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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
कटहलसभी सीज़नकलमी पौधा (प्रमाणित किसान-चयन)अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026

Siddu Jack

तुमकुर के चेलूर, कर्नाटक में एक किसान के पेड़ से मिली तांबई-लाल फलियों वाली कटहल, जिसे ICAR-IIHR के CHES हिरेहल्ली ने 2014 के सर्वे में चुना। IIHR के अनुसार फल लगभग 2.44 किलो का, 25–30 फलियों वाला, TSS 31.0 °ब्रिक्स, जबकि सफ़ेद फलियों वाली किस्मों में 27.0। IIHR का अनुमान लगभग 450 फल और 1,098 किलो प्रति पेड़ है।

सीज़नसभी सीज़न
फल कब सेकलमी पेड़। मूल पेड़ लगभग 35 साल का। IIHR कलमों के फल देने की उम्र नहीं बताता।
अपेक्षित उपजIIHR का अनुमान: लगभग 450 फल, 1,098 किलो प्रति पेड़ (फल लगभग 2.44 किलो)। यह मूल पेड़ का अनुमान है, बहु-स्थान परीक्षण नहीं।
उपयुक्त मिट्टीसभी मिट्टी

ज़रूरी तथ्य

फसल
कटहल
प्रकार
कलमी पौधा (प्रमाणित किसान-चयन)
सीज़न
सभी सीज़न
फल कब से
कलमी पेड़। मूल पेड़ लगभग 35 साल का। IIHR कलमों के फल देने की उम्र नहीं बताता।
अपेक्षित उपज
IIHR का अनुमान: लगभग 450 फल, 1,098 किलो प्रति पेड़ (फल लगभग 2.44 किलो)। यह मूल पेड़ का अनुमान है, बहु-स्थान परीक्षण नहीं।
उपयुक्त मिट्टी
सभी मिट्टी
रोग-प्रतिरोध
कोई खास रोग-प्रतिरोध दर्ज नहीं
जारी
कर्नाटक की किसान-चयन, जिसे बेंगलुरु के ICAR-भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR) ने लगभग 2019 में प्रमाणित किया और बढ़ावा दिया

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

सिद्दू कर्नाटक के तुमकुर ज़िले के चेलूर के एक किसान की छँटाई है। ICAR-IIHR के केंद्रीय बाग़वानी प्रयोग केंद्र, हिरेहल्ली ने 2014 में दक्षिणी कर्नाटक के पारंपरिक कटहल इलाक़ों का सर्वे किया। चुने गए 128 नमूनों में से 42 जाँचे गए, और इस पेड़ को एक बेहतर नमूने के रूप में चुना गया। मूल पेड़ लगभग 35 साल का और चौड़ा पिरामिड जैसा है। IIHR के अनुसार फल लगभग 2.44 किलो का, छोटे वर्ग (2–5 किलो) का, बेढंगे आकार का, 25–30 फलियों वाला है। फलियाँ तांबई-लाल, 24.5 ग्राम की और 8.5 मिलीमीटर मोटी हैं, TSS 31.0 °ब्रिक्स, जबकि सफ़ेद फलियों वाली किस्मों में 27.0। IIHR का अनुमान लगभग 450 फल और 1,098 किलो प्रति पेड़ है। ICAR की एक और रिपोर्ट सिद्दू और शंकर को सर्वे से चुनी गई दो तांबई-लाल छँटाइयों के रूप में बताती है। IIHR के पन्ने पर औपचारिक रिलीज़, अधिसूचना या प्रमाणन नहीं लिखा है।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

फलियाँ सीधे बेचते हैं और अलग दिखने वाला रंग चाहिए, तो सिद्दू चुनिए: तांबई-लाल फलियाँ, TSS 31.0 °ब्रिक्स जबकि सफ़ेद फलियों वाली किस्मों में 27.0 (IIHR)। फल छोटा है, लगभग 2.44 किलो, इसलिए उस ख़रीदार के लिए ठीक है जिसे छोटा, सँभालने में आसान फल चाहिए। सिद्ध पैदावार के लिए इसे मत चुनिए। IIHR का 1,098 किलो प्रति पेड़ एक 35 साल के मूल पेड़ का अनुमान है। विश्वविद्यालय के पैदावार आँकड़े चाहिए तो पालूर-1 लीजिए (TNAU: लगभग 900 किलो प्रति पेड़, 12 किलो का फल)।

