Kanaka (H-1598)
केरल का 1993 का संकर (BLA-139-1 x H3-13), खुली छतरी और छोटे 6.8 ग्राम के दाने के साथ, जिसकी छिलाई 30.58% है। ओडिशा परीक्षण में यह सबसे ऊँचे पेड़ों में थी और कई अच्छे गुण जोड़ने वाली दस किस्मों में।
ज़रूरी तथ्य
- फसल
- काजू
- प्रकार
- सॉफ्टवुड कलमी रोपण-सामग्री
- सीज़न
- सभी सीज़न
- पकने की अवधि
- कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल नवंबर से दिसंबर, फल दिसंबर से मार्च
- अपेक्षित उपज
- TNAU: पूरे पेड़ से 12.8 किग्रा मेवा; दाना 6.8 ग्राम, छिलाई 30.58%, W280। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.16 किग्रा प्रति पेड़ (1,461 किग्रा/हेक्टेयर)
- उपयुक्त मिट्टी
- खराब, लैटेराइट और रेतीली तटीय मिट्टी सह लेती है
- जारी
- काजू अनुसंधान केंद्र, केरल कृषि विश्वविद्यालय, मडक्कथारा; 1993 में जारी, BLA-139-1 और H3-13 का संकर (TNAU, केरल)
इस किस्म के बारे में
कनक (H-1598) काजू का संकर है, BLA-139-1 और H3-13 का, जिसे 1993 में केरल कृषि विश्वविद्यालय के मडक्कथारा काजू अनुसंधान केंद्र ने जारी किया। TNAU के अनुसार पेड़ की डालियाँ खुली हैं और शाखाएँ ज़्यादा हैं। फूल नवंबर से दिसंबर और फल दिसंबर से मार्च में आते हैं। सेब पीला है और उसमें 70% रस है। दाना 6.8 ग्राम का है (एक किलो में 147)। गिरी 2.08 ग्राम की है और छिलाई 30.58% है। निर्यात ग्रेड W280 है और पूरे पेड़ से 12.8 किग्रा मेवा मिलता है। TNAU का धना का पन्ना भी कोड H-1598 लिखता है, इसलिए नाम पर चलिए। भुवनेश्वर में (2008 में लगाई) कनक सबसे ऊँचे पेड़ों में थी, 2013 में 4.08 मी, 2014 में छतरी 19.38 वर्ग मीटर, चार तुड़ाई में 7.16 किग्रा मेवा प्रति पेड़ और छिलाई 30.31% व 29.9%।
क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?
ऐसी किस्म चाहिए जो अच्छी छिलाई दे और शुरू में ठीक-ठाक उपज दे, और आपका बाज़ार बड़े दाने के लिए ऊँचा भाव न देता हो, तो कनक चुनिए। TNAU 1993 का केरल संकर बताता है, 6.8 ग्राम का दाना, 30.58% छिलाई, एक किलो में 147 दाने और W280 ग्रेड, और पूरे पेड़ से 12.8 किग्रा मेवा। ओडिशा परीक्षण में इसने चार तुड़ाई में 7.16 किग्रा प्रति पेड़ दिया (1,461 किग्रा/हेक्टेयर), जो धना की 7.28 से ज़रा पीछे है, हालाँकि तीसरी तुड़ाई तक उससे आगे थी (3.36 के मुक़ाबले 2.68 किग्रा)। दाना छोटा है, इसलिए बड़ी गिरी के लिए सुलभा या अक्षय देखिए, और परीक्षण की सबसे ऊँची उपज के लिए BPP-8।
मुख्य विशेषताएँ
बुवाई और खेती
- बुवाई का समयरोपाई का सबसे अच्छा समय जून से दिसंबर है (TNAU)।
- दूरी7 x 7 मीटर, यानी लगभग 204 पेड़ प्रति हेक्टेयर (TNAU का फ़सल-स्तर का आँकड़ा)।
- बुवाई विधिसॉफ़्टवुड कलमों को 45 x 45 x 45 सेमी के गड्ढों में लगाइए, जिन्हें ऊपरी मिट्टी, 10 किग्रा गोबर की खाद और 1 किग्रा नीम की खली से भरा हो (TNAU)।
- सिंचाईकाजू आम तौर पर बारानी फ़सल है। TNAU के अनुसार नई कोंपल से फल पकने तक पानी देने से उपज बढ़ती है।
