Indira Kulthi-1 (IKGH-01-01)
छत्तीसगढ़ की कुल्थी, जो 10 अक्टूबर 2011 को अधिसूचित हुई (S.O. 2326(E))। काला दाना, लंबी फली, 95 दिन, 800 किग्रा/हेक्टेयर, पीले मोज़ेक की सहनशील। इसके कोड पर स्रोत अलग हैं, IKGH-01-01 या IKGH-05-01।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- 95 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका)
- बीज दर
- दाने की फ़सल के लिए क़तार में बुआई में 25 से 30 किलो/हेक्टेयर, दाना और चारा दोनों के लिए छिटकवाँ बोने पर लगभग 40 किलो/हेक्टेयर (DPD की सिफ़ारिश)। इंदिरा कुल्थी-1 के लिए अलग दर नहीं छपी। बीज को पहले कार्बेन्डाज़िम 2 ग्राम प्रति किलो से, फिर राइज़ोबियम और PSB कल्चर 5 से 7 ग्राम प्रति किलो से उपचारित कीजिए।
- अपेक्षित उपज
- 800 किग्रा/हेक्टेयर (DPD)
- उपयुक्त मिट्टी
- हल्की से भारी मिट्टी जिसमें क्षारीयता न हो; आम तौर पर ख़राब, अच्छी निकासी वाली ज़मीन
- जारी
- 2010 में जारी · 10 अक्टूबर 2011 को इंदिरा कुल्थी-1 (IKGH-01-01) के नाम से अधिसूचित (S.O. 2326(E)); DPD साल 2011 और कोड IKGH-05-01 लिखता है
इस किस्म के बारे में
इंदिरा कुल्थी-1 छत्तीसगढ़ की कुल्थी है। इंदिरा उपसर्ग इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की ओर इशारा करता है, पर हमारे पढ़े स्रोत सिर्फ़ छत्तीसगढ़ का नाम लेते हैं। राष्ट्रीय अधिसूचित सूची में यह इंदिरा कुल्थी-1 (IKGH-01-01) के नाम से है, जारी होने का साल 2010, 10 अक्टूबर 2011 को S.O. 2326(E) से अधिसूचित। दलहन विकास निदेशालय की तालिका इसे इंदिरा कुल्थी 1 (IKGH-05-01), 2011, छत्तीसगढ़, 95 दिन और 800 किग्रा/हेक्टेयर के साथ दर्ज करती है, काला दाना और लंबी फली, पीले मोज़ेक विषाणु की सहनशील। विकासपीडिया, DPD का हवाला देकर, इसे कोड IKGH01-01 के साथ छत्तीसगढ़ की सुझाई कुल्थी गिनता है। हमें कोई परीक्षण-पत्र नहीं मिला, इसलिए नीचे की खेती DPD की सिफ़ारिश की आम खेती है।
क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?
छत्तीसगढ़ में कुल्थी उगाते हों और राज्य की नामित किस्म चाहते हों, काले दाने, लंबी फली और पीले मोज़ेक की सहनशीलता के साथ, लगभग 95 दिन में, तो इंदिरा कुल्थी-1 चुनिए। DPD 800 किग्रा/हेक्टेयर देता है और विकासपीडिया इसे छत्तीसगढ़ की सुझाई कुल्थी गिनता है। आँकड़े कम हैं: एक उपज, एक रोग-टिप्पणी, और एक कोड जो स्रोत दो तरह से देते हैं। अधिसूचित सूची और विकासपीडिया IKGH-01-01 लिखते हैं, जबकि DPD IKGH-05-01। बीज विक्रेता से अधिसूचना संख्या और टैग का कोड माँगिए, और उसे S.O. 2326(E) से मिलाइए।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई और खेती
- बुवाई का समयइंदिरा कुल्थी-1 की बुआई की तारीख़ नहीं छपी। DPD की सिफ़ारिश के मुताबिक़ मध्य प्रदेश में कुल्थी रबी की फ़सल है और बाक़ी जगह मुख्य मौसम देर अगस्त से नवंबर है; स्थानीय तारीख़ अपने KVK से पूछिए।
- बीज दरदाने की फ़सल के लिए क़तार में बुआई में 25 से 30 किलो/हेक्टेयर, दाना और चारा दोनों के लिए छिटकवाँ बोने पर लगभग 40 किलो/हेक्टेयर (DPD की सिफ़ारिश)। इंदिरा कुल्थी-1 के लिए अलग दर नहीं छपी। बीज को पहले कार्बेन्डाज़िम 2 ग्राम प्रति किलो से, फिर राइज़ोबियम और PSB कल्चर 5 से 7 ग्राम प्रति किलो से उपचारित कीजिए।