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयकलमी पौधे जून–दिसंबर में लगाइए (TNAU)। नर्सरी के पौधों के लिए क्लेफ्ट ग्राफ्टिंग जुलाई–अगस्त में 4 महीने के बीजू मूलवृंत पर होती है।
  • दूरी8 × 8 मीटर (TNAU), हर तरफ़ 1 मीटर के गड्ढों में। असम की 2021 की खेती-पुस्तिका अपनी स्थानीय और सिंगापुर किस्मों के लिए 10–12 मीटर बताती है।
  • बुवाई विधिकलमी पौधा लगाइए, बीजू नहीं। TNAU हर गड्ढे में ऊपरी मिट्टी के साथ 10 किलो गोबर की खाद और 1 किलो नीम की खली मिलाकर भरता है। रोपाई के समय मिट्टी का pH लगभग 5.5 पसंद करता है; मिट्टी ज़्यादा क्षारीय हो तो TNAU गड्ढे में 1% एल्युमिनियम सल्फ़ेट डालता है।
  • सिंचाईपौधा जमने तक हफ़्ते में एक बार पानी दीजिए। उसके बाद ज़रूरत पड़ने पर ही (TNAU)।
  • उर्वरकTNAU प्रति पेड़, दो बार में (मई–जून और सितंबर–अक्टूबर): 1 साल के पेड़ को 10 किलो गोबर की खाद, 150 ग्राम N, 80 ग्राम P, 100 ग्राम K, और हर साल उतनी ही मात्रा बढ़ाते जाइए। 6वें साल से: 50 किलो गोबर की खाद, 750 ग्राम N, 400 ग्राम P, 500 ग्राम K।
  • कटाईTNAU के अनुसार कलमी पेड़ 5वें साल से (बीजू पेड़ 8वें साल से) फल देते हैं, और तुड़ाई मार्च–जुलाई में चलती है। TNAU फसल की उपज 30–40 टन प्रति हेक्टेयर बताता है।

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
गहरी, अच्छे जल-निकास वाली मिट्टी (TNAU)। समृद्ध गहरी जलोढ़ मिट्टी में सबसे अच्छा चलता है (असम पुस्तिका)।
pH
5.5

जलवायु

जलवायु
मैदानों में और 1,200 मीटर की ऊँचाई तक अच्छा चलता है (TNAU)।

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • तांबई-लाल फलियाँ, जो कटहल की कम ही किस्मों में मिलती हैं।
  • TSS 31.0 °ब्रिक्स, जबकि सफ़ेद फलियों वाली किस्मों में 27.0 (IIHR)।
  • छोटा फल, लगभग 2.44 किलो, 12 किलो के फल से पूरा बेचना आसान।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • पैदावार (1,098 किलो प्रति पेड़) एक 35 साल के पेड़ का अनुमान है, कई जगहों का परीक्षण नहीं।
  • छोटा फल यानी उतने ही वज़न के लिए ज़्यादा फल तोड़ने और सँभालने पड़ते हैं।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • कर्नाटक

रंग बेचना: तांबई-लाल फली का क्या करें

ज़्यादातर कटहल पीला या फीका होता है। सिद्दू की तांबई-लाल फली, TSS 31.0 °ब्रिक्स जबकि सफ़ेद फलियों वाली किस्मों में 27.0 (IIHR), वह चीज़ है जिसे ख़रीदार देख और चख सकता है। किसान का काम इस फ़र्क़ को बेहतर भाव में बदलना है।

इसे फलियों के रूप में बेचिए, पूरे फल के रूप में नहीं। पूरा फल रंग छिपा लेता है, और लगभग 2.44 किलो पर वह छोटा भी है। पारदर्शी डिब्बे में पैक फलियाँ रंग दिखाती हैं। फ़ार्म के फाटक या साप्ताहिक बाज़ार में कुछ कटे फल मंडी में बिना निशान की बोरी से ज़्यादा नाम बनाएँगे।

