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तमिलनाडुअनुदानसक्रियअपडेट 8 अक्टूबर 2026

सतत शुष्क-भूमि कृषि मिशन (MSDA)

वर्षा-आधारित शुष्क भूमि को क़रीब 2,500-एकड़ क्लस्टर में विकसित करता है — मोटे अनाज, दलहन व तिलहन, भूमि व नमी उपचार, FPO व कस्टम हायरिंग — ताकि शुष्क खेती ज़्यादा कमाए।

संचालक: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (कृषि / DPAP), तमिलनाडु सरकार

मंज़ूरी
G.O. Ms No.14, 27 जनवरी 2017
राशि
~₹802.90 करोड़ (2016-17 से 2019-20)
क्लस्टर
1,000 शुष्क-भूमि क्लस्टर, ~2,500 एकड़ प्रत्येक
मुख्य फसलें
मोटे अनाज, दलहन, तिलहन

त्वरित सारांश

इस पेज की मुख्य बातें लगभग दो मिनट में — पढ़ें या सुनें।

त्वरित सारांश

सतत शुष्क-भूमि कृषि मिशन तमिलनाडु का वह कार्यक्रम है जो उस वर्षा-आधारित, बिना-सिंचाई वाली खेती के लिए है जो नहर या बोरवेल इलाक़ों के इर्द-गिर्द बनी योजनाओं में छूट जाती है। राज्य के ज़्यादातर मोटे अनाज, दलहन और तिलहन इसी शुष्क भूमि पर उगते हैं, और ख़राब मानसून की सबसे बड़ी मार भी यहीं पड़ती है। बिखरे हुए अलग-अलग खेतों की मदद करने के बजाय, मिशन शुष्क भूमि के पूरे एक हिस्से को — क़रीब 2,500 एकड़ — एक क्लस्टर मानकर उस पर एक साथ काम करता है।

क्लस्टर के भीतर मिशन कई काम एक साथ करता है: थोड़ी-सी बारिश को रोकने के लिए व्यापक भूमि व मिट्टी-नमी उपचार, मज़बूत मोटे अनाज/दलहन/तिलहन किस्मों की ओर बदलाव, ज़्यादा दाम के लिए मूल्य-वर्धन, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मज़बूत करना, कस्टम हायरिंग केंद्र ताकि छोटे किसान मशीन तक पहुँचें, और जोखिम बाँटने के लिए पशुपालन जैसी संबद्ध गतिविधि। सोच यह है कि शुष्क-भूमि किसान की आमदनी किसी एक इनपुट से उतनी नहीं रुकती जितनी वर्षा-आधारित खेती के पूरे कमज़ोर ढाँचे से।

किसान के लिए यह व्यक्तिगत ऑनलाइन आवेदन नहीं, बल्कि किसी चुने गए क्लस्टर के भीतर होना है: कृषि विभाग शुष्क-भूमि क्लस्टर बनाता है और मदद उनके किसानों तक जाती है। इसलिए व्यावहारिक क़दम है अपने ब्लॉक / सहायक कृषि निदेशक से जाँचना कि आपका गाँव किसी MSDA क्लस्टर में आता है या नहीं और इस साल की गतिविधियाँ क्या हैं, क्योंकि कार्यक्रम कई सालों में चरणों में चलता है।

परिचय

सतत शुष्क-भूमि कृषि मिशन की घोषणा तमिलनाडु के 2016-17 बजट भाषण में हुई और इसे कृषि (DPAP) विभाग के शासनादेश G.O. (Ms) No. 14, दिनांक 27 जनवरी 2017 से मंज़ूरी मिली। इसकी कुल लागत 2016-17 से 2019-20 की अवधि के लिए क़रीब ₹802.90 करोड़ रही, और इसे बिखरी इनपुट सब्सिडी के बजाय "मिशन मोड" क्लस्टर-आधारित तरीक़े से बनाया गया।

योजना थी राज्य भर में चार साल में 1,000 शुष्क-भूमि क्लस्टर बनाना — पहले साल 200 और अगले दो सालों में क़रीब 400-400 — हर क्लस्टर क़रीब 2,500 एकड़ का, यानी कुल मिलाकर क़रीब 25 लाख एकड़ शुष्क भूमि का लक्ष्य। मुख्य फसलें वही हैं जो शुष्क भूमि सचमुच उगाती है: मोटे अनाज, दलहन और तिलहन। क्लस्टर के भीतर गतिविधियों में व्यापक भूमि विकास व मिट्टी-नमी संरक्षण, उन्नत बीज, मूल्य-वर्धन, किसान उत्पादक संगठनों को मज़बूत करना, कस्टम हायरिंग केंद्र, और पशुपालन जैसी संबद्ध गतिविधि शामिल हैं।

