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हल्दीखरीफ़रोपण सामग्रीअंतिम अपडेट: 19 अक्टूबर 2026

IISR Pragati

IISR की 2017 की जननद्रव्य से चुनी किस्म, जो 180 दिन में पकती है, 38 टन/हेक्टेयर ताज़ा, नारंगी प्रकंद, 5.02% करक्यूमिन, 15.29% ओलियोरेज़िन और जड़-गाँठ निमेटोड के प्रति मध्यम प्रतिरोध। सूखी निकासी कम है, 15.95%।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि180 दिन (IISR)
अपेक्षित उपज38 टन/हेक्टेयर ताज़ा प्रकंद (IISR की किस्म-पेज और इंडियन हॉर्टिकल्चर 2025); क्षमता 52 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
रोपण सामग्री
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
180 दिन (IISR)
बीज दर
TNAU 2,000 किग्रा अँगुली प्रकंद प्रति हेक्टेयर देता है, 25 से 30 ग्राम के टुकड़े 4 सेमी गहराई पर। IISR इस किस्म के लिए अलग बीज-दर नहीं देता।
अपेक्षित उपज
38 टन/हेक्टेयर ताज़ा प्रकंद (IISR की किस्म-पेज और इंडियन हॉर्टिकल्चर 2025); क्षमता 52 टन/हेक्टेयर
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
2017 में जारी (IISR की किस्म और लैंडमार्क पेज; IISR की तालिका 2016 कहती है) · ICAR-IISR, कोझीकोड, केरल

इस किस्म के बारे में

IISR प्रगति हल्दी की किस्म है, जिसे ICAR-IISR कोझीकोड ने जननद्रव्य से चुनकर 2017 में जारी किया। IISR की तालिका साल 2016 देती है। यह 180 दिन की छोटी अवधि वाली हल्दी है, ताज़ा उपज 38 टन/हेक्टेयर और क्षमता 52, नारंगी प्रकंद के साथ। पौधा 104 सेमी ऊँचा है, प्रति झुंड 9.4 कल्ले और एक झुंड से 577.93 ग्राम प्रकंद। करक्यूमिन 5.02%, ओलियोरेज़िन 15.29%, रेशा 3.29 से 4.5% और सूखी निकासी 15.95% है। IISR इसे जड़-गाँठ निमेटोड के प्रति मध्यम प्रतिरोधी बताता है। तालिका केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के लिए सुझाती है, और 14 लाइसेंस दिए जाने की बात लिखती है।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

आपको ऊँची ताज़ा उपज के साथ सबसे छोटी फ़सल चाहिए, या आपकी मिट्टी में जड़-गाँठ निमेटोड है, तो IISR प्रगति चुनिए। IISR इसे 180 दिन में 38 टन/हेक्टेयर ताज़ा, नारंगी प्रकंद, 5.02% करक्यूमिन और 15.29% ओलियोरेज़िन देता है, और जड़-गाँठ निमेटोड के प्रति मध्यम प्रतिरोधी बताता है। कमी सूखे वज़न में है। IISR सूखी निकासी सिर्फ़ 15.95% देता है, जो उसकी हल्दी किस्मों में सबसे कम है। हमारे हिसाब से 15.95% पर 38 टन लगभग 6.1 टन सूखा प्रकंद है, जबकि प्रतिभा 18.5% पर 39.12 टन से लगभग 7.2 टन देती है। आप पकाई हुई हल्दी या पाउडर बेचते हैं तो सूखी फ़सल गिनिए। ताज़ा प्रकंद बेचते हैं तो प्रगति के 180 दिन उसकी मज़बूत बात हैं।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकाररोपण सामग्री
    अवधि180 दिन (IISR)
    उपज क्षमता38 टन/हेक्टेयर ताज़ा प्रकंद (IISR की किस्म-पेज और इंडियन हॉर्टिकल्चर 2025); क्षमता 52 टन/हेक्टेयर
    रोग-प्रतिरोधजड़-गाँठ निमेटोड के प्रति मध्यम प्रतिरोधी (IISR)
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयमई से जून (TNAU)
  • बीज दरTNAU 2,000 किग्रा अँगुली प्रकंद प्रति हेक्टेयर देता है, 25 से 30 ग्राम के टुकड़े 4 सेमी गहराई पर। IISR इस किस्म के लिए अलग बीज-दर नहीं देता।
  • दूरीTNAU: 45 x 15 सेमी, 45 सेमी की दूरी वाली मेड़ों पर या 120 सेमी चौड़ी उठी क्यारियों पर।
  • उर्वरकTNAU की बुनियादी खाद: 25 टन गोबर की खाद और 200 किग्रा नीम या मूँगफली की खली प्रति हेक्टेयर, 25 किग्रा N, 60 किग्रा P और 108 किग्रा K के साथ, और 30 किग्रा फेरस सल्फेट व 15 किग्रा ज़िंक सल्फेट। रोपाई के 30, 60, 90, 120 और 150 दिन बाद 25 किग्रा N और 108 किग्रा K ऊपर से दें। IISR इस किस्म के लिए अलग मात्रा नहीं देता।
  • कटाईTNAU: फ़सल पकने पर पौधे गिरने, पीले पड़ने और सूखने लगते हैं। प्रकंद फावड़े या काँटे से खोदिए। आम उपज के तौर पर TNAU 25 से 30 टन/हेक्टेयर ताज़ा और 5 से 6 टन/हेक्टेयर पकाई हुई देता है।

