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काजूसभी सीज़नसॉफ्टवुड कलमी रोपण-सामग्रीअंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

Bhubaneswar-1

काजू अनुसंधान केंद्र, भुवनेश्वर की काजू किस्म, जिसे 25 जारी किस्मों के ओडिशा परीक्षण में उगाया गया: मध्यम पेड़, ऊँची छिलाई (30.77% और 30.68%) और चार तुड़ाई में 7.12 किग्रा मेवा प्रति पेड़। जारी-रिकॉर्ड या माता-पिता नहीं मिले।

सीज़नसभी सीज़न
पकने की अवधिकलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); भुवनेश्वर-1 का फूल का कैलेंडर नहीं मिला
अपेक्षित उपजओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.12 किग्रा मेवा प्रति पेड़ (1,453 किग्रा/हेक्टेयर); छिलाई 30.77% और 30.68%
उपयुक्त मिट्टीखराब, लैटेराइट और रेतीली तटीय मिट्टी सह लेती है

ज़रूरी तथ्य

फसल
काजू
प्रकार
सॉफ्टवुड कलमी रोपण-सामग्री
सीज़न
सभी सीज़न
पकने की अवधि
कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); भुवनेश्वर-1 का फूल का कैलेंडर नहीं मिला
अपेक्षित उपज
ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.12 किग्रा मेवा प्रति पेड़ (1,453 किग्रा/हेक्टेयर); छिलाई 30.77% और 30.68%
उपयुक्त मिट्टी
खराब, लैटेराइट और रेतीली तटीय मिट्टी सह लेती है
जारी
काजू अनुसंधान केंद्र, भुवनेश्वर, ओडिशा (ओडिशा परीक्षण-पत्र में नामित स्रोत); जारी होने का साल या माता-पिता नहीं मिले

इस किस्म के बारे में

भुवनेश्वर-1 काजू अनुसंधान केंद्र, भुवनेश्वर की काजू किस्म है, वही स्रोत जो ओडिशा पत्र इसके लिए देता है। भुवनेश्वर में अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के परीक्षण में 25 जारी किस्में 2008 में लगाई गईं और 2011 से 2014 तक तोड़ी गईं। भुवनेश्वर-1 ने 2013 में 1.68 किग्रा और 2014 में 3.97 किग्रा प्रति पेड़ दिया, जमा 3.15 और 7.12 किग्रा, और चौथी तुड़ाई तक 1,453 किग्रा/हेक्टेयर। इसका पेड़ 3.11 और 3.97 मी ऊँचा, छतरी 11.69 और 18.62 वर्ग मीटर, दाना 6.8 और 6.0 ग्राम, सेब 45 और 34.5 ग्राम और छिलाई 30.77% और 30.68% थी। हमें जारी होने का साल, माता-पिता या फूल का कैलेंडर नहीं मिला।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

ओडिशा में खेती करते हों और राज्य के अपने काजू केंद्र से आई, ऊँची छिलाई और मध्यम छतरी वाली किस्म चाहिए, तो भुवनेश्वर-1 चुनिए। 2008 में लगाए गए 25 जारी किस्मों के ओडिशा परीक्षण में इसने चार तुड़ाई में 7.12 किग्रा मेवा प्रति पेड़ दिया (1,453 किग्रा/हेक्टेयर)। छिलाई 30.77% और 30.68% रही। लेखकों ने इसे दो-तीन अच्छे गुण जोड़ने वाली दस किस्मों में गिना। इसका दाना छोटा-सा है (6.8 और 6.0 ग्राम) और 2014 में छतरी 18.62 वर्ग मीटर, यानी BPP-8 की लगभग आधी। ज़्यादा उपज के लिए BPP-8 या NRCC सिलेक्शन-2 देखिए।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारसॉफ्टवुड कलमी रोपण-सामग्री
    अवधिकलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); भुवनेश्वर-1 का फूल का कैलेंडर नहीं मिला
    उपज क्षमताओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.12 किग्रा मेवा प्रति पेड़ (1,453 किग्रा/हेक्टेयर); छिलाई 30.77% और 30.68%
    रोग-प्रतिरोधरोग की कोई श्रेणी नहीं छपी; ICAR-DCR के अनुसार कोई काजू किस्म चाय मच्छर कीट से सुरक्षित नहीं
    मिट्टीखराब, लैटेराइट और रेतीली तटीय मिट्टी सह लेती है
    सीज़नसभी सीज़न

