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कर्नाटकजीवन व दुर्घटना सुरक्षासक्रियअपडेट 4 अक्टूबर 2026

यशस्विनी सहकारी सदस्य स्वास्थ्य सेवा योजना

सहकारी सोसाइटी के सदस्यों और उनके परिवार को नेटवर्क अस्पतालों में 2,128 प्रक्रियाओं का कैशलेस इलाज, थोड़े सालाना अंशदान पर।

संचालक: सहकारिता विभाग — यशस्विनी सहकारी सदस्य स्वास्थ्य सेवा ट्रस्ट, कर्नाटक सरकार

कवर प्रक्रियाएँ
2,128 (1,650 + 478 ICU)
अंशदान (2022-23 की सूची)
₹500 ग्रामीण / ₹1,000 शहरी, 4 सदस्य के परिवार पर
SC/ST सदस्य
कोई शुल्क नहीं
वार्ड
सामान्य वार्ड (ऊपर के वार्ड के लिए अतिरिक्त भुगतान)

परिचय

यशस्विनी कर्नाटक सरकार की स्वास्थ्य योजना है, जो सहकारी सोसाइटियों के सदस्यों — किसान, सहकारी मछुआरे, बीड़ी मज़दूर और बुनकर — के लिए है। यह जून 2003 में ग्रामीण सहकारी सदस्यों के लिए देश की पहली ऐसी सार्वजनिक-निजी भागीदारी वाली स्वास्थ्य योजना के रूप में शुरू हुई, ताकि बड़ी सर्जरी के लिए परिवारों को सूदखोरों के पास न जाना पड़े या संपत्ति न बेचनी पड़े। 2014-15 से इसे शहरी सहकारी संस्थाओं तक बढ़ाया गया।

योजना 2003-04 से 2016-17 तक सहकारिता विभाग के ज़रिए चली। 1 जून 2018 से इसे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को सौंपा गया और फिर बंद कर दिया गया। सहकारी सदस्यों और किसानों की लगातार माँग पर सरकार ने संशोधित यशस्विनी दोबारा शुरू की, जिसकी घोषणा राज्य बजट 2022-23 में हुई। इसे चलाने के लिए नया यशस्विनी सहकारी सदस्य स्वास्थ्य सेवा ट्रस्ट बना, जिसके मुख्य संरक्षक मुख्यमंत्री हैं।

सदस्य राज्य भर के नेटवर्क अस्पतालों में 1,650 अधिसूचित इलाज और 478 ICU प्रक्रियाएँ — कुल 2,128 — ले सकते हैं, जो आयुष्मान भारत आरोग्य कर्नाटक योजना के बराबर हैं। इलाज सामान्य वार्ड में होता है। इसमें दवाइयाँ, सर्जन और एनेस्थेटिस्ट की फीस, ऑपरेशन थिएटर किराया, बिस्तर और नर्सिंग शुल्क, और पैकेज में आने वाले इम्प्लांट (जैसे घुटने का इम्प्लांट या मोतियाबिंद का लेंस) शामिल हैं।

सदस्य तय सालाना अंशदान देकर जुड़ता है। ट्रस्ट के पात्रता पेज पर ग्रामीण सहकारी परिवार (4 सदस्य) के लिए ₹500 सालाना (हर अतिरिक्त सदस्य पर ₹100 और) और शहरी सोसाइटी के लिए ₹1,000 (अतिरिक्त सदस्य पर ₹200) लिखा है। वह पेज इन दरों को 2022-23 का बताता है, इसलिए पैसे देने से पहले अपनी सोसाइटी से मौजूदा साल की रकम पूछ लें। SC और ST सदस्यों को कुछ नहीं देना होता।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • नेटवर्क अस्पतालों में 2,128 प्रक्रियाओं (1,650 इलाज और 478 ICU) का कैशलेस इलाज।
  • दवाइयाँ, सर्जन और एनेस्थेटिस्ट की फीस, थिएटर और बिस्तर का खर्च और पैकेज वाले इम्प्लांट शामिल।
  • ओपीडी में मदद: तीन महीने में अधिकतम ₹200, जिसमें से ₹100 ट्रस्ट देता है।
  • सदस्यों के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं; नवजात जन्म के 30 दिन तक माँ के कार्ड पर इलाज पा सकता है।
  • SC और ST सदस्यों से कोई सदस्यता शुल्क नहीं।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • कम से कम 3 महीने से सहकारी सोसाइटी (ग्रामीण या शहरी) का सदस्य, या सहकारी सोसाइटी द्वारा बनाया स्वयं सहायता समूह जिसका सोसाइटी में खाता हो
  • सहकारी मछुआरे, सहकारी बीड़ी मज़दूर और सहकारी बुनकर भी पात्र हैं
  • अतिरिक्त अंशदान देकर परिवार के सदस्य जुड़ सकते हैं — मुख्य सदस्य, पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, अविवाहित बेटियाँ, बहुएँ और उनके बच्चे
  • आश्रित परिवार के सदस्यों का सहकारी सोसाइटी का सदस्य होना ज़रूरी नहीं

