खेती के फ़सल ऋण पर ब्याज सब्सिडी (शून्य ब्याज फ़सल ऋण)
कर्नाटक के सहकारी ऋण तंत्र से क़र्ज़ लेने वाले किसान को कम अवधि के फ़सल ऋण पर ब्याज नहीं देना पड़ता; ब्याज राज्य भरता है।
संचालक: सहकारिता विभाग, कर्नाटक सरकार
- कम अवधि के फ़सल ऋण पर ब्याज
- 0%
- विभाग के पेज पर सीमा
- ₹3 लाख तक
- मध्यम और लंबी अवधि के ऋण
- ₹10 लाख तक 3%
- 2026-27 का ऋण लक्ष्य
- ₹30,000 करोड़, 38 लाख किसान
परिचय
कर्नाटक के ज़्यादातर छोटे किसान बीज, खाद और मज़दूरी के लिए अपनी गाँव की प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (PACS) से क़र्ज़ लेते हैं। समिति को पैसा ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंक और राज्य के अपेक्स बैंक से मिलता है। इस योजना में राज्य सरकार इन सहकारी संस्थाओं को ब्याज चुका देती है, इसलिए किसान को ब्याज नहीं देना पड़ता।
सहकारिता विभाग के अपने पेज के मुताबिक़ कम अवधि के खेती ऋण ₹3 लाख तक 0% ब्याज पर मिलते हैं, और पशुपालन व मछली पालन के ऋण ₹2 लाख तक भी 0% पर। मध्यम और लंबी अवधि के खेती ऋण ₹10 लाख तक 3% ब्याज पर मिलते हैं। स्वयं सहायता समूहों को ऋण 4% पर है, जो 1 अप्रैल 2007 से चल रहा है। राज्य ऐसी ब्याज मदद 2004-05 से चला रहा है। अपेक्स बैंक के योजना-नोट में लिखा है कि तय तारीख़ तक न चुकाने वाले किसान को सामान्य ब्याज दर देनी होती है।
6 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री ने 2026-27 का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि राज्य 38 लाख किसानों को ₹30,000 करोड़ के शून्य ब्याज ऋण देगा। यह साल का लक्ष्य है, इसका मतलब यह नहीं कि हर किसान को ऋण मिल ही जाएगा।
योजना पैसे की उपलब्धता पर टिकी है। मार्च 2025 में सहकारिता मंत्री ने विधानसभा में बताया कि NABARD ने रियायती खेती ऋण के लिए अपना फ़ंड 58% घटा दिया, इसलिए समितियाँ हर पात्र किसान को ऋण नहीं दे पाईं। उन्होंने यह भी कहा कि उससे पिछले साल ₹5,800 करोड़ के ऋण दिए गए थे। आपकी समिति कहे कि इस मौसम में पैसा नहीं है, तो पूछें कि अगली किस्त कब आएगी।
आपको क्या मिलता है
लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।
- सहकारी समितियों और सहकारी बैंकों से लिए कम अवधि के फ़सल ऋण पर कोई ब्याज नहीं — राज्य भरता है।
- पशुपालन और मछली पालन के ₹2 लाख तक के ऋण भी ब्याज-मुक्त हैं।
- मध्यम और लंबी अवधि के खेती ऋण ₹10 लाख तक सिर्फ़ 3% पर।
- आप अपनी गाँव की समिति से ही, घर के पास क़र्ज़ लेते हैं।
कौन पात्र है
राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।
आप पात्र हैं अगर
- प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (PACS) का सदस्य किसान, या ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंक से क़र्ज़ लेने वाला।
- सिर्फ़ खेती के ऋण। ग़ैर-खेती ऋण इसमें नहीं आते।
- आपने पहले चूक न की हो। समय पर न चुकाएँ तो देय तारीख़ से सामान्य ब्याज लगता है।
- लाभ हर ऋण-प्रकार की तय सीमा तक मिलता है। सीमा से ऊपर की रकम पर सामान्य दर लगती है।
शामिल नहीं
- ग़ैर-खेती ऋण।
