मुख्य सामग्री पर जाएँ
Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
इलायचीसभी सीज़नप्रकंद / चूसक की रोपण-सामग्री (मलबार प्रकार)अंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026

IISR Manushree

IISR की 2022 की जननद्रव्य से चुनी किस्म, नमी की कमी को सहने वाली मलबार प्रकार की। IISR सिंचाई में 550 किग्रा और नमी की कमी में 360 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर देता है, 50% फलियाँ 8 मिमी से ऊपर और 8.74% से 8.84% उड़नशील तेल।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिपहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU); IISR फूल से दिन नहीं देता
अपेक्षित उपजसिंचाई में 550 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर; नमी की कमी में 360 किग्रा/हेक्टेयर; क्षमता 1,325 किग्रा/हेक्टेयर (IISR, AICRPS 2024)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
प्रकंद / चूसक की रोपण-सामग्री (मलबार प्रकार)
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
पहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU); IISR फूल से दिन नहीं देता
अपेक्षित उपज
सिंचाई में 550 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर; नमी की कमी में 360 किग्रा/हेक्टेयर; क्षमता 1,325 किग्रा/हेक्टेयर (IISR, AICRPS 2024)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
2022 में जारी · ICAR-IISR, कोझीकोड, केरल

इस किस्म के बारे में

IISR मनुश्री मलबार प्रकार की इलायची है, जिसे ICAR-IISR ने जननद्रव्य से चुनकर 2022 में जारी किया। IISR इसे सूखे और नमी की कमी को सहने वाली बताता है, और 2025 की इंडियन हॉर्टिकल्चर समीक्षा इसे स्थिर उपज वाली, नमी की कमी सहने वाली किस्म कहती है। सिंचाई में यह 550 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर देती है और नमी की कमी में 360 किग्रा। लगभग 50% फलियाँ 8 मिमी से बड़ी हैं। उड़नशील तेल सिंचाई में 8.74% और नमी की कमी में 8.84% है, और IISR लिखता है कि दोनों हालात में अल्फा टर्पिनिल एसीटेट और 1,8-सिनिओल का हिस्सा ज़्यादा नहीं बदलता। सूखा-संवेदनशीलता सूचकांक 0.89 और सूखा-सहनशीलता क्षमता 70.71% है। AICRPS 2024 सूची इसे सूखा सहने वाली, थ्रिप्स को सहने वाली और पत्ती झुलसा के प्रति मध्यम प्रतिरोधी गिनती है। वह 240 से 280 सेमी का झुंड, हर गुच्छे में लगभग 120 फूल और 90 से 110 फलियाँ, सूखी निकासी 18.6%, अल्फा टर्पिनिल एसीटेट 32.23%, 1,8-सिनिओल 42.08% और क्षमता 1,325 किग्रा/हेक्टेयर देती है।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

आपके इलायची बाग में सूखे दौर आते हैं या आप हर बार सिंचाई नहीं कर सकते, तो IISR मनुश्री चुनिए। IISR ने इसे दोनों तरह परखा: सिंचाई में 550 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर और नमी की कमी में 360 किग्रा, यानी लगभग 35% की गिरावट (हमारा हिसाब)। IISR इसे स्थिर उपज वाली, नमी की कमी सहने वाली मलबार किस्म कहता है, सूखा-संवेदनशीलता सूचकांक 0.89 और सूखा-सहनशीलता क्षमता 70.71% के साथ। क़ीमत सबसे ऊँची उपज में है: 550 किग्रा विजेता के 643 और अप्पांगला 2 के 927 से कम है, हालाँकि वे केंद्र-औसत हैं जो दूसरे तरीके से नापे गए हैं। IISR कट्टे या प्रकंद सड़न का कोई दर्जा नहीं देता। पानी की कमी नहीं है और उपज चाहिए तो अप्पांगला 2 या अविनाश चुनिए।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारप्रकंद / चूसक की रोपण-सामग्री (मलबार प्रकार)
    अवधिपहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU); IISR फूल से दिन नहीं देता
    उपज क्षमतासिंचाई में 550 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर; नमी की कमी में 360 किग्रा/हेक्टेयर; क्षमता 1,325 किग्रा/हेक्टेयर (IISR, AICRPS 2024)
    रोग-प्रतिरोधनमी की कमी को बहुत सहने वाली, थ्रिप्स को सहने वाली और पत्ती झुलसा के प्रति मध्यम प्रतिरोधी (AICRPS 2024); कट्टे या प्रकंद सड़न का कोई दर्जा नहीं
    मिट्टीदोमट
    सीज़नसभी सीज़न

