मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
बिहारअनुदानसक्रियअपडेट 26 सितंबर 2026

बिहार बकरी पालन योजना

20 बकरियों की इकाई स्थापित करने पर 50% सब्सिडी — SC/ST को 60% — बिहार के सभी 38 जिलों में उपलब्ध।

संचालक: पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार सरकार

सामान्य सब्सिडी
परियोजना लागत का 50%
SC/ST सब्सिडी
परियोजना लागत का 60%
इकाई आकार
20 बकरियाँ
कवरेज
बिहार के सभी 38 ज़िले

परिचय

बिहार में भूमिहीन या सीमांत किसान के लिए बकरी पालन सबसे सुलभ पशुधन उद्यम है: इसमें सिंचित चरागाह नहीं चाहिए, छोटे झुंड से शुरू होता है और महीनों में कमाई देता है। बिहार बकरी पालन योजना इसे औपचारिक सब्सिडी सहायता देती है — 20 बकरियों की इकाई पर सामान्य/OBC आवेदकों को परियोजना लागत का 50%, SC/ST को 60%।

योजना पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग से चलती है और सभी 38 ज़िलों में सक्रिय है। आवेदन ज़िला पशुपालन कार्यालय या विभाग के पोर्टल से होता है। 20 बकरियों की मानक इकाई (आमतौर पर ब्लैक बंगाल या सिरोही, बिहार की जलवायु के अनुकूल) बकरी के बच्चों की बिक्री और खाद से सालाना लगभग ₹2.5 लाख आमदनी दे सकती है। सब्सिडी पशु ख़रीद, शेड निर्माण और शुरुआती चारे की लागत कवर करती है। SC/ST, महिलाओं और BPL परिवारों को चयन में प्राथमिकता मिलती है। फ़ील्ड सत्यापन के बाद सब्सिडी DBT से बैंक खाते में आती है।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • सामान्य और OBC आवेदकों को बकरी इकाई स्थापना लागत पर 50% सब्सिडी।
  • SC/ST आवेदकों को 60% — पहुँच बढ़ाने के लिए ऊँची दर।
  • पशु ख़रीद, शेड निर्माण और शुरुआती चारा कवर होता है।
  • 20 बकरियों की इकाई से बच्चों की बिक्री से सालाना लगभग ₹2.5 लाख आमदनी हो सकती है।
  • बकरी पालन में सिंचित ज़मीन नहीं चाहिए — भूमिहीन परिवार भी कर सकते हैं।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • बिहार का स्थायी निवासी
  • उम्र 18 साल या अधिक
  • ग्रामीण क्षेत्र को प्राथमिकता, लेकिन अनिवार्य शर्त नहीं
  • BPL, SC/ST और महिला आवेदकों को प्राथमिकता
  • उसी विभाग से किसी अन्य बकरी पालन योजना की सब्सिडी पहले से न मिल रही हो

शामिल नहीं

  • सरकारी कर्मचारी
  • जो आवेदक उसी विभाग से मौजूदा इकाई पर पहले से बकरी पालन सब्सिडी ले रहे हैं

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • आधार कार्ड
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST सब्सिडी दर के लिए)
  • बैंक पासबुक (आधार से जुड़ी)
  • शेड के लिए ज़मीन या परिसर का प्रमाण — लीज़ एग्रीमेंट वाला किराये का प्लॉट भी मान्य
  • पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
  • मान्यता प्राप्त पशुपालन संस्थान का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, यदि उपलब्ध हो

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

  1. 1

    ज़िला पशुपालन कार्यालय में या ऑनलाइन आवेदन करें

    पहचान, ज़मीन और बैंक विवरण के साथ आवेदन पत्र भरें। विभाग के पोर्टल state.bihar.gov.in/ahd से ऑनलाइन आवेदन भी स्वीकार होता है।

  2. 2

    दस्तावेज़ सत्यापन और चयन

    ज़िला कार्यालय दस्तावेज़ जाँचता है और प्रस्तावित शेड स्थल का निरीक्षण करता है। SC/ST, महिलाओं और BPL आवेदकों को प्राथमिकता देते हुए चयन सूची तैयार होती है।

  3. 3

    इकाई स्थापित करें और सब्सिडी पाएँ

    चयन के बाद बकरियाँ (ब्लैक बंगाल, सिरोही या अन्य मान्य नस्ल) ख़रीदें और शेड बनाएँ। फ़ील्ड सत्यापन के बाद सब्सिडी DBT से बैंक खाते में आ जाती है।

अगर कुछ गड़बड़ हो

नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।

  • अस्वीकृत आवेदन, सब्सिडी ट्रांसफ़र में देरी, या सब्सिडी दर पर विवाद के लिए पहले ज़िला मुख्यालय में ज़िला पशुपालन अधिकारी से संपर्क करें।
  • विभाग से आगे, grievance.bihar.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या बिहार CM हेल्पलाइन पर कॉल करें। ट्रैकिंग के लिए आवेदन रेफ़रेंस नंबर संभालकर रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कौन-सी बकरी की नस्लें सुझाई जाती हैं?

ब्लैक बंगाल और सिरोही बिहार की जलवायु के लिए सबसे उपयुक्त नस्लें हैं और इस योजना के तहत आमतौर पर मान्य हैं। अपने क्षेत्र की मान्य नस्ल सूची ज़िला कार्यालय से पुष्ट कर लें।

क्या भूमिहीन व्यक्ति आवेदन कर सकता है?

हाँ। शेड के लिए लीज़ एग्रीमेंट वाला किराये का प्लॉट मान्य है — ज़मीन का मालिक होना ज़रूरी नहीं।

क्या सब्सिडी कर्ज़ है या अनुदान?

यह गैर-वापसी योग्य अनुदान है — परियोजना लागत का 50% (SC/ST को 60%), सीधे बैंक खाते में। लौटाना नहीं होता।

एक इकाई में कितनी बकरियाँ चाहिए?

मानक सब्सिडी वाली इकाई 20 बकरियों की है। योजना विनिर्देश से बाहर कम या ज़्यादा संख्या इस विशेष सब्सिडी के लिए मान्य नहीं होगी।

क्या महिलाओं को प्राथमिकता मिलती है?

हाँ। चयन प्रक्रिया में SC/ST और BPL परिवारों के साथ-साथ महिला आवेदकों को प्राथमिकता दी जाती है।

क्या इसे किसान क्रेडिट कार्ड के साथ जोड़ सकते हैं?

हाँ। KCC चारा, पशु-चिकित्सा और रोज़मर्रा के ख़र्चों के लिए कार्यशील पूंजी देता है। यह योजना सेटअप सब्सिडी कवर करती है। दोनों अलग-अलग उद्देश्यों के लिए हैं और साथ-साथ चल सकते हैं।

क्या बकरी पालन का प्रशिक्षण ज़रूरी है?

मान्यता प्राप्त पशुपालन संस्थान का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र आवेदन को मज़बूत करता है, लेकिन हर ज़िले में अनिवार्य शर्त नहीं है। विभाग प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित करता है — ज़िला कार्यालय से पूछें।

तथ्य 26 सितंबर 2026 को state.bihar.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.