मध्य प्रदेश शून्य प्रतिशत ब्याज अल्पकालीन फसल ऋण योजना
समय पर चुकाने वाले किसानों को प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (PACS) से ₹3 लाख तक का अल्पकालीन फसल ऋण 0% ब्याज पर।
संचालक: सहकारिता विभाग, मध्य प्रदेश सरकार
- किसान पर ब्याज
- समय पर चुकाने पर 0%
- ऋण सीमा
- ₹3 लाख तक
- राज्य अनुदान
- 1.25% + समय पर चुकाने पर 4% प्रोत्साहन
- चुकाने की अवधि
- पहली निकासी से 12 महीने
परिचय
मध्य प्रदेश में शून्य प्रतिशत ब्याज फसल ऋण योजना 2012-13 से चल रही है। किसान ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंक से जुड़ी प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (PACS) से अल्पकालीन फसल ऋण लेता है, और समय पर चुकाने पर उसे कोई ब्याज नहीं देना पड़ता।
यह इसलिए संभव है क्योंकि ब्याज का बोझ राज्य उठाता है। राज्य 1.25% ब्याज अनुदान देता है, और तय तारीख तक चुकाने वाले किसानों को 4% अतिरिक्त प्रोत्साहन अनुदान मिलता है। केंद्र सरकार की ब्याज सहायता गिनने के बाद बचा ब्याज राज्य भरता है, जिससे किसान का ब्याज शून्य हो जाता है। ऋण की सीमा ₹3 लाख तक है।
जून 2026 में राज्य मंत्रिमंडल ने 2026-27 के लिए संशोधित नियम मंज़ूर किए (फ्री प्रेस जर्नल, रूरल वॉयस)। अब किसान को खरीफ और रबी की अलग-अलग सीमा की जगह पूरे साल की एक ही ऋण सीमा मिलती है, जिसमें नकद और समिति से लिए जाने वाले इनपुट की अलग उप-सीमाएँ होती हैं। चुकाने की अवधि पहली निकासी की तारीख से 12 महीने है।
रिपोर्टों में 2026-27 में कवर होने वाले किसानों की संख्या या राज्य पर कुल खर्च नहीं बताया गया, इसलिए यहाँ ऐसा कोई आँकड़ा नहीं दिया गया। यह योजना किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़ी है, और कई किसान अपनी समिति के कार्ड से इसका लाभ लेते हैं।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- तय तारीख तक चुकाने पर ₹3 लाख तक का फसल ऋण 0% ब्याज पर।
- 1.25% राज्य ब्याज अनुदान, और समय पर चुकाने पर 4% अतिरिक्त प्रोत्साहन।
- खरीफ और रबी की अलग सीमा की जगह पूरे साल की एक ऋण सीमा (2026-27 का नियम)।
- चुकाने के लिए 12 महीने, पहली निकासी की तारीख से गिनकर।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- मध्य प्रदेश में प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (PACS) का सदस्य किसान
- PACS और उसके ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंक से अल्पकालीन फसल ऋण लेने वाला
- ब्याज शून्य रखने के लिए तय तारीख तक ऋण चुकाने वाला
शामिल नहीं
- ब्याज-मुक्त लाभ समय पर चुकाने पर है — देर से चुकाने पर ब्याज लग सकता है।
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- आधार कार्ड
- आपकी खेती की ज़मीन के भू-अभिलेख (खसरा / बी-1)
- PACS या सहकारी बैंक खाते की पासबुक
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
अपनी PACS में जाएँ
जिस प्राथमिक कृषि सहकारी समिति के आप सदस्य हैं वहाँ जाएँ और 2026-27 की फसल ऋण सीमा के बारे में पूछें।
- 2
दस्तावेज़ जमा करें
भू-अभिलेख, आधार और बैंक विवरण दें। आपके मामले की सटीक सूची समिति बता देगी।
- 3
अपनी उप-सीमाएँ जानें
नए नियम में सालाना सीमा नकद और इनपुट के हिस्सों में बँटी है। समिति के सचिव से पूछें कि हर हिस्से में कितना ले सकते हैं।
- 4
समय पर चुकाएँ
पहली निकासी के 12 महीने के भीतर चुकाएँ। समय पर चुकाने से ही आपका ब्याज शून्य रहता है और 4% प्रोत्साहन मिलता है।
अगर कुछ गड़बड़ हो
नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।
- पहले अपनी PACS के प्रबंधक या ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंक की शाखा से, फिर अपने ज़िले के सहायक रजिस्ट्रार (सहकारिता) से मिलें।
- आगे शिकायत के लिए मध्य प्रदेश CM हेल्पलाइन: cmhelpline.mp.gov.in या 181 (सुबह 7 – रात 11 बजे) पर कॉल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मुझे सच में शून्य ब्याज देना होता है?
हाँ, अगर आप अल्पकालीन फसल ऋण तय तारीख तक चुका देते हैं। राज्य का 1.25% अनुदान और 4% प्रोत्साहन आपके ब्याज का खर्च भर देते हैं।
अधिकतम ऋण कितना मिलता है?
शून्य ब्याज योजना में प्रति किसान ₹3 लाख तक।
2026-27 में क्या बदला है?
खरीफ और रबी की अलग सीमा की जगह पूरे साल की एक ऋण सीमा, जिसमें नकद और इनपुट की अलग उप-सीमाएँ हैं। पहली निकासी के 12 महीने बाद चुकाना होता है।
देर से चुकाया तो क्या होगा?
शून्य ब्याज का लाभ तय तारीख तक चुकाने पर निर्भर है। देर होने पर ब्याज लग सकता है, इसलिए तारीख से पहले समिति से सटीक नियम पूछ लें।
क्या यह किसान क्रेडिट कार्ड जैसा ही है?
एक जैसा नहीं, पर जुड़ा हुआ है। योजना PACS से लिए अल्पकालीन फसल ऋण पर ब्याज का लाभ देती है, और कई किसान उस ऋण के लिए KCC इस्तेमाल करते हैं।
क्या यह ऋण व्यावसायिक बैंक से मिल सकता है?
योजना PACS और ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंकों के ज़रिए चलती है। रिपोर्टों में व्यावसायिक बैंकों का ज़िक्र नहीं है।
योजना कब से चल रही है?
2012-13 से, उसी PACS और ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंक के ढाँचे के ज़रिए।
तथ्य 4 अक्टूबर 2026 को cooperatives.mp.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