शामिल नहीं

  • बंद या निष्क्रिय सहकारी सोसाइटियों के सदस्य
  • कर्मचारी सहकारी सोसाइटियों के सदस्य
  • सरकारी कर्मचारी और ₹30,000 प्रति माह से ज़्यादा वेतन पाने वाले निजी क्षेत्र के कर्मचारी
  • किसी भी अन्य बीमा योजना के सदस्य
  • भाई, बहन, ससुराल पक्ष और उनके परिवार

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • चालू मोबाइल नंबर
  • राशन कार्ड की प्रति
  • हर सदस्य का आधार कार्ड
  • हर सदस्य की दो पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • RD नंबर वाला जाति प्रमाण पत्र (SC/ST सदस्य)
  • तय सालाना सदस्यता अंशदान (SC/ST के लिए कोई शुल्क नहीं)

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

  1. 1

    अपनी सहकारी सोसाइटी या बैंक जाएँ

    जिस सहकारी सोसाइटी या सहकारी बैंक के आप सदस्य हैं, वहाँ जाकर बताएँ कि यशस्विनी में जुड़ना है।

  2. 2

    दस्तावेज़ जमा करें

    मोबाइल नंबर, राशन कार्ड की प्रति, हर सदस्य का आधार और दो फोटो, और SC/ST हों तो जाति प्रमाण पत्र दें।

  3. 3

    सालाना अंशदान दें

    आपके परिवार की संख्या के हिसाब से सोसाइटी जो रकम बताए वह दें। SC/ST सदस्यों से शुल्क नहीं लिया जाता।

  4. 4

    यशस्विनी कार्ड लें और नेटवर्क अस्पताल जाएँ

    भर्ती से पहले yeshasvinitrust.in पर नेटवर्क अस्पतालों और प्रक्रियाओं की सूची देख लें। अस्पताल में कार्ड साथ रखें।

अगर कुछ गड़बड़ हो

नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।

  • पहले यशस्विनी सहकारी सदस्य स्वास्थ्य सेवा ट्रस्ट, KMC बिल्डिंग, दूसरी मंज़िल, के.आर. रोड, बसवनगुड़ी, बेंगलुरु — या yeshasvinitrust.in पर दिए यशस्विनी ज़िला समन्वयक से संपर्क करें।
  • आगे शिकायत के लिए कर्नाटक की जनस्पंदना प्रणाली: ipgrs.karnataka.gov.in या 1902 पर कॉल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यशस्विनी में कौन जुड़ सकता है?

कम से कम 3 महीने से सहकारी सोसाइटी या सहकारी द्वारा बनाए स्वयं सहायता समूह का सदस्य, और उसके पात्र परिवार जन। सहकारी मछुआरे, बीड़ी मज़दूर और बुनकर भी जुड़ सकते हैं।

हर साल कितना खर्च आता है?

ट्रस्ट के पेज पर 4 सदस्यों के ग्रामीण परिवार के लिए ₹500 और शहरी परिवार के लिए ₹1,000 लिखा है, हर अतिरिक्त सदस्य पर ₹100 या ₹200। ये ट्रस्ट के पेज पर 2022-23 की दरें हैं, इसलिए मौजूदा रकम अपनी सोसाइटी से पक्की कर लें।

क्या SC और ST सदस्यों से पैसा लिया जाता है?

नहीं। SC और ST सदस्यों से कोई सदस्यता शुल्क नहीं लिया जाता।

कौन-सा इलाज कवर है?

2,128 प्रक्रियाएँ — 1,650 इलाज और 478 ICU प्रक्रियाएँ — मुख्यतः हृदय, ENT, आँत, नस, आँख, हड्डी और महिलाओं से जुड़ी बीमारियाँ, नेटवर्क अस्पतालों में।

क्या मैं प्राइवेट कमरा ले सकता हूँ?

इलाज सामान्य वार्ड में होता है। 2–3 बिस्तर का कमरा चुनने पर 15% और अकेले प्राइवेट कमरे पर 25% अतिरिक्त देना पड़ता है।

पुरानी यशस्विनी से यह अलग क्यों है?

मूल योजना (2003) 2016-17 के बाद बंद हो गई थी और बजट 2022-23 में घोषित संशोधित रूप में दोबारा शुरू हुई। ट्रस्ट की मौजूदा साइट पर 2,128 प्रक्रियाएँ हैं, शुरुआती सालों की 823 नहीं।

अगर मेरे पास पहले से स्वास्थ्य बीमा है तो क्या मैं पात्र हूँ?

नहीं। ट्रस्ट के अनुसार किसी भी बीमा योजना के सदस्य इसके पात्र नहीं हैं।

तथ्य 4 अक्टूबर 2026 को yeshasvinitrust.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.