Dharasree
KAU के अनक्कयम केंद्र का 1996 का संकर (T30 x Brazil-18), सघन छतरी, 7.8 ग्राम का दाना, 30.5% छिलाई और W240 ग्रेड। TNAU पूरे पेड़ से 10.66 किग्रा बताता है। कोई परीक्षण का नतीजा नहीं मिला।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- काजू
- प्रकार
- सॉफ्टवुड कलमी रोपण-सामग्री
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल दिसंबर से जनवरी, फल जनवरी से मार्च
- अपेक्षित उपज
- TNAU: पूरे पेड़ से 10.66 किग्रा मेवा; दाना 7.8 ग्राम, छिलाई 30.5%, W240
- उपयुक्त मिट्टी
- खराब, लैटेराइट और रेतीली तटीय मिट्टी सह लेती है
- जारी
- काजू अनुसंधान केंद्र, केरल कृषि विश्वविद्यालय, अनक्कयम (मलप्पुरम); 1996 में जारी, T30 और Brazil-18 का संकर (TNAU, केरल)
इस किस्म के बारे में
धाराश्री काजू का संकर है, T30 और Brazil-18 का, जिसे 1996 में केरल कृषि विश्वविद्यालय के अनक्कयम (मलप्पुरम) काजू अनुसंधान केंद्र ने जारी किया। TNAU के अनुसार पेड़ की डालियाँ घनी हैं और शाखाएँ ज़्यादा हैं। फूल दिसंबर से जनवरी और फल जनवरी से मार्च में आते हैं। सेब पीला-गुलाबी है और उसमें 67% रस है। दाना 7.8 ग्राम का है (एक किलो में 128)। गिरी 2.4 ग्राम की है और छिलाई 30.5% है। निर्यात ग्रेड W240 है और पूरे पेड़ से 10.66 किग्रा मेवा मिलता है। हमें इसका कोई परीक्षण का नतीजा या ICAR-DCR की टिप्पणी नहीं मिली। नीचे की खेती काजू की TNAU की फ़सल-स्तर की खेती है।
क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?
सघन पेड़ पर मध्यम आकार का, अच्छी छिलाई वाला दाना चाहिए, अनक्कयम केंद्र से, तो धाराश्री चुनिए। TNAU T30 और Brazil-18 का 1996 का संकर बताता है, 7.8 ग्राम का दाना (एक किलो में 128), 2.4 ग्राम की गिरी, 30.5% छिलाई, W240 ग्रेड और पूरे पेड़ से 10.66 किग्रा मेवा। TNAU की शीटों के तीन अनक्कयम संकरों में इसका दाना सबसे छोटा और छिलाई सबसे अच्छी है। अक्षय (11 ग्राम, 28.36%) और अनघा (10 ग्राम, 29%) बड़े दाने देती हैं पर छिलाई कम। उपज भी तीनों में सबसे कम है, 10.66 किग्रा के मुक़ाबले 11.78 और 13.73, इसलिए इसे छिलाई के लिए चुनिए, उपज के लिए नहीं।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई और खेती
- बुवाई का समयरोपाई का सबसे अच्छा समय जून से दिसंबर है (TNAU)।
- दूरी7 x 7 मीटर, यानी लगभग 204 पेड़ प्रति हेक्टेयर (TNAU का फ़सल-स्तर का आँकड़ा)।
- बुवाई विधिसॉफ़्टवुड कलमों को 45 x 45 x 45 सेमी के गड्ढों में लगाइए, जिन्हें ऊपरी मिट्टी, 10 किग्रा गोबर की खाद और 1 किग्रा नीम की खली से भरा हो (TNAU)।
- सिंचाईकाजू आम तौर पर बारानी फ़सल है। TNAU के अनुसार नई कोंपल से फल पकने तक पानी देने से उपज बढ़ती है।
- उर्वरकTNAU का फ़सल-स्तर का कार्यक्रम, प्रति पेड़ प्रति साल: पहला साल 10 किग्रा गोबर की खाद, 70 ग्राम N, 40 ग्राम P और 60 ग्राम K; पाँचवें साल से 50 किग्रा खाद, 500 ग्राम N, 200 ग्राम P और 300 ग्राम K। पूर्वी तट पर नवंबर-दिसंबर में दीजिए, या जून-जुलाई और अक्टूबर-नवंबर में दो बराबर हिस्सों में।
- कटाईTNAU धाराश्री में फूल दिसंबर से जनवरी और फल जनवरी से मार्च तक बताता है। सेब का प्रसंस्करण करना हो तो ताज़ा तोड़िए, और मेवे को 2 से 3 दिन धूप में 10-12% नमी तक सुखाइए।
मिट्टी और जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- खराब, लैटेराइट, कंकरीली या रेतीली तटीय मिट्टी सह लेती है; pH 5.0–6.5 (TNAU)
उपज और अवधि
