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बिहारअनुदानसक्रियअपडेट 27 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना

अपने नज़दीकी PACS से आधुनिक कृषि यंत्र किराये पर लें — खरीदने की ज़रूरत नहीं, eSahkari पोर्टल से बुक करें और इस्तेमाल करें।

संचालक: सहकारिता विभाग, बिहार सरकार

कुल बजट
₹1,692.60 करोड़
मॉडल
PACS मशीनरी बैंक से किराया
PACS फंडिंग
50% अनुदान + 50% रियायती ऋण
बैंक सेटअप लागत
~₹20 लाख प्रति PACS
बुकिंग पोर्टल
eSahkari (ऑनलाइन + ऐप)
कैबिनेट मंज़ूरी
24 अगस्त 2018

परिचय

बिहार की मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना एक बुनियादी समस्या हल करती है: ज़्यादातर छोटे और सीमांत किसान ट्रैक्टर, रोटावेटर या हार्वेस्टर ख़रीदने की हैसियत नहीं रखते, लेकिन हर सीज़न में कुछ दिन उन्हें इन मशीनों की ज़रूरत पड़ती है। यह योजना पूरे बिहार में प्राथमिक कृषि सहकारी साख समिति (PACS) स्तर पर कृषि संयंत्र बैंक (मशीनरी बैंक) बनाती है, ताकि किसान अपने नज़दीकी PACS से ज़रूरत की मशीन सरकारी तय दर पर किराये पर ले सकें।

बिहार मंत्रिमंडल ने 24 अगस्त 2018 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में इस योजना को मंज़ूरी दी, कुल बजट ₹1,692.60 करोड़ है। हर PACS को एक पैकेज मिलता है — 50% अनुदान और 50% रियायती ऋण — जिससे मशीनरी शेड (हर बैंक के लिए लगभग ₹20 लाख) बनाया जाता है और उसमें ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल, स्प्रेयर, थ्रेशर, हार्वेस्टर और स्थानीय फ़सल पैटर्न के अनुसार अन्य उपकरण रखे जाते हैं।

यह योजना सहकारिता विभाग चलाता है, कृषि विभाग नहीं — यह जान-बूझकर किया गया है। बिहार में पहले से एक अलग खरीद-सब्सिडी कार्यक्रम है (कृषि यंत्रीकरण योजना, OFMAS/farmech.bihar.gov.in के ज़रिए) जो किसानों को 40–80% सब्सिडी पर मशीनें ख़रीदने में मदद करता है। हरित कृषि संयंत्र एक अलग कमी पूरी करती है: यह गाँव स्तर की सहकारी संस्थाओं में मशीनें जमा करती है ताकि जो किसान सब्सिडी वाली कीमत भी नहीं दे सकते, वे भी किराये पर मशीनीकरण का फ़ायदा उठा सकें।

बुकिंग eSahkari पोर्टल (esahkari.bihar.gov.in) या Google Play पर e-Sahkari मोबाइल ऐप से होती है। किसान मशीन, तारीख़ और नज़दीकी PACS चुनता है — सिस्टम रियल-टाइम उपलब्धता दिखाता है। इस्तेमाल के बाद उपकरण बैंक को लौटा दिया जाता है, अगली बुकिंग के लिए तैयार।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल, स्प्रेयर, थ्रेशर, हार्वेस्टर और अन्य आधुनिक उपकरण — बिना ख़रीदे इस्तेमाल करें।
  • मशीनरी PACS स्तर पर उपलब्ध — वही गाँव की सहकारी संस्था जहाँ किसान का पहले से खाता है — ब्लॉक या ज़िला मुख्यालय तक जाने की ज़रूरत नहीं।
  • सरकार द्वारा तय किराया दरें लागत को अनुमानित और किफ़ायती रखती हैं, ख़ासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए।
  • eSahkari पोर्टल या मोबाइल ऐप से ऑनलाइन बुकिंग — रियल-टाइम उपलब्धता दिखती है, बिचौलिए और अनिश्चितता ख़त्म।
  • PACS मशीनरी बैंक उपकरणों की देखभाल और सर्विसिंग करता है, किसान को हर सीज़न इस्तेमाल के लिए तैयार मशीन मिलती है।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • बिहार का स्थायी निवासी
  • कृषि में लगा किसान (छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता)
  • eSahkari पोर्टल या नज़दीकी PACS (जिसमें कृषि संयंत्र बैंक हो) से बुकिंग
  • किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों और संयुक्त-देनदारी समूहों द्वारा सामूहिक बुकिंग भी कई PACS में स्वीकार्य

शामिल नहीं

  • बिहार से बाहर के किसान
  • खरीद-सब्सिडी चाहने वाले आवेदक — वह एक अलग योजना है (कृषि यंत्रीकरण योजना, farmech.bihar.gov.in)