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयरोपाई का सबसे अच्छा समय जून से दिसंबर (TNAU)
  • दूरीIISR IISR मनुश्री के लिए दूरी नहीं देता। TNAU बड़े प्रकारों के लिए 2.5 x 2 मी और छोटे प्रकारों के लिए 2 x 1.5 मी देता है, 60 x 60 x 60 सेमी के गड्ढों में। अप्पांगला केंद्र से पूछिए कि इस किस्म के लिए वह कौन-सी दूरी सुझाता है।
  • उर्वरकIISR IISR मनुश्री के लिए अलग खाद-मात्रा नहीं देता। TNAU 25 टन/हेक्टेयर कंपोस्ट के साथ 75 किग्रा N, 75 किग्रा P और 150 किग्रा K प्रति हेक्टेयर देता है, 2 बार में: जून-जुलाई और अक्टूबर-नवंबर।
  • कटाईIISR मनुश्री के लिए पकने के दिन नहीं देता। TNAU: पकी फलियाँ हर 15 से 25 दिन में तोड़ें, चरम अक्टूबर-नवंबर में।

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
छाया में जंगल की दोमट मिट्टी; अम्लीय और अच्छी निकासी वाली
pH
5.0 to 6.5 (TNAU)

जलवायु

जलवायु
IISR इसे नमी की कमी को सहने वाली गिनता है और सिंचित और तनाव वाले खेतों की उपज देता है। वह छाया की सलाह नहीं देता, इसलिए इलायची के आम आँकड़े के तौर पर TNAU की 50 से 60% छाया लीजिए। सूखे दौर सहने का मतलब यह नहीं कि छोटे पौधों को पानी देना बंद कर दें।

उपज और अवधि

पकने की अवधि

पहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU); IISR फूल से दिन नहीं देता

अपेक्षित उपज

सिंचाई में 550 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर; नमी की कमी में 360 किग्रा/हेक्टेयर; क्षमता 1,325 किग्रा/हेक्टेयर (IISR, AICRPS 2024)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

कीट और रोग संबंधी बातें

प्रबंधन सुझाव

  • कट्टे: TNAU के अनुसार यह केले के माहू से फैलता है, इसलिए माहू पर वह कीटनाशक चलाएँ जो आपका KVK या मसाला बोर्ड सुझाए।
  • पत्ती की नसों के साथ हल्के धब्बे या धारियाँ दिखाने वाला झुंड निकाल दें। उससे चूसक न लें।
  • अझुकल: TNAU अगस्त की शुरुआत में मानसून से पहले और फिर सितंबर में 1% बोर्डो मिश्रण, 0.25% कॉपर ऑक्सीक्लोराइड या 0.2% मैंकोज़ेब के 3 छिड़काव देता है।

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • नमी की कमी को सहने वाली: तनाव में 360 किग्रा/हेक्टेयर जबकि सिंचाई में 550, सूखा-संवेदनशीलता सूचकांक 0.89 के साथ।
  • 8.74% से 8.84% उड़नशील तेल, विजेता (7.9%), अविनाश (6.7%) और अप्पांगला 2 (6.3%) से ऊपर।
  • IISR के अनुसार तेल की बनावट गीले और सूखे हालात में लगभग वही रहती है।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • यहाँ तुलना की गई IISR की इलायची किस्मों में सबसे कम उपज, सिंचाई में 550 किग्रा/हेक्टेयर, हालाँकि आँकड़े अलग तरीके से नापे गए।
  • सिर्फ़ आधी फलियाँ 8 मिमी से ऊपर हैं, और IISR 7.2 मिमी वाला मोटी फलियों का हिस्सा नहीं देता जिससे विजेता (77%) या अप्पांगला-1 (89%) से तुलना हो।
  • IISR कट्टे, प्रकंद सड़न या अझुकल का कोई दर्जा नहीं देता, और फूल से दिन भी नहीं।

