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Technical Kisanखेती, तकनीक के साथ
कसावा (टैपिओका)खरीफ़तने की कलम (क्लोनल रोपण-सामग्री)अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026

Sree Apoorva

ICAR-CTCRI की 2014 की त्रिगुणित कसावा, स्थिर ऊँचे निकलने वाले स्टार्च के साथ, पर बुलेटिन 30.10% और वेब पन्ना 33.30% देता है। 10 महीने में 35-40 टन/हेक्टेयर। दोनों CTCRI स्रोतों में राज्य भी अलग हैं।

सीज़नखरीफ़
पकने की अवधि10 महीने (CTCRI बुलेटिन)
अपेक्षित उपज35-40 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन); 37.60 टन/हेक्टेयर (CTCRI वेब पन्ना)
उपयुक्त मिट्टीदोमट

ज़रूरी तथ्य

प्रकार
तने की कलम (क्लोनल रोपण-सामग्री)
सीज़न
खरीफ़
पकने की अवधि
10 महीने (CTCRI बुलेटिन)
अपेक्षित उपज
35-40 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन); 37.60 टन/हेक्टेयर (CTCRI वेब पन्ना)
उपयुक्त मिट्टी
दोमट
जारी
2014 में जारी · ICAR-CTCRI, तिरुवनंतपुरम (CTCRI बुलेटिन, तालिका 3); 7 अक्टूबर 2013 को केंद्रीय जारी करने की सिफ़ारिश (CTCRI वेब पन्ना)

इस किस्म के बारे में

श्री अपूर्वा 2014 में ICAR-CTCRI की जारी त्रिगुणित कसावा किस्म है। CTCRI का बुलेटिन ऊँचा, ऊपर से शाखादार पौधा बताता है, जिसका तना मोटा, पीला-भूरा, नई पत्तियाँ हरी-बैंगनी और पत्तियाँ मोटी, चौड़ी और 7-9 फाँक वाली हैं। कंद लंबे और बेलनाकार हैं, भूरा छिलका, क्रीम परत और सफ़ेद गूदा। यह 10 महीने लेती है, 35-40 टन/हेक्टेयर देती है, और इसका निकलने वाला स्टार्च स्थिर और ऊँचा है, जो 30.10% लिखा है। CTCRI का पुराना वेब पन्ना 37.60 टन/हेक्टेयर और 33.30% स्टार्च, बिना शाखा या ऊपर से शाखा वाली बनावट, स्टार्च निकालने और पकाने के लिए बड़े कंद देता है। और कहता है कि केंद्रीय उप-समिति की 21वीं बैठक में 7 अक्टूबर 2013 को केंद्रीय जारी करने की सिफ़ारिश हुई।

क्या यह किस्म आपके लिए ठीक है?

तमिलनाडु या आंध्र प्रदेश में स्टार्च कारख़ाने को बेचते हों और ऐसी त्रिगुणित किस्म चाहते हों जिसका निकलने वाला स्टार्च स्थिर रहे, तो श्री अपूर्वा चुनिए। CTCRI ने इसे 2014 में जारी किया, 10 महीने, 35-40 टन/हेक्टेयर, ऊँची और ऊपर से शाखादार, बड़े, लंबे, बेलनाकार और भूरे छिलके वाले कंदों के साथ। स्टार्च का आँकड़ा अपने ख़रीदार से जाँच लीजिए, क्योंकि दोनों CTCRI स्रोत असहमत हैं: बुलेटिन 30.10% कहता है और पुराना वेब पन्ना 37.60 टन/हेक्टेयर के साथ 33.30%। राज्यों पर भी अलग हैं, बुलेटिन में तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश, वेब पन्ने में तमिलनाडु और केरल। योजना के लिए निचला आँकड़ा, 30.10%, लीजिए।

