मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
कंगनी (काकुन)खरीफ़खुली-परागितअंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

Sri Lakshmi (Srilaxmi)

ANGRAU, हैदराबाद का 2002 का शुद्ध-वंशक्रम चयन। IIMR आंध्र प्रदेश के लिए 80 से 85 दिन और 20 से 23 क्विंटल/हेक्टेयर बताता है, ज़्यादा दाना उपज के लिए जानी जाती है। नाम कई तरह से लिखा जाता है, जैसे Srilaxmi और Sreelaxmi।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि80 से 85 दिन (IIMR)
अपेक्षित उपज20 से 23 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
80 से 85 दिन (IIMR)
बीज दर
IIMR की फ़सल-स्तर की दर: क़तार में बुआई के लिए 8 से 10 किलो प्रति हेक्टेयर, छिड़काव के लिए 15 किलो। श्री लक्ष्मी के लिए अलग दर नहीं छपी।
अपेक्षित उपज
20 से 23 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
2002 में जारी · शुद्ध-वंशक्रम चयन, ANGRAU हैदराबाद (IIMR तालिका)

इस किस्म के बारे में

श्री लक्ष्मी कंगनी की किस्म है, जो ANGRAU, हैदराबाद ने 2002 में शुद्ध-वंशक्रम चयन के रूप में जारी की। IIMR की जारी किस्मों की तालिका आंध्र प्रदेश के लिए 80 से 85 दिन और 20 से 23 क्विंटल/हेक्टेयर देती है, और ज़्यादा दाना उपज लिखती है। IIMR का पर्चा नाम Sreelaxmi लिखता है और इसे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की लोकप्रिय किस्मों में गिनता है, जबकि परीक्षण-पत्र इसे Srilakshmi और Srilaxmi लिखते हैं। प्रकाशम में KVK दारसी के परीक्षणों में यह स्थानीय जाँच-किस्म थी और SiA 3156 से पीछे रही। तालिका में रोग की कोई श्रेणी नहीं है, और नीचे की खेती IIMR की कंगनी की फ़सल-स्तर की खेती है, इस किस्म पर नापी हुई संख्याएँ नहीं।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

आप आंध्र प्रदेश में खेती करते हों और छोटी, 80 से 85 दिन की किस्म चाहते हों, जिसे IIMR 20 से 23 क्विंटल/हेक्टेयर की ज़्यादा दाना उपज के लिए बताता है, तो श्री लक्ष्मी चुनिए। यह ANGRAU, हैदराबाद का 2002 का शुद्ध-वंशक्रम चयन है। प्रकाशम में KVK दारसी के किसान-खेतों के परीक्षणों में यह स्थानीय जाँच-किस्म थी, और SiA 3156 ने इससे ज़्यादा दिया। 2014 में तिरुपति में यह नाइट्रोजन के परीक्षण की चार किस्मों में थी, जहाँ SiA 3085 की उपज सबसे ज़्यादा रही। इसलिए यह भरोसे की पुरानी किस्म है, पर उन परीक्षणों में नई नंद्याल किस्में इससे आगे रहीं। IIMR की तालिका में रोग की कोई श्रेणी नहीं है।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारखुली-परागित
    अवधि80 से 85 दिन (IIMR)
    उपज क्षमता20 से 23 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)
    रोग-प्रतिरोधIIMR की तालिका में रोग की कोई श्रेणी नहीं; ज़्यादा दाना उपज के लिए जानी जाती है
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयIIMR: कर्नाटक में जुलाई से अगस्त; तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में जुलाई; तमिलनाडु में रबी की फ़सल अगस्त से सितंबर। तना-मक्खी से बचने के लिए मानसून आने के 7 से 10 दिन के भीतर बोइए।
  • बीज दरIIMR की फ़सल-स्तर की दर: क़तार में बुआई के लिए 8 से 10 किलो प्रति हेक्टेयर, छिड़काव के लिए 15 किलो। श्री लक्ष्मी के लिए अलग दर नहीं छपी।
  • सिंचाईज़्यादातर बारानी फ़सल। ख़रीफ़ की फ़सल को सिंचाई नहीं या बहुत कम चाहिए; सूखा लंबा चले तो 1 से 2 सिंचाई दीजिए (IIMR)। गर्मी की फ़सल को 2 से 5 सिंचाई चाहिए।
  • उर्वरकIIMR की फ़सल-स्तर की मात्रा: 40 किलो नाइट्रोजन, 20 किलो P2O5 और 20 किलो K2O प्रति हेक्टेयर, जिसमें पूरा P2O5 और आधा नाइट्रोजन बुआई पर और बाक़ी नाइट्रोजन 30 दिन पर। बुआई से लगभग एक महीना पहले 5 से 10 टन/हेक्टेयर कम्पोस्ट या गोबर की खाद। मिट्टी की जाँच से घटाइए-बढ़ाइए।
  • कटाईIIMR: कंगनी बुआई के 80 से 90 दिन बाद तैयार होती है; श्री लक्ष्मी 80 से 85 दिन की सूचीबद्ध है

