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बिहारअनुदानसक्रियअपडेट 30 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना (हर खेत तक सिंचाई का पानी)

"हर खेत तक सिंचाई का पानी" — निजी ट्यूबवेल बोरिंग पर 50–80% सब्सिडी (₹600–₹960/मीटर, 70 मी. तक) और 2–5 HP मोटर पंप पर अनुदान।

संचालक: लघु जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार

बोरिंग लागत (निर्धारित)
₹1,200/मीटर
सामान्य सब्सिडी
50% (₹600/मी., अधि. ₹42,000)
BC/EBC सब्सिडी
70% (₹840/मी., अधि. ₹58,800)
SC/ST सब्सिडी
80% (₹960/मी., अधि. ₹67,200)
गहराई सीमा
15–70 मीटर
मोटर पंप
2–5 HP (अलग सब्सिडी)

परिचय

मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना बिहार के लघु जल संसाधन विभाग द्वारा "हर खेत तक सिंचाई का पानी" बैनर के तहत संचालित है। यह असिंचित कृषि भूमि पर निजी ट्यूबवेल (4–6 इंच व्यास, 15–70 मीटर गहरा) बोरिंग और 2–5 HP सबमर्सिबल या सेंट्रीफ्यूगल मोटर पंप लगाने के लिए सब्सिडी देती है।

सरकार ने बोरिंग लागत ₹1,200/मीटर तय की है। सामान्य श्रेणी के किसानों को 50% सब्सिडी (₹600/मी., अधिकतम ₹42,000), BC/EBC को 70% (₹840/मी., अधिकतम ₹58,800), और SC/ST को 80% (₹960/मी., अधिकतम ₹67,200) मिलती है। अलग से मोटर-पंप सब्सिडी HP और श्रेणी के अनुसार ₹10,000 से ₹24,000 तक है।

योजना सर्वेक्षण द्वारा पहचाने गए तकनीकी रूप से उपयुक्त असिंचित क्षेत्रों को लक्षित करती है। केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा "अति-दोहन" या "गंभीर" वर्गीकृत क्षेत्र बाहर हैं — लक्ष्य जल-सुरक्षित लेकिन वर्तमान में वर्षा-निर्भर खेतों तक सिंचाई पहुँचाना है।

यह एक बार का लाभ है: प्रति किसान एक बोरिंग और एक पंप। सब्सिडी दो चरणों में फील्ड सत्यापन के बाद डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से दी जाती है। पाइप IS 12818:1992 (PVC) और मोटर IS 8034:2018 (सबमर्सिबल) मानक के अनुरूप होने चाहिए।

आपको क्या मिलता है

लाभ वैसा ही, जैसा राज्य ने अधिसूचित किया है — यहाँ कुछ भी अनुमान नहीं है।

  • बोरिंग सब्सिडी: 70 मी. गहराई तक ₹600/मी. (सामान्य), ₹840/मी. (BC/EBC) या ₹960/मी. (SC/ST)।
  • मोटर पंप सब्सिडी (सामान्य): ₹10,000 (2 HP), ₹12,500 (3 HP), ₹15,000 (5 HP)।
  • मोटर पंप सब्सिडी (BC/EBC): ₹14,000 (2 HP), ₹17,500 (3 HP), ₹21,000 (5 HP)।
  • मोटर पंप सब्सिडी (SC/ST): ₹16,000 (2 HP), ₹20,000 (3 HP), ₹24,000 (5 HP)।
  • फील्ड सत्यापन के बाद दो चरणों में आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT भुगतान।
  • वर्तमान में वर्षा-निर्भर खेतों तक सिंचाई — रबी और ग्रीष्मकालीन फसल उपज में बदलाव लाने वाला।

कौन पात्र है

राज्य योजनाएँ अपने मानदंड आमतौर पर सूची में नहीं, विवरण में लिखती हैं। यह वही विवरण खोलकर रखा गया है — अंतिम फ़ैसला विभाग के सत्यापन का होता है।

आप पात्र हैं अगर

  • बिहार का किसान जिसकी न्यूनतम भूमि 0.40 एकड़ (40 डेसिमल) हो
  • ज़मीन विभाग द्वारा सर्वेक्षित तकनीकी रूप से उपयुक्त असिंचित क्षेत्र में होनी चाहिए
  • उसी स्थान पर कोई मौजूदा बोरिंग नहीं
  • इस या समान योजना से पहले ट्यूबवेल सब्सिडी नहीं ली हो
  • प्रति किसान एक बोरिंग और एक पंप (एक बार का लाभ)

शामिल नहीं

  • केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा "अति-दोहन" या "गंभीर" वर्गीकृत क्षेत्र
  • जिन किसानों के पास उसी ज़मीन पर पहले से ट्यूबवेल है
  • 0.40 एकड़ (40 डेसिमल) से कम भूमि