मुख्य विशेषताएँ

    पौध प्रकारतने की कलम (क्लोनल रोपण-सामग्री)
    अवधि10 महीने (CTCRI बुलेटिन)
    उपज क्षमता35-40 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन); 37.60 टन/हेक्टेयर (CTCRI वेब पन्ना)
    रोग-प्रतिरोधरोग की कोई श्रेणी नहीं छपी; स्थिर, ऊँचे निकलने वाले स्टार्च वाली त्रिगुणित किस्म
    मिट्टीदोमट
    सीज़नखरीफ़

बुवाई और खेती

  • बुवाई का समयदक्षिण-पश्चिम मानसून के साथ मई-जून, या उत्तर-पूर्व मानसून के साथ सितंबर-अक्टूबर; सिंचाई हो तो दिसंबर-जनवरी (CTCRI)।
  • दूरीशाखादार किस्मों के लिए: केरल और आंध्र प्रदेश में 90 x 90 सेमी, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ में 90 x 75 सेमी (CTCRI तालिका 7)। 90 x 90 सेमी पर लगभग 2,500 तने प्रति हेक्टेयर।
  • बुवाई विधिपरिपक्व, स्वस्थ, 2-3 सेमी मोटे तनों से लगभग पाँच आँखों वाली 15-20 सेमी की कलमें काटिए, ऊपर का एक-तिहाई फेंक दीजिए, और उन्हें 5 सेमी गहरा खड़ा लगाइए, एक कलम एक टीले पर (CTCRI)। अच्छी कलम के कटे सिरे पर दूध (लेटेक्स) दिखता है।
  • उर्वरकCTCRI: 12.5 टन/हेक्टेयर गोबर की खाद और 100:50:100 किग्रा N:P2O5:K2O। सारा फ़ॉस्फ़ोरस और आधा नाइट्रोजन और पोटाश रोपाई पर दीजिए, और बाक़ी 45-60 दिन पर निराई के साथ।
  • कटाईसूचीबद्ध अवधि पर कटाई कीजिए, 10 महीने।

मिट्टी और जलवायु

मिट्टी

उपयुक्त मिट्टी
अच्छी निकासी वाली दोमट; खारी, क्षारीय और ख़राब निकासी वाली मिट्टी ठीक नहीं, और कसावा जलभराव वाली मिट्टी में नहीं पनपती (CTCRI)

उपज और अवधि

पकने की अवधि

10 महीने (CTCRI बुलेटिन)

अपेक्षित उपज

35-40 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन); 37.60 टन/हेक्टेयर (CTCRI वेब पन्ना)

असली उपज बुवाई के समय, मिट्टी, सिंचाई, मौसम, बीज की गुणवत्ता और फ़सल की देखभाल पर निर्भर करती है।

कीट और रोग संबंधी बातें

प्रबंधन सुझाव

  • सिर्फ़ साफ़ कलमें लीजिए: CTCRI आधार बीज में 0.10% और प्रमाणित बीज में 0.50% मोज़ेक वाले पौधे मानता है, इसलिए बिना मोज़ेक वाली फ़सल से कलमें लीजिए और रोगी पौधा जल्दी उखाड़ दीजिए।
  • हर पौधे पर दो अंकुर रखिए: अंकुर फूटने के 10-15 दिन बाद फ़ालतू अंकुर तोड़ दीजिए और आमने-सामने के दो रखिए, जिससे प्रति पौधा कंद ज़्यादा बनते हैं (CTCRI)।

फ़ायदे और ध्यान रखने योग्य बातें

किसान इसे क्यों चुन सकते हैं

  • स्थिर, ऊँचे निकलने वाले स्टार्च की त्रिगुणित किस्म।
  • बड़े, लंबे, बेलनाकार कंद, जिन्हें छीलना और खोदना आसान।
  • 10 महीने में 35-40 टन/हेक्टेयर।

ध्यान रखने योग्य बातें

  • दोनों CTCRI स्रोत स्टार्च (30.10 या 33.30%), उपज और राज्यों पर अलग हैं।
  • 10 महीने की लंबी फ़सल।
  • रोग की कोई श्रेणी नहीं छपी।