- उर्वरकTNAU का फ़सल-स्तर का कार्यक्रम, प्रति पेड़ प्रति साल: पहला साल 10 किग्रा गोबर की खाद, 70 ग्राम N, 40 ग्राम P और 60 ग्राम K; पाँचवें साल से 50 किग्रा खाद, 500 ग्राम N, 200 ग्राम P और 300 ग्राम K। पूर्वी तट पर नवंबर-दिसंबर में दीजिए, या जून-जुलाई और अक्टूबर-नवंबर में दो बराबर हिस्सों में।
- कटाईTNAU कनक में फूल नवंबर से दिसंबर और फल दिसंबर से मार्च तक बताता है। सेब का प्रसंस्करण करना हो तो ताज़ा तोड़िए, और मेवे को 2 से 3 दिन धूप में 10-12% नमी तक सुखाइए।
मिट्टी और जलवायु
मिट्टी
- उपयुक्त मिट्टी
- खराब, लैटेराइट, कंकरीली या रेतीली तटीय मिट्टी सह लेती है; pH 5.0–6.5 (TNAU)
उपज और अवधि
पकने की अवधि
कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल नवंबर से दिसंबर, फल दिसंबर से मार्च
अपेक्षित उपज
TNAU: पूरे पेड़ से 12.8 किग्रा मेवा; दाना 6.8 ग्राम, छिलाई 30.58%, W280। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.16 किग्रा प्रति पेड़ (1,461 किग्रा/हेक्टेयर)
असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।
कीट और रोग संबंधी बातें
फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें
किसान इसे क्यों चुन सकते हैं
- 30.58% छिलाई (TNAU), और भुवनेश्वर में 30.31% व 29.9%।
- ओडिशा परीक्षण में दो-तीन अच्छे गुण जोड़ने वाली दस किस्मों में, चार तुड़ाई में 7.16 किग्रा प्रति पेड़ के साथ।
- मध्य मौसम का संकर जो जल्दी, नवंबर से दिसंबर में फूलता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
- छोटा दाना: TNAU में 6.8 ग्राम और भुवनेश्वर में 6.15 से 6.3 ग्राम, W280 ग्रेड के साथ।
- खुली, ऊँची छतरी (2014 में भुवनेश्वर में 4.25 मी); इसे जगह दीजिए।
- रोग की कोई श्रेणी नहीं, और TNAU सेब का वज़न नहीं देता।
उपयुक्त क्षेत्र
जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।
- केरल
छोटा दाना जो अच्छी छिलाई देता है: W280 और 30.58% को कैसे पढ़ें
TNAU की शीट में कनक के दाने के दो आँकड़े उलटी दिशा में खींचते हैं। दाना छोटा है, 6.8 ग्राम (एक किलो में 147), और W280 ग्रेड में आता है, जहाँ W की संख्या प्रति पाउंड गिरियों की गिनती है, यानी ज़्यादा संख्या का मतलब छोटी गिरी। पर इसकी छिलाई 30.58% है, और गिरी 2.08 ग्राम की है। किसान कच्चा मेवा वज़न से बेचता है और प्रसंस्करणकर्ता गिरी का पैसा देता है, इसलिए दाना छोटा दिखे तब भी ऊँची छिलाई प्रसंस्करणकर्ता के यहाँ काम आती है।
भुवनेश्वर में दाना 2013 में 6.3 ग्राम और 2014 में 6.15 ग्राम था, जो परीक्षण के छोटे दानों में से है, फिर भी छिलाई 30.31% और 29.9% बनी रही। आप कच्चा मेवा ऐसे ख़रीदार को बेचते हैं जो आकार से ग्रेड लगाता है, तो पूरा खंड लगाने से पहले उससे यह पूछिए। कनक के आकार के दानों का भाव कैसे लगता है, यह जान लीजिए। प्रसंस्करणकर्ता को उत्पादन के हिसाब से बेचते हों तो उनसे असल में मिलने वाली छिलाई पूछिए।
क्या इसका बीज अपने पास रख सकते हैं?