ज़रूरी दस्तावेज़

शुरू करने से पहले ये तैयार रखें — ज़्यादातर आवेदन हक़ न होने से नहीं, कोई काग़ज़ छूट जाने से रद्द होते हैं।

  • आधार कार्ड
  • भूमि स्वामित्व या कब्ज़ा प्रमाण पत्र (1 जनवरी 2023 के बाद का)
  • बैंक खाता पासबुक (आधार-लिंक्ड)
  • जाति प्रमाण पत्र (BC/EBC/SC/ST आवेदकों के लिए)
  • GPS निर्देशांक (अक्षांश/देशांतर) के साथ स्थल फोटो
  • स्व-घोषणा: उसी ज़मीन पर कोई पूर्व बोरिंग या सब्सिडी नहीं

आवेदन कैसे करें

केंद्रीय योजना से कम कदम, और आमतौर पर पोर्टल नहीं, एक कार्यालय।

  1. 1

    आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ

    mwrd.bihar.gov.in/mnny पर जाएँ और अपने मोबाइल नंबर और आधार विवरण से पंजीकरण करें।

  2. 2

    ऑनलाइन आवेदन भरें

    व्यक्तिगत विवरण, भूमि जानकारी, आवश्यक बोरिंग गहराई और मोटर पंप विनिर्देश दर्ज करें। सभी दस्तावेज़ JPEG/PNG प्रारूप में अपलोड करें।

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    फील्ड सत्यापन

    विभाग सत्यापित करता है कि आपकी ज़मीन पात्र असिंचित क्षेत्र में है, स्थल उपयुक्तता की पुष्टि करता है और जाँचता है कि कोई पूर्व बोरिंग नहीं है।

  4. 4

    बोरिंग और पंप स्थापना

    स्वीकृति के बाद स्वीकृत विनिर्देशों (IS 12818:1992 PVC पाइप, IS 8034:2018 मोटर) के अनुसार बोरिंग करवाएँ और मोटर पंप लगवाएँ।

  5. 5

    DBT से दो चरणों में सब्सिडी जारी

    चरण 1 सब्सिडी बोरिंग सत्यापन के बाद। चरण 2 मोटर-पंप स्थापना पुष्टि के बाद। दोनों आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में।

अगर कुछ गड़बड़ हो

नाम सूची में न हो, या भुगतान अटका हो — विभाग ने ख़ुद जो रास्ता बताया है, वह यहाँ है।

  • आवेदन स्थिति, सत्यापन देरी या भुगतान समस्या के लिए लघु जल संसाधन विभाग हेल्पलाइन 0612-2215605 / 0612-2215606, या 0612-2233333 पर संपर्क करें।
  • आगे शिकायत के लिए बिहार लोक शिकायत पोर्टल lokshikayat.bihar.gov.in या टोल-फ्री 1800-345-6284 पर कॉल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सामान्य श्रेणी के किसान को कितनी सब्सिडी मिलती है?

बोरिंग लागत का 50% यानी ₹600/मीटर — 70 मी. बोर के लिए अधिकतम ₹42,000। साथ ही 2–5 HP मोटर पंप पर ₹10,000–₹15,000।

SC/ST सब्सिडी कितनी है?

80% यानी ₹960/मीटर — 70 मी. बोर के लिए अधिकतम ₹67,200। मोटर पंप: ₹16,000 (2 HP) से ₹24,000 (5 HP)।

न्यूनतम ज़मीन कितनी चाहिए?

0.40 एकड़ (40 डेसिमल)। ज़मीन सर्वेक्षित असिंचित क्षेत्र में होनी चाहिए।

क्या भूजल-तनावग्रस्त क्षेत्र शामिल हैं?

नहीं। केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा "अति-दोहन" या "गंभीर" वर्गीकृत क्षेत्र बाहर हैं।

क्या मैं एक से अधिक बार आवेदन कर सकता हूँ?

नहीं। यह एक बार का लाभ है — प्रति किसान प्रति भूमि एक बोरिंग और एक पंप।

आवेदन कहाँ करें?

mwrd.bihar.gov.in/mnny पर ऑनलाइन। पंजीकरण करें, फॉर्म भरें, दस्तावेज़ अपलोड करें और जमा करें।

सब्सिडी कैसे मिलती है?

दो चरणों में DBT से — पहला बोरिंग सत्यापन के बाद, दूसरा मोटर-पंप स्थापना के बाद — दोनों आपके आधार-लिंक्ड खाते में।

तथ्य 30 सितंबर 2026 को mwrd.bihar.gov.in से जाँचे गए। संपादकीय नीति.