मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
तमिलनाडुअनुदानसक्रियअपडेट 30 सितंबर 2026

तमिलनाडु मृदा उर्वरता मिशन

₹600 करोड़ का पाँच वर्षीय मिशन — जैविक खेती पर ₹4,000/एकड़, हरी खाद जुताई पर ₹3,000/एकड़ सब्सिडी, मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड और कार्बन-क्रेडिट पायलट।

संचालक: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, तमिलनाडु सरकार

कुल बजट
₹600 करोड़ / 5 वर्ष
2026-27 बजट
₹122.51 करोड़
जैविक प्रोत्साहन
₹4,000/एकड़
हरी खाद सब्सिडी
₹3,000/एकड़
मृदा स्वास्थ्य कार्ड
1 लाख+ किसान (राज्य निधि)
वर्मीकम्पोस्ट इकाइयाँ
₹10 करोड़ आवंटन

परिचय

कृषि मंत्री आर. विनोथ ने 6 अगस्त 2026 को तमिलनाडु के पहले समर्पित कृषि बजट 2026-27 के तहत तमिलनाडु मृदा उर्वरता मिशन की घोषणा की। यह पाँच वर्षीय कार्यक्रम है जिसका कुल बजट ₹600 करोड़ है (अकेले 2026-27 के लिए ₹122.51 करोड़), और इसमें मिट्टी परीक्षण, हरी खाद की खेती से लेकर जैविक प्रोत्साहन और कार्बन-क्रेडिट पायलट तक दस घटक शामिल हैं।

यह मिशन एक वास्तविक समस्या का समाधान करता है: दशकों की रासायनिक-भारी एकल फसल खेती ने तमिलनाडु के प्रमुख धान और गन्ना क्षेत्रों में मिट्टी का जैविक कार्बन घटा दिया है। कार्यक्रम राज्य निधि से एक लाख किसानों को मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड देता है (साथ ही केंद्र-राज्य योजनाओं से तीन लाख और), सब्सिडी पर हरी खाद और बहु-अनाज बीज, हरी खाद खेत में मिलाने वाले किसानों को ₹3,000/एकड़ जुताई सब्सिडी, और 20,000 एकड़ पर जैविक खेती करने वाले किसानों को ₹4,000/एकड़ सीधा प्रोत्साहन।

₹10 करोड़ का एक अलग घटक स्थायी वर्मीकम्पोस्ट उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करता है, जबकि ₹63.50 करोड़ हरी खाद खेती सहायता के लिए, ₹4.50 करोड़ तरल जैव-उर्वरकों के लिए, और ₹12.38 करोड़ पानी में घुलनशील उर्वरकों और फसल-वृद्धि प्रवर्तकों के लिए आवंटित हैं। कावेरी डेल्टा और तटीय जिलों में खारी और क्षारीय मिट्टी के सुधार कार्य भी इसमें शामिल हैं।

मिशन का कार्बन-क्रेडिट पायलट भारत में राज्य-स्तरीय पहले प्रयासों में से एक है जो सत्यापित उत्सर्जन कटौती के ज़रिए छोटे किसानों को अतिरिक्त आय देने का लक्ष्य रखता है। जो किसान सीधी बुवाई (DSR) या वैकल्पिक गीला-सूखा (AWD) सिंचाई अपनाते हैं — जो धान के मीथेन उत्सर्जन को लगभग 50% तक कम करती हैं — उन्हें एक निगरानी कार्बन-क्रेडिट कार्यक्रम में नामांकित किया जाएगा, और आय सीधे किसान को मिलेगी।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • जैविक खेती करने वाले किसानों को ₹4,000/एकड़ सीधा प्रोत्साहन — 2026-27 में 20,000 एकड़ पर (₹8 करोड़ आवंटन)।
  • बुवाई से पहले हरी खाद खेत में मिलाने पर ₹3,000/एकड़ जुताई सब्सिडी।
  • राज्य निधि से एक लाख किसानों को मुफ्त मृदा स्वास्थ्य कार्ड; केंद्र-राज्य योजनाओं से तीन लाख और।
  • कृषि विभाग के ज़रिए सब्सिडी पर हरी खाद के बीज और बहु-अनाज फसल बीज वितरण।
  • ₹10 करोड़ से स्थायी वर्मीकम्पोस्ट उत्पादन इकाइयाँ — किसानों को सामग्री और प्रशिक्षण।
  • कार्बन-क्रेडिट पायलट: DSR या AWD अपनाने वाले किसान सत्यापित उत्सर्जन कटौती से अतिरिक्त आय कमा सकते हैं।
  • कावेरी डेल्टा और तटीय जिलों में खारी और क्षारीय मिट्टी का सुधार।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • तमिलनाडु का किसान जिसकी ज़मीन किसान पहचान संख्या (FIN) या पट्टा के तहत दर्ज हो
  • जैविक प्रोत्साहन के लिए: नामांकित रकबे पर प्रमाणित जैविक खेती कर रहा हो या करने को तैयार हो
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लिए: कृषि विभाग में पंजीकृत किसान पहचान संख्या वाला कोई भी किसान
  • कार्बन-क्रेडिट पायलट के लिए: पंजीकृत भूखंडों पर DSR या AWD अपनाने वाले धान किसान
  • अधिकांश घटकों में छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता