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयरोपाई का सबसे अच्छा समय जून से दिसंबर है (TNAU)।
  • दूरी7 x 7 मीटर, यानी लगभग 204 पेड़ प्रति हेक्टेयर (TNAU का फ़सल-स्तर का आँकड़ा)।
  • बुवाई विधिसॉफ़्टवुड कलमों को 45 x 45 x 45 सेमी के गड्ढों में लगाइए, जिन्हें ऊपरी मिट्टी, 10 किग्रा गोबर की खाद और 1 किग्रा नीम की खली से भरा हो (TNAU)।
  • सिंचाईकाजू आम तौर पर बारानी फ़सल है। TNAU के अनुसार नई कोंपल से फल पकने तक पानी देने से उपज बढ़ती है।
  • उर्वरकTNAU का फ़सल-स्तर का कार्यक्रम, प्रति पेड़ प्रति साल: पहला साल 10 किग्रा गोबर की खाद, 70 ग्राम N, 40 ग्राम P और 60 ग्राम K; पाँचवें साल से 50 किग्रा खाद, 500 ग्राम N, 200 ग्राम P और 300 ग्राम K। पूर्वी तट पर नवंबर-दिसंबर में दीजिए, या जून-जुलाई और अक्टूबर-नवंबर में दो बराबर हिस्सों में।
  • कटाईभुवनेश्वर-1 का फूल या फल का कैलेंडर नहीं मिला; ओडिशा परीक्षण में तुड़ाई मार्च के आख़िरी हफ़्ते से मई तक हुई। सेब का प्रसंस्करण करना हो तो ताज़ा तोड़िए, और मेवे को 2 से 3 दिन धूप में 10-12% नमी तक सुखाइए।

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
खराब, लैटेराइट, कंकरीली या रेतीली तटीय मिट्टी सह लेती है; pH 5.0–6.5 (TNAU)

उपज और अवधि

पकने की अवधि

कलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); भुवनेश्वर-1 का फूल का कैलेंडर नहीं मिला

अपेक्षित उपज

ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.12 किग्रा मेवा प्रति पेड़ (1,453 किग्रा/हेक्टेयर); छिलाई 30.77% और 30.68%

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

कीट और रोग संबंधी बातें

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • 30.77% और 30.68% छिलाई, दोनों साल सबसे ऊपर के समूह में।
  • परीक्षण में दो-तीन अच्छे गुण जोड़ने वाली दस किस्मों में गिनी गई।
  • मध्यम छतरी, 2014 में 18.62 वर्ग मीटर, BPP-8 या धना से संकरी।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • छोटा-सा दाना, 6.8 और 6.0 ग्राम, और सेब सिर्फ़ 45 और 34.5 ग्राम के।
  • जमा उपज 7.12 किग्रा प्रति पेड़, BPP-8 (11.86), वेंगुर्ला-7 (10.32) और NRCC सिलेक्शन-2 (8.81) से पीछे।
  • जारी-रिकॉर्ड, माता-पिता, फूल का कैलेंडर या दूसरे राज्य का परीक्षण नहीं मिला।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • ओडिशा

