006 में उत्तराखंड की पहाड़ियों की समय पर बोई बारानी हालत के लिए जारी बताता है। राष्ट्रीय अधिसूचित सूची जारी होने का साल 2006 और 6 फ़रवरी 2007 की अधिसूचना S.O. 122(E) देती है। DPD 113 से 117 दिन और 700 से 800 किग्रा/हेक्टेयर देता है, तना सड़न और एन्थ्रेक्नोज़ की प्रतिरोधी, जबकि VPKAS की शीट औसत उपज क्षमता 9.40 क्विंटल/हेक्टेयर और एन्थ्रेक्नोज़ की प्रतिरोधकता देती है। नीचे की खेती DPD की सिफ़ारिश की आम खेती है।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

विकासपीडिया और DPD उत्तराखंड के लिए जिन दो गहतों का नाम लेते हैं उनमें दूसरी चाहिए, और VL Gahat-8 से कसे हुए मौसम के साथ, यानी 115 से 135 के मुक़ाबले 113 से 117 दिन, तो VL Gahat-10 चुनिए। VPKAS इसे एन्थ्रेक्नोज़ की प्रतिरोधी आँकता है, और DPD तना सड़न भी जोड़ता है। क़ीमत उपज है। DPD 700 से 800 किग्रा/हेक्टेयर और VPKAS की शीट 9.40 क्विंटल/हेक्टेयर देती है, दोनों VL Gahat-8 (900 से 1,000 और 12.33) से कम। लंबा मौसम सह सकें तो VL Gahat-8 ज़्यादा उपज वाली सूची है। बुआई देर से हो या ऊँचाई ठंडी हो तो कैलेंडर पर VL Gahat-10 ज़्यादा स्थिर बैठती है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि113 से 117 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका)
    उपज क्षमता700 से 800 किग्रा/हेक्टेयर (DPD); औसत उपज क्षमता 9.40 क्विंटल/हेक्टेयर (ICAR-VPKAS की शीट)
    रोग-प्रतिरोधएन्थ्रेक्नोज़ की प्रतिरोधी (VPKAS); DPD तना सड़न भी जोड़ता है
    मिट्टीहल्की से भारी मिट्टी जिसमें क्षारीयता न हो; आम तौर पर ख़राब, अच्छी निकासी वाली ज़मीन
    सीज़नखरीफ़

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयVPKAS: उत्तराखंड की पहाड़ियों में समय पर बोई बारानी हालत। उत्तरी हिस्सों में कुल्थी ख़रीफ़ की फ़सल है (DPD की सिफ़ारिश)।
  • बीज दरदाने की फ़सल के लिए क़तार में बुआई में 25 से 30 किलो/हेक्टेयर, दाना और चारा दोनों के लिए छिटकवाँ बोने पर लगभग 40 किलो/हेक्टेयर (DPD की सिफ़ारिश); VL Gahat-10 के लिए अलग दर नहीं छपी। बीज को पहले कार्बेन्डाज़िम 2 ग्राम प्रति किलो से, फिर राइज़ोबियम और PSB कल्चर 5 से 7 ग्राम प्रति किलो से उपचारित कीजिए।
  • दूरीख़रीफ़ में क़तारों के बीच 40 से 45 सेमी और रबी में 25 से 30 सेमी, पौधों के बीच लगभग 5 सेमी (DPD की सिफ़ारिश)।
  • सिंचाईज़्यादातर बारानी। पानी हो तो फूल आने से पहले और फली बनते समय सिंचाई कीजिए (DPD की सिफ़ारिश)।
  • उर्वरकबुआई के समय आधार खुराक में 20 किलो नाइट्रोजन और 30 किलो P2O5 प्रति हेक्टेयर, बीज से 2 से 5 सेमी नीचे और बग़ल में (DPD की सिफ़ारिश)। मिट्टी की जाँच से घटाइए-बढ़ाइए।
  • कटाईDPD 113 से 117 दिन देता है। ज़्यादातर फलियाँ पीली-भूरी हो जाएँ तब काटिए।

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
हल्की से भारी मिट्टी जिसमें क्षारीयता न हो; आम तौर पर ख़राब, अच्छी निकासी वाली ज़मीन पर उगाई जाती है (DPD की सिफ़ारिश)