पकने की अवधि
कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल दिसंबर से जनवरी, फल जनवरी से मार्च
अपेक्षित उपज
TNAU: पूरे पेड़ से 10.66 किग्रा मेवा; दाना 7.8 ग्राम, छिलाई 30.5%, W240
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।
कीट और रोग संबंधी बातें
फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- 30.5% छिलाई, TNAU की शीटों के तीन अनक्कयम संकरों में सबसे अच्छी।
- सघन छतरी पर W240 ग्रेड, 7.8 ग्राम का दाना और 2.4 ग्राम की गिरी।
- फूल दिसंबर से जनवरी में, सुलभा या अनघा से पहले।
ध्यान रखने योग्य बातें
- तीन अनक्कयम संकरों में पूरे पेड़ की सबसे कम उपज: 11.78 और 13.73 के मुक़ाबले 10.66 किग्रा।
- दाना अक्षय या अनघा से छोटा है।
- एक ही स्रोत, TNAU की शीट; कोई परीक्षण का नतीजा या DCR की टिप्पणी नहीं।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।
- केरल
अनक्कयम के तीन संकर आमने-सामने: धाराश्री कहाँ बैठती है
अनक्कयम केंद्र ने 1996 और 1998 में तीन संकर जारी किए। TNAU की शीटों में: धाराश्री (1996), दाना 7.8 ग्राम, छिलाई 30.5%, W240, 10.66 किग्रा प्रति पेड़; अक्षय (1998), दाना 11 ग्राम, छिलाई 28.36%, W180, 11.78 किग्रा; अनघा (1998), दाना 10 ग्राम, छिलाई 29%, W180, 13.73 किग्रा। धाराश्री छोटे दाने और ऊँची छिलाई वाला सिरा है। अक्षय बड़े दाने और कम छिलाई वाला सिरा है, और अनघा बीच में सबसे ऊँची उपज के साथ।
इससे चुनिए कि आपका ख़रीदार किस चीज़ के पैसे देता है। वह गिरी के उत्पादन के हिसाब से देता हो, तो हमारे हिसाब से धाराश्री की ज़्यादा छिलाई (28.36% के मुक़ाबले 30.5%) प्रति 100 किलो मेवे पर लगभग 2 किलो ज़्यादा गिरी है। यह छोटे दाने की कमी पूरी कर सकती है। वह बड़ी गिरी पर ऊँचा भाव देता हो, तो अक्षय और अनघा आज़माने के नाम हैं। TNAU अनक्कयम के संकरों को कोई रोग-श्रेणी नहीं देता, इसलिए तीनों के लिए एक जैसे छिड़काव सोचिए।
क्या इसका बीज अपने पास रख सकते हैं?
यह बीज के पैकेट से नहीं, रोपण सामग्री से लगती है — सकर, कलम, ग्राफ़्ट या कंद। इसे पंजीकृत नर्सरी या सरकारी फ़ार्म से लीजिए, तभी पौधा सही किस्म का और रोग-मुक्त मिलेगा।
दूसरी किस्मों से तुलना
काजू की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।
| किस्म | किसके लिए ठीक | फल कब से | उपज | राज्य |
|---|---|---|---|---|
| Akshaya | केरल के वे खेत जो गिरी के आकार के हिसाब से बेचते हैं और 28% के मानक से ज़रा ऊपर की छिलाई मंज़ूर कर सकते हैं | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल दिसंबर से जनवरी, फल जनवरी से मार्च | TNAU: पूरे पेड़ से 11.78 किग्रा मेवा; दाना 11 ग्राम (KAU शीटों में सबसे बड़ा), छिलाई 28.36%, W180 | केरल |
| Amrutha (H-1597) | छोटे खेत या परीक्षण, जहाँ छोटी छतरी और ऊँची छिलाई शुरुआती उपज से ज़्यादा मायने रखती है | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल दिसंबर से जनवरी, फल जनवरी से मार्च | TNAU: पूरे पेड़ से 18.35 किग्रा मेवा; दाना 7.18 ग्राम, छिलाई 31.58%, W210। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 3.07 किग्रा प्रति पेड़ (627 किग्रा/हेक्टेयर) | केरल |
| Anagha | केरल के वे खेत जो अनक्कयम के संकरों में सबसे अच्छी सूचीबद्ध उपज वाली बड़ी गिरी का दाना चाहते हैं | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल जनवरी से फ़रवरी, फल फ़रवरी से अप्रैल | TNAU: पूरे पेड़ से 13.73 किग्रा मेवा, तीन अनक्कयम संकरों में सबसे ज़्यादा; दाना 10 ग्राम, छिलाई 29%, W180 | केरल |