ऊँची छिलाई वाला मध्यम पेड़: भुवनेश्वर-1 कहाँ बैठती है

ओडिशा परीक्षण के आँकड़े आमने-सामने रखिए। 2014 में पेड़ की ऊँचाई, छतरी और जमा उपज थी: भुवनेश्वर-1 3.97 मी, 18.62 वर्ग मीटर, 7.12 किग्रा; BPP-8 4.43 मी, 31.72, 11.86; NRCC सिलेक्शन-2 3.93 मी, 22.82, 8.81; कनक 4.25 मी, 19.38, 7.16; अमृता 3.44 मी, 10.87, 3.07। भुवनेश्वर-1 आकार और उपज में कनक जैसी है, और इसकी छिलाई (30.77% और 30.68%) कनक की (30.31% और 29.9%) से थोड़ी ऊँची है।

इसलिए इसकी जगह बीच की है: सबसे ज़्यादा उपज वाली नहीं, सबसे छोटा पेड़ नहीं, पर एक स्थिर, अच्छी छिलाई वाला पेड़ जिसकी रोपण-सामग्री उसी राज्य से आती है। छतरी के प्रति वर्ग मीटर पर यह BPP-8 की बराबरी करती है: 18.62 वर्ग मीटर पर 7.12 किग्रा यानी लगभग 0.38 किग्रा, जबकि 31.72 वर्ग मीटर पर 11.86 किग्रा यानी लगभग 0.37 किग्रा। जगह कम हो और सबसे बड़े पेड़ के बिना ऊँची छिलाई चाहिए, तो यह परीक्षण-खंड के लायक है। सबसे ऊँची उपज चाहिए तो BPP-8 लगाइए और उसे जगह दीजिए।

क्या इसका बीज अपने पास रख सकते हैं?

यह बीज के पैकेट से नहीं, रोपण सामग्री से लगती है — सकर, कलम, ग्राफ़्ट या कंद। इसे पंजीकृत नर्सरी या सरकारी फ़ार्म से लीजिए, तभी पौधा सही किस्म का और रोग-मुक्त मिलेगा।