यह बीज के पैकेट से नहीं, रोपण सामग्री से लगती है — सकर, कलम, ग्राफ़्ट या कंद। इसे पंजीकृत नर्सरी या सरकारी फ़ार्म से लीजिए, तभी पौधा सही किस्म का और रोग-मुक्त मिलेगा।
दूसरी किस्मों से तुलना
काजू की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।
| किस्म | किसके लिए ठीक | फल कब से | उपज | राज्य |
|---|---|---|---|---|
| Akshaya | केरल के वे खेत जो गिरी के आकार के हिसाब से बेचते हैं और 28% के मानक से ज़रा ऊपर की छिलाई मंज़ूर कर सकते हैं | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल दिसंबर से जनवरी, फल जनवरी से मार्च | TNAU: पूरे पेड़ से 11.78 किग्रा मेवा; दाना 11 ग्राम (KAU शीटों में सबसे बड़ा), छिलाई 28.36%, W180 | केरल |
| Amrutha (H-1597) | छोटे खेत या परीक्षण, जहाँ छोटी छतरी और ऊँची छिलाई शुरुआती उपज से ज़्यादा मायने रखती है | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल दिसंबर से जनवरी, फल जनवरी से मार्च | TNAU: पूरे पेड़ से 18.35 किग्रा मेवा; दाना 7.18 ग्राम, छिलाई 31.58%, W210। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 3.07 किग्रा प्रति पेड़ (627 किग्रा/हेक्टेयर) | केरल |
| Anagha | केरल के वे खेत जो अनक्कयम के संकरों में सबसे अच्छी सूचीबद्ध उपज वाली बड़ी गिरी का दाना चाहते हैं | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल जनवरी से फ़रवरी, फल फ़रवरी से अप्रैल | TNAU: पूरे पेड़ से 13.73 किग्रा मेवा, तीन अनक्कयम संकरों में सबसे ज़्यादा; दाना 10 ग्राम, छिलाई 29%, W180 | केरल |
| Bhaskara | सामान्य दूरी पर टिकाऊ मेवा-उपज | कलमी पौधे में पहला फल 3 साल में | ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 9.85 किग्रा प्रति पेड़ (7 x 7 मीटर पर 2,010 किग्रा प्रति हेक्टेयर) | कर्नाटक |
| Bhubaneswar-1 | ओडिशा के वे खेत जो स्थानीय स्रोत की, ऊँची छिलाई और मध्यम छतरी वाली किस्म चाहते हैं | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); भुवनेश्वर-1 का फूल का कैलेंडर नहीं मिला | ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.12 किग्रा मेवा प्रति पेड़ (1,453 किग्रा/हेक्टेयर); छिलाई 30.77% और 30.68% | ओडिशा |
| BPP-8 | पूर्वी, ओडिशा जैसे हालात के किसान जो सबसे अच्छी छपी परीक्षण-उपज वाली किस्म चाहते हैं | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); BPP-8 का फूल का कैलेंडर नहीं मिला | ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 11.86 किग्रा मेवा प्रति पेड़ (2,420 किग्रा/हेक्टेयर), 25 जारी किस्मों में सबसे अच्छी; 2014 में 6.0 किग्रा प्रति पेड़ | आंध्र प्रदेश |
| Dhana | बड़े काजू-सेब और अच्छा मेवा | कलमी पौधे में पहला फल 3 साल में | TNAU: पूरे पेड़ से 10.66 किग्रा मेवा; दाना 8.2 ग्राम, छिलाई 29.8%, W210। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.28 किग्रा प्रति पेड़ | केरल |
