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कंगनी (काकुन)खरीफ़खुली-परागितअंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

PS 4

GBPUAT पंतनगर की 1998 की उत्परिवर्तित किस्म, जो SiA 2616 से 0.2% EMS से बनी। IIMR इसे सभी राज्यों के लिए 80 से 85 दिन और 18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर बताता है, और सात राज्यों में लोकप्रिय गिनता है।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि80 से 85 दिन (IIMR)
अपेक्षित उपज18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
80 से 85 दिन (IIMR)
बीज दर
IIMR की फ़सल-स्तर की दर: क़तार में बुआई के लिए 8 से 10 किलो प्रति हेक्टेयर, छिड़काव के लिए 15 किलो। PS 4 के लिए अलग दर नहीं छपी।
अपेक्षित उपज
18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
1998 में जारी · SiA 2616 से उत्परिवर्तित (0.2% EMS), GBPUAT पंतनगर (IIMR तालिका); सभी राज्यों के लिए सुझाई गई

इस किस्म के बारे में

PS 4 कंगनी की किस्म है, जो GBPUAT पंतनगर, उत्तर प्रदेश में SiA 2616 को 0.2% EMS से उपचारित करके बनी। EMS एक रसायन है जो उत्परिवर्तन कराता है। यह 1998 में जारी हुई। IIMR की जारी किस्मों की तालिका 80 से 85 दिन और 18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर देती है, सभी राज्यों के लिए सुझाई गई, और ख़ास बात के तौर पर ज़्यादा इलाक़ों में चलना लिखती है। IIMR का पर्चा इसे सात राज्यों की लोकप्रिय किस्मों में गिनता है। तालिका में रोग की कोई श्रेणी नहीं है, और नीचे की खेती IIMR की कंगनी की फ़सल-स्तर की खेती है, इस किस्म पर नापी हुई संख्याएँ नहीं।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

आप नंद्याल और कोयंबटूर की किस्मों के गृह-राज्यों से बाहर खेती करते हों और सबसे चौड़ी सूची वाली छोटी कंगनी चाहते हों, तो PS 4 चुनिए। IIMR की तालिका इसे सभी राज्यों के लिए सुझाती है। उसका पर्चा इसे आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की लोकप्रिय किस्मों में गिनता है। यह गिनती ज़्यादातर किस्मों से ज़्यादा है। यह 80 से 85 दिन में पकती है और 18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर की सूचीबद्ध है, जो SiA 3085 (20 से 30) और SiA 3156 (20 से 25) से कम है। इसकी रोग की कोई श्रेणी नहीं। इसलिए इसे पहुँच और बीज मिलने के लिए लीजिए, सबसे ऊँची उपज के लिए नहीं।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि80 से 85 दिन (IIMR)
    उपज क्षमता18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)
    रोग-प्रतिरोधIIMR की तालिका में रोग की कोई श्रेणी नहीं; ज़्यादा इलाक़ों में चलने के लिए जानी जाती है
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयIIMR: कर्नाटक में जुलाई से अगस्त; तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में जुलाई; तमिलनाडु में रबी की फ़सल अगस्त से सितंबर। तना-मक्खी से बचने के लिए मानसून आने के 7 से 10 दिन के भीतर बोइए।
  • बीज दरIIMR की फ़सल-स्तर की दर: क़तार में बुआई के लिए 8 से 10 किलो प्रति हेक्टेयर, छिड़काव के लिए 15 किलो। PS 4 के लिए अलग दर नहीं छपी।
  • सिंचाईज़्यादातर बारानी फ़सल। ख़रीफ़ की फ़सल को सिंचाई नहीं या बहुत कम चाहिए; सूखा लंबा चले तो 1 से 2 सिंचाई दीजिए (IIMR)। गर्मी की फ़सल को 2 से 5 सिंचाई चाहिए।
  • उर्वरकIIMR की फ़सल-स्तर की मात्रा: 40 किलो नाइट्रोजन, 20 किलो P2O5 और 20 किलो K2O प्रति हेक्टेयर, जिसमें पूरा P2O5 और आधा नाइट्रोजन बुआई पर और बाक़ी नाइट्रोजन 30 दिन पर। बुआई से लगभग एक महीना पहले 5 से 10 टन/हेक्टेयर कम्पोस्ट या गोबर की खाद। मिट्टी की जाँच से घटाइए-बढ़ाइए।
  • कटाईIIMR: कंगनी बुआई के 80 से 90 दिन बाद तैयार होती है; PS 4 80 से 85 दिन की सूचीबद्ध है