उपयुक्त क्षेत्र

जिन राज्यों के लिए यह किस्म सुझाई गई है। स्थानीय स्तर पर भी जाँच लें, क्योंकि एक राज्य में सुझाया इलाक़ा एक से ज़्यादा हो सकता है।

  • तमिलनाडु
  • आंध्र प्रदेश
  • केरल

स्टार्च के दो आँकड़े: 30.10% या 33.30%

स्टार्च कारख़ाना स्टार्च की मात्रा पर पैसे देता है, इसलिए आँकड़ा रुपयों में मायने रखता है। CTCRI का बुलेटिन श्री अपूर्वा को 30.10% देता है। पुराना CTCRI वेब पन्ना 33.30% और 37.60 टन/हेक्टेयर देता है। अंतर 3.2 प्रतिशत अंक है। 37 टन/हेक्टेयर पर यह हमारे हिसाब से लगभग 11.1 और लगभग 12.3 टन स्टार्च का फ़र्क है, हालाँकि कारख़ाना शायद ही सारा निकाल पाता है।

वह आँकड़ा मत चुनिए जो आपको सूट करे। योजना के लिए 30.10% लीजिए, क्योंकि यह ज़्यादा हाल का बुलेटिन है और दोनों में कम। माल पहुँचाते समय कारख़ाने से अपने लॉट की अपनी जाँच और प्रति प्रतिशत अंक का भाव माँगिए। श्री अथुल्या, CTCRI की दूसरी 2014 की त्रिगुणित किस्म, इन्हीं दो स्रोतों में ऐसा ही अंतर दिखाती है। फिर पहली दो फ़सलों के लिए स्टार्च और उपज का अपना रिकॉर्ड रखिए।

क्या इसका बीज अपने पास रख सकते हैं?

कसावा बीज से नहीं, तने की कलमों से लगती है। कम अवधि की किस्म के लिए 6-7 महीने और लंबी अवधि की किस्म के लिए 9-10 महीने की स्वस्थ फ़सल से कलमें लीजिए। उन्हें छाया में खड़ा रखिए। और ढुलाई में आँखें न टूटने दीजिए। ख़राब पौधों की कलमें बार-बार लगाने से वही किस्म कमज़ोर होती है, इसलिए बीच-बीच में साफ़ स्रोत से नई रोपण-सामग्री लीजिए।

दूसरी किस्मों से तुलना

कसावा (टैपिओका) की वे सभी किस्में, जिनका पेज इस साइट पर है, एक साथ देखें। जो किस्म आप अभी देख रहे हैं, उसकी पंक्ति रंग से अलग दिखती है।

