HMT 100-1
RS 118 x PS 3 से ARS हनुमनमट्टी, UAS धारवाड़ की 2008 की किस्म। IIMR कर्नाटक के लिए 90 से 95 दिन और 20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर बताता है, ज़्यादा कल्ले फूटने वाली और जल्दी और देर की बुआई के लिए ठीक।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- खुली-परागित
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- 90 से 95 दिन (IIMR)
- बीज दर
- IIMR की फ़सल-स्तर की दर: क़तार में बुआई के लिए 8 से 10 किलो प्रति हेक्टेयर, छिड़काव के लिए 15 किलो। HMT 100-1 के लिए अलग दर नहीं छपी।
- अपेक्षित उपज
- 20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)
- उपयुक्त मिट्टी
- दोमट
- जारी
- 2008 में जारी · RS 118 x PS 3, ARS हनुमनमट्टी, UAS धारवाड़ (IIMR तालिका)
इस किस्म के बारे में
HMT 100-1 कंगनी की किस्म है, जो कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय (UAS), धारवाड़ के कृषि अनुसंधान केंद्र, हनुमनमट्टी ने RS 118 x PS 3 के संकरण से बनाई और 2008 में जारी की। IIMR की जारी किस्मों की तालिका कर्नाटक के लिए 90 से 95 दिन और औसत उपज 20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर देती है, ज़्यादा कल्ले और जल्दी और देर की बुआई के लिए ठीक लिखती है। IIMR का पर्चा इसे कर्नाटक की लोकप्रिय किस्मों में गिनता है। तालिका में रोग की कोई श्रेणी नहीं है, और नीचे की खेती IIMR की कंगनी की फ़सल-स्तर की खेती है, इस किस्म पर नापी हुई संख्याएँ नहीं।
क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?
आप कर्नाटक में खेती करते हों और बुआई की तारीख़ खिसक सकती हो, तो HMT 100-1 चुनिए। IIMR इसे जल्दी और देर की बुआई के लिए ठीक और ख़ूब कल्ले फोड़ने वाली बताता है। IIMR की तालिका की कंगनियों में यह सबसे लंबी है, 90 से 95 दिन, और 20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर। UAS धारवाड़ की 2008 की किस्म (RS 118 x PS 3) सिर्फ़ कर्नाटक के लिए सूचीबद्ध है। छोटी फ़सल चाहिए तो सूर्यनंदी (SiA 3088) 70 से 75 दिन में पकती है। रोग की श्रेणी चाहिए तो SiA 3085 ब्लास्ट और डाउनी मिल्ड्यू की प्रतिरोधी बताई गई है। HMT 100-1 की तालिका में कोई नहीं है।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई और खेती
- बुवाई का समयIIMR: कर्नाटक में जुलाई से अगस्त; तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में जुलाई; तमिलनाडु में रबी की फ़सल अगस्त से सितंबर। तना-मक्खी से बचने के लिए मानसून आने के 7 से 10 दिन के भीतर बोइए।
- बीज दरIIMR की फ़सल-स्तर की दर: क़तार में बुआई के लिए 8 से 10 किलो प्रति हेक्टेयर, छिड़काव के लिए 15 किलो। HMT 100-1 के लिए अलग दर नहीं छपी।
- सिंचाईज़्यादातर बारानी फ़सल। ख़रीफ़ की फ़सल को सिंचाई नहीं या बहुत कम चाहिए; सूखा लंबा चले तो 1 से 2 सिंचाई दीजिए (IIMR)। गर्मी की फ़सल को 2 से 5 सिंचाई चाहिए।
- उर्वरकIIMR की फ़सल-स्तर की मात्रा: 40 किलो नाइट्रोजन, 20 किलो P2O5 और 20 किलो K2O प्रति हेक्टेयर, जिसमें पूरा P2O5 और आधा नाइट्रोजन बुआई पर और बाक़ी नाइट्रोजन 30 दिन पर। बुआई से लगभग एक महीना पहले 5 से 10 टन/हेक्टेयर कम्पोस्ट या गोबर की खाद। मिट्टी की जाँच से घटाइए-बढ़ाइए।
