Primorskij
SKUAST-कश्मीर के परीक्षण में सबसे अच्छी आँकी गई किस्म: नौ प्रकारों में सबसे भारी मेवा और गिरी, सबसे लंबा मेवा और गिरी, सबसे ऊँची छिलाई (57.58% और 52.05%), कागज़ जैसा पतला छिलका। यह देर से फूलती है और सबसे लंबा, नौ दिन, फूल पर रहती है।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- बादाम
- प्रकार
- कलमी पौध (बाहर से लाई गई किस्म)
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- देर से फूलने वाली; श्रीनगर के परीक्षण के पेड़ 1988 में लगे थे, और कश्मीर के लिए कलमी पेड़ के पहले फल की उम्र कहीं छपी नहीं है
- अपेक्षित उपज
- भारत के लिए उपज का कोई आँकड़ा नहीं छपा। छिलाई 57.58% और 52.05%, SKUAST-कश्मीर के मेवा-परीक्षण के दोनों साल नौ प्रकारों में सबसे ज़्यादा
- उपयुक्त मिट्टी
- गहरी, पानी निकासी वाली दोमट मिट्टी (ठंडे इलाके के बाग के लिए)
- जारी
- बाहर से लाई गई किस्म जिसे SKUAST-कश्मीर में परखा गया; भारत में जारी करने का कोई नोटिस नहीं मिला
इस किस्म के बारे में
Primorskij बाहर से लाई गई बादाम किस्म है जिसे कश्मीर घाटी में परखा गया है। श्रीनगर के शुष्क कृषि अनुसंधान केंद्र पर SKUAST-कश्मीर के मेवा और गिरी के परीक्षण में, 1988 में लगे पेड़ों पर, यह Pranyaj और Merced के साथ तीन विदेशी प्रकारों में से एक है। आकार और निकासी में यह उस परीक्षण में सबसे ऊपर रही। मेवे का वज़न 2.24 ग्राम और 2.19 ग्राम रहा, मेवे की लंबाई 39.88 मिमी और 40.69 मिमी। गिरी का वज़न 1.29 ग्राम और 1.26 ग्राम, गिरी की लंबाई 28.62 मिमी और 29.04 मिमी। छिलाई 57.58% और 52.05% रही, दोनों साल सभी नौ प्रकारों में सबसे ऊँची। छिलका कागज़ जैसा पतला है, और गिरी तथा छिलका दोनों बीच के रंग के हैं। लेखकों ने निष्कर्ष दिया कि कश्मीर के शीतोष्ण हालात में सबसे अच्छा प्रदर्शन Primorskij का रहा। उन्हीं नौ प्रकारों के फूल-अध्ययन में इसमें शुरुआती गुलाबी कली सबसे देर में आई, 11 और 12 मार्च को। यह सबसे लंबे समय तक फूल पर रही, नौ दिन। पंखुड़ियाँ गिराने में भी सबसे पीछे रही, 5 और 6 अप्रैल को। इसका पराग सबसे मज़बूत निकला, पहले साल प्रयोगशाला में 96% अंकुरण। भारत में इसका कोई जारी करने का नोटिस और उपज का आँकड़ा नहीं छपा है।
क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?