| Dharasree | केरल के वे खेत जो अनक्कयम केंद्र की सघन छतरी वाली, मध्यम आकार के और अच्छी छिलाई वाले दाने की किस्म चाहते हैं | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल दिसंबर से जनवरी, फल जनवरी से मार्च | TNAU: पूरे पेड़ से 10.66 किग्रा मेवा; दाना 7.8 ग्राम, छिलाई 30.5%, W240 | केरल |
| Kanaka (H-1598)यही पेज | वे किसान जो ऊँची छिलाई और ठीक-ठाक शुरुआती उपज चाहते हैं और खुली, ऊँची छतरी के लिए जगह दे सकते हैं | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल नवंबर से दिसंबर, फल दिसंबर से मार्च | TNAU: पूरे पेड़ से 12.8 किग्रा मेवा; दाना 6.8 ग्राम, छिलाई 30.58%, W280। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.16 किग्रा प्रति पेड़ (1,461 किग्रा/हेक्टेयर) | केरल |
| NRCC Selection-1 | वे किसान जिनके पास ये पेड़ पहले से हैं, या जिन्हें कोई नर्सरी यह नाम बेच रही है और जो इसका मतलब जानना चाहते हैं | कम अवधि; फूल दिसंबर से फ़रवरी, फल मार्च से अप्रैल (ICAR-DCR) | ICAR-DCR: 10 किग्रा मेवा प्रति पेड़; दाना 7.6 ग्राम, छिलाई 28.8%, W210। सिफ़ारिश से हटाई गई | कर्नाटक |
| NRCC Selection-2 | वे किसान जो कम अवधि की, DCR की सुझाई, अच्छे परीक्षण-रिकॉर्ड वाली किस्म चाहते हैं और मेवे के लिए लगाते हैं | कम अवधि; फूल नवंबर से जनवरी, फल फ़रवरी से मार्च (ICAR-DCR) | ICAR-DCR: 9 किग्रा मेवा प्रति पेड़; दाना 9.3 ग्राम, छिलाई 28.6%, W210। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 8.81 किग्रा प्रति पेड़ (1,798 किग्रा/हेक्टेयर), 25 में चौथी | कर्नाटक |
| Priyanka | सबसे भारी काजू-सेब, प्रसंस्करण के लिए | कलमी पौधे में पहला फल 3 साल में | TNAU: पूरे पेड़ से 17.03 किग्रा मेवा; दाना 10.8 ग्राम, छिलाई 26.57%, W180। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 4.15 किग्रा प्रति पेड़ | केरल |
| Sulabha | केरल के किसान जो बड़ा दाना और सघन पेड़ चाहते हैं और देर के फूल का मौसम मंज़ूर कर सकते हैं | कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल जनवरी से फ़रवरी, फल फ़रवरी से अप्रैल | TNAU: पूरे पेड़ से 21.9 किग्रा मेवा, KAU की शीटों में सबसे ज़्यादा; दाना 9.8 ग्राम, छिलाई 29.4%, W210 | केरल |
| Ullal-3 | कर्नाटक में छोटे फूल-मौसम वाली किस्म | 3 साल में पहला फलन (कलमी) | TNAU: पूरे पेड़ से 14.7 किग्रा मेवा। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 8.04 किग्रा प्रति पेड़ (1,641 किग्रा प्रति हेक्टेयर) | कर्नाटक |
| Vengurla-4 | पश्चिमी तट की पुरानी, परखी हुई काजू | कलमी पौधे में पहला फल 3 साल में | TNAU: पूरे पेड़ से 17.2 किग्रा मेवा। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.68 किग्रा प्रति पेड़ | महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक |
