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सूरन (जिमीकंद)खरीफ़कंद / कंद का टुकड़ा (वानस्पतिक)अपडेट किया गया 23 सितंबर 2026

Bidhan Kusum

BCKV, कल्याणी, पश्चिम बंगाल का चयन, चिकने कंद व क्रीमी गूदे वाला। यह कितना खुजलाता है इस पर स्रोत अलग-अलग हैं, इसलिए पहले थोड़ा लगाकर देखें, और रोपण-सामग्री विश्वविद्यालय या अपने KVK से लें।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधिउपलब्ध स्रोतों में दर्ज नहीं
अपेक्षित उपजलगभग 50–55 टन/हेक्टेयर (बताई गई)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
कंद / कंद का टुकड़ा (वानस्पतिक)
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
उपलब्ध स्रोतों में दर्ज नहीं
अपेक्षित उपज
लगभग 50–55 टन/हेक्टेयर (बताई गई)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
बिधान चंद्र कृषि विश्वविद्यालय (BCKV), कल्याणी, पश्चिम बंगाल द्वारा विकसित (जारी करने का वर्ष उपलब्ध स्रोतों में दर्ज नहीं)

इस किस्म के बारे में

बिधान कुसुम बिधान चंद्र कृषि विश्वविद्यालय (BCKV), कल्याणी, पश्चिम बंगाल द्वारा चयन से पूर्वी मैदानों के लिए विकसित सूरन (जिमीकंद) की किस्म है। स्रोत इसे चिकने कंद और क्रीमी गूदे वाली ऊँची उपज वाली किस्म बताते हैं, जिसकी बताई गई उपज लगभग 50–55 टन/हेक्टेयर है। इसकी अवधि और रोग-प्रतिक्रिया जाँचे गए स्रोतों में दर्ज नहीं हैं, और कसैलेपन पर स्रोत अलग-अलग हैं — कुछ इसे नॉन-एक्रिड, कुछ एक्रिड लिखते हैं — इसलिए पहले थोड़ा लगाना और बड़ा क्षेत्र लगाने से पहले ठीक से पके कंद का स्वाद परखना समझदारी है। BCKV या अपने KVK से पूछें कि वे रोपण-सामग्री दे सकते हैं या किसी उत्पादक तक पहुँचा सकते हैं।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारकंद / कंद का टुकड़ा (वानस्पतिक)
    अवधिउपलब्ध स्रोतों में दर्ज नहीं
    उपज क्षमतालगभग 50–55 टन/हेक्टेयर (बताई गई)
    रोग-प्रतिरोधउपलब्ध स्रोतों में दर्ज नहीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

बुवाई व खेती

  • दूरीलगभग 90 × 90 सेमी पर 60 × 60 × 45 सेमी के गड्ढे
  • उर्वरक25–30 टन/हेक्टेयर गोबर की खाद और प्रति हेक्टेयर 80:60:100 किग्रा N:P₂O₅:K₂O दो खुराकों में (सूरन की सामान्य सिफ़ारिश)

उपज व अवधि

पकने की अवधि

उपलब्ध स्रोतों में दर्ज नहीं

अपेक्षित उपज

लगभग 50–55 टन/हेक्टेयर (बताई गई)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।

कीट व रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • पूर्वी मैदानों के लिए एक विश्वविद्यालय चयन, लगभग 50–55 टन/हेक्टेयर की ऊँची बताई गई उपज के साथ
  • चिकने कंद, क्रीमी गूदा

ध्यान रखने योग्य बातें

  • जाँचे गए स्रोतों में अवधि और रोग-प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हैं
  • कसैलेपन पर रिपोर्टें अलग-अलग हैं — पहले थोड़ा लगाएँ और अच्छी तरह पका कंद चखकर देखें
  • रोपण-सामग्री BCKV या अपने KVK से लें; उपलब्धता साल-दर-साल बदल सकती है

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।

  • पश्चिम बंगाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बिधान कुसुम की रोपण-सामग्री कहाँ मिलेगी?

यह BCKV (कल्याणी, पश्चिम बंगाल) की किस्म है, इसलिए विश्वविद्यालय और अपने स्थानीय KVK से शुरुआत करें। उपलब्धता साल-दर-साल बदल सकती है, इसलिए जल्दी पूछें — मार्च से मई की रोपाई से पहले — और किस्म का नाम व रोग-मुक्त खेप माँगें।

स्रोत: Bidhan Chandra Krishi Viswavidyalaya (BCKV), West Bengal, ICAR-CTCRI, Thiruvananthapuram. संपादकीय नीति.