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चुकंदररबीखुली-परागितअंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026

Early Wonder

जल्दी तैयार होने वाली, खुले परागण की किस्म। जड़ थोड़ी चपटी गोल (लट्टू जैसी) और पत्ते ऊँचे, सीधे, काँसे जैसे हरे होते हैं। इसलिए पत्तों समेत बाँधकर बेचने वाले ‘गुच्छे वाले चुकंदर’ के लिए अच्छी है।

सीज़नरबी
पकने की अवधिलगभग 55–60 दिन
अपेक्षित उपजकिस्म का कोई आँकड़ा नहीं छपा (चुकंदर का सामान्य आँकड़ा 25–30 टन/हेक्टेयर)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
खुली-परागित
सीज़न
रबी
पकने की अवधि
लगभग 55–60 दिन
बीज दर
कतारों में बोने पर 6–9 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 2.5–3.5 किग्रा/एकड़)
अपेक्षित उपज
किस्म का कोई आँकड़ा नहीं छपा (चुकंदर का सामान्य आँकड़ा 25–30 टन/हेक्टेयर)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
रोग-प्रतिरोध
किसी खास रोग-प्रतिरोध का दावा नहीं

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

इस किस्म के बारे में

Early Wonder जल्दी तैयार होने वाली, खुले परागण की चुकंदर है, जिसकी जड़ें थोड़ी चपटी, लट्टू जैसी और पत्ते लंबे, सीधे, कांस्य-हरे होते हैं। TNAU का व्याख्यान-नोट इसकी जड़ें चपटी-गोलाकार, गहरे लाल छिलके और गहरे लाल गूदे वाली बताता है, जिसमें हल्की लाल धारियाँ होती हैं। पत्तों की वजह से यह गुच्छे वाली चुकंदर की तरह बेचने के लिए ठीक है, जिसमें जड़ें और पत्ते साथ बाँधकर ताज़े बेचे जाते हैं। शहरी मंडियों में इस रूप का प्रीमियम मिलता है। बिकने लायक आकार तक पहुँचने वाली सबसे तेज़ चुकंदरों में होने से यह जल्दी की पहली फसल के लिए पसंदीदा चुनाव है।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

चुकंदर पत्तों समेत बेचेंगे तो Early Wonder चुनिए। इसके लंबे, सीधे, कांस्य-हरे पत्ते अच्छा दिखने वाला गुच्छा बनाते हैं, और जड़ें 55 से 60 दिन में तैयार हो जाती हैं। यह आँकड़ा बीज कैटलॉग का है, किसी भारतीय ट्रायल ने इसे नापा नहीं है। शहरी मंडियों में गुच्छे का प्रीमियम मिलता है। खुली जड़ें वज़न से बेचते हैं तो इसे मत चुनिए। इसकी उपज का कोई आँकड़ा नहीं छपा है, जबकि NHB Detroit Dark Red को भारी उपज वाली किस्म कहता है। NHB Early Wonder को अमेरिका की बाहरी खाने की किस्मों में गिनता है, इसलिए अपने डीलर से पूछिए कि बीज कहाँ से आता है। पत्तों के बिना सिर्फ़ तेज़ जड़ चाहिए तो Crosby Egyptian लगभग उतना ही समय, 55 से 60 दिन, लेती है। TNAU कहता है कि Early Wonder के गूदे में हल्की लाल धारियाँ दिखती हैं।

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयउत्तरी मैदानों में सितंबर से नवंबर। मुख्य फसल की किस्मों से थोड़ा पहले भी बोई जा सकती है
  • बीज दरकतारों में बोने पर 6–9 किग्रा/हेक्टेयर (लगभग 2.5–3.5 किग्रा/एकड़)
  • दूरीकतारों के बीच 30–40 सेमी; फालतू पौधे हटाकर पौधों के बीच 8–10 सेमी रखें

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • बाज़ार लायक आकार तक सबसे जल्दी पहुँचने वाले चुकंदरों में से एक।
  • काँसे जैसे हरे सुंदर पत्ते गुच्छे बनाकर बेचने के लिए ठीक हैं।
  • मुख्य मौसम से पहले की जल्दी वाली पहली फसल के लिए अच्छी।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • ज़्यादा देर खेत में रहने पर जड़ जल्दी सख्त (लकड़ी जैसी) हो जाती है, इसलिए आकार आते ही जल्दी निकाल लें।
  • 55 से 60 दिन का आँकड़ा बीज कैटलॉग से है; किसी भारतीय ट्रायल ने इस किस्म को नापा नहीं है, इसलिए इसे अंदाज़ा मानिए और अपनी पहली बुवाई का समय ख़ुद देखिए।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • उत्तर प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • दिल्ली