जलवायु

जलवायु
गर्म, सूखा मौसम, 25 से 30 °C, इसे सूट करता है; ऊँचाई वाली ठंडी, नम जगहों पर यह ठीक नहीं बढ़ती, और शुरू में भारी बारिश गाँठें बनने में नुक़सान करती है (DPD की सिफ़ारिश)।

उपज और अवधि

पकने की अवधि

113 से 117 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका)

अपेक्षित उपज

700 से 800 किग्रा/हेक्टेयर (DPD); औसत उपज क्षमता 9.40 क्विंटल/हेक्टेयर (ICAR-VPKAS की शीट)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

कीट और रोग संबंधी बातें

प्रबंधन सुझाव

  • निराई: फ़सल घनी बढ़ती है इसलिए एक शुरुआती निराई-गुड़ाई काफ़ी है; उगने से पहले पेंडीमेथालिन 0.75 से 1 किलो प्रति हेक्टेयर, फिर 20 से 25 दिन पर एक हाथ की निराई (DPD की सिफ़ारिश)।
  • संक्रमित मिट्टी में जल्दी मत बोइए: जड़ सड़न के लिए बीज को कैप्टान या कार्बेन्डाज़िम 2 ग्राम प्रति किलो से उपचारित कीजिए और संक्रमित खेत में जल्दी बुआई से बचिए।

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • VL Gahat-8 से कसा हुआ मौसम: 113 से 117 दिन।
  • एन्थ्रेक्नोज़ की प्रतिरोधी (VPKAS), और DPD तना सड़न भी जोड़ता है।
  • DPD और विकासपीडिया उत्तराखंड के लिए इसका नाम लेते हैं।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • दोनों स्रोतों में VL Gahat-8 से कम उपज की सूची: 700 से 800 किग्रा/हेक्टेयर (DPD) और 9.40 क्विंटल/हेक्टेयर (VPKAS)।
  • दोनों स्रोत रोग पर अलग हैं: VPKAS सिर्फ़ एन्थ्रेक्नोज़ गिनता है, DPD तना सड़न और एन्थ्रेक्नोज़।
  • कुल्थी ऊँचाई वाली ठंडी, नम जगहों पर ठीक नहीं बढ़ती (DPD की सिफ़ारिश)।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • उत्तराखंड

VL Gahat-8 और VL Gahat-10 आमने-सामने

दोनों गहतें 2006 में राज्य किस्म विमोचन समिति ने साथ जारी कीं और दोनों विकासपीडिया की उत्तराखंड सूची में हैं। DPD VL Gahat-8 को 115 से 135 दिन, 900 से 1,000 किग्रा/हेक्टेयर और तना सड़न और एन्थ्रेक्नोज़ की प्रतिरोधकता देता है। VL Gahat-10 को 113 से 117 दिन, 700 से 800 किग्रा/हेक्टेयर और वही दो श्रेणियाँ देता है। VPKAS की शीटें क्षमता 12.33 और 9.40 क्विंटल/हेक्टेयर बताती हैं। दोनों उपज-तराज़ुओं पर VL Gahat-8 लगभग एक-चौथाई से एक-तिहाई आगे है।

इस अंतर को फ़ैसला मत समझिए, क्योंकि आँकड़े सूचियों से हैं, दोनों किस्मों वाले एक परीक्षण से नहीं। असली बँटवारा कैलेंडर का है। जो किसान जून में बो सकता है और पूरा मौसम रुक सकता है, वह VL Gahat-8 लेता है। जो थोड़ा देर से बोता है, या जिसका खेत जल्दी ठंडा हो जाता है, वह VL Gahat-10 लेता है, इसके कसे हुए 113 से 117 दिन के लिए। एक मौसम में हरेक की एक पट्टी बोइए और बीज तौलिए।

क्या इसका बीज अपने पास रख सकते हैं?