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
उष्णकटिबंधीय हालात में नम या बाग की ज़मीन पर भुरभुरी, अच्छी निकासी वाली लाल दोमट (TNAU)

उपज और अवधि

पकने की अवधि

180 दिन (IISR)

अपेक्षित उपज

38 टन/हेक्टेयर ताज़ा प्रकंद (IISR की किस्म-पेज और इंडियन हॉर्टिकल्चर 2025); क्षमता 52 टन/हेक्टेयर

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

कीट और रोग संबंधी बातें

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • 180 दिन की फ़सल, IISR की हल्दी किस्मों में सबसे छोटी अवधि वालों में, 38 टन/हेक्टेयर ताज़ा के साथ।
  • जड़-गाँठ निमेटोड के प्रति मध्यम प्रतिरोधी।
  • 5.02% करक्यूमिन और 15.29% ओलियोरेज़िन, नारंगी प्रकंद के साथ।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • सूखी निकासी सिर्फ़ 15.95%, IISR की हल्दी किस्मों में सबसे कम, इसलिए हमारे हिसाब से लगभग 6.1 टन/हेक्टेयर सूखा।
  • IISR की पेज उपज (38 या 33.19 टन/हेक्टेयर) और जारी होने के साल (2017 या 2016) पर एकमत नहीं हैं।
  • निमेटोड के प्रति सिर्फ़ मध्यम प्रतिरोध, और प्रकंद सड़न का कोई नामित दर्जा नहीं।

उपयुक्त क्षेत्र

IISR की किस्म-तालिका केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के लिए सुझाती है।

  • केरल
  • कर्नाटक
  • आंध्र प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • तेलंगाना

ताज़े टन सूखे टन नहीं होते: प्रगति बनाम प्रतिभा और सुगुना

हल्दी ज़्यादातर उबालकर सुखाने के बाद बिकती है, इसलिए सूखा वज़न मायने रखता है, ताज़ा वज़न नहीं। सूखी निकासी बताती है कि हर टन खुदाई से कितना सूखा प्रकंद मिलता है। IISR प्रगति को 15.95%, प्रतिभा को 18.5% और सुगुना को 20.4% देता है।