शामिल नहीं

  • जिनकी ज़मीन आवेदक के नाम या किसान पहचान संख्या के तहत दर्ज नहीं
  • जो उसी रकबे पर किसी अन्य राज्य योजना से समकक्ष जैविक खेती प्रोत्साहन पहले से ले रहे हैं

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • आधार कार्ड
  • किसान पहचान संख्या (FIN) या पट्टा (भूमि स्वामित्व दस्तावेज़)
  • बैंक खाता पासबुक (आवेदक के नाम पर, DBT के लिए)
  • राशन कार्ड या निवास प्रमाण

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

  1. 1

    स्थानीय कृषि विभाग कार्यालय में पंजीकरण करें

    अपने ब्लॉक-स्तरीय कृषि विभाग कार्यालय या जिला कृषि संयुक्त निदेशक कार्यालय जाएँ। सुनिश्चित करें कि आपकी किसान पहचान संख्या (FIN) सक्रिय है और भूमि विवरण अपडेट हैं।

  2. 2

    संबंधित घटक के लिए आवेदन करें

    जैविक प्रोत्साहन, हरी खाद सब्सिडी, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, वर्मीकम्पोस्ट इकाई या कार्बन-क्रेडिट नामांकन — हर घटक की अलग आवेदन खिड़की जिला कार्यालय द्वारा घोषित की जाती है। अधिसूचित अवधि में आवेदन करें।

  3. 3

    सत्यापन और स्वीकृति

    कृषि अधिकारी भूमि रिकॉर्ड, FIN स्थिति और जैविक खेती के मामले में नामांकित रकबे पर खेती प्रथाओं की जाँच करता है। स्वीकृति के बाद लाभ जिला स्तर पर मंजूर होता है।

  4. 4

    DBT से लाभ प्राप्त करें

    प्रोत्साहन या सब्सिडी राशि सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर होती है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड ब्लॉक कृषि कार्यालय से वितरित होते हैं।

अगर कुछ गड़बड़ हो

नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।

  • लाभ में देरी, आवेदन अस्वीकृति या मृदा स्वास्थ्य कार्ड न मिलने पर पहले ब्लॉक-स्तरीय कृषि अधिकारी या जिला कृषि संयुक्त निदेशक कार्यालय से संपर्क करें। तमिलनाडु कृषि विभाग का टोल-फ्री हेल्पलाइन उझवर उदवि मैय्यम भी मार्गदर्शन कर सकता है।
  • विभाग से आगे, तमिलनाडु CM हेल्पलाइन "मुदलवरिन मुगवरि" — 1100 डायल करें (सुबह 7 – रात 10 बजे), या cmhelpline.tnega.org पर आधार या परिवार कार्ड नंबर से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जैविक खेती के लिए किसान को कितना पैसा मिलता है?

₹4,000/एकड़ सीधा प्रोत्साहन, DBT से भुगतान। 2026-27 का आवंटन राज्यभर में 20,000 एकड़ के लिए है।

हरी खाद जुताई सब्सिडी क्या है?

अगर आप हरी खाद की फसल (जैसे ढैंचा या सनई) उगाकर मुख्य फसल से पहले खेत में जोत देते हैं, तो आपको ₹3,000/एकड़ जुताई सब्सिडी मिलती है।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड कैसे मिलेगा?

ब्लॉक कृषि कार्यालय में अपनी किसान पहचान संख्या पंजीकृत करें। इस मिशन के तहत राज्य निधि से एक लाख कार्ड और केंद्र-राज्य योजनाओं से तीन लाख और कार्ड वितरित होंगे।

कार्बन-क्रेडिट पायलट क्या है?

जो धान किसान सीधी बुवाई (DSR) या वैकल्पिक गीला-सूखा (AWD) सिंचाई अपनाते हैं — जो मीथेन उत्सर्जन लगभग 50% तक कम करती हैं — उन्हें निगरानी कार्यक्रम में नामांकित किया जाएगा। उत्पन्न कार्बन क्रेडिट बेचे जाते हैं और आय सीधे किसान को मिलती है।

क्या यह मिशन सिर्फ जैविक किसानों के लिए है?

नहीं। मिशन में दस घटक हैं — जैविक खेती सिर्फ एक है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड, हरी खाद सब्सिडी, वर्मीकम्पोस्ट इकाइयाँ, जैव-उर्वरक आपूर्ति और खारी मिट्टी सुधार तमिलनाडु के सभी पात्र किसानों के लिए खुले हैं।

मिशन कितने समय तक चलेगा?

2026-27 से पाँच वर्ष, कुल बजट ₹600 करोड़। पहले साल के लिए ₹122.51 करोड़ आवंटित हैं।

क्या बटाईदार किसान आवेदन कर सकते हैं?

किसान के पास पंजीकृत किसान पहचान संख्या होनी चाहिए। CCRC या समान दस्तावेज़ से कृषि विभाग में पंजीकृत बटाईदार किसान अपने ब्लॉक कार्यालय से पात्रता जाँच करें।

तथ्य 30 सितंबर 2026 को www.tn.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.