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हल्दीखरीफ़रोपण सामग्रीअंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026

IISR Kedaram

अलेप्पी अँगुली हल्दी से IISR की 2004 की क्लोन-चयन किस्म, लाल-पीले प्रकंद, लगभग 5.5% से 5.7% करक्यूमिन और पत्ती धब्बा को खेत में सहने की क्षमता। IISR की पेज अवधि (180 या 210 दिन) और उपज (29 या 34.5 टन/हेक्टेयर) पर एकमत नहीं हैं।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि180 दिन (IISR की किस्म-पेज); 210 दिन (IISR की तालिका)
अपेक्षित उपजऔसतन 29 टन/हेक्टेयर ताज़ा (IISR की किस्म-पेज) या 34.5 (IISR की तालिका); 5.28 टन/हेक्टेयर सूखा
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
रोपण सामग्री
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
180 दिन (IISR की किस्म-पेज); 210 दिन (IISR की तालिका)
बीज दर
TNAU 2,000 किग्रा अँगुली प्रकंद प्रति हेक्टेयर देता है, 25 से 30 ग्राम के टुकड़े 4 सेमी गहराई पर। IISR इस किस्म के लिए अलग बीज-दर नहीं देता।
अपेक्षित उपज
औसतन 29 टन/हेक्टेयर ताज़ा (IISR की किस्म-पेज) या 34.5 (IISR की तालिका); 5.28 टन/हेक्टेयर सूखा
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
2004 में जारी · ICAR-IISR, कोझीकोड, केरल

इस किस्म के बारे में

IISR केदारम हल्दी की किस्म है, जिसे ICAR-IISR कोझीकोड ने 2004 में जारी किया। किस्म-पेज इसे AFT से चुनी किस्म कहती है, यानी अलेप्पी अँगुली हल्दी, और किस्म-तालिका जननद्रव्य से क्लोन-चयन। इसे केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर बंगाल के लिए सुझाया गया है। प्रकंद लाल-पीले हैं, प्रति झुंड 3 मातृ-प्रकंद और लगभग 14 द्वितीयक अँगुलियाँ। किस्म-पेज औसतन 29 टन/हेक्टेयर ताज़ा, 5.28 टन/हेक्टेयर सूखा, करक्यूमिन 5.70%, ओलियोरेज़िन 14.0%, रेशा 3.0% और सूखी निकासी 19.5% देती है, और किस्म-तालिका 34.5 टन/हेक्टेयर, करक्यूमिन 5.5%, ओलियोरेज़िन 13.6% और सूखी निकासी 18.9%। IISR इसे पत्ती धब्बा को खेत में सहने वाली और स्थिर करक्यूमिन वाली बताता है।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