गिरी वज़न से बेचते हैं तो Primorskij चुनिए। SKUAST-कश्मीर के शुष्क कृषि अनुसंधान केंद्र पर मेवा और गिरी के दो साल के परीक्षण में इसने दोनों साल नौ प्रकारों में सबसे ऊँची छिलाई दी, 57.58% और 52.05%। मेवा भी सबसे भारी (2.24 ग्राम और 2.19 ग्राम), गिरी सबसे भारी (1.29 ग्राम और 1.26 ग्राम) और छिलका कागज़ जैसा पतला रहा। लेखकों ने यही निष्कर्ष दिया कि कश्मीर के हालात में नौ में सबसे अच्छा प्रदर्शन Primorskij का रहा। जल्दी फसल या दर्ज उपज चाहिए तो इसे मत चुनिए। भारत में इसके प्रति पेड़ या प्रति हेक्टेयर का कोई आँकड़ा नहीं छपा है। यह देर से फूलने वाले प्रकारों में है, जिसका पूरा फूल मार्च के आख़िर के आसपास आता है। CITH श्रीनगर जिन किस्मों को व्यावसायिक रोपाई के लिए सबसे आशाजनक बताता है, वैसी चाहिए तो Waris, Pranyaj या Shalimar चुनिए।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई और खेती
- दूरी6–7 मी, और उसी ब्लॉक में देर से फूलने वाला परागकर्ता
- उर्वरकछोटे पौधों में संतुलित NPK खाद। फल आने लगें तो खाद बढ़ाकर फूल के समय और तुड़ाई के बाद, दो बार में दें (पूरा कार्यक्रम खेती-गाइड में देखें)।
मिट्टी और जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- गहरी, पानी निकासी वाली दोमट मिट्टी; pH 6.0–7.5
जलवायु
- जलवायु
- SKUAST-कश्मीर के शुष्क कृषि अनुसंधान केंद्र का बाग़ लगभग 1,640 मी (34°05′ उ., 74°50′ पू.) पर है, जहाँ नवंबर से फरवरी तक ठंड रहती है।
उपज और अवधि
पकने की अवधि
देर से फूलने वाली; श्रीनगर के परीक्षण के पेड़ 1988 में लगे थे, और कश्मीर के लिए कलमी पेड़ के पहले फल की उम्र कहीं छपी नहीं है
अपेक्षित उपज
भारत के लिए उपज का कोई आँकड़ा नहीं छपा। छिलाई 57.58% और 52.05%, SKUAST-कश्मीर के मेवा-परीक्षण के दोनों साल नौ प्रकारों में सबसे ज़्यादा
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।
कीट और रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- SKUAST-कश्मीर के परीक्षण के दोनों साल नौ प्रकारों में सबसे ऊँची छिलाई, 57.58% और 52.05%।
- नौ में सबसे भारी मेवा (2.24 ग्राम और 2.19 ग्राम) और सबसे भारी गिरी (1.29 ग्राम और 1.26 ग्राम), छिलका कागज़ जैसा पतला।
- नौ में सबसे लंबा फूल, नौ दिन, और सबसे मज़बूत पराग, पहले साल 96% अंकुरण।
- देर से फूलती है, इसलिए फूल मार्च के बीच वाले उस पाले से बचा रहता है जो मख़दूम को मारता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- भारत में Primorskij की उपज का कोई आँकड़ा नहीं छपा, न प्रति पेड़ न प्रति हेक्टेयर, इसलिए परीक्षण मेवे की गुणवत्ता बताता है, टन नहीं।
- भारत में इसका कोई जारी करने का नोटिस नहीं है, इसलिए यह परखी जा रही बाहरी किस्म है, अधिसूचित किस्म नहीं।
- CITH श्रीनगर में परखी सभी बादाम किस्में पूरी तरह स्व-असंगत निकलीं, इसलिए इसे उसी समय फूलने वाला मेल खाता साथी चाहिए।
- CITH के अध्ययन में IXL के पराग से इसमें 23.87% फल बैठा, Pranyaj (34.47%) से कम और Waris (25.82%) के आसपास।
- CITH श्रीनगर इसे व्यावसायिक रोपाई की अपनी तीन सबसे आशाजनक किस्मों में नहीं गिनता।
उपयुक्त क्षेत्र
बाहर से लाई गई किस्म, जिसे कश्मीर घाटी में SKUAST-कश्मीर के शुष्क कृषि अनुसंधान केंद्र पर परखा गया है।
- जम्मू और कश्मीर
सबसे ऊँची छिलाई आपके लिए असल में कितनी कीमती है
छिलाई का प्रतिशत मेवे के वज़न में गिरी का हिस्सा है। शुष्क कृषि अनुसंधान केंद्र पर Primorskij ने पहले साल 57.58% और दूसरे साल 52.05% दी, दोनों बार नौ प्रकारों में सबसे अच्छी। सीधे हिसाब में, छिलके समेत 100 किग्रा मेवे से लगभग 52 से 58 किग्रा गिरी मिली।
इसे उसी परीक्षण के बाक़ी प्रकारों से मिलाइए। Pranyaj ने 57.52% और 51.06%, Merced ने 49.27% और 54.05%, Waris ने 49.05% और 47.50%, Shalimar ने 48.60% और 50.27%, मख़दूम ने 39.59% और 45.07%, और कड़े छिलके वाली स्थानीय चयन KD-3 ने सिर्फ़ 28.74% और 33.61% दी। मख़दूम के मुक़ाबले Primorskij हर 100 किग्रा मेवे से लगभग 10 किग्रा ज़्यादा गिरी देती है; KD-3 के मुक़ाबले 20 किग्रा से ज़्यादा।
पेच यह है कि छिलाई यह नहीं बताती कि पेड़ कितने किलो देता है। भारत में Primorskij की उपज का कोई छपा आँकड़ा नहीं है। इसलिए इसे गिरी के ख़रीदार के लिए गुणवत्ता की किस्म मानिए, पहले कुछ पेड़ लगाइए। ब्लॉक लगाने से पहले दो-तीन मौसम अपने पेड़ों का छिलके समेत मेवा और गिरी दोनों तौलिए।
क्या इसका बीज अपने पास रख सकते हैं?