नाम सच्चा रखिए। बताइए कि आपके पौधे किस पेड़ के हैं, और ख़रीदार को हर बार वही फल दीजिए। नियमित ख़रीदार के लिए पर्याप्त माल न दे सकें तो अपने शहर में सीधी बिक्री से शुरू कीजिए। बाग़ की योजना IIHR के 1,098 किलो के अनुमान पर मत बनाइए। पहले अपने फल गिनिए।

रोपाई सामग्री कहाँ से आती है

यह कलमी (ग्राफ़्टेड) पौधा है — ऊपर यह किस्म, नीचे मूलवृंत। इसके फल के बीज से यही किस्म नहीं उगती, इसलिए इसका बीज रखा नहीं जा सकता। कलमी पौधे पंजीकृत नर्सरी या सरकारी फ़ार्म से ख़रीदिए, तभी पौधा सही किस्म का और रोग-मुक्त मिलेगा।

दूसरी किस्मों से तुलना

कटहल की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
Gumless Jackकम दूध वाला कटहल, उन किसानों के लिए जो फलियाँ काटकर पैक करते हैं और साफ़-सुथरा काम चाहते हैं। इसे तब तक इसी गुण पर भरोसा करके लगाया जाता है, जब तक कोई परीक्षण और न बताएकलमी पेड़। NIF के अनुसार पहली कलम (1988) लगभग तीन साल बाद फल देने लगी।परीक्षण की कोई छपी पैदावार नहीं। NIF के अनुसार पहले कलमी पेड़ ने फल देने के दूसरे साल 10 फल दिए।कर्नाटक
Konkan Prolificकोंकण तट के नाम वाली कटहल किस्म, जिसे पहले छोटे खंड पर आज़माना ठीक है, क्योंकि हमें पैदावार, फल या जारी होने का कोई जाँचा हुआ आँकड़ा नहीं मिलाकलमी पेड़। इस किस्म के लिए फल के महीने या उम्र का कोई आँकड़ा नहीं मिला।प्रति पेड़ या प्रति हेक्टेयर का कोई जाँचा हुआ आँकड़ा नहीं मिला।महाराष्ट्र, गोवा
Palur-1 (PLR-1)दर्ज की हुई, ज़्यादा उपज वाली कटहल किस्म, जिसकी नवंबर–दिसंबर में दूसरी फसल आती है, एक पेड़ से लगातार आमदनी के लिए चुनी जाती हैनियमित फसल अप्रैल–जून और बेमौसमी फसल नवंबर–दिसंबर (TNAU)। TNAU के अनुसार कटहल की कलमें 5वें साल से फल देने लगती हैं।साल में लगभग 80 फल, क़रीब 900 किलो प्रति पेड़; औसत फल 12 किलो (TNAU)तमिलनाडु
Rudrakshiछोटे फल वाली स्थानीय कटहल, घर के बाग़ और स्थानीय बिक्री के लिए, जो परीक्षण के रिकॉर्ड पर नहीं बल्कि साख पर लगाई जाती हैकलमी पेड़। TNAU के अनुसार कटहल की कलमें 5वें साल से फल देती हैं; असम की पुस्तिका अपनी किस्मों के लिए 6 से 8 साल बताती है।परीक्षण की कोई पैदावार नहीं मिली। असम की पुस्तिका अपनी स्थानीय और सिंगापुर किस्मों के लिए आम तौर पर साल में 200–500 फल प्रति पेड़ बताती है।कर्नाटक
Siddu Jackयही पेजतांबई-लाल और ज़्यादा TSS वाली कटहल, रंगीन फलियों की सीधी बिक्री के लिए, जो रंग और मिठास के लिए लगाई जाती है, और जिसकी पैदावार परीक्षण से सिद्ध होना बाक़ी हैकलमी पेड़। मूल पेड़ लगभग 35 साल का। IIHR कलमों के फल देने की उम्र नहीं बताता।IIHR का अनुमान: लगभग 450 फल, 1,098 किलो प्रति पेड़ (फल लगभग 2.44 किलो)। यह मूल पेड़ का अनुमान है, बहु-स्थान परीक्षण नहीं।कर्नाटक
Singapore Jack (NS-1)उन किसानों की जल्दी फलने वाली पसंद जो पाँच साल इंतज़ार नहीं कर सकते, जो लगभग तीन साल में पहली फसल के लिए लगाई जाती हैरोपाई के लगभग 3 साल बाद फल देती है (KAU); बहुत जल्दी फलने वाली।साल में 250 फल प्रति पौधा (KAU); किलो प्रति पेड़ का कोई छपा आँकड़ा नहींकेरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और कटहल का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