आपको ऐसी हल्दी चाहिए जिसका करक्यूमिन स्थिर रहे और जिसमें पत्ती धब्बा से कुछ बचाव हो, बारानी केरल या सिंचित महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर बंगाल के लिए, तो IISR केदारम चुनिए। IISR इसे लगभग 5.5% से 5.7% करक्यूमिन, 13.6% से 14% ओलियोरेज़िन और 3% रेशा देता है, और इसे पत्ती धब्बा को खेत में सहने वाली और स्थिर करक्यूमिन वाली कहता है। कमी यह है कि IISR की पेज के बीच इसके कितने आँकड़े बदलते हैं: 180 या 210 दिन, 29 या 34.5 टन/हेक्टेयर ताज़ा, और 19.5% या 18.9% सूखी निकासी। अलेप्पी सुप्रीम उसी परिवार की है और उसकी उपज सबसे ज़्यादा, 35.4 टन/हेक्टेयर, और ओलियोरेज़िन 16% है। सबसे छोटी फ़सल के लिए प्रगति या सुगुना चुनिए।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकाररोपण सामग्री
    अवधि180 दिन (IISR की किस्म-पेज); 210 दिन (IISR की तालिका)
    उपज क्षमताऔसतन 29 टन/हेक्टेयर ताज़ा (IISR की किस्म-पेज) या 34.5 (IISR की तालिका); 5.28 टन/हेक्टेयर सूखा
    रोग-प्रतिरोधपत्ती धब्बा को खेत में सहने वाली (IISR)
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयमई से जून (TNAU)
  • बीज दरTNAU 2,000 किग्रा अँगुली प्रकंद प्रति हेक्टेयर देता है, 25 से 30 ग्राम के टुकड़े 4 सेमी गहराई पर। IISR इस किस्म के लिए अलग बीज-दर नहीं देता।
  • दूरीTNAU: 45 x 15 सेमी, 45 सेमी की दूरी वाली मेड़ों पर या 120 सेमी चौड़ी उठी क्यारियों पर।
  • उर्वरकTNAU की बुनियादी खाद: 25 टन गोबर की खाद और 200 किग्रा नीम या मूँगफली की खली प्रति हेक्टेयर, 25 किग्रा N, 60 किग्रा P और 108 किग्रा K के साथ, और 30 किग्रा फेरस सल्फेट व 15 किग्रा ज़िंक सल्फेट। रोपाई के 30, 60, 90, 120 और 150 दिन बाद 25 किग्रा N और 108 किग्रा K ऊपर से दें। IISR इस किस्म के लिए अलग मात्रा नहीं देता।
  • कटाईTNAU: फ़सल पकने पर पौधे गिरने, पीले पड़ने और सूखने लगते हैं। प्रकंद फावड़े या काँटे से खोदिए। आम उपज के तौर पर TNAU 25 से 30 टन/हेक्टेयर ताज़ा और 5 से 6 टन/हेक्टेयर पकाई हुई देता है।

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
उष्णकटिबंधीय हालात में नम या बाग की ज़मीन पर भुरभुरी, अच्छी निकासी वाली लाल दोमट (TNAU)

उपज और अवधि

पकने की अवधि

180 दिन (IISR की किस्म-पेज); 210 दिन (IISR की तालिका)

अपेक्षित उपज

औसतन 29 टन/हेक्टेयर ताज़ा (IISR की किस्म-पेज) या 34.5 (IISR की तालिका); 5.28 टन/हेक्टेयर सूखा

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

कीट और रोग संबंधी बातें

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • IISR के वर्णन के अनुसार पत्ती धब्बा को खेत में सहने वाली, स्थिर करक्यूमिन के साथ।
  • करक्यूमिन 5.5% से 5.7% और रेशा सिर्फ़ 3.0%।
  • बारानी केरल और सिंचित महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर बंगाल, दोनों के लिए सुझाई गई।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • IISR की पेज अवधि (180 या 210 दिन), उपज (29 या 34.5 टन/हेक्टेयर) और सूखी निकासी (19.5% या 18.9%) पर एकमत नहीं हैं।
  • उपज (35.4 टन/हेक्टेयर) और ओलियोरेज़िन (16%) में अलेप्पी सुप्रीम से कम।
  • प्रकंद सड़न का कोई नामित दर्जा नहीं।

उपयुक्त क्षेत्र

IISR इसे केरल (बारानी) और महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर बंगाल (सिंचित) के लिए सुझाता है।

  • केरल
  • कर्नाटक
  • महाराष्ट्र
  • पश्चिम बंगाल

केदारम या अलेप्पी सुप्रीम: 2004 की अलेप्पी परिवार की दो किस्में

IISR ने केदारम और IISR अलेप्पी सुप्रीम एक ही साल, 2004, में जारी कीं, और दोनों अलेप्पी अँगुली हल्दी के परिवार से हैं। इन्हें एक ही जगहों के लिए बनाया गया है: बारानी केरल और सिंचित महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर बंगाल।

IISR की तालिका में अलेप्पी सुप्रीम ज़्यादा देती है: 35.4 टन/हेक्टेयर जबकि केदारम की 34.5, 5.55% करक्यूमिन जबकि 5.5%, 16.0% ओलियोरेज़िन जबकि 13.6%, और 19.0% सूखी निकासी जबकि 18.9%। दोनों पत्ती धब्बा को सहने वाली गिनी गई हैं। केदारम की किस्म-पेज पर अतिरिक्त टिप्पणी है कि इसका करक्यूमिन स्थिर रहता है, और इसका रेशा कम, 3.0%, है।

