Swagata
नवसारी कृषि विश्वविद्यालय, गुजरात का क्लोनल चयन, राज्य बीज उप-समिति से मंज़ूर — गुजरात में उपज, रोग-सहनशीलता, गूदे के रंग और स्वाद के लिए पसंद की जाती है, और एक तुलना में इसमें ऑक्सलेट कम था।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- कंद / कंद का टुकड़ा (वानस्पतिक)
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- उपलब्ध स्रोतों में दर्ज नहीं
- अपेक्षित उपज
- उपलब्ध स्रोतों में दर्ज नहीं
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- गुजरात के लिए नवसारी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा जारी, 51वीं राज्य बीज उप-समिति, गांधीनगर की मंज़ूरी के बाद; इंडियन जर्नल ऑफ़ हॉर्टिकल्चर (2024) में प्रकाशित
इस किस्म के बारे में
स्वागता नवसारी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा गुजरात में जारी की गई सूरन (जिमीकंद) की किस्म है, जो गांधीनगर में 51वीं राज्य बीज उप-समिति की बैठक के बाद मंज़ूर हुई, और जिसका ज़िक्र 2024 में इंडियन जर्नल ऑफ़ हॉर्टिकल्चर में हुआ। यह गुजरात और देश के अन्य हिस्सों से इकट्ठी पौध-सामग्री में से क्लोनल चयन से आई, विश्वविद्यालय के उस कार्यक्रम के तहत जिसमें आदिवासी इलाक़ों और बाक़ी गुजरात के लिए बेहतरीन सूरन प्रकार खोजे जाते हैं। गुजरात के किसान इसे ऊँची उपज, रोग-सहनशीलता, कंद के गूदे के अच्छे रंग और स्वाद के लिए पसंद करते हैं। जीनोटाइपों की तुलना में इसमें स्टार्च सबसे ज़्यादा (लगभग 17.9%), अच्छी एंटीऑक्सीडेंट क्षमता और कुल ऑक्सलेट सबसे कम था, जो कम खुजलाने वाले कंद का संकेत है। अवधि और उपज के आँकड़े जाँचे गए स्रोतों में नहीं मिले। नवसारी की एक नई लाइन NEFY-25 (गुजरात के लिए GEFY-2, "डांगी सूरन" नाम से जारी) ने गुजरात के परीक्षणों में औसतन लगभग 49 टन/हेक्टेयर दी, जो स्वागता से लगभग 17% और गजेंद्र से 31% ज़्यादा है।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयमानसून से पहले (खरीफ़); सटीक समय अपने KVK से पूछें
- दूरीलगभग 90 × 90 सेमी पर 60 × 60 × 45 सेमी के गड्ढे (सूरन की सामान्य दूरी)
उपज व अवधि
पकने की अवधि
उपलब्ध स्रोतों में दर्ज नहीं
अपेक्षित उपज
उपलब्ध स्रोतों में दर्ज नहीं
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- गुजरात में विकसित किस्म, जिसे स्थानीय किसान उपज, रोग-सहनशीलता, गूदे के रंग और स्वाद के लिए पसंद करते हैं
- एक अध्ययन में तुलना किए गए जीनोटाइपों में सबसे ज़्यादा स्टार्च और सबसे कम कुल ऑक्सलेट
ध्यान रखने योग्य बातें
- जाँचे गए स्रोतों में अवधि, उपज और रोग-प्रतिक्रिया के आँकड़े नहीं मिले
- नवसारी की एक नई लाइन NEFY-25 (GEFY-2, डांगी सूरन) ने गुजरात के परीक्षणों में इससे ज़्यादा उपज दी
- गुजरात के लिए सबसे उपयुक्त; रोपण-सामग्री के बारे में नवसारी कृषि विश्वविद्यालय या अपने KVK से पूछें
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- गुजरात
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गुजरात के लिए स्वागता बेहतर है या नई NEFY-25 (डांगी सूरन)?
गुजरात के परीक्षणों में नई NEFY-25 (GEFY-2, डांगी सूरन) ने लगभग 49 टन/हेक्टेयर दी, जो स्वागता से क़रीब 17% और गजेंद्र से 31% ज़्यादा है। स्वागता अब भी जानी-पहचानी मंडी वाली स्थापित स्थानीय पसंद है। नवसारी कृषि विश्वविद्यालय या अपने KVK से पूछें कि इस सीज़न वे कौन-सी दे सकते हैं।
स्रोत: Indian Horticulture — Swagata: A New High-Yielding Variety of Elephant Foot Yam, Navsari Agricultural University. संपादकीय नीति.