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
कम-ज़्यादा उपजाऊ, अच्छी निकासी वाली मिट्टी; बलुई से भारी चिकनी तक उगती है पर पानी भरने पर नहीं (IIMR)

जलवायु

जलवायु
जहाँ सालाना बारिश 500 से 700 मिमी हो वहाँ बेहतर उगती है। पानी भरना और बहुत भारी सूखा नहीं सह पाती (IIMR)।

उपज और अवधि

पकने की अवधि

80 से 85 दिन (IIMR)

अपेक्षित उपज

20 से 23 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

कीट और रोग संबंधी बातें

मुख्य रोग

प्रबंधन सुझाव

  • निराई: क़तार में बोई फ़सल में दो बार गुड़ाई और एक बार हाथ से निराई; 30 दिन पर टाइन-हैरो चलाना भी मदद करता है (IIMR)।
  • बीज: बुआई से पहले कार्बेन्डाज़िम 2 ग्राम प्रति किलो से उपचारित कीजिए, और 2 से 3 सेमी गहरा बोइए।

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • छोटी, 80 से 85 दिन, और 20 से 23 क्विंटल/हेक्टेयर की ज़्यादा दाना उपज की IIMR टिप्पणी।
  • किसान-खेतों और केंद्र के परीक्षणों में तुलना की किस्म के रूप में इस्तेमाल हुई, इसलिए इसके नतीजे मिल जाते हैं।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • हमें मिले प्रकाशम और तिरुपति के परीक्षणों में नई नंद्याल किस्में इससे आगे रहीं।
  • नाम श्री लक्ष्मी, Srilakshmi, Srilaxmi और Sreelaxmi लिखा मिलता है; बीज का टैग ध्यान से देखिए।
  • IIMR की तालिका में रोग की कोई श्रेणी नहीं।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • आंध्र प्रदेश

एक किस्म, चार वर्तनी: बीज का टैग पढ़िए

IIMR की जारी तालिका श्री लक्ष्मी लिखती है। उसका पर्चा Sreelaxmi लिखता है। KVK दारसी का प्रकाशम का पत्र Srilakshmi लिखता है, और तिरुपति का नाइट्रोजन परीक्षण Srilaxmi। ये एक ही किस्म के रूप में लिखे गए हैं, ANGRAU हैदराबाद का 2002 का शुद्ध-वंशक्रम, और बीज का टैग इन चारों में से कोई भी वर्तनी इस्तेमाल कर सकता है।

दुकान पर वर्तनी नहीं, लॉट मायने रखता है। उत्पादक का नाम, लॉट नंबर वाला प्रमाणन टैग और कटाई का साल माँगिए, और देखिए कि लेबल ANGRAU की किस्म बताता है। यह भी ध्यान रखिए कि IIMR का पर्चा इस किस्म को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सूची में रखता है, आंध्र प्रदेश में नहीं जहाँ तालिका रखती है। आंध्र प्रदेश के बाहर हों तो अपने KVK से पूछिए कि उसके पास स्थानीय परीक्षण है या नहीं।

क्या इसका बीज अपने पास रख सकते हैं?

यह खुली-परागित किस्म है, इसलिए अपनी अच्छी फ़सल का बीज दोबारा बोया जा सकता है। बीज सिर्फ़ रोग-मुक्त पौधों से लीजिए, ठीक से सुखाइए, ठंडी-सूखी जगह रखिए, और हर तीन-चार साल में नया प्रमाणित बीज ले आइए ताकि किस्म बिगड़े नहीं।