| Vengurla-7 | मोटा मेवा, निर्यात-स्तर की गिरी के लिए | कलमी पौधे में पहला फल 3 साल में | औसतन लगभग 18.5 किग्रा/पेड़; मोटा 10 ग्राम का मेवा, W180 गिरी ग्रेड, छिलाई लगभग 30.5% | महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक |
| VRI-3 | छोटा पेड़ और W210 गिरी | कलमी पौधे में पहला फल 3 साल में | TNAU: पूरे पेड़ से 11.68 किग्रा मेवा (TNAU का दूसरा पृष्ठ 14.19 किग्रा कहता है); दाना 7.18 ग्राम, छिलाई 29.1%, W210 | तमिलनाडु |
इस फ़सल के कैलकुलेटर
आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और काजू का भाव क्या चल रहा है।
- बीज दर कैलकुलेटरआपके काजू के खेत के लिए कितना बीज चाहिए — आपके बोरे के अंकुरण के हिसाब से सुधारा हुआ।
- बीज किस्म खोजकइस साइट की हर काजू किस्म को राज्य, सीज़न, अवधि और मिट्टी से छानिए।
- खाद कैलकुलेटरकाजू की एनपीके सिफ़ारिश को अपने खेत के हिसाब से यूरिया, डीएपी और एमओपी के बोरों में बदलिए।
- फ़सल लाभ कैलकुलेटरबीज, मज़दूरी और लागत को इस किस्म से मिलने वाली उपज के सामने रखकर देखिए।
- मंडी भाव जाँचकव्यापारी से भाव तय करने से पहले अपनी नज़दीकी मंडी में काजू का आज का रेट देखिए।
सब्सिडी और सरकारी मदद
काजू के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कनक के माता-पिता कौन हैं और यह कब जारी हुई?
TNAU कनक को BLA-139-1 और H3-13 का संकर बताता है, जिसे 1993 में केरल कृषि विश्वविद्यालय के मडक्कथारा काजू अनुसंधान केंद्र ने जारी किया।
क्या कनक और धना एक ही हैं, क्योंकि दोनों H-1598 लिखी हैं?
नहीं। TNAU का कनक का पन्ना और धना का पन्ना दोनों H-1598 लिखते हैं, पर माता-पिता अलग (कनक की BLA-139-1 x H3-13, धना की ALGD-1 x K-30-1), दाने अलग और छतरी अलग बताते हैं। ये दो किस्में हैं; कलम के लेबल पर नाम देखिए।
ओडिशा परीक्षण में कनक कैसी रही?
चार तुड़ाई में इसने 7.16 किग्रा मेवा प्रति पेड़ दिया (1,461 किग्रा/हेक्टेयर), जबकि सबसे अच्छी BPP-8 ने 11.86 और धना ने 7.28। यह दो-तीन अच्छे गुण जोड़ने वाली दस किस्मों में थी। इसका दाना 6.15 से 6.3 ग्राम का छोटा था, और छिलाई 30.31% व 29.9% रही।
क्या कनक कम दूरी पर लग सकती है?
हमें मिले सबूतों से नहीं। भुवनेश्वर में यह सबसे ऊँचे पेड़ों में थी (2013 में 4.08 मी, 2014 में 4.25 मी)। इसकी डालियाँ खुली थीं। परीक्षण के लेखकों ने घनी रोपाई के लिए आज़माने वाली दूसरी किस्में, जैसे अमृता, VRI-3 और उल्लाल-4, गिनाईं। इसे TNAU की 7 x 7 मी पर लगाइए।
स्रोत: Kanaka (H-1598) — TNAU Agritech Portal, cashew varieties, Tripathy, Sethi and Mukherjee, Evaluation of released cashew varieties under Odisha condition — Int. J. Bio-resource and Stress Management 6(5), 2015, Model Profile for 1.0 ha Cashew Cultivation — NABARD/TNAU. संपादकीय नीति.