- दूरीख़रीफ़ में क़तारों के बीच 40 से 45 सेमी और रबी में 25 से 30 सेमी, पौधों के बीच लगभग 5 सेमी (DPD की सिफ़ारिश)।
- सिंचाईज़्यादातर बारानी। पानी हो तो फूल आने से पहले और फली बनते समय सिंचाई कीजिए (DPD की सिफ़ारिश)।
- उर्वरकबुआई के समय आधार खुराक में 20 किलो नाइट्रोजन और 30 किलो P2O5 प्रति हेक्टेयर, बीज से 2 से 5 सेमी नीचे और बग़ल में (DPD की सिफ़ारिश)। मिट्टी की जाँच से घटाइए-बढ़ाइए।
- कटाईDPD 95 दिन देता है। ज़्यादातर फलियाँ पीली-भूरी हो जाएँ तब काटिए।
मिट्टी और जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- हल्की से भारी मिट्टी जिसमें क्षारीयता न हो; आम तौर पर ख़राब, अच्छी निकासी वाली ज़मीन पर उगाई जाती है (DPD की सिफ़ारिश)
जलवायु
- जलवायु
- गर्म, सूखा मौसम, 25 से 30 °C, इसे सूट करता है; ऊँचाई वाली ठंडी, नम जगहों पर यह ठीक नहीं बढ़ती, और शुरू में भारी बारिश गाँठें बनने में नुक़सान करती है (DPD की सिफ़ारिश)।
उपज और अवधि
पकने की अवधि
95 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका)
अपेक्षित उपज
800 किग्रा/हेक्टेयर (DPD)
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।
कीट और रोग संबंधी बातें
प्रबंधन सुझाव
- निराई: फ़सल घनी बढ़ती है इसलिए एक शुरुआती निराई-गुड़ाई काफ़ी है; उगने से पहले पेंडीमेथालिन 0.75 से 1 किलो प्रति हेक्टेयर, फिर 20 से 25 दिन पर एक हाथ की निराई (DPD की सिफ़ारिश)।
- संक्रमित मिट्टी में जल्दी मत बोइए: जड़ सड़न के लिए बीज को कैप्टान या कार्बेन्डाज़िम 2 ग्राम प्रति किलो से उपचारित कीजिए और संक्रमित खेत में जल्दी बुआई से बचिए।
फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- विकासपीडिया और DPD में छत्तीसगढ़ की सुझाई कुल्थी।
- काला दाना और लंबी फली, पीले मोज़ेक विषाणु की सहनशीलता के साथ।
- लगभग 95 दिन, मध्यम लंबाई का मौसम।
ध्यान रखने योग्य बातें
- एक ही तालिका से एक उपज (800 किग्रा/हेक्टेयर) और एक रोग-टिप्पणी; कोई परीक्षण-पत्र नहीं मिला।
- स्रोत दो कोड लिखते हैं, IKGH-01-01 और IKGH-05-01, और दो साल, 2010 और 2011।
- सिर्फ़ छत्तीसगढ़ के लिए सूचीबद्ध।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।
- छत्तीसगढ़
दो कोड, दो साल: टैग को अधिसूचना से मिलाइए
तीन स्रोत इंदिरा कुल्थी-1 का वर्णन करते हैं और उसके कोड पर एकमत नहीं हैं। राष्ट्रीय अधिसूचित सूची IKGH-01-01 लिखती है, जारी होने का साल 2010 और 10 अक्टूबर 2011 की अधिसूचना (S.O. 2326(E))। विकासपीडिया IKGH01-01 लिखता है। DPD की तालिका IKGH-05-01 और साल 2011 लिखती है। तीन में से दो 01-01 पर एकमत हैं, इसलिए वही बेहतर पढ़त है, और 2011 राजपत्र सूचना का साल है।
सुरक्षित ख़रीदने के लिए इसे सुलझाना ज़रूरी नहीं। विक्रेता से किस्म का नाम, लॉट नंबर वाला प्रमाणन टैग और उत्पादक माँगिए, जो राज्य का कोई विश्वविद्यालय या उसका बीज पाने वाली बीज एजेंसी होनी चाहिए। टैग पर कोई और कोड हो तो पूरे खेत के लिए ख़रीदने से पहले अपने KVK या राज्य की बीज एजेंसी से पूछिए कि कौन-सा चालू है।
क्या इसका बीज अपने पास रख सकते हैं?