यह बीज के पैकेट से नहीं, रोपण सामग्री से लगती है — सकर, कलम, ग्राफ़्ट या कंद। इसे पंजीकृत नर्सरी या सरकारी फ़ार्म से लीजिए, तभी पौधा सही किस्म का और रोग-मुक्त मिलेगा।
दूसरी किस्मों से तुलना
बादाम की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।
| किस्म | किसके लिए ठीक | फल कब से | उपज | राज्य |
|---|---|---|---|---|
| IXL | कश्मीर के उन बागों के लिए जिनमें IXL पहले से है और जिन्हें ऐसे साथी चुनने हैं जो सच में उसका परागण करें | CITH श्रीनगर के परीक्षण के पेड़ 5 से 6 साल की उम्र में फल दे रहे थे; कश्मीर के लिए कलमी पेड़ के पहले फल का आँकड़ा नहीं मिला | कश्मीर की उपज का आँकड़ा नहीं मिला। CITH श्रीनगर में खुले परागण में फल बैठना दो साल में औसत 26.27% रहा (शर्मा और शर्मा, 2011) | जम्मू और कश्मीर |
| Makhdoom | कश्मीर के उन किसानों के लिए जिनकी जगह पाले से सुरक्षित और ओट वाली है और जो सबसे अच्छे स्वाद की गिरी और मज़बूत पराग देने वाली किस्म चाहते हैं | CITH श्रीनगर के परीक्षण के पेड़ 5 से 6 साल की उम्र में फल दे रहे थे; कश्मीर के लिए कलमी पेड़ के पहले फल का आँकड़ा नहीं मिला | उपज का आँकड़ा नहीं मिला। छिलाई दो सालों में 39.59% और 45.07% रही (SKUAST-कश्मीर परीक्षण)। खुले परागण में फल बैठना कम रहा, औसत 17.96% और 2007 में पाला और बर्फ़ के बाद 5.77% (CITH श्रीनगर) | जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश |
| Merced | कश्मीर के उन किसानों के लिए जो कागज़ जैसे पतले छिलके और हल्की गिरी वाला, ऊँची छिलाई का बादाम चाहते हैं और उसके बगल में प्रान्याज लगाएँगे | CITH श्रीनगर के परीक्षण के पेड़ 5 से 6 साल की उम्र में फल दे रहे थे; कश्मीर के लिए कलमी पेड़ के पहले फल का आँकड़ा नहीं मिला | कश्मीर की उपज का आँकड़ा नहीं मिला। छिलाई पहले साल 49.27% और दूसरे साल 54.05% रही, जो दूसरे साल नौ किस्मों में सबसे ज़्यादा थी (SKUAST-कश्मीर परीक्षण) | जम्मू और कश्मीर |
| Nonpareil (California Paper Shell) | कश्मीर के उन किसानों के लिए जो CITH की सुझाई किस्म चाहते हैं और उसके बगल में प्रान्याज, प्रिमोर्स्कीज या वारिस लगाएँगे | CITH श्रीनगर के परीक्षण के पेड़ 5 से 6 साल की उम्र में फल दे रहे थे; कश्मीर के लिए कलमी पेड़ के पहले फल का आँकड़ा नहीं मिला | कश्मीर की उपज का आँकड़ा नहीं मिला। CITH श्रीनगर में खुले परागण में फल बैठना दो साल में औसत 26.53% रहा (शर्मा और शर्मा, 2011) | जम्मू और कश्मीर |
| Pranyaj | कश्मीर के उन किसानों के लिए जो ऊँचे फल बैठने और ऊँची छिलाई वाली, CITH की सुझाई किस्म चाहते हैं और उसे नॉनपैरेल के बगल में लगाएँगे | CITH श्रीनगर के परीक्षण के पेड़ 5 से 6 साल की उम्र में फल दे रहे थे; कश्मीर के लिए कलमी पेड़ के पहले फल का आँकड़ा नहीं मिला | प्रति पेड़ उपज का आँकड़ा नहीं मिला। खुले परागण में फल बैठना औसत 30.96% रहा, नौ किस्मों में दूसरा, और छिलाई 57.52% तथा 51.06% रही (CITH श्रीनगर; SKUAST-कश्मीर) | जम्मू और कश्मीर |