किस्मकिसके लिए ठीकफल कब सेउपजराज्य
H-165तमिलनाडु, 8 महीने की औद्योगिक8 महीने (CTCRI); 8-9 महीने (ISTI पोर्टल)33-38 टन/हेक्टेयरतमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक
H-226स्टार्च और साबूदाना, तमिलनाडु10 महीने (CTCRI और ISTI पोर्टल)30-35 टन/हेक्टेयरतमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक
H-97चार दक्षिणी राज्यों के सूखी ज़मीन के खेत जो कारख़ाने को बेचने के लिए सूखा सहने वाली, ऊँचे स्टार्च की, लंबे समय से परखी किस्म चाहते हैं10 महीने (CTCRI बुलेटिन और Indian Horticulture 2025)25-35 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन, वेब पन्ना और Indian Horticulture 2025)केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश
Sree Apoorvaयही पेजतमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के स्टार्च-कारख़ाने वाले खेत जो स्थिर, ऊँचे निकलने वाले स्टार्च की त्रिगुणित किस्म चाहते हैं10 महीने (CTCRI बुलेटिन)35-40 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन); 37.60 टन/हेक्टेयर (CTCRI वेब पन्ना)तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल
Sree Athulyaज़्यादा स्टार्च की ट्रिप्लॉइड, सिंचित मैदान10 महीने (CTCRI बुलेटिन)35-40 टन/हेक्टेयर (CTCRI); 39.00 टन/हेक्टेयर (ISTI पोर्टल)तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश
Sree Harshaकेरल और तमिलनाडु के स्टार्च-कारख़ाने वाले खेत जिन्हें स्टार्च के प्रतिशत के हिसाब से भुगतान होता है10 महीने (CTCRI बुलेटिन और Indian Horticulture 2025)35-40 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन और Indian Horticulture 2025)केरल, तमिलनाडु
Sree Jayaसबसे अच्छी पकने वाली छह महीने की फसल6-7 महीने26-30 टन/हेक्टेयरकेरल, तमिलनाडु
Sree Kaveriतमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल के औद्योगिक कसावा किसान जो मोज़ेक प्रतिरोध और ऊँची उपज चाहते हैं9-10 महीने (CTCRI बुलेटिन); 10 महीने (Indian Horticulture 2025)40-50 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन); 50 टन/हेक्टेयर (Indian Horticulture 2025)तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल
Sree Padmanabhaमोज़ेक वाले इलाक़ों के केरल की बारानी और तमिलनाडु की सिंचित ज़मीन के खेत जो परखी हुई, पुरानी प्रतिरोधी किस्म चाहते हैं9-10 महीने (CTCRI बुलेटिन); 270-300 दिन (CTCRI वेब पन्ना)29-30 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन); 38 टन/हेक्टेयर (CTCRI वेब पन्ना)केरल, तमिलनाडु
Sree Pavithraकम पोटाश वाली मिट्टी, पकाने के लिए9-10 महीने35-40 टन/हेक्टेयर (CTCRI); एक समीक्षा-तालिका में 35-45 टन/हेक्टेयरकेरल, तमिलनाडु
Sree Prabhaचार राज्यों के मिले-जुले उपयोग वाले खेत जो नीची और ऊँची दोनों ज़मीन के लिए मध्यम ऊँचाई की किस्म चाहते हैं9-10 महीने (CTCRI बुलेटिन)35-40 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन)केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश
Sree Prakashकेरल की नीची ज़मीन और धान-फेर-बदल वाले खेत जो 7 महीने में निपटने वाली कसावा चाहते हैं7 महीने (CTCRI बुलेटिन और वेब पन्ना)30-35 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन और वेब पन्ना)केरल
Sree Rekhaमिली-जुली ऊँची और नीची ज़मीन8-10 महीने (CTCRI का किस्म-पन्ना); बुलेटिन में 9-1035-40 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन); 45-48 टन/हेक्टेयर (CTCRI का किस्म-पन्ना, समीक्षा-तालिका और ISTI पोर्टल)केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक
Sree Rekshaकेरल और तमिलनाडु के वे खेत जो खाने के लिए कसावा बेचते हैं और मोज़ेक प्रतिरोध और कटाई के बाद लंबी टिकाऊपन चाहते हैं8-9 महीने (CTCRI बुलेटिन और Indian Horticulture 2025)40-45 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन); 45-50 टन/हेक्टेयर (Indian Horticulture 2025)केरल, तमिलनाडु
Sree Sahyaकई राज्यों के सूखे या मिले-जुले हालात के खेत जो ऊँचा स्टार्च और भरोसेमंद, पुरानी किस्म चाहते हैं10-11 महीने (CTCRI बुलेटिन, वेब पन्ना और Indian Horticulture 2025)35-40 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन, वेब पन्ना और Indian Horticulture 2025)केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, असम, आंध्र प्रदेश
Sree Sakthiतमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल के औद्योगिक कसावा खेत जहाँ मोज़ेक रोग गंभीर है9-10 महीने (CTCRI बुलेटिन)40-45 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन)तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल
Sree Suvarnaवे खेत जो ताज़ा खाने के लिए छोटी, मोज़ेक-रोधी, कम साइनोजन वाली कसावा चाहते हैं7-8 महीने (CTCRI बुलेटिन)35-40 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन)केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश
Sree Swarnaकेरल के वे खेत जो खाने के लिए कसावा बेचते हैं और पीले गूदे वाली, जल्दी कंद बनाने वाली किस्म चाहते हैं7-8 महीने (CTCRI बुलेटिन); 7 महीने में जल्दी कंद बनना (CTCRI वेब पन्ना)35-40 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन); 40 टन/हेक्टेयर (CTCRI वेब पन्ना)केरल
Sree Vijayaधान के बाद छह महीने की फसल6 महीने (CTCRI का किस्म-पन्ना); CTCRI के दूसरे दस्तावेज़ों में 6-7 या 7 महीने25-28 टन/हेक्टेयरकेरल, तमिलनाडु
Sree Visakhamकई राज्यों के, असम और उत्तर-पूर्व समेत, वे खेत जो पुरानी, बड़े पैमाने पर उगाई जाने वाली, पीले गूदे की कसावा चाहते हैं10 महीने (CTCRI बुलेटिन और वेब पन्ना)35-38 टन/हेक्टेयर (CTCRI बुलेटिन); 35-38 टन/हेक्टेयर (CTCRI वेब पन्ना)केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, असम, आंध्र प्रदेश