इसलिए दोनों बहुत क़रीब हैं, और रेशे और स्थिरता की टिप्पणी को छोड़कर IISR के हर आँकड़े में अलेप्पी सुप्रीम थोड़ी आगे है। आपके पास पहले से कोई एक है और वह अच्छा चल रही है तो बदलने का कोई साफ़ कारण नहीं। नए सिरे से चुन रहे हैं तो वही लीजिए जो कोई स्थानीय नर्सरी स्वस्थ माँ-खेत से दे सके।

क्या इसका बीज अपने पास रख सकते हैं?

हल्दी प्रकंद से उगाई जाती है, बीज से नहीं। बीज-प्रकंद साफ़ खेत से रखिए, TNAU की सलाह के अनुसार रेत में आंशिक छाया के नीचे रखिए, और सड़न दिखाने वाले पौधों के प्रकंद न लीजिए।

दूसरी किस्मों से तुलना

हल्दी की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
IISR Alleppey Supremeगहरा रंग और ऊँचा करक्यूमिन (5.5%), उन ख़रीदारों के लिए जो रंग का दाम देते हैं; केरल में बारानी या दूसरे राज्यों में सिंचितलगभग 210 दिनलगभग 200 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा, IISR)केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल
IISR Kedaramयही पेजस्थिर करक्यूमिन और पत्ती धब्बा से बचाव, बारानी केरल या सिंचित महाराष्ट्र180 दिन (IISR की किस्म-पेज); 210 दिन (IISR की तालिका)औसतन 29 टन/हेक्टेयर ताज़ा (IISR की किस्म-पेज) या 34.5 (IISR की तालिका); 5.28 टन/हेक्टेयर सूखाकेरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल
IISR Prabhaकरक्यूमिन पर आधारित बिक्री; 205 दिन में ऊँची उपज205 दिन (IISR)37 टन/हेक्टेयर ताज़ा प्रकंद (IISR की किस्म-पेज); 2025 की इंडियन हॉर्टिकल्चर समीक्षा में 37.5केरल, तमिलनाडु
IISR Pragati180 दिन की छोटी फ़सल, ऊँची ताज़ा उपज; निमेटोड वाली मिट्टी180 दिन (IISR)38 टन/हेक्टेयर ताज़ा प्रकंद (IISR की किस्म-पेज और इंडियन हॉर्टिकल्चर 2025); क्षमता 52 टन/हेक्टेयरकेरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना
IISR PrathibhaIISR की हल्दी किस्मों में सबसे ज़्यादा ताज़ा उपज, ऊँचे करक्यूमिन और निमेटोड प्रतिरोध के साथ225 दिन (IISR); इंडियन हॉर्टिकल्चर 2025 की समीक्षा में 210 से 240 दिनऔसतन 39.12 टन/हेक्टेयर ताज़ा प्रकंद (IISR), यानी लगभग 391 क्विंटल/हेक्टेयरकेरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना
IISR Suryaपाउडर उद्योग; हल्के रंग की, ख़ुशबूदार हल्दी220 से 240 दिन (IISR)औसतन 29 टन/हेक्टेयर ताज़ा प्रकंद; क्षमता 41 टन/हेक्टेयर; 5.8 टन/हेक्टेयर सूखा (IISR की किस्म-पेज)केरल, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश
Rajapuriमोटे, गूदेदार कंद जो सांगली मंडी में बिकते हैं; महाराष्ट्र के उन किसानों के लिए जो आकार पर बेचते हैं240–270 दिन200–250 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा कंद)महाराष्ट्र
Romaओडिशा की हल्दी, 5.0% करक्यूमिन और पत्ती और कंद रोगों की अच्छी सहनशीलता के साथ, ऊँचाई वाले केंद्र पर चुनी गई200–255 दिन200–250 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा)ओडिशा
Salem (Tamil Nadu local)बड़े कंद वाली तमिलनाडु की किसानों की किस्म, 4.75% करक्यूमिन और ताज़ी उपज लगभग 300–320 क्विंटल/हेक्टेयर250–270 दिन250–300 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा)तमिलनाडु
Sudharsana190 दिन की छोटी फ़सल, भरे नारंगी प्रकंद190 दिन (IISR)औसतन 28.8 टन/हेक्टेयर ताज़ा प्रकंद; क्षमता 54.9 टन/हेक्टेयर (IISR)केरल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश
Sugunaयहाँ की IISR किस्मों में सबसे ऊँचा करक्यूमिन (4.9%), छोटी 190 दिन की फसल में; केरल और आंध्र प्रदेश के लिए190 दिन280–320 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा कंद)केरल, आंध्र प्रदेश
Suromaरोमा वाली ही ओडिशा की लाइन, थोड़े ज़्यादा करक्यूमिन (5.1%) और ओलियोरेज़िन (14.7%) के साथ200–255 दिन200–250 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा)ओडिशा
Suvarnaगहरे नारंगी कंद और सबसे चौड़ी खेत-सहनशीलता सूची (कंद सड़न, पत्ती ब्लॉच, पत्ती धब्बा, स्केल, तना छेदक), लगभग 200 दिन मेंलगभग 200 दिन250–300 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा कंद)कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और हल्दी का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