| Primorskijयही पेज | कश्मीर के उन किसानों के लिए जो गिरी बेचते हैं और वहाँ परखी किस्मों में सबसे ऊँची छिलाई चाहते हैं। और जो उसके बगल में देर से फूलने वाला साथी लगा सकते हैं | देर से फूलने वाली; श्रीनगर के परीक्षण के पेड़ 1988 में लगे थे, और कश्मीर के लिए कलमी पेड़ के पहले फल की उम्र कहीं छपी नहीं है | भारत के लिए उपज का कोई आँकड़ा नहीं छपा। छिलाई 57.58% और 52.05%, SKUAST-कश्मीर के मेवा-परीक्षण के दोनों साल नौ प्रकारों में सबसे ज़्यादा | जम्मू और कश्मीर |
| Shalimar | कश्मीर के उन किसानों के लिए जो खाने की गुणवत्ता पर बेचते हैं और ओट वाली ढलान पर, वारिस को पास रखकर, कागज़ जैसा पतला छिलका चाहते हैं | CITH श्रीनगर के परीक्षण के पेड़ 5 से 6 साल की उम्र में फल दे रहे थे; कश्मीर के लिए कलमी पेड़ के पहले फल का आँकड़ा नहीं मिला | उपज का आँकड़ा नहीं मिला। छिलाई दो सालों में 48.60% और 50.27% रही, और नौ किस्मों में स्वाद का सबसे ऊँचा नंबर मिला (SKUAST-कश्मीर परीक्षण); खुले परागण में फल बैठना औसत 25.02% रहा (CITH श्रीनगर) | जम्मू और कश्मीर |
| Waris | कश्मीर के उन किसानों के लिए जो CITH की सुझाई मुख्य फसल चाहते हैं और उसके बगल में शालीमार, प्रिमोर्स्कीज या प्रान्याज लगाएँगे | CITH श्रीनगर के परीक्षण के पेड़ 5 से 6 साल की उम्र में फल दे रहे थे; कश्मीर के लिए कलमी पेड़ के पहले फल का आँकड़ा नहीं मिला | CITH श्रीनगर में सबसे अच्छे फर्टिगेशन उपचार में, 2002 में लगे पेड़ों पर, 2011 में 2.41 किग्रा प्रति पेड़ और 2012 में 5.98 किग्रा प्रति पेड़ (3 x 3 मी पर 2.67 और 6.64 टन/हेक्टेयर) (कुमार और अहमद, 2014)। छिलाई 49.05% और 47.50% (SKUAST-कश्मीर परीक्षण) | जम्मू और कश्मीर |
इस फ़सल के कैलकुलेटर
आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और बादाम का भाव क्या चल रहा है।
- बीज दर कैलकुलेटरआपके बादाम के खेत के लिए कितना बीज चाहिए — आपके बोरे के अंकुरण के हिसाब से सुधारा हुआ।
- बीज किस्म खोजकइस साइट की हर बादाम किस्म को राज्य, सीज़न, अवधि और मिट्टी से छानिए।
- खाद कैलकुलेटरबादाम की एनपीके सिफ़ारिश को अपने खेत के हिसाब से यूरिया, डीएपी और एमओपी के बोरों में बदलिए।
- फ़सल लाभ कैलकुलेटरबीज, मज़दूरी और लागत को इस किस्म से मिलने वाली उपज के सामने रखकर देखिए।
- मंडी भाव जाँचकव्यापारी से भाव तय करने से पहले अपनी नज़दीकी मंडी में बादाम का आज का रेट देखिए।
सब्सिडी और सरकारी मदद
बादाम के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Primorskij में फूल कब आते हैं, और इसे कौन-सी किस्म परागित कर सकती है?