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
कम-ज़्यादा उपजाऊ, अच्छी निकासी वाली मिट्टी; बलुई से भारी चिकनी तक उगती है पर पानी भरने पर नहीं (IIMR)

जलवायु

जलवायु
जहाँ सालाना बारिश 500 से 700 मिमी हो वहाँ बेहतर उगती है। पानी भरना और बहुत भारी सूखा नहीं सह पाती (IIMR)।

उपज और अवधि

पकने की अवधि

80 से 85 दिन (IIMR)

अपेक्षित उपज

18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

कीट और रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

प्रबंधन सुझाव

  • निराई: क़तार में बोई फ़सल में दो बार गुड़ाई और एक बार हाथ से निराई; 30 दिन पर टाइन-हैरो चलाना भी मदद करता है (IIMR)।
  • बीज: बुआई से पहले कार्बेन्डाज़िम 2 ग्राम प्रति किलो से उपचारित कीजिए, और 2 से 3 सेमी गहरा बोइए।

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • IIMR की तालिका में सभी राज्यों के लिए सुझाई गई, ज़्यादा इलाक़ों में चलना इसकी टिप्पणी है।
  • IIMR के पर्चे में सात राज्यों में लोकप्रिय, इसलिए बीज और स्थानीय अनुभव मिलना आसान।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • 18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर नई नंद्याल किस्मों की 20 से 25 और 20 से 30 क्विंटल/हेक्टेयर से कम है।
  • पढ़े गए स्रोतों में रोग की कोई श्रेणी या परीक्षण का नतीजा नहीं।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • आंध्र प्रदेश
  • बिहार
  • कर्नाटक
  • राजस्थान
  • तमिलनाडु
  • उत्तराखंड
  • उत्तर प्रदेश

"सभी राज्य" का मतलब क्या है और क्या नहीं

IIMR की तालिका PS 4 के अनुकूल इलाक़े में सभी राज्य लिखती है, और उसका पर्चा इसे सात राज्यों की सूचियों में रखता है: आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश। इससे पता चलता है कि यह किस्म 1998 से बड़े पैमाने पर उगाई गई है। इससे आपके ज़िले की उपज नहीं मिलती, क्योंकि छपा हुआ एक ही आँकड़ा, 18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर, पूरे देश के लिए तालिका का एक मान है।

पहुँच का फ़ायदा लीजिए, फिर आज़माइए। अपने KVK से पूछिए कि आपके पास किस राज्य-स्तर की किस्म का प्रमाणित बीज है, एक मौसम उसके पास PS 4 की एक पट्टी लगाइए, और दोनों तौलिए। PS 4 SiA 2616 से कराए उत्परिवर्तन से शुरू हुई थी, इसलिए बीज PS 4 नाम से ही ख़रीदिए, किसी भी आम कंगनी के नाम से नहीं।

क्या इसका बीज अपने पास रख सकते हैं?

यह खुली-परागित किस्म है, इसलिए अपनी अच्छी फ़सल का बीज दोबारा बोया जा सकता है। बीज सिर्फ़ रोग-मुक्त पौधों से लीजिए, ठीक से सुखाइए, ठंडी-सूखी जगह रखिए, और हर तीन-चार साल में नया प्रमाणित बीज ले आइए ताकि किस्म बिगड़े नहीं।