दूसरी किस्मों से तुलना

काजू की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
Akshayaकेरल के वे खेत जो गिरी के आकार के हिसाब से बेचते हैं और 28% के मानक से ज़रा ऊपर की छिलाई मंज़ूर कर सकते हैंकलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल दिसंबर से जनवरी, फल जनवरी से मार्चTNAU: पूरे पेड़ से 11.78 किग्रा मेवा; दाना 11 ग्राम (KAU शीटों में सबसे बड़ा), छिलाई 28.36%, W180केरल
Amrutha (H-1597)छोटे खेत या परीक्षण, जहाँ छोटी छतरी और ऊँची छिलाई शुरुआती उपज से ज़्यादा मायने रखती हैकलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल दिसंबर से जनवरी, फल जनवरी से मार्चTNAU: पूरे पेड़ से 18.35 किग्रा मेवा; दाना 7.18 ग्राम, छिलाई 31.58%, W210। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 3.07 किग्रा प्रति पेड़ (627 किग्रा/हेक्टेयर)केरल
Anaghaकेरल के वे खेत जो अनक्कयम के संकरों में सबसे अच्छी सूचीबद्ध उपज वाली बड़ी गिरी का दाना चाहते हैंकलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल जनवरी से फ़रवरी, फल फ़रवरी से अप्रैलTNAU: पूरे पेड़ से 13.73 किग्रा मेवा, तीन अनक्कयम संकरों में सबसे ज़्यादा; दाना 10 ग्राम, छिलाई 29%, W180केरल
Bhaskaraसामान्य दूरी पर टिकाऊ मेवा-उपजकलमी पौधे में पहला फल 3 साल मेंओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 9.85 किग्रा प्रति पेड़ (7 x 7 मीटर पर 2,010 किग्रा प्रति हेक्टेयर)कर्नाटक
Bhubaneswar-1यही पेजओडिशा के वे खेत जो स्थानीय स्रोत की, ऊँची छिलाई और मध्यम छतरी वाली किस्म चाहते हैंकलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); भुवनेश्वर-1 का फूल का कैलेंडर नहीं मिलाओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.12 किग्रा मेवा प्रति पेड़ (1,453 किग्रा/हेक्टेयर); छिलाई 30.77% और 30.68%ओडिशा
BPP-8पूर्वी, ओडिशा जैसे हालात के किसान जो सबसे अच्छी छपी परीक्षण-उपज वाली किस्म चाहते हैंकलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); BPP-8 का फूल का कैलेंडर नहीं मिलाओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 11.86 किग्रा मेवा प्रति पेड़ (2,420 किग्रा/हेक्टेयर), 25 जारी किस्मों में सबसे अच्छी; 2014 में 6.0 किग्रा प्रति पेड़आंध्र प्रदेश
Dhanaबड़े काजू-सेब और अच्छा मेवाकलमी पौधे में पहला फल 3 साल मेंTNAU: पूरे पेड़ से 10.66 किग्रा मेवा; दाना 8.2 ग्राम, छिलाई 29.8%, W210। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.28 किग्रा प्रति पेड़केरल
Dharasreeकेरल के वे खेत जो अनक्कयम केंद्र की सघन छतरी वाली, मध्यम आकार के और अच्छी छिलाई वाले दाने की किस्म चाहते हैंकलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल दिसंबर से जनवरी, फल जनवरी से मार्चTNAU: पूरे पेड़ से 10.66 किग्रा मेवा; दाना 7.8 ग्राम, छिलाई 30.5%, W240केरल
Kanaka (H-1598)वे किसान जो ऊँची छिलाई और ठीक-ठाक शुरुआती उपज चाहते हैं और खुली, ऊँची छतरी के लिए जगह दे सकते हैंकलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल नवंबर से दिसंबर, फल दिसंबर से मार्चTNAU: पूरे पेड़ से 12.8 किग्रा मेवा; दाना 6.8 ग्राम, छिलाई 30.58%, W280। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.16 किग्रा प्रति पेड़ (1,461 किग्रा/हेक्टेयर)केरल
NRCC Selection-1वे किसान जिनके पास ये पेड़ पहले से हैं, या जिन्हें कोई नर्सरी यह नाम बेच रही है और जो इसका मतलब जानना चाहते हैंकम अवधि; फूल दिसंबर से फ़रवरी, फल मार्च से अप्रैल (ICAR-DCR)ICAR-DCR: 10 किग्रा मेवा प्रति पेड़; दाना 7.6 ग्राम, छिलाई 28.8%, W210। सिफ़ारिश से हटाई गईकर्नाटक
NRCC Selection-2वे किसान जो कम अवधि की, DCR की सुझाई, अच्छे परीक्षण-रिकॉर्ड वाली किस्म चाहते हैं और मेवे के लिए लगाते हैंकम अवधि; फूल नवंबर से जनवरी, फल फ़रवरी से मार्च (ICAR-DCR)ICAR-DCR: 9 किग्रा मेवा प्रति पेड़; दाना 9.3 ग्राम, छिलाई 28.6%, W210। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 8.81 किग्रा प्रति पेड़ (1,798 किग्रा/हेक्टेयर), 25 में चौथीकर्नाटक
Priyankaसबसे भारी काजू-सेब, प्रसंस्करण के लिएकलमी पौधे में पहला फल 3 साल मेंTNAU: पूरे पेड़ से 17.03 किग्रा मेवा; दाना 10.8 ग्राम, छिलाई 26.57%, W180। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 4.15 किग्रा प्रति पेड़केरल
Sulabhaकेरल के किसान जो बड़ा दाना और सघन पेड़ चाहते हैं और देर के फूल का मौसम मंज़ूर कर सकते हैंकलमी पौधे में पहला फल लगभग 3 साल में (TNAU का फ़सल-स्तर); फूल जनवरी से फ़रवरी, फल फ़रवरी से अप्रैलTNAU: पूरे पेड़ से 21.9 किग्रा मेवा, KAU की शीटों में सबसे ज़्यादा; दाना 9.8 ग्राम, छिलाई 29.4%, W210केरल
Ullal-3कर्नाटक में छोटे फूल-मौसम वाली किस्म3 साल में पहला फलन (कलमी)TNAU: पूरे पेड़ से 14.7 किग्रा मेवा। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 8.04 किग्रा प्रति पेड़ (1,641 किग्रा प्रति हेक्टेयर)कर्नाटक
Vengurla-4पश्चिमी तट की पुरानी, परखी हुई काजूकलमी पौधे में पहला फल 3 साल मेंTNAU: पूरे पेड़ से 17.2 किग्रा मेवा। ओडिशा परीक्षण: चार तुड़ाई में 7.68 किग्रा प्रति पेड़महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक
Vengurla-7मोटा मेवा, निर्यात-स्तर की गिरी के लिएकलमी पौधे में पहला फल 3 साल मेंऔसतन लगभग 18.5 किग्रा/पेड़; मोटा 10 ग्राम का मेवा, W180 गिरी ग्रेड, छिलाई लगभग 30.5%महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक
VRI-3छोटा पेड़ और W210 गिरीकलमी पौधे में पहला फल 3 साल मेंTNAU: पूरे पेड़ से 11.68 किग्रा मेवा (TNAU का दूसरा पृष्ठ 14.19 किग्रा कहता है); दाना 7.18 ग्राम, छिलाई 29.1%, W210तमिलनाडु