यह जारी की गई खुले-परागण वाली किस्म है, संकर नहीं, और कुल्थी अपना बीज ख़ुद बनाती है, इसलिए स्वस्थ पौधों का रखा बीज उसी तरह का निकलता है। इसे दूसरी कुल्थी से अलग रखिए और ज़्यादातर फलियाँ पीली-भूरी होते ही एक साथ तोड़िए।

दूसरी किस्मों से तुलना

कुल्थी (हॉर्स ग्राम) की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
Birsa Kulthi-1 (Strain-43)बिहार के कुल्थी किसान जो पत्ती झुलसा की श्रेणी वाली छोटी, क्रीम दाने की किस्म चाहते हैं92 से 97 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका)800 से 1,000 किग्रा/हेक्टेयर (DPD)बिहार
CRHG-19CRIDA की सबसे नई किस्म (2014)100 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका, जहाँ इसे क्रीडाहर्ष नाम से दिया गया है)जगहों पर औसत 760 से 1,300 किग्रा/हेक्टेयर, सबसे अच्छी तुलना-किस्म से 20.22% ज़्यादा; किसानों के खेतों में स्थानीय से 65% ज़्यादा; DPD की शुष्क दलहन तालिका में 900 किग्रा/हेक्टेयरआंध्र प्रदेश, तेलंगाना
CRHG-4 (CRIDA Latha)काला दाना, फली नहीं चटकती110 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका, जहाँ इसे क्रीडालता नाम से दिया गया है)जगहों पर औसत 785 किग्रा/हेक्टेयर (सीमा 700 से 1,100), सबसे अच्छी तुलना-किस्म से 33.1% ज़्यादाआंध्र प्रदेश, तेलंगाना
CRIDA-18Rरोग सहने वाली, 85 से 87 दिन85 से 87 दिन (ICAR जारी करने का नोट); 90 से 100 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका)परीक्षणों में 750 से 1,150 किग्रा/हेक्टेयर; आंध्र प्रदेश के किसानों के खेतों में 912 किग्रा/हेक्टेयर; DPD की शुष्क दलहन तालिका में 800 से 850 किग्रा/हेक्टेयरआंध्र प्रदेश, तेलंगाना
Gujarat Dantiwada Horsegram-1 (GHG-5)गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड या झारखंड के वे खेत जहाँ जड़ सड़न या चूर्णिल आसिता का इतिहास रहा है94 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका)550 से 575 किग्रा/हेक्टेयर (DPD)गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड
Horsegram CO 1मोटा दाना, पुरानी किस्म110 दिन (TNAU); 55 से 60 दिन पर 50% फूलबारानी में 560 किग्रा/हेक्टेयर (TNAU की तालिका)तमिलनाडु
Indira Kulthi-1 (IKGH-01-01)छत्तीसगढ़ के वे खेत जो काले दाने और लंबी फली वाली, पीले मोज़ेक की सहनशील कुल्थी चाहते हैं95 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका)800 किग्रा/हेक्टेयर (DPD)छत्तीसगढ़
Madhuबिहार के वे खेत जो पुरानी, जानी-पहचानी, झाड़ीदार और मध्यम-बड़े दाने की कुल्थी चाहते हैं105 से 110 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका)850 से 1,000 किग्रा/हेक्टेयर (DPD)बिहार
Paiyur 1बीच की किस्म, 650 किग्रा110 दिन (TNAU); 45 से 50 दिन पर 50% फूलबारानी में 650 किग्रा/हेक्टेयर (TNAU की तालिका)तमिलनाडु
Paiyur 2तमिलनाडु बारानी, नवंबर बुवाई100 से 105 दिन (TNAU); 45 से 50 दिन पर 50% फूलबारानी में 870 किग्रा/हेक्टेयर (TNAU)तमिलनाडु
PHG-9कर्नाटक के सूखे क्षेत्र100 से 105 दिन (ICAR JSS KVK, सुत्तूर)ठीक देखभाल में लगभग 3 से 4 क्विंटल प्रति एकड़ (लगभग 740 से 990 किग्रा/हेक्टेयर), एक KVK किसान दिवस के अनुसार; कोई परीक्षण-आँकड़ा नहीं मिलाआंध्र प्रदेश, कर्नाटक
VL Gahat-10यही पेजउत्तराखंड के पहाड़ी खेत जो राज्य-सूची की दूसरी गहत चाहते हैं, जो VL Gahat-8 से थोड़ी छोटी है113 से 117 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका)700 से 800 किग्रा/हेक्टेयर (DPD); औसत उपज क्षमता 9.40 क्विंटल/हेक्टेयर (ICAR-VPKAS की शीट)उत्तराखंड
VL Gahat-15 (VLG-15)उत्तर और मध्य भारत के वे खेत जिनका बारानी मौसम छोटा है और जिन्हें लगभग 90 से 100 दिन में निपटने वाली गहत चाहिए90 से 100 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका)600 से 700 किग्रा/हेक्टेयर (DPD); औसत उपज क्षमता 7.75 क्विंटल/हेक्टेयर (ICAR-VPKAS की शीट)उत्तराखंड
VL Gahat-19उत्तराखंड की पहाड़ियाँ (गहत)100 से 105 दिन, मध्यम अवधि (DPD की शुष्क दलहन तालिका)850 से 900 किग्रा/हेक्टेयर (DPD की शुष्क दलहन तालिका)उत्तराखंड
VL Gahat-8उत्तराखंड के पहाड़ी खेत जो जून में बारानी ज़मीन पर बोते हैं और रोग-प्रतिरोधी गहत चाहते हैं115 से 135 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका)900 से 1,000 किग्रा/हेक्टेयर (DPD); औसत उपज क्षमता 12.33 क्विंटल/हेक्टेयर (ICAR-VPKAS की शीट)उत्तराखंड