दूसरी किस्मों से तुलना

कंगनी (काकुन) की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
Co (Te) 7तमिलनाडु की बारानी ख़रीफ़ और रबी; रतुआ प्रतिरोध, प्रोटीन और चारा85 से 90 दिन (IIMR और TNAU)18 से 19 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR); 2000 से 2004 के TNAU परीक्षणों में औसत 1,855 किलो/हेक्टेयरतमिलनाडु
HMT 100-1कर्नाटक के वे खेत जहाँ बुआई की तारीख़ अनिश्चित है और आप 90 से 95 दिन की लंबी फ़सल दे सकते हैं90 से 95 दिन (IIMR)20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)कर्नाटक
Krishnadevaraya (SiA 2593)आंध्र प्रदेश के बारानी खेत, जहाँ आप लंबे समय से परखी हुई, दाना उपज के लिए जानी जाने वाली किस्म चाहते हैं85 से 90 दिन (IIMR)20 से 22 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)आंध्र प्रदेश
Lepakshiरायलसीमा की सूखी ज़मीन; पुरानी, सूखा सहने वाली छँटी हुई किस्म82 से 85 दिन (IIMR)18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)आंध्र प्रदेश, तेलंगाना
Narasimharayaआंध्र प्रदेश और कर्नाटक में दाने और भूसे वाले खेतलगभग 80 से 90 दिन (IIMR का फ़सल-स्तर का आँकड़ा; इस किस्म के लिए अलग से नहीं छपा)अनंतपुर में छह किस्मों में दूसरे नंबर की दाना उपज; किलो का आँकड़ा नहीं छपाआंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश
PS 4यही पेजIIMR के बताए सात राज्यों में से किसी में रहने वाले किसान, जो एक छोटी, ज़्यादा इलाक़ों में चलने वाली और लंबे रिकॉर्ड वाली किस्म चाहते हैं80 से 85 दिन (IIMR)18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश
SiA 3085दाने को प्राथमिकता वाले खेत; ब्लास्ट और डाउनी मिल्ड्यू से प्रतिरोध80 से 85 दिन (IIMR)20 से 30 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR); अनंतपुर में छह किस्मों में सबसे ज़्यादा दाना उपजआंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश
SiA 3088 (Suryanandi)कम अवधि और दोहरी फ़सल की योजनाएँ70 से 75 दिन (IIMR)20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR); प्रकाशम के किसान-खेतों में SiA 3156 से पीछेआंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, कर्नाटक, तमिलनाडु
SiA 3156खाद देने वाले खेत; सबसे लंबी राज्य-सूचियों में से एक85 से 90 दिन (IIMR)20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR); प्रकाशम के किसान-खेतों में 16.3 क्विंटल/हेक्टेयरआंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड
SiA 326बारानी खेतों के लिए पुरानी, लंबे समय से परखी हुई जाँच-किस्मलगभग 80 से 90 दिन (IIMR का फ़सल-स्तर का आँकड़ा; SiA 326 के लिए अलग से नहीं छपा)TNAU के परीक्षणों में राष्ट्रीय जाँच-किस्म के रूप में 1,477 किलो/हेक्टेयर; जारी करने की तालिका में कोई आँकड़ा नहींआंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड
Sri Lakshmi (Srilaxmi)आंध्र प्रदेश के वे किसान जो इसे पहले से उगाते हैं, या छोटी, दाना उपज वाली किस्म चाहते हैं जिसे परीक्षण अक्सर तुलना के लिए इस्तेमाल करते हैं80 से 85 दिन (IIMR)20 से 23 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)आंध्र प्रदेश
TNAU 186तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के सूखे खेत, जहाँ छोटी फ़सल और सूखा सहना ऊँची उपज से ज़्यादा मायने रखता है80 से 85 दिन (IIMR)18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और कंगनी (काकुन) का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

कंगनी (काकुन) के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

PS 4 क्या है?

GBPUAT पंतनगर की कंगनी, 1998 में जारी, SiA 2616 को 0.2% EMS से उपचारित करके बनी। IIMR सभी राज्यों के लिए 80 से 85 दिन, 18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर बताता है, ज़्यादा इलाक़ों में चलने वाली।

क्या "उत्परिवर्तित" का मतलब PS 4 संकर या GM फ़सल है?

नहीं। IIMR इसे SiA 2616 का EMS से कराया उत्परिवर्तन कहता है। यह प्रजनन की विधि है, संकर नहीं और जीन-संशोधन भी नहीं। कंगनी स्वपरागित है, इसलिए अच्छी फ़सल का बचाया बीज उसी जैसा बना रहता है।

PS 4 किन राज्यों के लिए सुझाई गई है?

IIMR की तालिका सभी राज्य कहती है। उसका पर्चा इसे आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की लोकप्रिय किस्मों में गिनता है।

क्या PS 4 की उपज SiA 3085 या SiA 3156 से कम है?

IIMR की तालिका के मान देखें तो हाँ: 18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर, जबकि SiA 3085 के 20 से 30 और SiA 3156 के 20 से 25। ये मान अलग-अलग जारी करने के सालों के हैं, आमने-सामने के परीक्षण के नहीं। PS 4 की ताक़त पहुँच है, इसलिए इसे अपने खेत में परखिए।

स्रोत: Salient features of released varieties of foxtail millet crops (1989 to 2012) — ICAR-IIMR, Foxtail Millet brochure (state-wise popular cultivars, sowing, seed rate, fertiliser, pests and diseases) — ICAR-IIMR. संपादकीय नीति.