गुच्छे वाली चुकंदर को मंडी पहुँचाना: सुबह से मंडी तक का तरीक़ा

गुच्छे वाली चुकंदर को जड़ के साथ-साथ पत्तों से भी परखा जाता है। मुरझाए या पीले पत्तों वाला गुच्छा बस एक भारी, धीमी बिकने वाली जड़ है। आगे की सारी बातें खेत से ख़रीदार तक पत्तों को ताज़ा रखने की हैं।

एक शाम पहले प्लॉट में सिंचाई कीजिए ताकि मिट्टी नरम रहे और जड़ें बिना फटे निकलें। सुबह की ठंडक में उखाड़िए। मिट्टी झाड़िए, पीले या कटे-फटे पत्ते हटाइए, और लगभग एक आकार की जड़ें पत्तों समेत बाँध दीजिए। बँधे गुच्छे छाँव में रखिए, पत्तों को गीले बोरे से ढककर या क्रेट में, और धूप से दूर।

फिर तेज़ी से निकलिए। उसी सुबह मंडी पहुँचने का लक्ष्य रखिए। शहरी मंडियों में गुच्छे का प्रीमियम मिलता है, पर कोई भाव छपा नहीं है, इसलिए अपना हिसाब ख़ुद निकालिए। एक गुच्छा तौलिए, उतने ही वज़न की खुली जड़ों का भाव देखिए और दोनों की तुलना कीजिए। गुच्छे का भाव खुले भाव से इतना ज़्यादा न हो कि अतिरिक्त मज़दूरी निकल जाए तो खुली बेचिए और मेहनत बचाइए।

क्या अपनी रोपाई सामग्री ख़ुद रख सकते हैं?

यह खुली-परागित किस्म है, इसलिए अपनी अच्छी फ़सल का बीज दोबारा बोया जा सकता है। बीज सिर्फ़ रोग-मुक्त पौधों से लीजिए, ठीक से सुखाइए, ठंडी-सूखी जगह रखिए, और हर तीन-चार साल में नया प्रमाणित बीज ले आइए ताकि किस्म बिगड़े नहीं।

दूसरी किस्मों से तुलना

चुकंदर की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकपकने की अवधिउपजराज्य
Crimson Globeउन किसानों के लिए जो बिना धारियों वाले क्रिमसन गूदे की तेज़ मुख्य फसल की चुकंदर चाहते हैंलगभग 55–60 दिन (TNAU)गुजरात के ट्रायल में सबसे अच्छा प्लॉट 31.7 टन/हेक्टेयर बिकने लायक (30 अक्टूबर की बुवाई, 30 x 15 सेमी)उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार
Crosby Egyptianउन किसानों के लिए जिन्हें दो फसलों के बीच की ख़ाली जगह भरने या बारी-बारी की बुवाई शुरू करने के लिए बहुत जल्दी की चुकंदर चाहिएलगभग 55–60 दिन (TNAU)किस्म का कोई आँकड़ा नहीं छपा (चुकंदर का सामान्य आँकड़ा 25–30 टन/हेक्टेयर)उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा
Detroit Dark Redउन किसानों के लिए जो एक सुरक्षित, आसानी से मिलने वाली मुख्य फसल की चुकंदर चाहते हैं जिसका गूदा गहरा लाल होलगभग 80–100 दिन (TNAU)25–30 टन/हेक्टेयरउत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा
Early Wonderयही पेजशहर के पास के उन किसानों के लिए जो जड़ों को पत्तों समेत बाँधकर गुच्छे वाली चुकंदर की तरह बेच सकते हैंलगभग 55–60 दिनकिस्म का कोई आँकड़ा नहीं छपा (चुकंदर का सामान्य आँकड़ा 25–30 टन/हेक्टेयर)उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली
MSH-102 (hybrid types)उन बड़े व्यावसायिक और प्रसंस्करण वाले किसानों के लिए जिन्हें बहुत एक-सी, ज़्यादा उपज वाली जड़ें चाहिए और जो हर मौसम नया बीज ख़रीदेंगेलगभग 80–95 दिन30–40 टन/हेक्टेयरमहाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब
Ooty 1नीलगिरि और तमिलनाडु के ऐसे ही ठंडे इलाक़ों के पहाड़ी किसानों के लिए जो अपने मौसम के लिए बनी चुकंदर चाहते हैंलगभग 120 दिन (TNAU)~28 टन/हेक्टेयर (TNAU)तमिलनाडु
Ruby Queenउन किसानों के लिए जो छोटी, कोमल, मीठी चुकंदर युवा-चुकंदर और सलाद की मंडी में बेचते हैंलगभग 55–65 दिनकिस्म का कोई आँकड़ा नहीं छपा (चुकंदर का सामान्य आँकड़ा 25–30 टन/हेक्टेयर)उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और चुकंदर का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