उपयुक्त क्षेत्र

AICRPS 2024 केरल और कर्नाटक के इलायची उगाने वाले सभी इलाक़ों को अपनाए जाने के इलाक़े बताता है।

  • केरल
  • कर्नाटक

नमी की कमी के आँकड़े सीधी भाषा में

IISR मनुश्री के सूखे दौर के व्यवहार के लिए तीन आँकड़े देता है। पहला सीधी उपज है: पौधे सींचे जाएँ तो 550 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर और पानी की कमी में रखे जाएँ तो 360 किग्रा। हमारे हिसाब से यह लगभग एक-तिहाई कम है, और सहनशील किस्म के लिए भी सूखे दौर की यही ईमानदार क़ीमत है।

बाक़ी दो प्रजनन के मानक माप हैं। सूखा-संवेदनशीलता सूचकांक 0.89 है। 1 से नीचे का सूचकांक आम तौर पर बताता है कि लाइन तनाव में उन लाइनों के औसत से कम उपज खोती है जिनके साथ उसे परखा गया, इसलिए कम बेहतर है। सूखा-सहनशीलता क्षमता 70.71% है, जहाँ ज़्यादा बेहतर है। IISR यह नहीं बताता कि मनुश्री की तुलना किन लाइनों से हुई, इसलिए इन्हें संकेत समझिए, गारंटी नहीं।

आपके लिए सबक छोटा पर काम का है। मनुश्री सूखे साल में आपको सुरक्षित फ़सल देती है, बड़ी नहीं। आपके पानी की आपूर्ति भरोसेमंद है तो अप्पांगला 2 जैसी ज़्यादा उपज वाली किस्म ज़्यादा देती है। आपका बाग ज़्यादातर गर्मियों में पानी की कमी झेलता है तो मनुश्री वही किस्म है जो IISR ने इसी के लिए बनाई।

क्या इसका बीज अपने पास रख सकते हैं?

इसे बीज से नहीं उगाते। KAU के अनुसार कम से कम 3 कल्लों वाले प्रकंद लिए जाते हैं, और चूसक की रोपाई से कट्टे फैल सकता है। जहाँ कट्टे बहुत फैला हो वहाँ KAU के अनुसार बीज से बनी पौध ज़्यादा सुरक्षित है, क्योंकि विषाणु बीज से नहीं आता। IISR मनुश्री के लिए ख़ुद चूसक उन्हीं झुंडों से लें जिनमें पूरे मौसम मोज़ेक नहीं दिखा।

