S-11 (Button Mushroom)
भारत में सबसे व्यापक रूप से उगाए जाने वाले बटन मशरूम स्ट्रेन में से एक, U-3 व आयातित स्ट्रेन (जैसे Horst H3) के साथ — संगठित कोल्ड-रूम क्षेत्र व छोटी कम्पोस्टिंग इकाइयों दोनों में उगाई।
ज़रूरी तथ्य
- प्रकार
- स्पॉन (हाइब्रिड स्ट्रेन)
- सीज़न
- रबी
- पकने की अवधि
- पहले फ्लश तक 6–7 हफ़्ते (2–3 हफ़्ते कम्पोस्टिंग के बाद)
- अपेक्षित उपज
- 10–15 किग्रा ताज़ा मशरूम/वर्ग-फ़ीट कम्पोस्ट बेड
- उपयुक्त मिट्टी
- गेहूँ पुआल/मुर्गी खाद/जिप्सम कम्पोस्ट सब्सट्रेट पर उगाई, मिट्टी पर नहीं
- जारी
- भारतीय मशरूम व्यापार में एक लंबे समय से स्थापित व्यावसायिक स्ट्रेन; किसी एकल हाल के संस्थान-रिलीज़ से बँधी नहीं
इस किस्म के बारे में
S-11 भारत में सफ़ेद बटन मशरूम (Agaricus bisporus) का एक व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला व्यावसायिक हाइब्रिड स्ट्रेन है, एक अच्छी तरह तैयार गेहूँ-पुआल कम्पोस्ट पर, ठंडी, नियंत्रित दशाओं में लगातार फ़सल के लिए मूल्यवान। अन्य बटन स्ट्रेन की तरह, यह सच्चे बीज से नहीं बल्कि स्पॉन से उगाई जाती — मशरूम माइसीलियम से पूरी तरह कॉलोनाइज़्ड अनाज — जो पाश्चुरीकृत कम्पोस्ट में स्पॉन किया व फलन से पहले मिट्टी-चूना परत से केस किया जाता।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई व खेती
- दूरीमानक कम्पोस्ट-बेड फ़सल: 10–15 किग्रा कम्पोस्ट/वर्ग-फ़ीट बेड क्षेत्र, उसी बेड में केस व फ़सल की जाती
उपज व अवधि
पकने की अवधि
पहले फ्लश तक 6–7 हफ़्ते (2–3 हफ़्ते कम्पोस्टिंग के बाद)
अपेक्षित उपज
10–15 किग्रा ताज़ा मशरूम/वर्ग-फ़ीट कम्पोस्ट बेड
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता व फ़सल प्रबंधन पर निर्भर करती है।
कीट व रोग संबंधी बातें
मुख्य रोग
- कोई विशेष रोग-प्रतिरोध दावा नहीं; वेट/ड्राई बबल के विरुद्ध सावधान कम्पोस्ट व कमरा स्वच्छता चाहिए
फ़ायदे व ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- मानक गेहूँ-पुआल कम्पोस्ट पर लगातार, भरोसेमंद फ़सल
- भारतीय उत्पादकों व स्पॉन लैब द्वारा अच्छी तरह समझी — व्यापक रूप से उपलब्ध व दस्तावेज़ीकृत
ध्यान रखने योग्य बातें
- एक ठीक कम्पोस्टिंग सेट-अप व एक ठंडा, नियंत्रित फलन-कमरा चाहिए — ऑएस्टर मशरूम जैसा कम-उपकरण शुरुआती फ़सल नहीं
- कोई विशेष रोग-प्रतिरोध नहीं — अच्छा कम्पोस्ट पाश्चुरीकरण व केसिंग स्वच्छता नतीजा उतना ही तय करते जितना स्ट्रेन ख़ुद
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है — स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में एक से ज़्यादा सुझाया क्षेत्र हो सकता है।
- हिमाचल प्रदेश
- पंजाब
- हरियाणा
- उत्तर प्रदेश
- तमिलनाडु
