Paddy Straw Mushroom (Volvariella volvacea)
बंडल किए ताज़े धान पुआल पर सीधे उगाई जाने वाली एक तेज़, गरम-मौसम मशरूम, पाश्चुरीकृत ढीले पुआल के बजाय — धान-उगाने वाले क्षेत्रों को स्वाभाविक रूप से उपयुक्त जहाँ कटाई के ठीक बाद पुआल प्रचुर होता, हालाँकि प्रजाति-स्तर वर्गीकरण से अलग नामित स्ट्रेन भारतीय व्यावसायिक स्पॉन को व्यापक रूप से दस्तावेज़ीकृत नहीं, तो इसे यहाँ ईमानदारी से एक प्रजाति के रूप में दर्शाया गया, किसी ख़ास नामित किस्म के रूप में नहीं।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- स्पॉन (प्रजाति)
- सीज़न
- खरीफ़
- पकने की अवधि
- पहले फ्लश तक 10–15 दिन — सबसे तेज़ उगाई मशरूम में से एक
- अपेक्षित उपज
- ऑएस्टर मशरूम से कम जैविक दक्षता, पर बहुत छोटे चक्र व कटाई के बाद ताज़े धान पुआल की उपलब्धता से संतुलित
- उपयुक्त मिट्टी
- ताज़े, कम-उपचारित धान पुआल के बंडलों पर सीधे उगाई, मिट्टी पर नहीं
- जारी
- ICAR-DMR सोलन की अनुसंधान संग्रहणों से समर्थित प्रजाति-स्तर खेती; भारतीय बाज़ार पर कोई एक व्यापक रूप से ब्रांडेड व्यावसायिक स्ट्रेन नाम हावी नहीं, जिस तरह S-11 बटन मशरूम को है
इस किस्म के बारे में
धान पुआल मशरूम (Volvariella volvacea) ओयस्टर मशरूम को इस्तेमाल होने वाले ढीले, गरम-पानी-पाश्चुरीकृत पुआल के बजाय बंडल किए ताज़े धान पुआल पर सीधे उगाई जाती, और बिलकुल फलने को सच में गरम, नम दशाएँ (लगभग 30–35°C) चाहती, इसे सख़्ती से एक गरम-मौसम फ़सल बनाती। इसका मुख्य लाभ गति है — स्पॉनिंग के 10–15 दिनों भीतर एक फ्लश आ सकता, भारत में किसी भी व्यावसायिक रूप से उगाई मशरूम का सबसे छोटा चक्र — और यह पूर्व व दक्षिण के धान-उगाने वाले क्षेत्रों को स्वाभाविक रूप से फ़िट बैठती जहाँ ख़रीफ़ कटाई के ठीक बाद ताज़ा पुआल प्रचुर होता। भारत का ICAR-DMR स्पॉन कार्यक्रम इस प्रजाति की कई अनुसंधान संग्रहणों के साथ काम करता, पर नामित व्यावसायिक स्ट्रेन बाज़ार में ऑएस्टर या बटन मशरूम जितनी मानकीकृत नहीं, तो उत्पादक अक्सर बस एक प्रजाति के रूप में "धान पुआल मशरूम स्पॉन" ख़रीदते, किसी ख़ास ब्रांडेड किस्म के रूप में नहीं।
मुख्य विशेषताएँ
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहले फ्लश तक 10–15 दिन — सबसे तेज़ उगाई मशरूम में से एक
अपेक्षित उपज
ऑएस्टर मशरूम से कम जैविक दक्षता, पर बहुत छोटे चक्र व कटाई के बाद ताज़े धान पुआल की उपलब्धता से संतुलित
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- बिलकुल फलने को सच में गरम, नम दशाएँ (30–35°C) चाहती; ठंडे मौसम में इस्तेमाल-योग्य नहीं
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- भारत में किसी भी व्यावसायिक रूप से उगाई मशरूम का सबसे तेज़ फ़सल-चक्र — 10–15 दिनों भीतर एक फ्लश
- धान कटाई के ठीक बाद ताज़े पुआल का सीधे इस्तेमाल, पूर्वी/दक्षिणी धान-खेती कैलेंडर में स्वाभाविक रूप से फ़िट बैठती, ऑएस्टर मशरूम को चाहिए पाश्चुरीकृत-पुआल आपूर्ति से प्रतिस्पर्धा किए बिना
ध्यान रखने योग्य बातें
- सख़्ती से एक गरम-मौसम फ़सल (30–35°C) — ऑएस्टर या बटन मशरूम जैसे ठंडे महीनों नहीं ली जा सकती
- अधिकांश अन्य उगाई मशरूम से छोटी शेल्फ़-लाइफ़, और ऑएस्टर मशरूम से प्रति किग्रा पुआल कम जैविक दक्षता
- नामित व्यावसायिक स्ट्रेन बटन/ऑएस्टर मशरूम जितनी मानकीकृत नहीं — बड़े पैमाने पर ख़रीदने से पहले पक्का करें कि एक स्पॉन लैब असल में क्या आपूर्ति कर रही
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- ओडिशा
- पश्चिम बंगाल
- तमिलनाडु
- आंध्र प्रदेश
- बिहार