ताज़ी उपज को सूखी निकासी से गुणा कीजिए, तो तस्वीर बदल जाती है। IISR के आँकड़ों से हमारे हिसाब में प्रगति की 38 टन/हेक्टेयर लगभग 6.1 टन सूखा प्रकंद बनती है, प्रतिभा की 39.12 टन/हेक्टेयर लगभग 7.2 टन, और सुगुना की 29.3 टन/हेक्टेयर लगभग 6.0 टन। सूखे वज़न में प्रगति सुगुना के बराबर और प्रतिभा से नीचे आती है, भले ही उसकी ताज़ा उपज सुगुना से बहुत ज़्यादा है। TNAU का आम आँकड़ा 5 से 6 टन/हेक्टेयर पकाई हुई, निचले सिरे पर बैठता है।

प्रगति की असली बढ़त समय और निमेटोड से बचाव है: 180 दिन जबकि प्रतिभा के 225, और जड़-गाँठ निमेटोड के प्रति मध्यम प्रतिरोध। इन्हीं के लिए इसे चुनिए, सूखी फ़सल के लिए नहीं।

क्या इसका बीज अपने पास रख सकते हैं?

हल्दी प्रकंद से उगाई जाती है, बीज से नहीं। बीज-प्रकंद साफ़ खेत से रखिए, TNAU की सलाह के अनुसार रेत में आंशिक छाया के नीचे रखिए, और सड़न दिखाने वाले पौधों के प्रकंद न लीजिए।

दूसरी किस्मों से तुलना

हल्दी की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
IISR Alleppey Supremeगहरा रंग और ऊँचा करक्यूमिन (5.5%), उन ख़रीदारों के लिए जो रंग का दाम देते हैं; केरल में बारानी या दूसरे राज्यों में सिंचितलगभग 210 दिनलगभग 200 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा, IISR)केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल
IISR Kedaramस्थिर करक्यूमिन और पत्ती धब्बा से बचाव, बारानी केरल या सिंचित महाराष्ट्र180 दिन (IISR की किस्म-पेज); 210 दिन (IISR की तालिका)औसतन 29 टन/हेक्टेयर ताज़ा (IISR की किस्म-पेज) या 34.5 (IISR की तालिका); 5.28 टन/हेक्टेयर सूखाकेरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल
IISR Prabhaकरक्यूमिन पर आधारित बिक्री; 205 दिन में ऊँची उपज205 दिन (IISR)37 टन/हेक्टेयर ताज़ा प्रकंद (IISR की किस्म-पेज); 2025 की इंडियन हॉर्टिकल्चर समीक्षा में 37.5केरल, तमिलनाडु
IISR Pragatiयही पेज180 दिन की छोटी फ़सल, ऊँची ताज़ा उपज; निमेटोड वाली मिट्टी180 दिन (IISR)38 टन/हेक्टेयर ताज़ा प्रकंद (IISR की किस्म-पेज और इंडियन हॉर्टिकल्चर 2025); क्षमता 52 टन/हेक्टेयरकेरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना
IISR PrathibhaIISR की हल्दी किस्मों में सबसे ज़्यादा ताज़ा उपज, ऊँचे करक्यूमिन और निमेटोड प्रतिरोध के साथ225 दिन (IISR); इंडियन हॉर्टिकल्चर 2025 की समीक्षा में 210 से 240 दिनऔसतन 39.12 टन/हेक्टेयर ताज़ा प्रकंद (IISR), यानी लगभग 391 क्विंटल/हेक्टेयरकेरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना
IISR Suryaपाउडर उद्योग; हल्के रंग की, ख़ुशबूदार हल्दी220 से 240 दिन (IISR)औसतन 29 टन/हेक्टेयर ताज़ा प्रकंद; क्षमता 41 टन/हेक्टेयर; 5.8 टन/हेक्टेयर सूखा (IISR की किस्म-पेज)केरल, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश
Rajapuriमोटे, गूदेदार कंद जो सांगली मंडी में बिकते हैं; महाराष्ट्र के उन किसानों के लिए जो आकार पर बेचते हैं240–270 दिन200–250 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा कंद)महाराष्ट्र
Romaओडिशा की हल्दी, 5.0% करक्यूमिन और पत्ती और कंद रोगों की अच्छी सहनशीलता के साथ, ऊँचाई वाले केंद्र पर चुनी गई200–255 दिन200–250 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा)ओडिशा
Salem (Tamil Nadu local)बड़े कंद वाली तमिलनाडु की किसानों की किस्म, 4.75% करक्यूमिन और ताज़ी उपज लगभग 300–320 क्विंटल/हेक्टेयर250–270 दिन250–300 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा)तमिलनाडु
Sudharsana190 दिन की छोटी फ़सल, भरे नारंगी प्रकंद190 दिन (IISR)औसतन 28.8 टन/हेक्टेयर ताज़ा प्रकंद; क्षमता 54.9 टन/हेक्टेयर (IISR)केरल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश
Sugunaयहाँ की IISR किस्मों में सबसे ऊँचा करक्यूमिन (4.9%), छोटी 190 दिन की फसल में; केरल और आंध्र प्रदेश के लिए190 दिन280–320 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा कंद)केरल, आंध्र प्रदेश
Suromaरोमा वाली ही ओडिशा की लाइन, थोड़े ज़्यादा करक्यूमिन (5.1%) और ओलियोरेज़िन (14.7%) के साथ200–255 दिन200–250 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा)ओडिशा
Suvarnaगहरे नारंगी कंद और सबसे चौड़ी खेत-सहनशीलता सूची (कंद सड़न, पत्ती ब्लॉच, पत्ती धब्बा, स्केल, तना छेदक), लगभग 200 दिन मेंलगभग 200 दिन250–300 क्विंटल/हेक्टेयर (ताज़ा कंद)कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और हल्दी का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