SKUAST-कश्मीर के शुष्क कृषि अनुसंधान केंद्र पर परखे नौ प्रकारों में यह सबसे देर में शुरू होती है: शुरुआती गुलाबी कली 11 और 12 मार्च को, जबकि KD-3, KD-5 और मख़दूम में 20 से 22 फरवरी को। फिर यह सबसे लंबे समय तक फूल पर रहती है, दोनों साल नौ दिन, और पंखुड़ियाँ सबसे आख़िर में गिराती है, Merced के साथ 5 और 6 अप्रैल को। इसलिए इसका साथी भी देर वाला होना चाहिए। Merced, जिसमें पूरा फूल 31 मार्च और 2 अप्रैल को आया, और Pranyaj, जिसका फूल 27 मार्च को शुरू हुआ, इससे मेल खाते हैं। मख़दूम, जिसका फूल 18 मार्च तक ख़त्म हो जाता है, मेल नहीं खाता। CITH के परागण अध्ययन में IXL के पराग से Primorskij में 23.87% फल बैठा। पहले फूल वाले साल अपने बाग़ में दोनों किस्मों को देखकर तारीख़ें लिख लीजिए, क्योंकि फूल मौसम और ऊँचाई के साथ आगे-पीछे होता है।
जब उपज का आँकड़ा नहीं है तो उस परीक्षण में Primorskij को सबसे अच्छा क्यों कहा गया?
क्योंकि उस परीक्षण ने मेवे और गिरी की गुणवत्ता नापी थी, टन नहीं। उसमें मेवे का वज़न, लंबाई-चौड़ाई, गिरी का वज़न, लंबाई-चौड़ाई, गिरी और छिलके का रंग, छिलके की कठोरता, छिलाई का प्रतिशत और स्वाद का पैनल दर्ज हुआ। Primorskij दोनों साल मेवे के वज़न, मेवे की लंबाई, गिरी के वज़न, गिरी की लंबाई और छिलाई में आगे रही, इसलिए लेखकों ने इसे कश्मीर के हालात में सबसे अच्छा बताया। यह बात आपके हाथ में आए मेवे के बारे में है, प्रति पेड़ किलो के बारे में नहीं। उपज के लिए आपको अपना रिकॉर्ड या उपज-परीक्षण चाहिए, और इस किस्म के लिए भारत में ऐसा कुछ छपा नहीं है।
असली Primorskij की पौध कहाँ से मिलेगी?
शुरुआत उन अनुसंधान केंद्रों से कीजिए जिनके पास मातृ वृक्ष हैं: SKUAST-कश्मीर, शालीमार का शुष्क कृषि अनुसंधान केंद्र और फल विज्ञान विभाग, तथा CITH श्रीनगर। Primorskij परखी जा रही बाहरी किस्म है, पीछे बीज-शृंखला वाली अधिसूचित किस्म नहीं, इसलिए निजी नर्सरी का लेबल सबूत नहीं है। बिल पर किस्म का नाम लिखवाइए, पूछिए कि कलम की लकड़ी किस मातृ बाग़ से आई, और फल दे रहा पेड़ दिखाने को कहिए। नर्सरी ये तीन जवाब न दे सके तो वही किस्म ख़रीदिए जिसकी CITH सलाह देता है, जैसे Waris, Pranyaj या Shalimar।
बिक्री के लिए कागज़ जैसा पतला छिलका अच्छा है या बुरा?
यह ख़रीदार पर निर्भर है। कागज़ जैसा पतला छिलका आसानी से टूटता है। यह गिरी के ख़रीदार और हाथ से तोड़ने वाले घर के लिए ठीक है। छिलाई का प्रतिशत ऊँचा होने की एक वजह यही है। वही पतला छिलका मेवे को चिड़ियों, कीड़ों और रखरखाव की मार से कम बचाता है, इसलिए समय पर तोड़िए, मेवा ठीक से सुखाइए और बोरों को पटकने से बचाइए। SKUAST-कश्मीर के परीक्षण में Merced और Shalimar के छिलके भी कागज़ जैसे पतले थे, Pranyaj और Waris के मुलायम, मख़दूम और KD-5 के आधे-मुलायम, और KD-3 तथा KD-6 के कड़े।
स्रोत: Majid et al., Nut and kernel characteristics of exotic and indigenous almond genotypes under temperate conditions of Kashmir valley, Int. J. Curr. Microbiol. App. Sci. 9(1), 2020, 1914-1919 (DARS, SKUAST-Kashmir), Majid et al., Floral biology of exotic and indigenous almond genotypes under temperate conditions of Kashmir valley, Int. J. Curr. Microbiol. App. Sci. 10(1), 2021, 2807-2813 (DARS, SKUAST-Kashmir), Compatibility studies in exotic and indigenous almond varieties/selections under temperate conditions of Kashmir valley — Current Journal of Applied Science and Technology 39(3), 2020 (CITH Srinagar). संपादकीय नीति.