इस फ़सल के कैलकुलेटर

आगे के हिसाब यहाँ कर लीजिए — कितना बीज ख़रीदें, बोरा अंकुरित होगा या नहीं, खाद का ख़र्च कितना बैठेगा, और कसावा (टैपिओका) का भाव क्या चल रहा है।

सब्सिडी और सरकारी मदद

कसावा (टैपिओका) के बीज या रोपण सामग्री की लागत में मदद करने वाली योजनाएँ। नियम और आवेदन का तरीक़ा हर योजना के पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

श्री अपूर्वा क्या है?

2014 में ICAR-CTCRI की जारी त्रिगुणित कसावा किस्म। यह 10 महीने लेती है, 35-40 टन/हेक्टेयर देती है और इसका निकलने वाला स्टार्च स्थिर और ऊँचा है (बुलेटिन में 30.10%)।

किसान के लिए त्रिगुणित का क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि पौधे में दो की जगह तीन गुणसूत्र-समूह हैं, जो CTCRI की त्रिगुणित किस्मों में स्थिर, ऊँचा निकलने वाला स्टार्च देता है। आप फिर भी हमेशा की तरह तने की कलमें लगाते हैं। श्री हर्ष जैसी त्रिगुणित किस्में कम फूलती हैं, इसलिए उन्हें बीज से नहीं बढ़ाया जाता।

श्री अपूर्वा किन राज्यों के लिए है?

CTCRI का बुलेटिन तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश कहता है। पुराना वेब पन्ना तमिलनाडु और केरल। तमिलनाडु दोनों में है, इसलिए वही सबसे सुरक्षित राज्य है; कहीं और CTCRI या अपने KVK से पूछिए।

श्री अपूर्वा या श्री अथुल्या?

दोनों 2014 की 10 महीने की त्रिगुणित किस्में हैं और 35-40 टन/हेक्टेयर देती हैं। बुलेटिन में अपूर्वा का स्टार्च 30.10% है और वह ऊपर से शाखादार है, जबकि अथुल्या का 30.20%, सीधी शाखादार और सूखा सहने वाली। दोनों बहुत क़रीब हैं; कलमों की उपलब्धता और कारख़ाने के भाव से चुनिए।

स्रोत: Cassava (variety descriptions, Table 3; spacing, Table 7; planting stakes and seed standards) — ICAR-CTCRI, Cassava varieties developed by CTCRI — ICAR-CTCRI variety page, archived. संपादकीय नीति.