| Bhaskara | सामान्य दूरी पर टिकाऊ मेवा-उपज | कलमी पौधे में पहला फल 3 साल में | ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 9.85 किग्रा प्रति पेड़ (7 x 7 मीटर पर 2,010 किग्रा प्रति हेक्टेयर) | कर्नाटक |
| Bhubaneswar-1 | ओडिशा के वे खेत जो स्थानीय स्रोत की, ऊँची छिलाई और मध्यम छतरी वाली किस्म चाहते हैं | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); भुवनेश्वर-1 का फूल का कैलेंडर नहीं मिला | ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.12 किग्रा मेवा प्रति पेड़ (1,453 किग्रा/हेक्टेयर); छिलाई 30.77% और 30.68% | ओडिशा |
| BPP-8 | पूर्वी, ओडिशा जैसे हालात के किसान जो सबसे अच्छी छपी परीक्षण-उपज वाली किस्म चाहते हैं | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); BPP-8 का फूल का कैलेंडर नहीं मिला | ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 11.86 किग्रा मेवा प्रति पेड़ (2,420 किग्रा/हेक्टेयर), 25 जारी किस्मों में सबसे अच्छी; 2014 में 6.0 किग्रा प्रति पेड़ | आंध्र प्रदेश |
| Dhana | बड़े काजू-सेब और अच्छा मेवा | कलमी पौधे में पहला फल 3 साल में | TNAU: पूरे पेड़ से 10.66 किग्रा मेवा; दाना 8.2 ग्राम, छिलाई 29.8%, W210। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.28 किग्रा प्रति पेड़ | केरल |
| Dharasreeयही पेज | केरल के वे खेत जो अनक्कयम केंद्र की सघन छतरी वाली, मध्यम आकार के और अच्छी छिलाई वाले दाने की किस्म चाहते हैं | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल दिसंबर से जनवरी, फल जनवरी से मार्च | TNAU: पूरे पेड़ से 10.66 किग्रा मेवा; दाना 7.8 ग्राम, छिलाई 30.5%, W240 | केरल |
| Kanaka (H-1598) | वे किसान जो ऊँची छिलाई और ठीक-ठाक शुरुआती उपज चाहते हैं और खुली, ऊँची छतरी के लिए जगह दे सकते हैं | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल नवंबर से दिसंबर, फल दिसंबर से मार्च | TNAU: पूरे पेड़ से 12.8 किग्रा मेवा; दाना 6.8 ग्राम, छिलाई 30.58%, W280। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.16 किग्रा प्रति पेड़ (1,461 किग्रा/हेक्टेयर) | केरल |
| NRCC Selection-1 | वे किसान जिनके पास ये पेड़ पहले से हैं, या जिन्हें कोई नर्सरी यह नाम बेच रही है और जो इसका मतलब जानना चाहते हैं | कम अवधि; फूल दिसंबर से फ़रवरी, फल मार्च से अप्रैल (ICAR-DCR) | ICAR-DCR: 10 किग्रा मेवा प्रति पेड़; दाना 7.6 ग्राम, छिलाई 28.8%, W210। सिफ़ारिश से हटाई गई | कर्नाटक |
| NRCC Selection-2 | वे किसान जो कम अवधि की, DCR की सुझाई, अच्छे परीक्षण-रिकॉर्ड वाली किस्म चाहते हैं और मेवे के लिए लगाते हैं | कम अवधि; फूल नवंबर से जनवरी, फल फ़रवरी से मार्च (ICAR-DCR) | ICAR-DCR: 9 किग्रा मेवा प्रति पेड़; दाना 9.3 ग्राम, छिलाई 28.6%, W210। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 8.81 किग्रा प्रति पेड़ (1,798 किग्रा/हेक्टेयर), 25 में चौथी | कर्नाटक |
| Priyanka | सबसे भारी काजू-सेब, प्रसंस्करण के लिए | कलमी पौधे में पहला फल 3 साल में | TNAU: पूरे पेड़ से 17.03 किग्रा मेवा; दाना 10.8 ग्राम, छिलाई 26.57%, W180। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 4.15 किग्रा प्रति पेड़ | केरल |