- योजना की सीमा से ऊपर का ऋण-हिस्सा।
ज़रूरी दस्तावेज़
शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।
- आपके नाम का ज़मीन रिकॉर्ड (RTC / पहाणी)
- आधार कार्ड
- सहकारी समिति की सदस्यता का ब्योरा
- बैंक या समिति खाते का ब्योरा
- समिति जो और कागज़ माँगे — उसकी पूरी सूची पूछ लें
आवेदन कैसे करें
केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।
- 1
अपनी गाँव की सहकारी समिति के सदस्य बनें
अगर आप अभी अपनी PACS के सदस्य नहीं हैं, तो समिति के सचिव से सदस्य बनने का तरीक़ा पूछें।
- 2
मौसम से पहले फ़सल ऋण माँगें
ज़मीन रिकॉर्ड और आधार के साथ आवेदन करें। 0% की मौजूदा सीमा पूछें, और यह भी कि इस मौसम में पैसा उपलब्ध है या नहीं।
- 3
ऋण खेती के काम में लगाएँ
बीज, खाद और दूसरा सामान ख़रीदें। बिल रखें।
- 4
देय तारीख़ तक या उससे पहले चुका दें
मूलधन समय पर चुकाएँ। इससे आपका ब्याज शून्य रहता है।
अगर कुछ गड़बड़ हो
नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।
- समिति ऋण न दे या देरी करे तो अपने तालुक या ज़िले के सहायक निबंधक या उप निबंधक, सहकारी समितियाँ के पास जाएँ। सहकारिता विभाग ने अपनी सहकार सिंधु वेबसाइट पर ये दफ़्तर सूचीबद्ध किए हैं।
- फिर भी हल न निकले तो राज्य की शिकायत व्यवस्था जनस्पंदन का उपयोग करें — ipgrs.karnataka.gov.in पर या 1902 डायल करके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शून्य ब्याज की सीमा ₹3 लाख है या ₹5 लाख?
सहकारिता विभाग के अपने योजना-पेज पर ₹3 लाख लिखा है। 2023-24 के राज्य बजट में कम अवधि के शून्य ब्याज ऋण की सीमा ₹5 लाख करने की घोषणा हुई थी, और ख़बरों में अब भी ₹5 लाख आता है। हमें कोई एक मौजूदा आदेश नहीं मिला जो इसे तय करे, इसलिए अपनी समिति या उप निबंधक से पूछें कि आपके ऋण पर कौन-सी सीमा लग रही है।
क्या यह क़र्ज़ माफ़ी जैसा है?
नहीं। क़र्ज़ माफ़ी में क़र्ज़ रद्द हो जाता है। यहाँ मूलधन आपको चुकाना ही होता है। सिर्फ़ ब्याज राज्य भरता है।
मेरी समिति कहती है कि पैसा नहीं है। क्यों?
सहकारी तंत्र सीमित फ़ंड से ऋण देता है। मार्च 2025 में सहकारिता मंत्री ने कहा कि NABARD ने रियायती खेती ऋण का फ़ंड 58% घटा दिया। समिति से पूछें कि पैसा कब आएगा और क्या आप प्रतीक्षा सूची में हैं।
देर से चुकाने पर क्या होगा?
तब देय तारीख़ से सामान्य ब्याज लगेगा। अपेक्स बैंक के योजना-नोट में लिखा है कि चूक करने वाले को सामान्य ब्याज दर पर चुकाना होता है।
क्या इसका किसान क्रेडिट कार्ड से कोई संबंध है?
दोनों सहकारी बैंकों से लिए जा सकते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड केंद्र की योजना है और उसकी अपनी ब्याज सहायता है। यह योजना राज्य की है। बैंक से पूछ लें कि आपके ऋण पर दोनों कैसे लगेंगे, ताकि कोई फ़ायदा न छूटे।
क्या मैं किसी व्यावसायिक बैंक से भी 0% पर ले सकता हूँ?
यह पेज सहकारी संस्थाओं के ऋण के बारे में है। दूसरे बैंकों के नियम अलग हैं। बैंक से पूछ लें।
तथ्य 26 सितंबर 2026 को sahakarasindhu.karnataka.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.