हल्दी के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या केदारम 180 दिन की हल्दी है या 210 दिन की?

IISR की केदारम किस्म-पेज 180 दिन कहती है, और उसकी किस्म-तालिका 210 दिन। 2025 की इंडियन हॉर्टिकल्चर समीक्षा इसे 210 से 240 दिन में रखती है। हम IISR के दोनों आँकड़े दिखाते हैं। लंबे आँकड़े की योजना बनाइए, और खुदाई से पहले पौधों को गिरने और पीले पड़ने दीजिए।

केदारम से मुझे कितनी उपज की उम्मीद रखनी चाहिए?

IISR की किस्म-पेज 29 टन/हेक्टेयर ताज़ा और 5.28 टन/हेक्टेयर सूखा देती है, और उसकी तालिका 34.5 टन/हेक्टेयर। TNAU हल्दी की आम उपज 25 से 30 टन/हेक्टेयर ताज़ा और 5 से 6 टन/हेक्टेयर पकाई हुई देता है। इसलिए कम आँकड़े की योजना बनाइए और 34.5 को ऊपरी सिरा समझिए।

केदारम के लिए पत्ती धब्बा सहनशीलता का क्या मतलब है?

IISR केदारम को पत्ती धब्बा (टैफ्रिना मैकुलैंस) को खेत में सहने वाली बताता है, यानी प्राकृतिक रोग के दबाव में कम पत्तियाँ ख़राब होती हैं। सहनशील का मतलब रोग-मुक्त नहीं। IISR प्रकंद सड़न का कोई दर्जा नहीं देता, इसलिए बीज-उपचार और निकासी फिर भी ज़रूरी हैं।

क्या मैं केदारम को केरल के बाहर सिंचाई में उगा सकता हूँ?

जिन जगहों के नाम IISR लेता है वहाँ हाँ। उसकी तालिका महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर बंगाल में सिंचित खेती और केरल में बारानी खेती सुझाती है। IISR राज्य-वार उपज नहीं देता, इसलिए छोटा टुकड़ा परखिए।

स्रोत: IISR-Kedaram (Turmeric) — ICAR-Indian Institute of Spices Research, Spice varieties: significant characteristics of turmeric varieties — ICAR-IISR (ITM-ABI), An appraisal of ICAR-IISR released varieties in spices — Indian Horticulture, July-August 2025 (Shivakumar and others), Turmeric — TNAU Agritech Portal (season, seed rate, spacing, manuring, seed treatment, yield). संपादकीय नीति.