हल्दी के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रगति के लिए कौन-सी उपज सही है, 38 या 33.19 टन/हेक्टेयर?

IISR की किस्म-पेज और 2025 की इंडियन हॉर्टिकल्चर समीक्षा 38 टन/हेक्टेयर देती हैं, और IISR की किस्म-तालिका 33.19। हम 38 दिखाते हैं क्योंकि दो स्रोत मेल खाते हैं, और दूसरे का ज़िक्र करते हैं। दोनों परीक्षण के आँकड़े हैं। TNAU हल्दी की आम खेत-उपज 25 से 30 टन/हेक्टेयर ताज़ा बताता है।

प्रगति की सूखी निकासी इतनी कम क्यों है?

IISR 15.95% देता है और कारण नहीं बताता। इसका मतलब है कि ताज़े प्रकंद का हर टन सुगुना (20.4%) या प्रतिभा (18.5%) से कम सूखा बनता है। यह छोटी, ऊँची उपज वाली फ़सल का सौदा हो सकता है, पर IISR ऐसा नहीं कहता। बड़े पैमाने पर लगाने से पहले छोटे टुकड़े की अपनी पकाई हुई फ़सल तौलिए।

क्या प्रगति प्रकंद सड़न सह लेती है?

IISR प्रकंद सड़न का कोई नामित दर्जा नहीं देता। उसकी एक ही रोग-टिप्पणी जड़-गाँठ निमेटोड के प्रति मध्यम प्रतिरोध की है। साफ़ बीज, अच्छी निकासी और TNAU का बीज-उपचार अपनाइए।

क्या प्रगति 2016 की किस्म है या 2017 की?

IISR की किस्म-पेज और लैंडमार्क पेज 2017 कहती हैं, और उसकी किस्म-तालिका 2016। हम 2017 दिखाते हैं और दूसरे का ज़िक्र करते हैं। कोझीकोड संस्थान बता सकता है कि अधिसूचना का साल कौन-सा है।

स्रोत: IISR-Pragati (Turmeric) — ICAR-Indian Institute of Spices Research, Landmark Technologies — ICAR-IISR, Spice varieties: significant characteristics of turmeric varieties — ICAR-IISR (ITM-ABI), An appraisal of ICAR-IISR released varieties in spices — Indian Horticulture, July-August 2025 (Shivakumar and others), Turmeric — TNAU Agritech Portal (season, seed rate, spacing, manuring, seed treatment, yield). संपादकीय नीति.