कटहल के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सिद्दू कटहल कहाँ से आई?

तुमकुर ज़िले के चेलूर, कर्नाटक में एक किसान के पेड़ से। ICAR-IIHR के केंद्रीय बाग़वानी प्रयोग केंद्र, हिरेहल्ली ने 2014 में दक्षिणी कर्नाटक के पारंपरिक कटहल इलाक़ों का सर्वे किया और 128 नमूने चुने। उनमें से 42 जाँचे और इस नमूने को चुना। मूल पेड़ लगभग 35 साल का है। IIHR के पन्ने पर औपचारिक रिलीज़ या अधिसूचना का ज़िक्र नहीं है।

सिद्दू का फल कितना बड़ा होता है?

IIHR इसे लगभग 2.44 किलो का बताता है, छोटे वर्ग (2–5 किलो) का, बेढंगे आकार का, 25–30 फलियों वाला। हर फली 24.5 ग्राम की और 8.5 मिलीमीटर मोटी है। यह पालूर-1 से बहुत छोटा है, जिसका औसत फल 12 किलो है (TNAU)। छोटा फल उठाना और पूरा बेचना आसान है, पर उतने ही वज़न के लिए ज़्यादा फल सँभालने पड़ते हैं।

क्या प्रति पेड़ 1,098 किलो का आँकड़ा सच है?

यह मूल पेड़ के लिए IIHR का अनुमान है: 2.44 किलो के लगभग 450 फल। यह कई बाग़ों और पेड़ की उम्र वाला परीक्षण नहीं है। TNAU पूरे बढ़े पालूर-1 पेड़ के लिए लगभग 900 किलो बताता है। आमदनी का हिसाब 1,098 किलो पर मत बाँधिए। कुछ पेड़ लगाइए, पहले फलन के मौसमों में उनके फल गिनिए और उन्हीं आँकड़ों पर चलिए।

तांबई-लाल फली में क्या ख़ास है?

IIHR गहरी तांबई-लाल फलियाँ बताता है, TSS 31.0 °ब्रिक्स, जबकि सफ़ेद फलियों वाली किस्मों में 27.0। वह अपनी तुलना की पीली किस्मों से ज़्यादा कैरोटीनॉयड (4.43 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम) और लाइकोपीन (1.12 मिलीग्राम) भी बताता है। अकेली बिकने वाली फली में रंग बेचने का बड़ा आधार है। IIHR टिकाऊपन या भाव का कोई आँकड़ा नहीं देता।

सिद्दू या शंकर?

इंडियन जर्नल ऑफ़ हॉर्टिकल्चर की एक रिपोर्ट सिद्दू और शंकर को दक्षिणी कर्नाटक के IIHR सर्वे (2014–2018) से चुनी गई दो तांबई-लाल छँटाइयाँ बताती है। हम जो लेख पढ़ सके उसमें तुलना के आँकड़े नहीं हैं। हो सके तो दोनों मूल पेड़ देख आइए या फ़ैसले से पहले IIHR हिरेहल्ली से आँकड़े माँगिए।

स्रोत: Jack — TNAU Agritech Portal, Horticulture: Fruits, Research achievements (Siddu jackfruit) — ICAR-IIHR, Jackfruit varieties serve niche for growers — Indian Horticulture. संपादकीय नीति.