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • आधार कार्ड
  • बैंक खाता पासबुक
  • भूमि रिकॉर्ड या खेती के काग़ज़ात
  • मोबाइल नंबर (eSahkari OTP के लिए आधार से जुड़ा)
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

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    eSahkari पर रजिस्टर करें या नज़दीकी PACS जाएँ

    esahkari.bihar.gov.in पर जाएँ या e-Sahkari ऐप डाउनलोड करें। आधार और मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें। आप किसी भी PACS में जाकर जिसमें कृषि संयंत्र बैंक है, सीधे भी बुकिंग करवा सकते हैं।

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    मशीन और तारीख़ चुनें

    अपने नज़दीकी PACS पर उपलब्ध मशीनरी देखें, ज़रूरत का उपकरण (ट्रैक्टर, रोटावेटर, स्प्रेयर, थ्रेशर आदि) चुनें और किराये की तारीख़ तय करें।

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    बुकिंग की पुष्टि करें और किराया दें

    सरकारी तय किराया राशि PACS पर जमा करें। राशि मशीन के प्रकार और अवधि पर निर्भर करती है। बुकिंग की पुष्टि मिल जाएगी।

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    इस्तेमाल करें और लौटाएँ

    बुक की गई तारीख़ पर PACS मशीनरी बैंक से उपकरण लें, अपने खेत में इस्तेमाल करें और इस्तेमाल के बाद बैंक को लौटा दें। PACS रखरखाव और सर्विसिंग सँभालता है।

अगर कुछ गड़बड़ हो

नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।

  • अगर PACS बुकिंग से मना करे, मशीन ऑनलाइन उपलब्ध दिखे पर मिले नहीं, या ज़्यादा किराया वसूला जाए — ज़िला सहकारिता अधिकारी (DCO) से ज़िला कलेक्ट्रेट में शिकायत करें, या eSahkari पोर्टल के ज़रिए सहकारिता विभाग को लिखें।
  • विभाग से आगे, बिहार के लोक शिकायत पोर्टल — lokshikayat.bihar.gov.in — पर शिकायत दर्ज करें या टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-345-6284 (सुबह 9 से शाम 6:30) पर कॉल करें। लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम 2015 के तहत 60 कार्य-दिवसों में समाधान अनिवार्य है, दो स्तरीय अपील के साथ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यह बिहार कृषि यंत्रीकरण योजना से कैसे अलग है?

कृषि यंत्रीकरण (farmech.bihar.gov.in) किसान को अपनी मशीन ख़रीदने पर 40–80% सब्सिडी देती है। हरित कृषि संयंत्र कुछ बेचती नहीं — इसमें PACS मशीनरी बैंक से कम सरकारी दर पर उपकरण किराये पर लें और इस्तेमाल के बाद लौटा दें।

क्या किराये के लिए PACS सदस्य होना ज़रूरी है?

बिहार का कोई भी किसान बुक कर सकता है। PACS सदस्य होने से प्रक्रिया आसान हो सकती है क्योंकि सहकारी संस्था के पास आपके रिकॉर्ड पहले से होते हैं, लेकिन ज़्यादातर बैंकों में सदस्यता सख़्त शर्त नहीं है।

कौन-कौन सी मशीनें मिलती हैं?

सूची हर PACS और स्थानीय फ़सल पैटर्न के अनुसार बदलती है, पर आमतौर पर ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल, ज़ीरो-टिल सीड ड्रिल, स्प्रेयर, थ्रेशर, रीपर और हार्वेस्टर शामिल हैं। अपने क्षेत्र की उपलब्धता eSahkari पोर्टल पर देखें।

किराया कितना लगता है?

किराया दरें सरकार तय करती है और मशीन के प्रकार व अवधि के अनुसार बदलती हैं। उद्देश्य बाज़ार की हायरिंग दरों से काफ़ी कम रखना है। मौजूदा दरें eSahkari पर या अपने स्थानीय PACS से पूछकर जानें।

क्या ऑनलाइन बुकिंग हो सकती है?

हाँ। eSahkari पोर्टल (esahkari.bihar.gov.in) या Google Play पर e-Sahkari ऐप इस्तेमाल करें। रियल-टाइम उपलब्धता देख सकते हैं और तारीख़ तय कर सकते हैं।

इस्तेमाल के दौरान मशीन ख़राब हो जाए तो?

तुरंत PACS को बताएँ। मशीनरी बैंक रखरखाव और मरम्मत की ज़िम्मेदारी रखता है। किसान से उपकरण ख़ुद ठीक करने की उम्मीद नहीं की जाती।

तथ्य 27 सितंबर 2026 को esahkari.bihar.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.