| Sulabha | केरल के किसान जो बड़ा दाना और सघन पेड़ चाहते हैं और देर के फूल का मौसम मंज़ूर कर सकते हैं | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल जनवरी से फ़रवरी, फल फ़रवरी से अप्रैल | TNAU: पूरे पेड़ से 21.9 किग्रा मेवा, KAU की शीटों में सबसे ज़्यादा; दाना 9.8 ग्राम, छिलाई 29.4%, W210 | केरल |
| Ullal-3 | कर्नाटक में छोटे फूल-मौसम वाली किस्म | 3 साल में पहला फलन (कलमी) | TNAU: पूरे पेड़ से 14.7 किग्रा मेवा। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 8.04 किग्रा प्रति पेड़ (1,641 किग्रा प्रति हेक्टेयर) | कर्नाटक |
| Vengurla-4 | पश्चिमी तट की पुरानी, परखी हुई काजू | कलमी पौधे में पहला फल 3 साल में | TNAU: पूरे पेड़ से 17.2 किग्रा मेवा। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.68 किग्रा प्रति पेड़ | महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक |
| Vengurla-7 | मोटा मेवा, निर्यात-स्तर की गिरी के लिए | कलमी पौधे में पहला फल 3 साल में | औसतन लगभग 18.5 किग्रा/पेड़; मोटा 10 ग्राम का मेवा, W180 गिरी ग्रेड, छिलाई लगभग 30.5% | महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक |
| VRI-3 | छोटा पेड़ और W210 गिरी | कलमी पौधे में पहला फल 3 साल में | TNAU: पूरे पेड़ से 11.68 किग्रा मेवा (TNAU का दूसरा पृष्ठ 14.19 किग्रा कहता है); दाना 7.18 ग्राम, छिलाई 29.1%, W210 | तमिलनाडु |
इस फ़सल के कैलकुलेटर
आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और काजू का भाव क्या चल रहा है।
- बीज दर कैलकुलेटरआपके काजू के खेत के लिए कितना बीज चाहिए — आपके बोरे के अंकुरण के हिसाब से सुधारा हुआ।
- बीज किस्म खोजकइस साइट की हर काजू किस्म को राज्य, सीज़न, अवधि और मिट्टी से छानिए।
- खाद कैलकुलेटरकाजू की एनपीके सिफ़ारिश को अपने खेत के हिसाब से यूरिया, डीएपी और एमओपी के बोरों में बदलिए।
- फ़सल लाभ कैलकुलेटरबीज, मज़दूरी और लागत को इस किस्म से मिलने वाली उपज के सामने रखकर देखिए।
- मंडी भाव जाँचकव्यापारी से भाव तय करने से पहले अपनी नज़दीकी मंडी में काजू का आज का रेट देखिए।
सब्सिडी और सरकारी मदद
काजू के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
धाराश्री के माता-पिता कौन हैं और यह कब जारी हुई?
TNAU धाराश्री को T30 और Brazil-18 का संकर बताता है, जिसे 1996 में केरल कृषि विश्वविद्यालय के अनक्कयम (मलप्पुरम) काजू अनुसंधान केंद्र ने जारी किया।
W240 ग्रेड का क्या मतलब है?
W ग्रेड प्रति पाउंड साबुत गिरियों की गिनती करते हैं, इसलिए ज़्यादा संख्या का मतलब छोटी गिरी। W240, W210 (सुलभा, अमृता) और W280 (कनक) के बीच आता है। ग्रेड प्रसंस्करणकर्ता का पैमाना है, इसलिए अपने ख़रीदार से पूछिए कि वह भाव कैसे लगाता है।
धाराश्री या अनघा?
TNAU की शीटों में अनघा ज़्यादा देती है (13.73 के मुक़ाबले 10.66 किग्रा प्रति पेड़)। उसका दाना बड़ा (7.8 के मुक़ाबले 10 ग्राम)। पर छिलाई कम (30.5% के मुक़ाबले 29%) और फूल देर से (दिसंबर से जनवरी के मुक़ाबले जनवरी से फ़रवरी)। छिलाई में धाराश्री बेहतर, उपज में अनघा।
क्या धाराश्री को केरल के बाहर परखा गया है?
हमें केरल के बाहर कोई परीक्षण नहीं मिला। 25 जारी किस्मों के ओडिशा परीक्षण में यह नहीं थी। कहीं और बड़ा खंड लगाने से पहले अपने KVK या अनक्कयम केंद्र से पूछिए।
स्रोत: Dharasree — TNAU Agritech Portal, cashew varieties, Model Profile for 1.0 ha Cashew Cultivation — NABARD/TNAU. संपादकीय नीति.
