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केरलमूल्य सहायतासक्रियअपडेट 26 सितंबर 2026

रबर उत्पादन प्रोत्साहन योजना (RPIS)

रबर का बाज़ार भाव राज्य के ₹250 प्रति किलो समर्थन मूल्य से नीचे जाए, तो केरल पंजीकृत किसान को फ़र्क़ की रकम देता है।

संचालक: वित्त (योजना-ए) विभाग, केरल सरकार — रबर बोर्ड और रबर उत्पादक समितियों के साथ

समर्थन मूल्य (3 जुलाई 2026 से)
₹250 प्रति किलो
योजना शुरू हुई
1 जुलाई 2015
चरण 12 की अवधि
1 जुलाई 2026 – 30 जून 2027
मंज़ूर सूची में उत्पादक (2024)
1.5 लाख से ज़्यादा

परिचय

रबर का भाव गिरता है तो किसान की कमाई घट जाती है, और रबर का पेड़ बड़ा होने में कई साल लगते हैं, इसलिए किसान झट से दूसरी फ़सल नहीं लगा सकता। इसी से बचाने के लिए केरल ने 1 जुलाई 2015 को यह योजना शुरू की। राज्य एक समर्थन मूल्य तय करता है। बाज़ार भाव उससे कम हो, तो राज्य पंजीकृत किसान को बीच का फ़र्क़ देता है। वित्त मंत्री ने 2024 में बताया था कि किसान को बाज़ार भाव और समर्थन मूल्य के बीच की कमी पूरी की जाती है।

समर्थन मूल्य 2015 में ₹150 प्रति किलो से शुरू हुआ (G.O.(P) No. 269/2015/Fin, 3 जुलाई 2015)। अप्रैल 2021 में यह ₹170 और अप्रैल 2024 में ₹180 हुआ। वित्त विभाग के 30 अक्टूबर 2025 के आदेश (G.O.(P) No. 134/2025/Fin) से यह ₹200 हुआ। खेती का ख़र्च बढ़ने से किसान और उनकी समितियाँ बढ़ोतरी माँग रही थीं, और 2026-27 के संशोधित राज्य बजट में ₹250 का वादा हुआ। 3 जुलाई 2026 के आदेश (G.O.(P) No. 76/2026/Fin) से यह ₹250 प्रति किलो हो गया। यह 3 जुलाई 2026 और उसके बाद की तारीख़ वाले बिलों पर लागू है।

योजना का हर साल एक “चरण” कहलाता है। चरण 11 30 जून 2026 को पूरा हुआ। चरण 12 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक चलेगा (आदेश S.O.(Print) No. 83/2026/Fin, 23 जुलाई 2026)। किसान रबर उत्पादक समिति (RPS) — यानी उत्पादकों की गाँव-स्तर की समिति — के ज़रिए पंजीकरण कराते हैं और बिल जमा करते हैं। पैसा राज्य के ई-भुगतान (EBT) पोर्टल से सीधे बैंक खाते में आता है। रबर बोर्ड ने 2024 में बताया था कि उसकी मंज़ूर सूची में 1.5 लाख से ज़्यादा छोटे और सीमांत उत्पादक हैं।

एक शर्त ज़रूर याद रखें। पंजीकरण या नवीनीकरण के समय हर किसान सहमति-पत्र पर दस्तख़त करता है। ग़लती से या अपात्र व्यक्ति को पैसा चला जाए, तो राज्य केरल राजस्व वसूली अधिनियम 1968 के तहत जुर्माने सहित वापस ले सकता है।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • रबर का बाज़ार भाव समर्थन मूल्य से कम हो, तो राज्य फ़र्क़ की रकम देता है — 3 जुलाई 2026 से यह मूल्य ₹250 प्रति किलो है।
  • पैसा राज्य के ई-भुगतान (EBT) पोर्टल से सीधे आपके बैंक खाते में आता है।
  • पंजीकरण आपकी अपनी रबर उत्पादक समिति में होता है, दूर के सरकारी दफ़्तर में नहीं।
  • एक बार पंजीकरण के बाद दोबारा पंजीकरण नहीं करना पड़ता। हर साल बस नई भू-कर रसीद देकर नवीनीकरण होता है।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • केरल का रबर उत्पादक, जिसके अपने नाम की ज़मीन पर रबर लगा हो — भू-कर रसीद उसका सबूत है।
  • रबर उत्पादक समिति के ज़रिए योजना में पंजीकृत हो और रबर बोर्ड की मंज़ूर सूची में हो।
  • रबर लाइसेंस वाले डीलर या ख़रीदार को बेचा गया हो, जो सही बिल देता है।
  • चरण 12 में सिर्फ़ 1 जुलाई 2026 या उसके बाद की तारीख़ वाले बिल गिने जाएँगे, और वह भी पंजीकरण या नवीनीकरण के बाद।
  • संयुक्त या बँटवारा-रहित ज़मीन जैसे ख़ास मामलों में रबर बोर्ड के अधिकारी की जाँच रिपोर्ट चाहिए।