कार्यक्रम बाद में आगे बढ़ाया गया — 2019-20 में और क्लस्टर जोड़ने व अधिक शुष्क-भूमि किसानों तक पहुँचने के लिए एक और आवंटन की ख़बर रही। इसे 2022-23 बजट में घोषित अलग मुख्यमंत्री शुष्क-भूमि विकास मिशन से न मिलाएँ, जो बाद का, अलग आकार का कार्यक्रम है। मौजूदा साल की गतिविधि और आपका इलाक़ा किसी क्लस्टर में है या नहीं — इसका स्रोत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग है (tnagrisnet.tn.gov.in)।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • वर्षा-आधारित शुष्क भूमि पर व्यापक भूमि विकास व मिट्टी-नमी संरक्षण।
  • शुष्क हालात के अनुकूल उन्नत मोटे अनाज, दलहन व तिलहन बीज।
  • कस्टम हायरिंग केंद्र ताकि छोटे शुष्क-भूमि किसान मशीन तक पहुँचें।
  • मज़बूत FPO, मूल्य-वर्धन और जोखिम बाँटने को पशुपालन जैसी संबद्ध गतिविधि।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • तमिलनाडु का शुष्क-भूमि (वर्षा-आधारित, बिना-सिंचाई) किसान
  • ऐसी ज़मीन जोत रहा हो जो किसी चुने गए MSDA शुष्क-भूमि क्लस्टर में आती हो
  • शुष्क-भूमि फसल — मोटे अनाज, दलहन या तिलहन — उगा रहा हो
  • क्लस्टर के किसान उत्पादक संगठन का सदस्य / सदस्य बनने को तैयार

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • आधार कार्ड
  • भूमि रिकॉर्ड (पट्टा / चिट्टा)
  • बैंक पासबुक
  • जहाँ लागू हो, FPO / क्लस्टर सदस्यता

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

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    जाँचें कि आपका इलाक़ा क्लस्टर में है या नहीं

    अपने ब्लॉक / सहायक कृषि निदेशक से पूछें कि आपका गाँव किसी MSDA शुष्क-भूमि क्लस्टर में आता है या नहीं, और इस साल की गतिविधियाँ क्या हैं।

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    क्लस्टर / FPO गतिविधि से जुड़ें

    मदद क्लस्टर से आती है — भूमि उपचार, बीज, कस्टम हायरिंग व FPO सशक्तिकरण। स्थानीय कृषि कार्यालय और क्लस्टर FPO के ज़रिए भाग लें।

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    साझा ढाँचे का इस्तेमाल करें

    अपने क्लस्टर के लिए बने कस्टम हायरिंग केंद्र और मूल्य-वर्धन / बाज़ार सम्पर्क का इस्तेमाल करें।

अगर कुछ गड़बड़ हो

नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।

  • आपका इलाक़ा किसी क्लस्टर से छूट जाए, या क्लस्टर के लिए घोषित मदद आप तक न पहुँचे — अपने ब्लॉक / सहायक कृषि निदेशक और ज़िले के संयुक्त कृषि निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, तमिलनाडु (tnagrisnet.tn.gov.in) के पास बात रखें।
  • विभाग से आगे, तमिलनाडु CM हेल्पलाइन "मुधलवरिन मुगवरी" इस्तेमाल करें — 1100 (सुबह 7 से रात 10 बजे), cmhelpline.tnega.org, या "CMHelpline Citizen" ऐप। शिकायत दर्ज कराने के लिए अपना आधार या परिवार कार्ड नंबर तैयार रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

"शुष्क-भूमि क्लस्टर" क्या है?

क़रीब 2,500 एकड़ की वर्षा-आधारित, बिना-सिंचाई वाली खेती का एक हिस्सा जिसे एक इकाई माना जाता है। मिशन पूरे क्लस्टर पर एक साथ काम करता है — भूमि व नमी उपचार, बीज, FPO, कस्टम हायरिंग — न कि बिखरे अलग खेतों की मदद।

MSDA किन फसलों को सहारा देता है?

जो शुष्क भूमि सचमुच उगाती है — मोटे अनाज, दलहन और तिलहन। मिशन वर्षा-आधारित ज़मीन पर इनकी पैदावार व उत्पादकता बढ़ाने के लिए बना।

क्या यह मेरे खाते में नकद सब्सिडी है?

नहीं। MSDA क्लस्टर विकास है — भूमि उपचार, उन्नत बीज, कस्टम हायरिंग केंद्र, FPO सशक्तिकरण व मूल्य-वर्धन किसी चुने गए क्लस्टर के किसानों तक पहुँचते हैं। लाभ है शुष्क खेती का पूरा ढाँचा बेहतर होना, तय नकद अंतरण नहीं।

मिशन कितना बड़ा है?

इसे G.O. (Ms) No. 14 दिनांक 27 जनवरी 2017 से क़रीब ₹802.90 करोड़ (2016-17 से 2019-20) के साथ मंज़ूरी मिली, ताकि क़रीब 2,500 एकड़ के 1,000 क्लस्टर बनें — यानी क़रीब 25 लाख एकड़ शुष्क भूमि।

क्या MSDA ही मुख्यमंत्री शुष्क-भूमि विकास मिशन है?

नहीं। मुख्यमंत्री शुष्क-भूमि विकास मिशन अलग, बाद का कार्यक्रम है जो 2022-23 बजट में घोषित हुआ। MSDA पहले का 2016-17 मिशन है, G.O. Ms No. 14 के तहत।

मैं कैसे भाग लूँ?

अपने ब्लॉक / सहायक कृषि निदेशक से जाँचें कि आपका गाँव MSDA क्लस्टर में है या नहीं और इस साल की गतिविधियाँ क्या हैं, फिर स्थानीय कृषि कार्यालय और क्लस्टर FPO के ज़रिए जुड़ें।

तथ्य 8 अक्टूबर 2026 को www.tnagrisnet.tn.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.