दूसरी किस्मों से तुलना

इलायची की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
Appangala 2कट्टे वाले इलाक़े; सबसे ज़्यादा केंद्र-उपजफूल आने से पकी फली तक 120 दिन (IISR); पहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU)औसत 927 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर; क्षमता 1,393 किग्रा/हेक्टेयर (IISR)कर्नाटक, केरल
Appangala-1 (Suvasini)मोटी फलियाँ और ज़्यादा तेल; घनी रोपाईफूल आने से पकी फली तक 112 दिन (IISR); पहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU)औसत 745 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर; क्षमता 1,322 किग्रा/हेक्टेयर (IISR)कर्नाटक, केरल
CCS-1जल्दी फ़सल; घनी रोपाईजल्दी पकने वाली (KAU); पहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU)क्षमता 1,156 किग्रा/हेक्टेयर (KAU तालिका); CCS-1 नाम से औसत उपज प्रकाशित नहींकर्नाटक, केरल
ICRI-1दक्षिण इडुक्की के बाग जहाँ बारिश बराबर होती है और मोटी फली वाली मलबार किस्म चाहिएजल्दी पकने वाली (KAU); पहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU)वर्षा-आधारित में 325 किग्रा और सिंचाई में 650 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर (TNAU eAgri); KAU की सूची में क्षमता 656 किग्रा/हेक्टेयरकेरल
ICRI-2वंडनमेडु, नेल्लियमपथी, अन्नामलाई और मेघमलाई के सिंचित, ऊँचाई वाले बागपहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU); पकने के दिन नहीं दिए गएवर्षा-आधारित में 375 किग्रा और सिंचाई में 760 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर (TNAU eAgri); KAU की सूची में क्षमता 766 किग्रा/हेक्टेयरकेरल, तमिलनाडु
ICRI-3कर्नाटक के इलायची इलाक़े जहाँ प्रकंद सड़न की चिंता हैजल्दी पकने वाली (KAU); पहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU)क्षमता 790 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर (KAU किस्म-तालिका); वर्षा-आधारित या सिंचाई का अलग आँकड़ा नहींकर्नाटक
IISR Avinashप्रकंद सड़न वाले खेत और घाटियाँफूल आने से पकी फली तक 115 दिन (IISR); पहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU)औसत 847 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर; क्षमता 1,483 किग्रा/हेक्टेयर (IISR)कर्नाटक, केरल
IISR Kaveriकर्नाटक के बाग जिन्हें तेल से भरी फलियाँ और कुछ सूखे से बचाव चाहिएपहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU); IISR फूल से दिन नहीं देतासिंचाई में 482 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर; नमी की कमी में 308 किग्रा/हेक्टेयर; क्षमता 562.5 किग्रा/हेक्टेयर (IISR, AICRPS 2024)कर्नाटक
IISR Manushreeयही पेजसूखे दौर या कम पानी वाले बागपहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU); IISR फूल से दिन नहीं देतासिंचाई में 550 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर; नमी की कमी में 360 किग्रा/हेक्टेयर; क्षमता 1,325 किग्रा/हेक्टेयर (IISR, AICRPS 2024)केरल, कर्नाटक
IISR Vijethaकट्टे वाले खेत; मोटी फलियाँफूल आने से पकी फली तक 105 दिन (IISR); पहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU)औसत 643 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर; क्षमता 979 किग्रा/हेक्टेयर (IISR)कर्नाटक, केरल
MCC-12केरल के वे बाग़ जहाँ छायादार पेड़ कम हैं और आप नाम और रिकॉर्ड वाली वाझुक्का किस्म चाहते हैंMCC-12 की फलन-उम्र नहीं दी गई; TNAU आम इलायची के लिए रोपाई के लगभग 2 साल बाद पहली फ़सल बताता हैक्षमता 620 किग्रा/हेक्टेयर (KAU किस्म-तालिका); वर्षा-आधारित या सिंचाई का अलग आँकड़ा नहींकेरल
MCC-16केरल के कडमकुझी और उडुम्बनचोला इलाक़ों की सिंचित या गीली, दलदली इलायची ज़मीनMCC-16 की फलन-उम्र नहीं दी गई; TNAU आम इलायची के लिए रोपाई के लगभग 2 साल बाद पहली फ़सल बताता हैक्षमता 650 किग्रा/हेक्टेयर (KAU किस्म-तालिका); वर्षा-आधारित या सिंचाई का अलग आँकड़ा नहींकेरल
MCC-40केरल के वे बाग़ जो सिर्फ़ बारिश पर चलते हैं और जहाँ आप जल्दी फलने वाली वाझुक्का किस्म चाहते हैंजल्दी फलने वाली (KAU), पर उम्र या महीने नहीं दिए; TNAU आम इलायची के लिए रोपाई के लगभग 2 साल बाद पहली फ़सल बताता हैक्षमता वर्षा-आधारित हाल में 443 किग्रा/हेक्टेयर (KAU किस्म-तालिका)केरल
Mudigere-1छोटे कद का झुंड; मलनाड की पहाड़ियाँपहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU, इलायची के लिए आम तौर पर)स्रोत अलग-अलग हैं: क्षमता 1,000 किग्रा/हेक्टेयर (KAU तालिका) या 250 से 300 किग्रा/हेक्टेयर (मुडिगेरे कॉलेज की तालिका)कर्नाटक
Mudigere-2कर्नाटक की पहाड़ियाँ; प्रकाशित औसत उपजपहली फ़सल रोपाई के लगभग 2 साल बाद (TNAU, इलायची के लिए आम तौर पर)औसत 475 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर (KAU, मुडिगेरे केंद्र)कर्नाटक
Njallani (Green Gold)इडुक्की की पहाड़ियाँ; बहुत मोटी फलियाँक्लोन की रोपाई से पहली फ़सल लगभग 2 साल में (NIF)कोई आधिकारिक आँकड़ा नहीं। NIF 1,000 किग्रा/हेक्टेयर का दावा करता है; KAU के जैविक परीक्षण में 324 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर मिलीकेरल