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • कोई एक फ़ोटो पहचान-पत्र: आधार, मतदाता पहचान-पत्र, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट
  • रबर की सारी ज़मीन की भू-कर रसीद — नवीनीकरण के लिए चालू साल की रसीद
  • बैंक पासबुक, जिसमें खाता नंबर और IFS कोड दिखे
  • हाल का पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो (नए पंजीकरण के लिए)
  • 23 जुलाई 2026 के आदेश के साथ लगे प्रारूप में दस्तख़त किया सहमति-पत्र
  • रबर बोर्ड अधिकारी की जाँच रिपोर्ट — सिर्फ़ संयुक्त या बँटवारा-रहित ज़मीन के लिए

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

  1. 1

    अपनी रबर उत्पादक समिति खोजें

    राज्य के EBT पोर्टल (ebt.kerala.gov.in) पर “RPS Locator” देखें, या नज़दीकी रबर बोर्ड दफ़्तर से पूछें।

  2. 2

    वहीं पंजीकरण या नवीनीकरण कराएँ

    नए किसान 23 जुलाई 2026 से तीन महीने तक पंजीकरण करा सकते हैं। पहचान-पत्र, भू-कर रसीद, बैंक पासबुक, फ़ोटो और दस्तख़त किया सहमति-पत्र लेकर समिति जाएँ। पहले से पंजीकृत हैं तो दोबारा पंजीकरण नहीं करना है। बस 2026-27 की भू-कर रसीद और सहमति-पत्र दे दें। नवीनीकरण की कोई अंतिम तारीख़ नहीं है, पर नवीनीकरण के बाद की तारीख़ वाले बिल ही गिने जाते हैं।

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    लाइसेंस वाले डीलर को बेचें और हर बिल सँभालकर रखें

    सिर्फ़ लाइसेंस वाले डीलर या ख़रीदार के बिल गिने जाते हैं। पोर्टल पर “List of Purchasers” में इनकी सूची है।

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    बिल समिति के ज़रिए जाते हैं, पैसा बैंक में आता है

    समिति आपके बिल सब्सिडी के लिए भेजती है। भुगतान की स्थिति EBT पोर्टल पर “Beneficiary Status” में देख सकते हैं।

अगर कुछ गड़बड़ हो

नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।

  • योजना के बारे में सवाल या शिकायत हो तो [email protected] पर लिखें, या हेल्पडेस्क 0481-2576622 पर फ़ोन करें (सुबह 10 से शाम 5 बजे, रविवार और सरकारी छुट्टी में बंद)। दोनों राज्य के RPIS पेज पर दिए हैं।
  • बात न बने तो मुख्यमंत्री का जन-शिकायत निवारण प्रकोष्ठ है — 1076 डायल करें या cmo.kerala.gov.in पर जाएँ। अपना पंजीकरण नंबर और बिल की तारीख़ें साथ रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या बेचे गए हर किलो रबर पर मुझे ₹250 मिलेंगे?

नहीं। ₹250 समर्थन मूल्य है, भुगतान नहीं। राज्य आपके बिलों पर इस मूल्य और बाज़ार भाव के बीच का फ़र्क़ देता है। बाज़ार भाव पहले से ₹250 या उससे ऊपर हो, तो चुकाने को कोई फ़र्क़ नहीं बचता।

₹250 वाला रेट किस तारीख़ से लागू है?

3 जुलाई 2026 और उसके बाद की तारीख़ वाले बिलों पर। यह वित्त विभाग के 3 जुलाई 2026 के आदेश से है। उससे पहले के बिलों पर पहले वाला ₹200 का समर्थन मूल्य लगता है।

मैं पिछले साल पंजीकृत हुआ था। क्या दोबारा पंजीकरण कराऊँ?

नहीं। बस समिति में 2026-27 की भू-कर रसीद और दस्तख़त किया सहमति-पत्र जमा करके नवीनीकरण कराएँ। अंतिम तारीख़ नहीं है, पर सिर्फ़ नवीनीकरण के बाद की तारीख़ वाले बिल गिने जाते हैं, इसलिए जल्दी करें।

क्या नया किसान इस साल भी जुड़ सकता है?

हाँ। 23 जुलाई 2026 के आदेश में जो किसान अभी पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें आदेश की तारीख़ से तीन महीने तक जुड़ने का मौक़ा है। कागज़ लेकर अपनी रबर उत्पादक समिति जाएँ।

कौन-से बिल मंज़ूर होते हैं?

लाइसेंस वाले डीलर या ख़रीदार के बिल, जो 1 जुलाई 2026 या उसके बाद की बिक्री के हों और चरण 12 में पंजीकृत या नवीनीकृत किसान के हों। बिना लाइसेंस वाले ख़रीदार के बिल रद्द हो सकते हैं।

क्या शीट रबर के साथ लेटेक्स भी शामिल है?

राज्य के पोर्टल पर शीट और लेटेक्स दोनों का संदर्भ मूल्य चार्ट है, और लेटेक्स का समर्थन मूल्य बढ़ाने के अलग आदेश भी हैं। लेटेक्स का मौजूदा भाव और नियम अपनी समिति से पक्का कर लें।

अगर मुझे हक़ से ज़्यादा पैसा मिल जाए तो क्या होगा?

आपके सहमति-पत्र के मुताबिक़ राज्य केरल राजस्व वसूली अधिनियम 1968 के तहत जुर्माने सहित वह रकम वापस ले सकता है। इसलिए ज़मीन और बिक्री की सही जानकारी दें और सारे बिल सँभालकर रखें।

तथ्य 26 सितंबर 2026 को ebt.kerala.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.