दूसरी किस्मों से तुलना

कंगनी (काकुन) की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
Co (Te) 7तमिलनाडु की बारानी ख़रीफ़ और रबी; रतुआ प्रतिरोध, प्रोटीन और चारा85 से 90 दिन (IIMR और TNAU)18 से 19 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR); 2000 से 2004 के TNAU परीक्षणों में औसत 1,855 किलो/हेक्टेयरतमिलनाडु
HMT 100-1कर्नाटक के वे खेत जहाँ बुआई की तारीख़ अनिश्चित है और आप 90 से 95 दिन की लंबी फ़सल दे सकते हैं90 से 95 दिन (IIMR)20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)कर्नाटक
Krishnadevaraya (SiA 2593)आंध्र प्रदेश के बारानी खेत, जहाँ आप लंबे समय से परखी हुई, दाना उपज के लिए जानी जाने वाली किस्म चाहते हैं85 से 90 दिन (IIMR)20 से 22 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)आंध्र प्रदेश
Lepakshiरायलसीमा की सूखी ज़मीन; पुरानी, सूखा सहने वाली छँटी हुई किस्म82 से 85 दिन (IIMR)18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)आंध्र प्रदेश, तेलंगाना
Narasimharayaआंध्र प्रदेश और कर्नाटक में दाने और भूसे वाले खेतलगभग 80 से 90 दिन (IIMR का फ़सल-स्तर का आँकड़ा; इस किस्म के लिए अलग से नहीं छपा)अनंतपुर में छह किस्मों में दूसरे नंबर की दाना उपज; किलो का आँकड़ा नहीं छपाआंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश
PS 4IIMR के बताए सात राज्यों में से किसी में रहने वाले किसान, जो एक छोटी, ज़्यादा इलाक़ों में चलने वाली और लंबे रिकॉर्ड वाली किस्म चाहते हैं80 से 85 दिन (IIMR)18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश
SiA 3085दाने को प्राथमिकता वाले खेत; ब्लास्ट और डाउनी मिल्ड्यू से प्रतिरोध80 से 85 दिन (IIMR)20 से 30 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR); अनंतपुर में छह किस्मों में सबसे ज़्यादा दाना उपजआंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश
SiA 3088 (Suryanandi)कम अवधि और दोहरी फ़सल की योजनाएँ70 से 75 दिन (IIMR)20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR); प्रकाशम के किसान-खेतों में SiA 3156 से पीछेआंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, कर्नाटक, तमिलनाडु
SiA 3156खाद देने वाले खेत; सबसे लंबी राज्य-सूचियों में से एक85 से 90 दिन (IIMR)20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR); प्रकाशम के किसान-खेतों में 16.3 क्विंटल/हेक्टेयरआंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड
SiA 326बारानी खेतों के लिए पुरानी, लंबे समय से परखी हुई जाँच-किस्मलगभग 80 से 90 दिन (IIMR का फ़सल-स्तर का आँकड़ा; SiA 326 के लिए अलग से नहीं छपा)TNAU के परीक्षणों में राष्ट्रीय जाँच-किस्म के रूप में 1,477 किलो/हेक्टेयर; जारी करने की तालिका में कोई आँकड़ा नहींआंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड
Sri Lakshmi (Srilaxmi)यही पेजआंध्र प्रदेश के वे किसान जो इसे पहले से उगाते हैं, या छोटी, दाना उपज वाली किस्म चाहते हैं जिसे परीक्षण अक्सर तुलना के लिए इस्तेमाल करते हैं80 से 85 दिन (IIMR)20 से 23 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)आंध्र प्रदेश
TNAU 186तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के सूखे खेत, जहाँ छोटी फ़सल और सूखा सहना ऊँची उपज से ज़्यादा मायने रखता है80 से 85 दिन (IIMR)18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और कंगनी (काकुन) का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

कंगनी (काकुन) के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

श्री लक्ष्मी कंगनी क्या है?

ANGRAU, हैदराबाद की 2002 में शुद्ध-वंशक्रम चयन के रूप में जारी कंगनी। IIMR आंध्र प्रदेश के लिए 80 से 85 दिन और 20 से 23 क्विंटल/हेक्टेयर बताता है, ज़्यादा दाना उपज के लिए जानी जाती है।

क्या श्री लक्ष्मी, Srilakshmi और Sreelaxmi एक ही किस्म हैं?

हमारे पढ़े स्रोत ANGRAU हैदराबाद की 2002 की किस्म के लिए ये सभी वर्तनी इस्तेमाल करते हैं। हमें ऐसा कोई स्रोत नहीं मिला जो इन्हें अलग किस्में माने। टैग पर उत्पादक और लॉट नंबर देखिए, वर्तनी नहीं।

श्री लक्ष्मी SiA 3156 और SiA 3085 के सामने कैसी रही?

प्रकाशम में KVK दारसी के किसान-खेतों के परीक्षणों (2016-17 से 2018-19) में SiA 3156 का औसत 16.3 क्विंटल/हेक्टेयर रहा और वह स्थानीय जाँच-किस्म Srilakshmi से आगे रही। तिरुपति में ख़रीफ़ 2014 में चार किस्में 0, 25 और 50 किलो नाइट्रोजन प्रति हेक्टेयर के साथ उगाई गईं, और SiA 3085 की उपज सबसे ज़्यादा रही। इसलिए उन दो परीक्षणों में नई किस्में आगे रहीं।

क्या मैं श्री लक्ष्मी आंध्र प्रदेश के बाहर उगा सकता हूँ?

IIMR की जारी तालिका आंध्र प्रदेश गिनती है, और उसका पर्चा इस किस्म को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सूची में रखता है। हमारे पढ़े स्रोतों में उन राज्यों का कोई परीक्षण नहीं था, इसलिए पहले छोटा खंड लगाइए और अपने KVK से पूछिए।

स्रोत: Salient features of released varieties of foxtail millet crops (1989 to 2012) — ICAR-IIMR, Foxtail Millet brochure (state-wise popular cultivars, sowing, seed rate, fertiliser, pests and diseases) — ICAR-IIMR. संपादकीय नीति.