- कटाईIIMR: कंगनी बुआई के 80 से 90 दिन बाद तैयार होती है; HMT 100-1 90 से 95 दिन की सूचीबद्ध है, इसलिए कटाई छोटी किस्मों से देर से सोचिए
मिट्टी और जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- कम-ज़्यादा उपजाऊ, अच्छी निकासी वाली मिट्टी; बलुई से भारी चिकनी तक उगती है पर पानी भरने पर नहीं (IIMR)
जलवायु
- जलवायु
- जहाँ सालाना बारिश 500 से 700 मिमी हो वहाँ बेहतर उगती है। पानी भरना और बहुत भारी सूखा नहीं सह पाती (IIMR)।
उपज और अवधि
पकने की अवधि
90 से 95 दिन (IIMR)
अपेक्षित उपज
20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR)
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।
कीट और रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- ब्लास्ट और रस्ट: IIMR ब्लास्ट के लिए कार्बेन्डाज़िम 0.1% या ट्राइसाइक्लाज़ोल 0.05% और रस्ट के लिए मैंकोज़ेब 0.2% बताता है, सिर्फ़ तब जब वे शुरू में दिखें
- दाना कंडुआ (स्मट): बीज को कार्बोक्सिन या कार्बेन्डाज़िम 2 ग्राम प्रति किलो से उपचारित कीजिए
- डाउनी मिल्ड्यू (हरी बाली): बीज को रिडोमिल MZ 6 ग्राम प्रति किलो से उपचारित कीजिए और प्रभावित पौधे उखाड़ दीजिए
मुख्य कीट
- तना-मक्खी: जल्दी बोइए, बीज दर थोड़ी बढ़ाइए, डेड-हार्ट वाले पौधे उखाड़िए, या बीज को इमिडाक्लोप्रिड या थायोमेथोक्साम से उपचारित कीजिए (IIMR)
- सेना कीट, कटुआ और पत्ती खुरचने वाला भृंग: कभी-कभार आते हैं, पर गंभीर हो सकते हैं
प्रबंधन सुझाव
- निराई: क़तार में बोई फ़सल में दो बार गुड़ाई और एक बार हाथ से निराई; 30 दिन पर टाइन-हैरो चलाना भी मदद करता है (IIMR)।
- बीज: बुआई से पहले कार्बेन्डाज़िम 2 ग्राम प्रति किलो से उपचारित कीजिए, और 2 से 3 सेमी गहरा बोइए।
फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- IIMR के अनुसार ज़्यादा कल्ले और जल्दी और देर की बुआई के लिए ठीक।
- कर्नाटक के केंद्र की 20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर की सूची, कर्नाटक इसका नामित राज्य।
ध्यान रखने योग्य बातें
- IIMR की कंगनी तालिका में सबसे लंबी अवधि, 90 से 95 दिन, यानी देर से कटाई और खेत के लिए लंबा इंतज़ार।
- रोग की कोई श्रेणी नहीं, और सिर्फ़ कर्नाटक के लिए सूचीबद्ध।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।
- कर्नाटक
जल्दी या देर की बुआई: 90 से 95 दिन गिनिए
IIMR कर्नाटक में ख़रीफ़ की बुआई का दायरा जुलाई से अगस्त बताता है, और HMT 100-1 को जल्दी और देर की बुआई के लिए ठीक कहता है। अपनी तारीख़ के लिए हिसाब लगाइए। 15 जुलाई को बोने पर 90 से 95 दिन की फ़सल लगभग 13 से 18 अक्टूबर को तैयार होती है। 15 अगस्त को बोने पर लगभग 13 से 18 नवंबर को। देर की तारीख़ कटाई को ठंडे, सूखे हफ़्तों में ले जाती है, इसलिए खलिहान और सुखाने की जगह उसी हिसाब से सोचिए।
IIMR यह भी कहता है कि मानसून आने के 7 से 10 दिन के भीतर जल्दी बोने से तना-मक्खी से बचाव होता है। देर की बुआई सह लेने वाली किस्म गद्दी है, इंतज़ार की वजह नहीं। मिट्टी नम हो तब जल्दी बोइए, और सूखा रोक ले तो देर की बुआई को बचाव मानिए। इसके ज़्यादा कल्ले का मतलब यह भी है कि पौधे क़तार भर सकते हैं। इसलिए अपने KVK से पूछिए कि IIMR के 8 से 10 किलो प्रति हेक्टेयर के भीतर बीज दर घटानी चाहिए या नहीं।
क्या इसका बीज अपने पास रख सकते हैं?