यह जारी की गई खुले-परागण वाली किस्म है, संकर नहीं, और कुल्थी अपना बीज ख़ुद बनाती है, इसलिए स्वस्थ पौधों का रखा बीज उसी तरह का निकलता है। इसे दूसरी कुल्थी से अलग रखिए और ज़्यादातर फलियाँ पीली-भूरी होते ही एक साथ तोड़िए।
दूसरी किस्मों से तुलना
कुल्थी (हॉर्स ग्राम) की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।
| किस्म | किसके लिए ठीक | फल कब से | उपज | राज्य |
|---|---|---|---|---|
| Birsa Kulthi-1 (Strain-43) | बिहार के कुल्थी किसान जो पत्ती झुलसा की श्रेणी वाली छोटी, क्रीम दाने की किस्म चाहते हैं | 92 से 97 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका) | 800 से 1,000 किग्रा/हेक्टेयर (DPD) | बिहार |
| CRHG-19 | CRIDA की सबसे नई किस्म (2014) | 100 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका, जहाँ इसे क्रीडाहर्ष नाम से दिया गया है) | जगहों पर औसत 760 से 1,300 किग्रा/हेक्टेयर, सबसे अच्छी तुलना-किस्म से 20.22% ज़्यादा; किसानों के खेतों में स्थानीय से 65% ज़्यादा; DPD की शुष्क दलहन तालिका में 900 किग्रा/हेक्टेयर | आंध्र प्रदेश, तेलंगाना |
| CRHG-4 (CRIDA Latha) | काला दाना, फली नहीं चटकती | 110 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका, जहाँ इसे क्रीडालता नाम से दिया गया है) | जगहों पर औसत 785 किग्रा/हेक्टेयर (सीमा 700 से 1,100), सबसे अच्छी तुलना-किस्म से 33.1% ज़्यादा | आंध्र प्रदेश, तेलंगाना |
| CRIDA-18R | रोग सहने वाली, 85 से 87 दिन | 85 से 87 दिन (ICAR जारी करने का नोट); 90 से 100 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका) | परीक्षणों में 750 से 1,150 किग्रा/हेक्टेयर; आंध्र प्रदेश के किसानों के खेतों में 912 किग्रा/हेक्टेयर; DPD की शुष्क दलहन तालिका में 800 से 850 किग्रा/हेक्टेयर | आंध्र प्रदेश, तेलंगाना |
| Gujarat Dantiwada Horsegram-1 (GHG-5) | गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड या झारखंड के वे खेत जहाँ जड़ सड़न या चूर्णिल आसिता का इतिहास रहा है | 94 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका) | 550 से 575 किग्रा/हेक्टेयर (DPD) | गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड |
| Horsegram CO 1 | मोटा दाना, पुरानी किस्म | 110 दिन (TNAU); 55 से 60 दिन पर 50% फूल | बारानी में 560 किग्रा/हेक्टेयर (TNAU की तालिका) | तमिलनाडु |
| Indira Kulthi-1 (IKGH-01-01)यही पेज | छत्तीसगढ़ के वे खेत जो काले दाने और लंबी फली वाली, पीले मोज़ेक की सहनशील कुल्थी चाहते हैं | 95 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका) | 800 किग्रा/हेक्टेयर (DPD) | छत्तीसगढ़ |
| Madhu | बिहार के वे खेत जो पुरानी, जानी-पहचानी, झाड़ीदार और मध्यम-बड़े दाने की कुल्थी चाहते हैं | 105 से 110 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका) | 850 से 1,000 किग्रा/हेक्टेयर (DPD) | बिहार |
| Paiyur 1 | बीच की किस्म, 650 किग्रा | 110 दिन (TNAU); 45 से 50 दिन पर 50% फूल | बारानी में 650 किग्रा/हेक्टेयर (TNAU की तालिका) | तमिलनाडु |
| Paiyur 2 | तमिलनाडु बारानी, नवंबर बुवाई | 100 से 105 दिन (TNAU); 45 से 50 दिन पर 50% फूल | बारानी में 870 किग्रा/हेक्टेयर (TNAU) | तमिलनाडु |
| PHG-9 | कर्नाटक के सूखे क्षेत्र | 100 से 105 दिन (ICAR JSS KVK, सुत्तूर) | ठीक देखभाल में लगभग 3 से 4 क्विंटल प्रति एकड़ (लगभग 740 से 990 किग्रा/हेक्टेयर), एक KVK किसान दिवस के अनुसार; कोई परीक्षण-आँकड़ा नहीं मिला | आंध्र प्रदेश, कर्नाटक |