चुकंदर के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गुच्छे वाली चुकंदर क्या होती है और ज़्यादा भाव क्यों मिलता है?

गुच्छे वाली चुकंदर जड़ों और ताज़े पत्तों को एक साथ बाँधकर बेची जाती है, खुली जड़ों की जगह। शहरी मंडियों में इस रूप का प्रीमियम मिलता है, क्योंकि पत्ते ख़रीदार को बताते हैं कि जड़ें ताज़ी हैं और पत्तों को भी पकाया जा सकता है। इसका कोई भाव हमें नहीं मिला, इसलिए शहर के किसी व्यापारी से पूछिए कि उतने ही वज़न की खुली जड़ों के मुक़ाबले एक गुच्छे का क्या मिलता है।

पत्तों को ताज़ा और साफ़ कैसे रखूँ?

गुच्छे में पत्ते ही उत्पाद हैं, इसलिए उन्हें बचाइए। TNAU कीटों में पत्ती सुरंगक और फ्ली बीटल, और रोग में सर्कोस्पोरा पत्ती धब्बा गिनाता है, और तीनों पत्तों पर निशान छोड़ते हैं। हर हफ़्ते क़तारें देखिए, ज़्यादा निशान वाले पौधे हटाइए, और अपने KVK से पूछिए कि कौन-सी दवाएँ अनुमत हैं। सुबह की ठंडक में उखाड़िए और बिकने तक गुच्छे छाँव में रखिए।

मुख्य फसल की किस्मों के मुक़ाबले Early Wonder कब बो सकता हूँ?

इसे मुख्य फसल की किस्मों से थोड़ा पहले बोया जा सकता है, उत्तरी मैदानों में सितंबर से नवंबर तक। TNAU चुकंदर को ठंडे मौसम की फसल कहता है, इसलिए बुवाई को गरम दौर से बाहर रखिए। 55 से 60 दिन की फसल 20 सितंबर को बोएँ तो वह लगभग 14 से 19 नवंबर के बीच तैयार होती है, यानी मुख्य फसल की चुकंदर से पहले मंडी पहुँचती है।

गुच्छे वाली फसल के लिए कौन-सी दूरी ठीक है?

क़तारें 30 से 40 सेमी की दूरी पर रखिए और पौधों के बीच 8 से 10 सेमी तक पतला कीजिए, बीज 6 से 9 किग्रा प्रति हेक्टेयर। TNAU की तरह 20 दिन पर, जल्दी, प्रति जगह एक पौधा रखकर एक बार पतला कीजिए। यहाँ बराबर दूरी मायने रखती है, क्योंकि गुच्छे को लगभग एक आकार की जड़ें चाहिए, इसलिए न ख़ाली जगह छोड़िए, न जुड़वाँ पौधे।

Early Wonder की उपज कितनी होगी?

इसकी उपज का कोई आँकड़ा नहीं छपा है। NHB Early Wonder को अमेरिका की बाहरी खाने की किस्मों में गिनता है, और TNAU का व्याख्यान-नोट जड़ का वर्णन करता है पर उपज नहीं देता। गुच्छे वाली फसल में टन नहीं, गुच्छे गिनिए। 100 मी की एक क़तार नाप लीजिए, ख़रीदार के आकार के गुच्छे बाँधिए और उन्हें गिनिए। फिर शहर के किसी व्यापारी से पूछिए कि वह एक गुच्छे का क्या देता है, और प्रति क़तार अपनी कमाई निकालिए।

स्रोत: Beet root (Beta vulgaris) — TNAU Agritech Portal, Horticulture, Beet root: origin, varieties, package of practices — TNAU eAgri HORT 281, Lecture 30, Beet: varieties, soil and climate — National Horticulture Board (NHB). संपादकीय नीति.