CIM-Unnati
CSIR-CIMAP की मेंथॉल पुदीना जो जीनोटाइप MASP-19 से विकसित हुई और लगभग 2020 में आई — मौजूदा चेक किस्मों से लगभग 20% ज़्यादा तेल, और मेंथॉल लगभग 74% बताया गया है।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- सकर (उन्नत किस्म)
- सीज़न
- ज़ायद / गर्मी
- पकने की अवधि
- पहली कटाई तक 100–110 दिन
- बीज दर
- लगभग 400–450 किग्रा ताज़े सकर प्रति हेक्टेयर (लगभग 160–180 किग्रा प्रति एकड़)
- अपेक्षित उपज
- लगभग 180–190 किग्रा तेल/हेक्टेयर (संभावित)
- उपयुक्त मिट्टी
- अच्छी जल-निकासी वाली, जैविक पदार्थ से भरपूर दोमट या बलुई दोमट
- जारी
- CSIR-CIMAP, लखनऊ द्वारा विकसित (जीनोटाइप MASP-19); लगभग 2020 में जारी
इस किस्म के बारे में
सीआईएम-उन्नति CSIR-CIMAP की नई ज़्यादा-तेल वाली मेंथॉल पुदीना (Mentha arvensis) है, जो प्रजनन-लाइन MASP-19 से विकसित हुई और लगभग 2020 में आई। CIMAP मौजूदा चेक किस्मों से लगभग 20% ज़्यादा आवश्यक तेल, लगभग 180–190 किग्रा तेल प्रति हेक्टेयर की संभावना, और तेल में लगभग 74% मेंथॉल बताता है, जो उद्योग की माँग पूरी करता है। यह रोपाई के लगभग 100–110 दिन में पकती है और अपनी पत्ती की बनावट से पहचानी जाती है। हर पुदीना किस्म की तरह यह सकर से उगती है, और वह कितना तेल दे पाएगी यह साफ़, खरपतवार-मुक्त मेड़ों, पर्याप्त नाइट्रोजन व पानी और समय पर कटाई व आसवन पर निर्भर है।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- बुवाई का समयउत्तरी मैदानों में फ़रवरी के पहले हफ़्ते से मार्च के दूसरे हफ़्ते तक
- बीज दरलगभग 400–450 किग्रा ताज़े सकर प्रति हेक्टेयर (लगभग 160–180 किग्रा प्रति एकड़)
- दूरीक़तारें 45–60 सेमी दूर, सकर 5–6 सेमी गहरी कूँड़ों में सिरे से सिरा जोड़कर (लगभग 10 सेमी की दूरी)
- बुवाई विधिताज़े, स्वस्थ सकर नम कूँड़ों में बिछाएँ, मिट्टी से हल्का ढकें और तुरंत सिंचाई करें
- सिंचाईरोपाई पर और हफ़्ते भर बाद हल्की सिंचाई, फिर गर्मी में लगभग हर 10–12 दिन (लगभग दस सिंचाइयाँ); हर कटाई से लगभग एक हफ़्ते पहले रोक दें
- उर्वरकलगभग 120 किग्रा N, 60 किग्रा P₂O₅ व 40 किग्रा K₂O प्रति हेक्टेयर और लगभग 20 टन गोबर-खाद, नाइट्रोजन तीन-चार खुराकों में बाँटकर, जिनमें एक पहली कटाई के तुरंत बाद (NHB पुदीना पैकेज)
- कटाईलगभग 100–110 दिन पर तेज़ धूप वाले दिन पहली कटाई, फिर लगभग 80–90 दिन बाद दूसरी; तुरंत भाप-आसवन करें
मिट्टी व जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- जैविक पदार्थ से भरपूर, अच्छी जल-निकासी वाली दोमट या बलुई दोमट, pH लगभग 6–8.2
- सिंचाई
- अच्छी जल-निकासी ज़रूरी — पानी सकर व स्टोलन के आसपास कभी न ठहरे
जलवायु
- अवधि
- About 20–40°C through the growing period
- सिंचाई
- Light rain at planting and dry, sunny weather at harvest; largely an irrigated crop in the plains
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहली कटाई तक 100–110 दिन
अपेक्षित उपज
लगभग 180–190 किग्रा तेल/हेक्टेयर (संभावित)
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
प्रबंधन सुझाव
- सकर ताज़े, स्वस्थ लें और अनुशंसित फफूँदनाशी में डुबोकर लगाएँ, और हर दो साल में रोपण-सामग्री बदलें।
- रोपाई के लगभग 4 से 14 हफ़्ते फ़सल खरपतवार-मुक्त रखें — मोथा सबसे बुरा खरपतवार है।
- तेज़ धूप वाले दिन काटें और उसी या अगले दिन आसवन करें; पहली कटाई के तुरंत बाद नाइट्रोजन व पानी दें।
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- ज़्यादा तेल-संभावना — मौजूदा चेक किस्मों से लगभग 20% ऊपर बताई गई
- मेंथॉल लगभग 74%, उद्योग की माँग के भीतर
- लगभग 100–110 दिन में पकती है, फ़रवरी रोपाई की खिड़की में फिट
ध्यान रखने योग्य बातें
- 180–190 किग्रा/हेक्टेयर का आँकड़ा CIMAP की संभावना है; खेत की उपज प्रबंधन व मौसम पर निर्भर है
- किसी भी मेंथा की तरह वही खरपतवार-नियंत्रण, पानी व समय पर आसवन चाहिए
- असली रोपण-सामग्री के लिए CIMAP या KVK से पूछें — बिना नाम के सकर को उन्नति बताकर बिकने से बचें
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- उत्तर प्रदेश
- उत्तराखंड
- पंजाब
- हरियाणा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सीआईएम-उन्नति कितना तेल देती है?
CIMAP लगभग 180–190 किग्रा आवश्यक तेल प्रति हेक्टेयर की संभावना बताता है, जो मौजूदा चेक किस्मों से लगभग 20% ऊपर है, मेंथॉल लगभग 74%। खेत की असल उपज रोपाई-तारीख़, खरपतवार-नियंत्रण, नाइट्रोजन, पानी और कटी घास के कितनी जल्दी आसवन होने पर निर्भर है।
सीआईएम-उन्नति कब लगाएँ?
उत्तरी मैदानों में मुख्य पुदीना खिड़की — फ़रवरी के पहले हफ़्ते से मार्च के दूसरे हफ़्ते — में ताज़े, स्वस्थ सकर से लगाएँ। यह लगभग 100–110 दिन में पकती है, इसलिए पहली कटाई मानसून से पहले पड़ती है।
स्रोत: CSIR-CIMAP, Lucknow, CSIR Aroma Mission, National Horticulture Board — Mint. संपादकीय नीति.