| VL Gahat-10 | उत्तराखंड के पहाड़ी खेत जो राज्य-सूची की दूसरी गहत चाहते हैं, जो VL Gahat-8 से थोड़ी छोटी है | 113 से 117 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका) | 700 से 800 किग्रा/हेक्टेयर (DPD); औसत उपज क्षमता 9.40 क्विंटल/हेक्टेयर (ICAR-VPKAS की शीट) | उत्तराखंड |
| VL Gahat-15 (VLG-15) | उत्तर और मध्य भारत के वे खेत जिनका बारानी मौसम छोटा है और जिन्हें लगभग 90 से 100 दिन में निपटने वाली गहत चाहिए | 90 से 100 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका) | 600 से 700 किग्रा/हेक्टेयर (DPD); औसत उपज क्षमता 7.75 क्विंटल/हेक्टेयर (ICAR-VPKAS की शीट) | उत्तराखंड |
| VL Gahat-19 | उत्तराखंड की पहाड़ियाँ (गहत) | 100 से 105 दिन, मध्यम अवधि (DPD की शुष्क दलहन तालिका) | 850 से 900 किग्रा/हेक्टेयर (DPD की शुष्क दलहन तालिका) | उत्तराखंड |
| VL Gahat-8 | उत्तराखंड के पहाड़ी खेत जो जून में बारानी ज़मीन पर बोते हैं और रोग-प्रतिरोधी गहत चाहते हैं | 115 से 135 दिन (DPD की शुष्क दलहन तालिका) | 900 से 1,000 किग्रा/हेक्टेयर (DPD); औसत उपज क्षमता 12.33 क्विंटल/हेक्टेयर (ICAR-VPKAS की शीट) | उत्तराखंड |
इस फ़सल के कैलकुलेटर
आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और कुल्थी (हॉर्स ग्राम) का भाव क्या चल रहा है।
- बीज दर कैलकुलेटरआपके कुल्थी (हॉर्स ग्राम) के खेत के लिए कितना बीज चाहिए — आपके बोरे के अंकुरण के हिसाब से सुधारा हुआ।
- अंकुरण कैलकुलेटरबुवाई से पहले बोरे के 100 बीज जाँचिए और देखिए कि बीज बोने लायक है या नहीं।
- बीज किस्म खोजकइस साइट की हर कुल्थी (हॉर्स ग्राम) किस्म को राज्य, सीज़न, अवधि और मिट्टी से छानिए।
- खाद कैलकुलेटरकुल्थी (हॉर्स ग्राम) की एनपीके सिफ़ारिश को अपने खेत के हिसाब से यूरिया, डीएपी और एमओपी के बोरों में बदलिए।
- फ़सल कैलेंडरआपके राज्य में कुल्थी (हॉर्स ग्राम) की बुवाई, निराई, सिंचाई और कटाई के महीने।
- फ़सल लाभ कैलकुलेटरबीज, मज़दूरी और लागत को इस किस्म से मिलने वाली उपज के सामने रखकर देखिए।
- मंडी भाव जाँचकव्यापारी से भाव तय करने से पहले अपनी नज़दीकी मंडी में कुल्थी (हॉर्स ग्राम) का आज का रेट देखिए।
सब्सिडी और सरकारी मदद
कुल्थी (हॉर्स ग्राम) के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
इंदिरा कुल्थी-1 क्या है?
छत्तीसगढ़ के लिए कुल्थी, जो 10 अक्टूबर 2011 को अधिसूचित हुई (S.O. 2326(E))। DPD काला दाना, लंबी फली, 95 दिन, 800 किग्रा/हेक्टेयर और पीले मोज़ेक की सहनशीलता गिनाता है।
कोड IKGH-01-01 है या IKGH-05-01?
राष्ट्रीय अधिसूचित सूची और विकासपीडिया IKGH-01-01 लिखते हैं; DPD की शुष्क दलहन तालिका IKGH-05-01। स्रोतों से हम इसे सुलझा नहीं सके, इसलिए किस्म का नाम इंदिरा कुल्थी-1 और अधिसूचना संख्या S.O. 2326(E) देखिए।
क्या इंदिरा कुल्थी-1 पीला मोज़ेक सहती है?
DPD इसे पीले मोज़ेक विषाणु की सहनशील कहता है, इस शब्द के पीछे कोई अंक नहीं है। विषाणु सफ़ेद मक्खी से फैलता है, इसलिए DPD की सिफ़ारिश फिर भी संक्रमित पौधे नष्ट करने और सफ़ेद मक्खी बढ़ने पर छिड़काव की है।
इंदिरा कुल्थी-1 से कितनी उपज मानकर चलूँ?
DPD 800 किग्रा/हेक्टेयर देता है। DPD की सिफ़ारिश आम कुल्थी के लिए सुधरी खेती में मानसून के हिसाब से 6 से 10 क्विंटल/हेक्टेयर बताती है। 800 किलो पर योजना बनाइए और उससे ऊपर को अच्छा साल मानिए।
स्रोत: Popular varieties of arid legume crops (horse gram table) — Directorate of Pulses Development (dpd.gov.in), read from an archived copy, Notified varieties list (year of release, notification number and date) — Government of India, as hosted by Bihar DBT Agriculture, Horse gram package of practices (state variety lists, sowing, seed rate, fertiliser; source Directorate of Pulses Development) — Vikaspedia. संपादकीय नीति.