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और इलायची का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

इलायची के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सूखे साल में मनुश्री, विजेता से बेहतर है?

IISR ने मनुश्री को नमी की कमी के लिए बनाया और तनाव में 360 किग्रा/हेक्टेयर नापा। IISR के पास विजेता के लिए नमी की कमी का कोई आँकड़ा नहीं है, जिसे वह मध्यम बारिश, मध्यम से घनी छाया और कट्टे वाले इलाक़ों के लिए सुझाता है। इसलिए हम सूखे साल में दोनों की तुलना नहीं कर सकते। मनुश्री का कट्टे का कोई दर्जा नहीं है, और विजेता का है।

मनुश्री से मुझे कितनी उपज की उम्मीद रखनी चाहिए?

IISR सिंचाई में 550 किग्रा सूखी फली/हेक्टेयर और नमी की कमी में 360 किग्रा देता है। ये IISR के परीक्षण के आँकड़े हैं। TNAU इलायची की आम खेत-उपज 200 से 250 किग्रा/हेक्टेयर बताता है, इसलिए खेत आम तौर पर परीक्षण के आँकड़े से काफ़ी नीचे रहेगा।

क्या मनुश्री की फलियाँ मोटी हैं?

IISR कहता है कि लगभग 50% फलियाँ 8 मिमी से बड़ी हैं। उसकी दूसरी किस्में 7.2 मिमी पर गिनी जाती हैं: विजेता में 77% और अप्पांगला-1 में 89%। पैमाने अलग हैं, इसलिए आँकड़े आमने-सामने नहीं रखे जा सकते। नर्सरी या अप्पांगला केंद्र से पूछिए कि मनुश्री की फलियाँ कैसे दर्जे में आती हैं।

मनुश्री की रोपण-सामग्री कहाँ मिलेगी?

हमें जो पेज मिलीं उनमें IISR मनुश्री के लिए कोई लाइसेंसधारी नहीं गिनाता। इंडियन हॉर्टिकल्चर की समीक्षा इस किस्म के लिए संपर्क ICAR-IISR क्षेत्रीय केंद्र, अप्पांगला, मदिकेरी 571 201, कर्नाटक, और ICAR-IISR, कोझीकोड 673 012, केरल, देती है। किसी अनजान से ख़रीदने से पहले उनसे लाइसेंस वाली नर्सरियाँ पूछिए।

स्रोत: Spice varieties: significant characteristics of cardamom varieties — ICAR-IISR (ITM-ABI), An appraisal of ICAR-IISR released varieties in spices — Indian Horticulture, July-August 2025 (Shivakumar and others), AICRPS 2024 improved varieties sheet — AICRP on Spices, Cardamom — TNAU Agritech Portal, Production of quality planting materials — Kerala Agricultural University (CELKAU). संपादकीय नीति.