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और कुल्थी (हॉर्स ग्राम) का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

कुल्थी (हॉर्स ग्राम) के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

VL Gahat-10 क्या है?

ICAR-VPKAS अल्मोड़ा की गहत (कुल्थी), जो 2006 में उत्तराखंड की पहाड़ियों की समय पर बोई बारानी हालत के लिए जारी हुई और 6 फ़रवरी 2007 को S.O. 122(E) से अधिसूचित हुई।

क्या VL Gahat-10 तना सड़न सहती है?

DPD इसे तना सड़न और एन्थ्रेक्नोज़ की प्रतिरोधी दर्ज करता है। VPKAS की शीट सिर्फ़ एन्थ्रेक्नोज़ का नाम लेती है। जिस खेत में तना सड़न पहले आई हो वहाँ कुल्थी से हटकर फ़सल-चक्र रखिए और VPKAS से उसकी अपनी श्रेणी पूछिए।

VL Gahat-10 से कितनी उपज मानकर चलूँ?

DPD 700 से 800 किग्रा/हेक्टेयर देता है। VPKAS की शीट औसत उपज क्षमता 9.40 क्विंटल/हेक्टेयर देती है। DPD की सिफ़ारिश आम कुल्थी के लिए सुधरी खेती में मानसून के हिसाब से 6 से 10 क्विंटल/हेक्टेयर बताती है। 700 से 800 किलो पर योजना बनाइए और उससे ऊपर को अच्छा साल मानिए।

क्या VL Gahat-10, VL Gahat-15 से बेहतर है?

सूचियों में VL Gahat-10 की उपज ज़्यादा है (DPD में 600 से 700 के मुक़ाबले 700 से 800 किग्रा/हेक्टेयर) पर समय ज़्यादा लगता है (90 से 100 के मुक़ाबले 113 से 117 दिन)। VL Gahat-15 उत्तर और मध्य भारत की केंद्रीय किस्म है, जो एन्थ्रेक्नोज़ और पत्ती धब्बे की मध्यम प्रतिरोधी है। छोटे पहाड़ी मौसम के लिए VL Gahat-15 आज़माने लायक है।

स्रोत: Horse Gram varieties — ICAR-VPKAS, Almora (variety table and one-page sheets, read from archived copies), Popular varieties of arid legume crops (horse gram table) — Directorate of Pulses Development (dpd.gov.in), read from an archived copy, Notified varieties list (year of release, notification number and date) — Government of India, as hosted by Bihar DBT Agriculture, Horse gram package of practices (state variety lists, sowing, seed rate, fertiliser; source Directorate of Pulses Development) — Vikaspedia. संपादकीय नीति.