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और काजू का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

काजू के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भुवनेश्वर-1 क्या है?

काजू की किस्म जिसका स्रोत ओडिशा परीक्षण-पत्र में काजू अनुसंधान केंद्र, भुवनेश्वर है। 25 जारी किस्मों के परीक्षण में इसने चार तुड़ाई में 7.12 किग्रा मेवा प्रति पेड़ दिया (1,453 किग्रा/हेक्टेयर), छिलाई 30.77% और 30.68% के साथ।

क्या भुवनेश्वर-1, BBSR-1 या BPP-1 एक ही है?

हम दोनों की पुष्टि नहीं कर सकते। परीक्षण-पत्र भुवनेश्वर-1 को भुवनेश्वर केंद्र से और BPP-1 से BPP-8 को बापटला से अलग प्रविष्टियों के रूप में गिनता है। कलम के लेबल पर पूरा नाम और स्रोत नर्सरी देखिए।

भुवनेश्वर-1 की धना और कनक से तुलना कैसी है?

चार तुड़ाई में भुवनेश्वर-1 ने 7.12 किग्रा प्रति पेड़, कनक ने 7.16 और धना ने 7.28 दिया, यानी तीनों क़रीब हैं। भुवनेश्वर-1 की छिलाई (30.77%, 30.68%) धना (30.56, 29.85) से ज़्यादा थी, छतरी धना से संकरी (30.56 के मुक़ाबले 18.62 वर्ग मीटर) और सेब छोटा (74 और 68 के मुक़ाबले 45 और 34.5 ग्राम)।

क्या मैं भुवनेश्वर-1 ओडिशा के बाहर उगा सकता हूँ?

हमें दूसरे राज्य का कोई परीक्षण नहीं मिला। इसे भुवनेश्वर में, ओडिशा के तटीय स्थान पर, परखा गया, इसलिए कहीं और के नतीजे अज्ञात हैं। अपने KVK से पूछिए और बड़े खंड से पहले छोटा खंड लगाइए।

स्रोत: Tripathy, Sethi and Mukherjee, Evaluation of released cashew varieties under Odisha condition — Int. J. Bio-resource and Stress Management 6(5), 2015, Model Profile for 1.0 ha Cashew Cultivation — NABARD/TNAU. संपादकीय नीति.