यह खुली-परागित किस्म है, इसलिए अपनी अच्छी फ़सल का बीज दोबारा बोया जा सकता है। बीज सिर्फ़ रोग-मुक्त पौधों से लीजिए, ठीक से सुखाइए, ठंडी-सूखी जगह रखिए, और हर तीन-चार साल में नया प्रमाणित बीज ले आइए ताकि किस्म बिगड़े नहीं।
दूसरी किस्मों से तुलना
कंगनी (काकुन) की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।
| किस्म | किसके लिए ठीक | फल कब से | उपज | राज्य |
|---|---|---|---|---|
| Co (Te) 7 | तमिलनाडु की बारानी ख़रीफ़ और रबी; रतुआ प्रतिरोध, प्रोटीन और चारा | 85 से 90 दिन (IIMR और TNAU) | 18 से 19 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR); 2000 से 2004 के TNAU परीक्षणों में औसत 1,855 किलो/हेक्टेयर | तमिलनाडु |
| HMT 100-1यही पेज | कर्नाटक के वे खेत जहाँ बुआई की तारीख़ अनिश्चित है और आप 90 से 95 दिन की लंबी फ़सल दे सकते हैं | 90 से 95 दिन (IIMR) | 20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR) | कर्नाटक |
| Krishnadevaraya (SiA 2593) | आंध्र प्रदेश के बारानी खेत, जहाँ आप लंबे समय से परखी हुई, दाना उपज के लिए जानी जाने वाली किस्म चाहते हैं | 85 से 90 दिन (IIMR) | 20 से 22 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR) | आंध्र प्रदेश |
| Lepakshi | रायलसीमा की सूखी ज़मीन; पुरानी, सूखा सहने वाली छँटी हुई किस्म | 82 से 85 दिन (IIMR) | 18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR) | आंध्र प्रदेश, तेलंगाना |
| Narasimharaya | आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में दाने और भूसे वाले खेत | लगभग 80 से 90 दिन (IIMR का फ़सल-स्तर का आँकड़ा; इस किस्म के लिए अलग से नहीं छपा) | अनंतपुर में छह किस्मों में दूसरे नंबर की दाना उपज; किलो का आँकड़ा नहीं छपा | आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश |
| PS 4 | IIMR के बताए सात राज्यों में से किसी में रहने वाले किसान, जो एक छोटी, ज़्यादा इलाक़ों में चलने वाली और लंबे रिकॉर्ड वाली किस्म चाहते हैं | 80 से 85 दिन (IIMR) | 18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR) | आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश |
| SiA 3085 | दाने को प्राथमिकता वाले खेत; ब्लास्ट और डाउनी मिल्ड्यू से प्रतिरोध | 80 से 85 दिन (IIMR) | 20 से 30 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR); अनंतपुर में छह किस्मों में सबसे ज़्यादा दाना उपज | आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश |
| SiA 3088 (Suryanandi) | कम अवधि और दोहरी फ़सल की योजनाएँ | 70 से 75 दिन (IIMR) | 20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR); प्रकाशम के किसान-खेतों में SiA 3156 से पीछे | आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, कर्नाटक, तमिलनाडु |
| SiA 3156 | खाद देने वाले खेत; सबसे लंबी राज्य-सूचियों में से एक | 85 से 90 दिन (IIMR) | 20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR); प्रकाशम के किसान-खेतों में 16.3 क्विंटल/हेक्टेयर | आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड |
| SiA 326 | बारानी खेतों के लिए पुरानी, लंबे समय से परखी हुई जाँच-किस्म | लगभग 80 से 90 दिन (IIMR का फ़सल-स्तर का आँकड़ा; SiA 326 के लिए अलग से नहीं छपा) | TNAU के परीक्षणों में राष्ट्रीय जाँच-किस्म के रूप में 1,477 किलो/हेक्टेयर; जारी करने की तालिका में कोई आँकड़ा नहीं | आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड |
| Sri Lakshmi (Srilaxmi) | आंध्र प्रदेश के वे किसान जो इसे पहले से उगाते हैं, या छोटी, दाना उपज वाली किस्म चाहते हैं जिसे परीक्षण अक्सर तुलना के लिए इस्तेमाल करते हैं | 80 से 85 दिन (IIMR) | 20 से 23 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR) | आंध्र प्रदेश |
| TNAU 186 | तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के सूखे खेत, जहाँ छोटी फ़सल और सूखा सहना ऊँची उपज से ज़्यादा मायने रखता है | 80 से 85 दिन (IIMR) | 18 से 20 क्विंटल/हेक्टेयर (IIMR) | तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक |
इस फ़सल के कैलकुलेटर
आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और कंगनी (काकुन) का भाव क्या चल रहा है।
- बीज दर कैलकुलेटरआपके कंगनी (काकुन) के खेत के लिए कितना बीज चाहिए — आपके बोरे के अंकुरण के हिसाब से सुधारा हुआ।
- अंकुरण कैलकुलेटरबुवाई से पहले बोरे के 100 बीज जाँचिए और देखिए कि बीज बोने लायक है या नहीं।
- बीज किस्म खोजकइस साइट की हर कंगनी (काकुन) किस्म को राज्य, सीज़न, अवधि और मिट्टी से छानिए।
- खाद कैलकुलेटरकंगनी (काकुन) की एनपीके सिफ़ारिश को अपने खेत के हिसाब से यूरिया, डीएपी और एमओपी के बोरों में बदलिए।
- फ़सल कैलेंडरआपके राज्य में कंगनी (काकुन) की बुवाई, निराई, सिंचाई और कटाई के महीने।
- फ़सल लाभ कैलकुलेटरबीज, मज़दूरी और लागत को इस किस्म से मिलने वाली उपज के सामने रखकर देखिए।
- मंडी भाव जाँचकव्यापारी से भाव तय करने से पहले अपनी नज़दीकी मंडी में कंगनी (काकुन) का आज का रेट देखिए।
सब्सिडी और सरकारी मदद
कंगनी (काकुन) के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
HMT 100-1 क्या है?
RS 118 x PS 3 से ARS हनुमनमट्टी, UAS धारवाड़ की 2008 में जारी कंगनी। IIMR कर्नाटक के लिए 90 से 95 दिन और 20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर बताता है, ज़्यादा कल्ले वाली, जल्दी और देर की बुआई के लिए ठीक।
HMT 100-1 को जल्दी और देर की बुआई के लिए ठीक क्यों कहा जाता है?
IIMR की तालिका इसे ज़्यादा कल्लों के साथ इसकी ख़ास बात बताती है, और बुआई की तारीख़ के हिसाब से कोई परीक्षण या उपज नहीं देती। इसे केंद्र का अवलोकन मानिए और मिट्टी नम हो तब जल्दी बोइए।
कर्नाटक में HMT 100-1 या SiA 3085?
IIMR दोनों को कर्नाटक के लिए गिनता है। HMT 100-1 90 से 95 दिन, 20 से 25 क्विंटल/हेक्टेयर, ज़्यादा कल्ले। SiA 3085 80 से 85 दिन, 20 से 30 क्विंटल/हेक्टेयर, ब्लास्ट और डाउनी मिल्ड्यू की प्रतिरोधी। रोग से नुकसान हुआ हो या मौसम छोटा हो तो SiA 3085 की तरफ़ झुकिए।
क्या मैं HMT 100-1 कर्नाटक के बाहर उगा सकता हूँ?
IIMR इसे सिर्फ़ कर्नाटक के लिए सूचीबद्ध करता है और हमें दूसरे राज्य का कोई परीक्षण नहीं मिला। कहीं और बड़ा रक़बा लगाने से पहले अपने KVK से पूछिए और पहले छोटा खंड लगाइए।
स्रोत: Salient features of released varieties of foxtail millet crops (1989 to 2012) — ICAR-IIMR, Foxtail Millet brochure (state-wise popular cultivars, sowing, seed rate, fertiliser, pests and diseases) — ICAR-IIMR. संपादकीय नीति.
